हिंडौन सिटी के देवलेन मोड पर गुरुवार को पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। गंभीर नदी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में गंभीर नदी क्षेत्र के 360 गांवों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महापंचायत को संबोधित करते हुए श्रीराम बैंसला ने पानी के मुद्दे पर किसी भी समाज को आपस में न लड़ने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सभी किसान हैं और उन्हें पानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले बने पांचना बांध से पानी की निकासी का विवाद अभी तक अनसुलझा है, और इस समस्या का समाधान तभी संभव होगा जब चंबल का पानी पांचना में आएगा। शरदों गुर्जर ने इस बात पर जोर दिया कि पानी किसी की व्यक्तिगत धरोहर या निजी संपत्ति नहीं है और यह सभी को मिलना चाहिए। उन्होंने इस लड़ाई को किसी जाति, व्यक्ति या वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि प्रदेश की "गूंगी-बहरी" सरकार के खिलाफ किसान की लड़ाई बताया, जिस पर किसानों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया गया। गुर्जर ने सरकार से चंबल का पानी पांचना में लाने की मांग की, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक किसान को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, और उन्होंने सभी किसानों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। हाकिम सिंह बैंसला ने महापंचायत में मौजूद युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि उनकी पहरेदारी में कोई कमी नहीं है और कोई "माई का लाल" उनकी सहमति के बिना एक बूंद भी पानी नहीं ले जा सकता। इस दौरान कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
हिंडौन सिटी के देवलेन मोड पर गुरुवार को पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। गंभीर नदी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में गंभीर नदी क्षेत्र के 360 गांवों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महापंचायत को संबोधित करते हुए श्रीराम बैंसला ने पानी के मुद्दे पर किसी भी समाज को आपस में न लड़ने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सभी किसान हैं और उन्हें पानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले बने पांचना बांध से पानी की निकासी का विवाद अभी तक अनसुलझा है, और इस समस्या का समाधान तभी संभव होगा जब चंबल का पानी पांचना में आएगा। शरदों गुर्जर ने इस बात पर जोर दिया कि पानी किसी की व्यक्तिगत धरोहर या निजी संपत्ति नहीं है और यह सभी को मिलना चाहिए। उन्होंने इस लड़ाई को किसी जाति, व्यक्ति या वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि प्रदेश की "गूंगी-बहरी" सरकार के खिलाफ किसान की लड़ाई बताया, जिस पर किसानों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया गया। गुर्जर ने सरकार से चंबल का पानी पांचना में लाने की मांग की, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक किसान को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, और उन्होंने सभी किसानों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। हाकिम सिंह बैंसला ने महापंचायत में मौजूद युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि उनकी पहरेदारी में कोई कमी नहीं है और कोई "माई का लाल" उनकी सहमति के बिना एक बूंद भी पानी नहीं ले जा सकता। इस दौरान कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
- हिंडौन सिटी के देवलेन मोड पर गुरुवार को पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। गंभीर नदी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में गंभीर नदी क्षेत्र के 360 गांवों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महापंचायत को संबोधित करते हुए श्रीराम बैंसला ने पानी के मुद्दे पर किसी भी समाज को आपस में न लड़ने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि सभी किसान हैं और उन्हें पानी की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले बने पांचना बांध से पानी की निकासी का विवाद अभी तक अनसुलझा है, और इस समस्या का समाधान तभी संभव होगा जब चंबल का पानी पांचना में आएगा। शरदों गुर्जर ने इस बात पर जोर दिया कि पानी किसी की व्यक्तिगत धरोहर या निजी संपत्ति नहीं है और यह सभी को मिलना चाहिए। उन्होंने इस लड़ाई को किसी जाति, व्यक्ति या वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि प्रदेश की "गूंगी-बहरी" सरकार के खिलाफ किसान की लड़ाई बताया, जिस पर किसानों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया गया। गुर्जर ने सरकार से चंबल का पानी पांचना में लाने की मांग की, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक किसान को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, और उन्होंने सभी किसानों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। हाकिम सिंह बैंसला ने महापंचायत में मौजूद युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि उनकी पहरेदारी में कोई कमी नहीं है और कोई "माई का लाल" उनकी सहमति के बिना एक बूंद भी पानी नहीं ले जा सकता। इस दौरान कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।1
- राजस्थान के हिण्डोन स्थित मोहन नगर में शहीदों के सरदार धन धन श्री अर्जुन देव जी गुरुद्वारा दरबार में राहगीरों को मीठा शरबत पिलाया गया। यह सेवा गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से की गई, जिसमें गर्मी से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से मीठे शरबत का वितरण किया गया।1
- मासलपुर के रोहर गांव में पीएचईडी विभाग की एक बोरिंग पिछले लगभग 3-4 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। इस बोरिंग से पहले गांव में पेयजल की आपूर्ति होती थी, साथ ही बोरिंग के पास स्थित पोखर में भी पानी पहुँचता था, जिससे गांव के पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते थे। बोरिंग के लंबे समय से बंद होने के कारण गांव के लोगों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें दूर-दूर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसके अलावा, पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की गंभीर परेशानी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए, बंद पड़ी बोरिंग की शीघ्र जांच करवाकर उसे जल्द से जल्द चालू करवाने की मांग की है, ताकि गांववासियों और पशुओं को राहत मिल सके। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यह समस्या आखिर कब तक ठीक होगी।1
