*विधायक के मार्गदर्शन में गाँव गाँव पहुँची रोशनी, हजारों जरूरतमंदों की आँखों में लौटी उम्मीद* *विश्व एनजीओ दिवस पर जनसेवा को नमन: राहत समर्पण सेवा समिति को मिला प्रशस्ति पत्र* विजयराघवगढ़ विश्व एनजीओ दिवस के पावन अवसर पर जनकल्याण की अलख जगाने वाली संस्था राहत समर्पण सेवा समिति को आज सम्मानित किया गया। विजयराघवगढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के मार्गदर्शन में किए जा रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना करते हुए समिति को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी विवेक गुप्ता एवं तहसीलदार मनीष शुक्ला भी उपस्थित रहे। अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने भावुक शब्दों में कहा कि विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के परोपकारी कार्यों की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। उनके मार्गदर्शन एवं सतत सहयोग से राहत समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष डॉ. शारदा साहू और बीएमओ डॉ. विनोद कुमार द्वारा बीते एक वर्ष से गाँव-गाँव निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ग्रामीणों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण किया गया। जरूरतमंदों को चश्मे वितरित किए गए दवाइयाँ दी गईं और मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान कर जिन्हित। हितग्राहियों का निशुल्क आपरेशन कराया गया। जिन बुजुर्गों की आँखों की रोशनी धुंधली पड़ चुकी थी उन्हें फिर से स्पष्ट दृष्टि मिली। जिन मजदूरों को धुंधलापन काम में बाधा बन रहा था वे अब आत्मविश्वास के साथ अपने श्रम में जुट सके हैं। केवल नेत्र परीक्षण ही नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिविरों में सेनेटरी पैड का वितरण कर उन्हें स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य चेतना का दीप प्रज्वलित करने वाली सिद्ध हुई है। श्री सिद्धिकी ने कहा की गाँव-गाँव आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों से गरीब मजदूर किसान और जरूरतमंद परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। अनेक परिवारों ने संस्था और विधायक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें इलाज के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते सेवा स्वयं हमारे द्वार तक पहुँच रही है। विश्व एनजीओ दिवस पर मिला यह सम्मान केवल एक संस्था का नहीं बल्कि उन सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों का है जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में समर्पित हैं। सच ही है जब जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर कार्य करती हैं तब विकास की रोशनी हर घर तक पहुँचती है और समाज सच्चे अर्थों में लाभान्वित होता है।
*विधायक के मार्गदर्शन में गाँव गाँव पहुँची रोशनी, हजारों जरूरतमंदों की आँखों में लौटी उम्मीद* *विश्व एनजीओ दिवस पर जनसेवा को नमन: राहत समर्पण सेवा समिति को मिला प्रशस्ति पत्र* विजयराघवगढ़ विश्व एनजीओ दिवस के पावन अवसर पर जनकल्याण की अलख जगाने वाली संस्था राहत समर्पण सेवा समिति को आज सम्मानित किया गया। विजयराघवगढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के मार्गदर्शन में किए जा रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना करते हुए समिति को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी विवेक गुप्ता एवं तहसीलदार मनीष शुक्ला भी उपस्थित रहे। अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने भावुक शब्दों में कहा कि विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के परोपकारी कार्यों की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। उनके मार्गदर्शन एवं सतत सहयोग से राहत समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष डॉ. शारदा साहू और बीएमओ डॉ. विनोद कुमार द्वारा बीते एक वर्ष से गाँव-गाँव निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ग्रामीणों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण किया गया। जरूरतमंदों को चश्मे वितरित किए गए दवाइयाँ दी गईं और मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान कर जिन्हित। हितग्राहियों का निशुल्क आपरेशन कराया गया। जिन बुजुर्गों की आँखों की रोशनी धुंधली पड़ चुकी थी उन्हें फिर से स्पष्ट दृष्टि मिली। जिन मजदूरों को धुंधलापन काम में बाधा बन रहा था वे अब आत्मविश्वास के साथ अपने श्रम में जुट सके हैं। केवल नेत्र परीक्षण ही नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिविरों में सेनेटरी पैड का वितरण कर उन्हें स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य