बंजर से हरियाली तक: सिमडेगा समाहरणालय बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल उपायुक्त कंचन सिंह के नेतृत्व और टीमवर्क से बदली परिसर की तस्वीर सिमडेगा: कभी बंजर और उपेक्षित मानी जाने वाली समाहरणालय परिसर की जमीन आज हरियाली और सौंदर्य का आकर्षक केंद्र बन चुकी है। जहां पहले सूखी और खाली जमीन दिखाई देती थी, वहीं अब लहलहाती फसलें, सुसज्जित गार्डन और हरियाली से भरा वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।इस परिवर्तन के पीछे उपायुक्त कंचन सिंह की दूरदर्शी सोच, उनकी निरंतर निगरानी और प्रशासनिक टीम का सामूहिक प्रयास प्रमुख रहा है। उनके नेतृत्व में परिसर को केवल सुंदर ही नहीं बनाया गया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण के एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।परिसर में व्यवस्थित पौधारोपण के साथ-साथ फसलों की खेती भी की जा रही है, जो आत्मनिर्भरता का संदेश देती है। इसके अलावा सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें और जल संरक्षण की विशेष व्यवस्था इस पहल को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।आज सिमडेगा समाहरणालय परिसर न सिर्फ प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह प्रेरणा का भी स्रोत बन चुका है। यह पहल यह संदेश देती है कि सकारात्मक सोच, मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी बंजर जमीन को हरियाली में बदला जा सकता है। उपायुक्त कंचन सिंह के इस कार्य की जिलेभर में सराहना हो रही है।
बंजर से हरियाली तक: सिमडेगा समाहरणालय बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल उपायुक्त कंचन सिंह के नेतृत्व और टीमवर्क से बदली परिसर की तस्वीर सिमडेगा: कभी बंजर और उपेक्षित मानी जाने वाली समाहरणालय परिसर की जमीन आज हरियाली और सौंदर्य का आकर्षक केंद्र बन चुकी है। जहां पहले सूखी और खाली जमीन दिखाई देती थी, वहीं अब लहलहाती फसलें, सुसज्जित गार्डन और हरियाली से भरा वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।इस परिवर्तन के पीछे उपायुक्त कंचन सिंह की दूरदर्शी सोच, उनकी निरंतर निगरानी और प्रशासनिक टीम का सामूहिक प्रयास प्रमुख रहा है। उनके नेतृत्व में परिसर को केवल सुंदर ही नहीं बनाया गया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण के एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।परिसर में व्यवस्थित पौधारोपण के साथ-साथ फसलों की खेती भी की जा रही है, जो आत्मनिर्भरता का संदेश देती है। इसके अलावा सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें और जल संरक्षण की विशेष व्यवस्था इस पहल को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।आज सिमडेगा समाहरणालय परिसर न सिर्फ प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह प्रेरणा का भी स्रोत बन चुका है। यह पहल यह संदेश देती है कि सकारात्मक सोच, मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी बंजर जमीन को हरियाली में बदला जा सकता है। उपायुक्त कंचन सिंह के इस कार्य की जिलेभर में सराहना हो रही है।
- चैनपुर थाना क्षेत्र के छिछवानी गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी कमिल टोप्पो को गुरुवार को छेरियाटोंगरी जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि हत्या में शामिल 14 वर्षीय नाबालिग किशोर को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर हुई थी। मृतक राजेंद्र मिंज और आरोपी कमिल टोप्पो के बीच पहले से ही पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों रोजगार के लिए बेंगलुरु गए थे, जहां उनके बीच आर्थिक लेन-देन हुआ था। गांव लौटने के बाद कमिल बार-बार अपने पैसे की मांग कर रहा था, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की है, जब राजेंद्र मिंज अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ टमाटर खरीदने डीपाखोइर गया था। इसी दौरान नशे की हालत में कमिल टोप्पो एक नाबालिग किशोर को साथ लेकर पहुंचा और राजेंद्र पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस निर्मम हत्या की पूरी वारदात राजेंद्र की बेटी के सामने ही हुई। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त खून लगा पुटकल डंडा भी बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग किशोर पहले भी चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।1
- स्वरोजगार को नई उड़ान: चैनपुर में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत लाभुकों को मिला बकरी यूनिट चैनपुर (गुमला) : प्रखंड परिसर स्थित प्रांगण में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (वर्ष दो हजार पच्चीस-छब्बीस) के अंतर्गत बकरा विकास योजना का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए गुरुवार शाम सात बजे बताया गया कि जिला परिषद समिति द्वारा अनुमोदित कुल दस चयनित लाभुकों के बीच पशुधन परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को दो बकरा (नर) एवं आठ बकरी (मादा) अर्थात प्रति इकाई कुल दस पशु प्रदान किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत करना तथा लाभुक परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। परिसंपत्तियों का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सामूहिक रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उप प्रमुख प्रमोद खलखो, चैनपुर मुखिया शोभा देवी, कातिंग मुखिया मधुरा मिंज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विश्वार्म केवट, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी शंकर भगत, टी.वी.ओ. चैनपुर तथा प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी धर्म रक्षित विद्यार्थी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान अधिकारियों ने लाभुकों को पशुओं के समुचित रखरखाव, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण एवं रोग नियंत्रण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लाभुकों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। #चैनपुर #गुमला #पशुधनविकासयोजना #सरकारीयोजना #स्वरोजगार #ग्रामीणविकास #झारखंडसमाचार #LivelihoodSupport #GoatFarming #RuralDevelopment1
