सिस्टम की लापरवाही: पैरालाइसिस से जूझ रही युवती का इलाज बंद, पात्र गृहस्थी के कार्ड द्वारा एम्स से मिलती थीं निशुल्क दवाएं, नाम कटने के बाद दोबारा खड़ी हो गई समस्या औरैया में सिस्टम की लापरवाही ने एक परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। जिसमें एक बेटी के इलाज के लिए पिता परेशान होकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। यही नहीं एक गरीब परिवार के मुखिया और उसकी बेटियों को राशन कार्ड में नाम काट दिया गया। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बेटी का इलाज बंद हो गया। यह मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के राणा नगर का है। राजीव कुमार प्रजापति की तीन बेटियां है। साल 2004 में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जिसका दर्द वह आज तक झेल रहे हैं। राजीव ने बताया कि वह एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी स्वाती छत पर खेलते हुए नीचे गिर गई थी जिससे वह पैरालिसिस की शिकार हो गई। बेटी की दवा के लिए हर माह 40 हजार रुपए जुटाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। दवा न मिलने पर बेटी को तड़पता देख माता-पिता भी रो देते हैं लेकिन सिस्टम है कि कुछ सुनने और देखने को तैयार ही नहीं है। राजीव ने बताया कि उन्होंने सब कुछ बेचकर इलाज कराया तब कहीं बेटी की हालत कुछ ठीक हुई लेकिन पैरालिसिस के कारण एक हाथ काम नहीं करता है और एक पैर में दिक्कत है। अचानक दौरे आने से वह गिर जाती है। इसके बाद वह अपनी बेटी को लेकर दिल्ली के एम्स में गए और गरीबी का हवाला दिया। इससे उन्हें पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड से उन्हें निःशुल्क दवाएं मिलने लगीं जिनकी बाजार में कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक थी।
सिस्टम की लापरवाही: पैरालाइसिस से जूझ रही युवती का इलाज बंद, पात्र गृहस्थी के कार्ड द्वारा एम्स से मिलती थीं निशुल्क दवाएं, नाम कटने के बाद दोबारा खड़ी हो गई समस्या औरैया में सिस्टम की लापरवाही ने एक परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। जिसमें एक बेटी के इलाज के लिए पिता परेशान होकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। यही नहीं एक गरीब परिवार के मुखिया और उसकी बेटियों को राशन कार्ड में नाम काट दिया गया। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बेटी का इलाज बंद हो गया। यह मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के राणा नगर का है। राजीव कुमार प्रजापति की तीन बेटियां है। साल 2004 में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जिसका दर्द वह आज तक झेल रहे हैं। राजीव ने बताया कि वह एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी स्वाती छत पर खेलते हुए नीचे गिर गई थी जिससे वह पैरालिसिस की शिकार हो गई। बेटी की दवा के लिए हर माह 40 हजार रुपए जुटाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। दवा न मिलने पर बेटी को तड़पता देख माता-पिता भी रो देते हैं लेकिन सिस्टम है कि कुछ सुनने और देखने को तैयार ही नहीं है। राजीव ने बताया कि उन्होंने सब कुछ बेचकर इलाज कराया तब कहीं बेटी की हालत कुछ ठीक हुई लेकिन पैरालिसिस के कारण एक हाथ काम नहीं करता है और एक पैर में दिक्कत है। अचानक दौरे आने से वह गिर जाती है। इसके बाद वह अपनी बेटी को लेकर दिल्ली के एम्स में गए और गरीबी का हवाला दिया। इससे उन्हें पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड से उन्हें निःशुल्क दवाएं मिलने लगीं जिनकी बाजार में कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक थी।
- सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नरायनपुर में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर गुरुवार की शाम 5 बजे तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित सुरेन्द्र प्रताप पुत्र तुलसीराम निवासी नारायनपुर ने आरोप लगाया है कि उसके ही मोहल्ले के कुछ लोगों ने उसे घेरकर मारपीट की। उसने बताया कि आरोपियों ने बिना किसी ठोस कारण के उसके साथ गाली-गलौज की और फिर हमला कर दिया। इस दौरान उसे गंभीर चोटें भी आई हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और आरोपी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पीड़ित ने पुलिस से अपनी सुरक्षा की भी मांग की है, क्योंकि उसे आरोपियों से जान का खतरा महसूस हो रहा है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया में महिलाओं का 'जन आक्रोश', मंत्री ने दिया ये संदेश!1
- Post by दिलीप कुमार1
- औरैया।भीषण गर्मी और उमस के बीच आस्था की मिसाल सामने आई है। औरैया में नेशनल हाईवे 19 पर करमपुर के पास एक युवक पैदल वैष्णो देवी यात्रा पर निकल पड़ा। हाथ में मंजीरा, पीठ पर झंडा और दिल में अटूट विश्वास लिए यह श्रद्धालु लगातार आगे बढ़ रहा है।मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी विकास कुशवाहा पिछले 10 दिनों से रोज 30 किमी चल रहे हैं। करीब 1800 किमी की यात्रा मन्नत पूरी होने पर कर रहे हैं।2
- Post by दीपेंद्र सिंह2
- Post by Deepanshu1
- औरैया में सिस्टम की लापरवाही ने एक परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। जिसमें एक बेटी के इलाज के लिए पिता परेशान होकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। यही नहीं एक गरीब परिवार के मुखिया और उसकी बेटियों को राशन कार्ड में नाम काट दिया गया। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बेटी का इलाज बंद हो गया। यह मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के राणा नगर का है। राजीव कुमार प्रजापति की तीन बेटियां है। साल 2004 में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जिसका दर्द वह आज तक झेल रहे हैं। राजीव ने बताया कि वह एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी स्वाती छत पर खेलते हुए नीचे गिर गई थी जिससे वह पैरालिसिस की शिकार हो गई। बेटी की दवा के लिए हर माह 40 हजार रुपए जुटाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। दवा न मिलने पर बेटी को तड़पता देख माता-पिता भी रो देते हैं लेकिन सिस्टम है कि कुछ सुनने और देखने को तैयार ही नहीं है। राजीव ने बताया कि उन्होंने सब कुछ बेचकर इलाज कराया तब कहीं बेटी की हालत कुछ ठीक हुई लेकिन पैरालिसिस के कारण एक हाथ काम नहीं करता है और एक पैर में दिक्कत है। अचानक दौरे आने से वह गिर जाती है। इसके बाद वह अपनी बेटी को लेकर दिल्ली के एम्स में गए और गरीबी का हवाला दिया। इससे उन्हें पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड से उन्हें निःशुल्क दवाएं मिलने लगीं जिनकी बाजार में कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक थी।1
- अजीतमल के गौहानी खुर्द में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी1
- अछल्दा में भीषण गर्मी के बाद अचानक बारिश, लोग खुश1