चेतना का दीप प्रज्वलित करने वाली सिद्ध हुई है। श्री सिद्धिकी ने कहा की गाँव-गाँव आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों से गरीब मजदूर किसान और जरूरतमंद परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। अनेक परिवारों ने संस्था और विधायक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें इलाज के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते सेवा स्वयं हमारे द्वार तक पहुँच रही है। विश्व एनजीओ दिवस पर मिला यह सम्मान केवल एक संस्था का नहीं बल्कि उन सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों का है जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में समर्पित हैं। सच ही है जब जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर कार्य करती हैं तब विकास की रोशनी हर घर तक पहुँचती है और समाज सच्चे अर्थों में लाभान्वित होता है।
- अभिनय विश्वकर्मा का रीठी थाने पर औचक धावा: ब्लैक स्पॉट पर कड़े निर्देश, फरियादियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं कटनी | जिले की पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा शुक्रवार को अचानक रीठी थाने पहुँचे। एसपी के औचक निरीक्षण से महकमे में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता की शिकायतों में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। 🔍 थाने की व्यवस्था का गहन परीक्षण एसपी ने रिकॉर्ड रूम, हवालात, मालखाना और परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश बंदियों के मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर उन्होंने स्टाफ से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं और समाधान का आश्वासन दिया। 🚦 डांग चौराहा और जमुनिया मोड़ बने फोकस क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्वयं डांग चौराहा और जमुनिया मोड़ जैसे चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर पहुँचे। निरीक्षण के बाद सुरक्षा बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए। ✔ सुरक्षा के लिए दिए गए प्रमुख निर्देश: रंबल स्ट्रिप/स्पीड ब्रेकर लगाकर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित की जाए चेतावनी एवं सूचनात्मक बोर्ड तत्काल लगाए जाएं स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ⚖ जनता के प्रति संवेदनशीलता, अपराधियों पर सख्ती एसपी विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा, “थाने में आने वाले हर फरियादी की शिकायत प्राथमिकता से दर्ज और निराकृत हो। पारदर्शिता और संवेदनशीलता पुलिस की पहचान होनी चाहिए।” उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति विनम्र और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए। 📌 संदेश साफ है रीठी थाने के औचक निरीक्षण ने यह संकेत दे दिया है कि जिले में अब ड्यूटी में ढिलाई नहीं चलेगी और सड़क सुरक्षा से लेकर फरियादियों की सुनवाई तक हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- 💥💥💥💥💥चलिये चले जगत जननी आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी 💫💫💫💫💫💫के साथ होली खेलने🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी माँ विंध्यवासनी के दरवार में 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔दिनांक 02/03/2026 दिन सोमवार को रात्रि 07:00 बजे माँ विंध्यवासनी के दरवार मैं होली महोत्सव एवम दिव्य महाआरती 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥का आयोजन किया जाता है आप सभी भक्तवृन्द 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚माँ विंध्यवासनी की इस महाआरती में सम्मिलित होकर🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 माँ विंध्यवासनी के साथ होली खेलकर महाआरती का पुण्यलाभ प्राप्त 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿कर माँ विंध्यवासनी के दिव्यस्वरूप का दर्शन कर माँ विंध्यवासनी का शुभाशीष 🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌प्राप्त करें🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर निमिहा मोहल्ला कटनी मध्यप्रदेश🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹इस बार स्नान दान पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लगने के कारण महाआरती व्रत पूर्णिमा को ही होगी2
