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आज, 27 मई 2026, बुधवार के प्रातः काल में, त्रिकूट पर्वत पर विराजी शक्ति स्वरूपा आदि शक्ति मां शारदे भवानी के अलौकिक दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस शुभ अवसर पर भक्तों ने माता के अलौकिक रूप के दर्शन कर 'जय मां शारदा' का जयघोष किया।
Satyanarayan tiwari
आज, 27 मई 2026, बुधवार के प्रातः काल में, त्रिकूट पर्वत पर विराजी शक्ति स्वरूपा आदि शक्ति मां शारदे भवानी के अलौकिक दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस शुभ अवसर पर भक्तों ने माता के अलौकिक रूप के दर्शन कर 'जय मां शारदा' का जयघोष किया।
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- प्रदर्शन कर रहे लोगों ने खदान क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेड नहीं लगाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बैरिकेड की कमी के कारण मवेशियों के खदान में गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।1
- मैहर के सिविल अस्पताल में शराब के नशे में पहुंचे एक युवक ने कुछ देर के लिए अस्पताल का माहौल बिगाड़ दिया। युवक लगातार गाली-गलौज और अभद्रता कर रहा था, लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने स्थिति को धैर्य और जिम्मेदारी के साथ संभाला और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे की हालत में अस्पताल पहुंचा युवक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बदसलूकी करने लगा। अस्पताल कर्मियों ने उसे शांत करने और नशा उतरने के बाद आने की सलाह दी, परंतु वह विवाद करता रहा। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए न केवल स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा। घटना के बाद अस्पताल कर्मियों के समर्थन में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिन्होंने दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ इस तरह की अभद्रता को बर्दाश्त न किए जाने की बात कही। स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके और अस्पताल कर्मचारियों के शालीनता व साहस भरे जवाब की सराहना की।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले से स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। दिसंबर 2025 में यहाँ 5 थैलेसीमिया पीड़ित मासूम बच्चों को एचआईवी (HIV) संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया था। इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा गठित ज्वाइंट टास्क टीम की जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच प्रक्रिया के दौरान पीड़ित बच्चों को खून देने वाले संदिग्ध डोनर्स की खोजबीन बुरी तरह उलझ गई है। कुल 147 संदिग्ध डोनर्स में से 15 ने दोबारा ब्लड टेस्ट कराने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है, जबकि 41 डोनर्स के मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहे हैं, जिससे उनसे संपर्क साधना नामुमकिन हो गया है। दस्तावेजों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने इन बच्चों को खून देने वाले कुल 196 लोगों की सूची तैयार की थी। जांच के इस अहम मोड़ पर डोनर्स का असहयोग और मोबाइल नंबरों का बंद होना किसी बड़ी साजिश या ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में भारी हेरफेर की ओर इशारा कर रहा है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। जनता के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर ब्लड बैंक ने बिना उचित स्क्रीनिंग और पुख्ता रिकॉर्ड के संक्रमित रक्त को बच्चों को चढ़ाने की अनुमति कैसे दे दी। वहीं, अब संदिग्ध डोनर्स का इस तरह गायब होना या जांच से भागना इस मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है।1
- Post by Sandeep Saket2
- मादा गांव में आज तक पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे ग्रामीण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया है कि इन बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाए। यह अपील ग्राम पंचायत सेमरा के मादा गांव, बैहर क्षेत्र से संबंधित है, जहाँ ग्रामीण लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं।1
- मुकुंदपुर के युवाओं ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, जब जिला प्रशासन मैहर कागजों में ही उलझा रहा, तो जन सहयोग और अपने अटूट हौसले से गाँव में खेल का मैदान बनाने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। नौतपा की भीषण गर्मी और तपती धूप में भी, जब लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, मुकुंदपुर के युवा मैदान को समतल करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह पहल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और गाँव की खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की जा रही है। युवाओं और खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह और स्वीकृति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है। युवाओं का मानना है कि यदि ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और मैदान मिल जाए, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आभारी रहने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह चीत्कार भी कर रहे हैं कि "कोई तो सुने मुकुंदपुर के युवाओं की चीत्कार।"1
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- आज, 27 मई 2026, बुधवार के प्रातः काल में, त्रिकूट पर्वत पर विराजी शक्ति स्वरूपा आदि शक्ति मां शारदे भवानी के अलौकिक दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस शुभ अवसर पर भक्तों ने माता के अलौकिक रूप के दर्शन कर 'जय मां शारदा' का जयघोष किया।1