- करौली के भांकरी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी लेने के लिए सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा गुरुवार दोपहर 12:00 बजे भांकरी शिविर स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक टीबी रोगी को निक्षय पोषण किट प्रदान की और स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीपीसी -आईईसी लखन सिंह लोधा भी इस अवसर पर मौजूद थे। सीएमएचओ ने ग्राम पंचायत भांकरी के सेवा केंद्र पर लगे इस शिविर में कार्मिकों की स्थिति और उपलब्ध दवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि शिविर के दौरान अधिक से अधिक लोगों की बीपी और शुगर की जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, सीएमएचओ ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली और एएनएम को बच्चों वाले घरों तक ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करने का आदेश दिया। यह निर्देश दस्त नियंत्रण पखवाड़े के अंतर्गत दिए गए।1
- करौली जिले में 18 जून को भांकरी शिविर स्थल पर ग्रामीण सेवा शिविरों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक टीबी रोगी को निक्षय पोषण किट प्रदान किया और स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया। इस अवसर पर डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा भी उपस्थित थे। सीएमएचओ ने ग्राम पंचायत भांकरी के सेवा केंद्र पर आयोजित शिविर में कर्मचारियों और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को शिविर के दौरान अधिक से अधिक लोगों की बीपी-शुगर की जांच करने के निर्देश दिए। टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने एएनएम को बच्चों वाले घरों तक ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करने के भी निर्देश दिए, जो दस्त नियंत्रण पखवाड़े के तहत है। सीएमएचओ ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के तहत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, बच्चों का टीकाकरण, और एनसीडी स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी रोग की स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र बनाना और पोषण किट का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शिविरों में पीएमजेवाई कार्ड बनाने और वितरित करने की सेवाएं भी उपलब्ध हैं, और आमजन नजदीकी शिविर स्थलों पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।4
- करौली के बालघाट क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने के साथ ही तेज आंधी और धूलभरी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। कमालपुरा, धवान, राजोली, जहानगर मोरडा, मोहनपुरा, गाबड़ी, भण्डारी, धौलेटा सहित आसपास के कई गांवों में तेज हवा चलने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इन गांवों में धौलेटा में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, धौलेटा गांव में लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण करीब 15 मकानों के टीन-टप्पर उड़ गए। कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। संतोष मीणा के मकान के टीन-टप्पर उड़ने के साथ दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं सुनील महावर की टेंट एवं किराना दुकान का टीन शेड उड़ गया। गोवर्धन बैरवा के टीन शेड को नुकसान पहुंचने के साथ घर में रखी गेहूं की दो बोरियां खराब हो गईं। गीता देवी के मकान की दीवार गिरने से उन्हें लगभग एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। अन्य गांवों में भी तेज हवा से पेड़ों की शाखाएं टूट गईं, टीन-शेड क्षतिग्रस्त हुए और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। धूलभरी आंधी के कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे लोगों को घरों में ही रहना पड़ा। आंधी के चलते धौलेटा सहित कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के लाइनमैन हरिकेश प्रजापत ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता, गुढ़ाचंद्रजी, बिनोद कुमार मीणा ने बताया कि विभागीय टीम लगातार बिजली बहाली के काम में जुटी हुई है। धौलेटा गांव के सरपंच कप्तान सिंह महावर ने नुकसान की सूचना सचिव एवं पटवारी को दी है और बताया कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। रविवार को ग्रामीण अपने घरों के उड़े हुए टीन-टप्परों और क्षतिग्रस्त सामान को समेटते नजर आए।1
- एक सीधी और सशक्त चेतावनी जारी की गई है कि जब 'किरोड़ी' का स्मरण होगा, तब 'मोटी अटकेगी', यानी भारी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। इस संदेश में दृढ़तापूर्वक इस बात पर जोर दिया गया है कि 'किसान हित सर्वोपरि' है, जो इस गंभीर चेतावनी का मूल आधार है।1
- हिंडौन सिटी में वरिष्ठ समाजसेवी और रिटायर्ड बैंक अधिकारी परसराम राजौरा की प्रथम पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में शुक्रवार को अखिल भारतीय खटीक समाज धर्मशाला में एक नेत्र चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के बैनर का विमोचन गुरुवार को मुंसिफ कोर्ट के सामने स्थित एसबीआई बैंक के शाखा प्रबंधक जगदीश चंद मीना ने किया। इस अवसर पर फील्ड ऑफिसर नरेंद्र मीना, सर्विस मैनेजर आर पी मीना, कैशियर राकेश मीना, गार्ड राम मोहन अविनाश मीना सहित आयोजन समिति के पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा, भव्य राजौरा, मनीष नागर और छोटू नागर उपस्थित रहे। आयोजन समिति के पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा ने बताया कि निशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं परामर्श शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ मरीजों की जांच कर उन्हें चिकित्सा परामर्श देंगे। शिविर में भर्ती होने वाले मरीजों के ऑपरेशन जयपुर के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव वर्मा द्वारा गणेशम रिसोर्ट के पास, धर्म कांटा के पीछे स्थित केडी आई हॉस्पिटल में किए जाएंगे। नेत्र रोगियों को शिविर में अपना आधार कार्ड अथवा पहचान पत्र की फोटो कॉपी साथ लाना अनिवार्य होगा।1