- 🔳जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने पत्रकारवार्ता में ‘’विकसित भारत जी राम जी’’ अधिनियम, 2025 की दी जानकारी 🔳कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान 🔳कटनी – भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत- 2047 के परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं प्रदत्त कानूनी अधिकारों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत सभा कक्ष में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने वीबी जी राम जी अधिनियम-2025 की विशेषताओं की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी और मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्री ऋषिराज चढार उपस्थित रहें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने बताया कि जिलें में 1 लाख 35 हजार 408 जॉबकार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 लाख 39 हजाा 890 श्रमिक शामिल है। विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, बेहतर बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मजबूत करता है। ग्राम सभाओं को योजना बनाने में सशक्त बनाया गया है, जिससे टिकाऊ ग्राम बुनियादी ढांचा विकसित होगा। अधिनियम में समय पर भुगतान की गारंटी और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। साथ ही रीयल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें जल सुरक्षा, आजीविका बुनियादी ढांचा, आपदा-सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे कार्यों पर भी जोर दिया गया है। सीईओ श्रीमती कौर द्वारा बताया गया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि श्रम उपलब्धता सुनिश्चित हो। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम पंद्रह दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। रोजगार सृजन को चार प्राथमिक क्षेत्रों से जोड़ा गया है। जल सुरक्षा संबंधी कार्य में नहरों का निर्माण, चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और वनीकरण कार्य किये जायेंगे। मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संबंधी अवसंरचना ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्कशेड और डेयरी इंफास्ट्रचर, चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य चकवात/बाढ़ आश्य स्थल, तटबंध और जंगल की आग प्रबंधन जैसे कार्य किये जायेंगे। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में एकीकृत किया जाएगा। ग्राम स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा। योजना को केंद्रीय क्षेत्र योजना से बदलकर केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। यदि 15 दिवस में कार्य उपलब्ध न कराया जाए तो राज्य द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पंचायत राज संस्थाओं को योजना कियान्वयन में प्रमुख भूमिका, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत कार्य लागत ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जायेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कार्यकम अधिकारी योजना प्रबंधन, भुगतान एवं सामाजिक अंकेक्षण के उत्तरदायी होंगे। सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक छह माह में अनिवार्य किया है। डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी ढाँचे के अंतर्गत पुनर्संगठित करता है तथा दीर्घकालीन सतत विकास और आजीविका सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- Zindagi ajeeb hai… samajhne jao to aur confuse ho jaati hai! 🤦♂️ . . #ZindagiAjeebHai #ComedyVideo #Relatable #FunnyReels #DesiComedy #LifeComedy1
- बच्चों के भविष्य ,सरकारी राशि के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : श्रीकांत चतुर्वेदी शासकीय स्कूलों में संगठित अपराध का मामला उठाया। मैहर । मप्र विधानसभा सत्र के दौरान शासकीय स्कूलों में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कर सदन के पटल पर जनहित की बात रखी। मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी ने मैहर जिले के शासकीय प्राथमिक ,माध्यमिक,हाई स्कूल एवं हाई सेकेंडरी स्कूलों को प्रतिवर्ष दी जाने वाली स्कूल मेंटेनेंस राशि, भवन निर्माण, शौचालय निर्माण, सहित विभिन्न मदों की राशि में हुए व्यापक भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता में इस संगठित अपराध एवं नियम विरुद्ध कार्य से असंतोष व्याप्त है। 