- सिसई (गुमला)। सिसई थाना क्षेत्र के छारदा रोड सिसई में भूतपूर्व जमींदार स्व० गुरूबाबु अम्बिका प्रसाद के पुण्य स्मृति में नवनिर्मित अम्बिकेश्वर शिव मंदिर में आगामी 18, 19, 20 अप्रैल को आयोजित मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा के निमित ध्वजारोहण किया गया। आचार्य सूर्य नारायण पाठक एवं पंडित आशीष कुमार मिश्रा के द्वारा वैदिक पद्धति से बजरंगबली का ध्वज पूजा कराकर ध्वजारोहण कराया गया। इस ध्वजारोहण पूजन में मुख्य यजमान के रूप में रोहित मिश्रा सह श्रुति मिश्रा एवं मुकेश श्रीवास्तव डेविड सह उर्वशी देवी रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से राजकिशोर प्रसाद शर्मा, सिद्धि शर्मा, शम्भु प्रसाद शर्मा, रोहित शर्मा, सौरभ शर्मा, पंकज कुमार साहु, सत्येंद्र साहु, शैलेश शर्मा, विनोद शर्मा, मंजु देवी, सनबीर शर्मा उर्फ गोलू, दिपक अधिकारी, हिन्दू बबलू, बहादुर साहु, पुरूषोत्तम साहु, तेतरू ठाकुर, कार्तिक पंडित, मंगल उराँव सहित आसपास के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।4
- सिसई प्रखंड के सकरौली गांव में इस वर्ष प्रकृति का पर्व सरहुल बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया l इस दौरान आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक परिधान में दिखे। पहान अखड़ा से सरना स्थल तक हजारों की संख्या में भव्य शोभा यात्रा निकाला गया।1
- कांसाबेल मुख्य चौक पर हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के दो आरोपियों को बैंगलूरू से गिरफ्तार किया है,बताया जा रहा है,थाना पुसौर क्षेत्र में रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के बैंक खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड बाद अब पुसौर पुलिस द्वारा ज्युडिसिल रिमांड लिया गया है। ♦️मामले में पुसौर थाने में अज्ञात मोबइल नंबर के धारकों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 304/2025 धारा 318(4) BNS, 66(D) IT ACT के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया 🔹 गिरफ्तार आरोपी- ♦️1. विग्नेश पी. पिता ए. प्रकाश ♦️2स्टीफन थॉमस फरार आरोपी - फिरोज खान उर्फ डॉम्निक बहुत जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जायेगा, पुलिस जाँच में जुटी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश — “रायगढ़ पुलिस ने प्रभावी और प्रोफेशनल तरीके से इस केस को सोल्व किया गया, साइबर ठगी मामलों में जागरूकता ही से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है”1
- सिमडेगा: कभी बंजर और उपेक्षित मानी जाने वाली समाहरणालय परिसर की जमीन आज हरियाली और सौंदर्य का आकर्षक केंद्र बन चुकी है। जहां पहले सूखी और खाली जमीन दिखाई देती थी, वहीं अब लहलहाती फसलें, सुसज्जित गार्डन और हरियाली से भरा वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।इस परिवर्तन के पीछे उपायुक्त कंचन सिंह की दूरदर्शी सोच, उनकी निरंतर निगरानी और प्रशासनिक टीम का सामूहिक प्रयास प्रमुख रहा है। उनके नेतृत्व में परिसर को केवल सुंदर ही नहीं बनाया गया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण के एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।परिसर में व्यवस्थित पौधारोपण के साथ-साथ फसलों की खेती भी की जा रही है, जो आत्मनिर्भरता का संदेश देती है। इसके अलावा सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें और जल संरक्षण की विशेष व्यवस्था इस पहल को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।आज सिमडेगा समाहरणालय परिसर न सिर्फ प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह प्रेरणा का भी स्रोत बन चुका है। यह पहल यह संदेश देती है कि सकारात्मक सोच, मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी बंजर जमीन को हरियाली में बदला जा सकता है। उपायुक्त कंचन सिंह के इस कार्य की जिलेभर में सराहना हो रही है।1
- 🔥 हनुमान जयंती पर दुर्गा मंदिर परिसर में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा चैनपुर 🔥 चैनपुर (गुमला): चैनपुर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में हनुमान जयंती का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही और भक्तों ने पवनपुत्र हनुमान की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। जानकारी देते हुए शाम सात बजे बताया गया कि पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। आयोजन के मुख्य आकर्षण के रूप में आचार्य संजय पाठक द्वारा विधि-विधान से बजरंग बली की विशेष पूजा संपन्न कराई गई। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे भक्तिमय वातावरण और भी मनमोहक बन गया। श्रद्धालुओं ने फूल, नारियल एवं प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। संध्या काल में विशेष श्रृंगार के बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर मंगलवार आरती समूह ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए विशेष आरती का संचालन किया तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय भक्तों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर आचार्य संजय पाठक, रामचंद्र कुमार मिश्रा, उमेश वर्मा, सत्यम केशरी, अशोक कुमार, आकाश कुमार, संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। हनुमान जयंती के अवसर पर दिनभर मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। #हनुमानजयंती #चैनपुरगुमला #धार्मिकआयोजन #जयश्रीराम #जयहनुमान #गुमलाखबर #JharkhandNews #LocalNews #FestivalCelebration #HanumanJayanti1
- गुमला जिला के महादेव चेगरी गांव में दिन बुधवार को सुबह 9:00 के लगभग ग्रामीणों को एक विलुप्त प्रजाति का घायल बीमार सारस पक्षी दिखा। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। तत्पश्चात सिसई और गुमला वन विभाग टीम के द्वारा एक रेस्क्यू टीम का गठन किया गया जिसमें सतीश भगत, रजत, बैरागी उरांव, सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पक्षी को पकड़ा ।1