22 लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज हुई है। नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो साथ ही सरकारी राशि का दुरुपयोग भी ना हो इसके सभी प्रयास शासन स्तर पर कराए जाने की आवश्यकता है। इस विषय को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि मैहर जिले में इस तरह की विसंगति पाए जाने पर कलेक्टर द्वारा जांच कराई गई और 17 कर्मचारियों व्याख्याता से लेकर चपरासी तक के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिन ठेकेदारों के द्वारा काम नहीं किया गया है और फर्जी बिल लगाकर भुगतान हुए हैं उनके खिलाफ भी कार्यवाही होगी। आरआरसी जारी होगी दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्यवाही का आश्वासन दिया। विधायक मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी ने पूरक प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मैहर जिले के एक ब्लॉक में ऐसा हुआ है तो मध्य प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में क्या स्थिति होगी। वर्षों से एक ही स्थान पर अधिकारी जमे हुए है। शिक्षा का माफिया राज संचालित है, जब एक ब्लॉक में चार करोड़ का घोटाला हुआ है तो पूरे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। शिक्षा के मंदिर में शाला भवनों के रखरखाव, उनकी सुरक्षा व मरम्मत की जो राशि स्कूलों को दी जा रही है उसमें राज्य,जिला एवं ब्लाक के अधिकारियों के द्वारा मिली भगत से बंदरबाट कर आर्थिक संगठित अपराध किया जा रहा है। इन सब अनियमितता के चलते बच्चों का शिक्षण प्रभावित हो रहा है। बच्चे जिस कक्ष में अध्यनरत हैं उनमें उसे स्तर की योग्यता नहीं पाई जा रही है। विधायक श्री चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश के सभी स्कूलों में अभियान चलाकर इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही हो। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में अनियमितता की जानकारी मिलेगी उसकी जांच कराकर दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी पारदर्शिता के साथ नई शिक्षा नीति को दृढ़ता से लागू करवा रहे हैं ऐसे में हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो और उन्हें गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो। यह केवल कागजों में ना हो वरन स्कूली बच्चों के आचरण और उनके व्यक्तित्व में भी दिखाई दे।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र के समापन भाषण1
- *विधायक के मार्गदर्शन में गाँव गाँव पहुँची रोशनी, हजारों जरूरतमंदों की आँखों में लौटी उम्मीद* *विश्व एनजीओ दिवस पर जनसेवा को नमन: राहत समर्पण सेवा समिति को मिला प्रशस्ति पत्र* विजयराघवगढ़ विश्व एनजीओ दिवस के पावन अवसर पर जनकल्याण की अलख जगाने वाली संस्था राहत समर्पण सेवा समिति को आज सम्मानित किया गया। विजयराघवगढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के मार्गदर्शन में किए जा रहे जनहितैषी कार्यों की सराहना करते हुए समिति को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी विवेक गुप्ता एवं तहसीलदार मनीष शुक्ला भी उपस्थित रहे। अध्यक्ष नूर मोहम्मद सिद्धकी ने भावुक शब्दों में कहा कि विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के परोपकारी कार्यों की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। उनके मार्गदर्शन एवं सतत सहयोग से राहत समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष डॉ. शारदा साहू और बीएमओ डॉ. विनोद कुमार द्वारा बीते एक वर्ष से गाँव-गाँव निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ग्रामीणों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण किया गया। जरूरतमंदों को चश्मे वितरित किए गए दवाइयाँ दी गईं और मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान कर जिन्हित। हितग्राहियों का निशुल्क आपरेशन कराया गया। जिन बुजुर्गों की आँखों की रोशनी धुंधली पड़ चुकी थी उन्हें फिर से स्पष्ट दृष्टि मिली। जिन मजदूरों को धुंधलापन काम में बाधा बन रहा था वे अब आत्मविश्वास के साथ अपने श्रम में जुट सके हैं। केवल नेत्र परीक्षण ही नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिविरों में सेनेटरी पैड का वितरण कर उन्हें स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य चेतना का दीप प्रज्वलित करने वाली सिद्ध हुई है। श्री सिद्धिकी ने कहा की गाँव-गाँव आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों से गरीब मजदूर किसान और जरूरतमंद परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। अनेक परिवारों ने संस्था और विधायक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें इलाज के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते सेवा स्वयं हमारे द्वार तक पहुँच रही है। विश्व एनजीओ दिवस पर मिला यह सम्मान केवल एक संस्था का नहीं बल्कि उन सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों का है जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में समर्पित हैं। सच ही है जब जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर कार्य करती हैं तब विकास की रोशनी हर घर तक पहुँचती है और समाज सच्चे अर्थों में लाभान्वित होता है।1