झारखंड आंदोलन के अग्रणी योद्धा और पूर्व सांसद स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस भवन चाईबासा में कांग्रेसियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके संघर्षमय जीवन, जनसेवा और सामाजिक अन्याय के प्रति समर्पण को नमन किया गया। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशूल राय ने स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई को जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की लड़ाई का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि सुम्बरुई केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि झारखंडी अस्मिता, आदिवासी स्वाभिमान और जनसंघर्ष की सशक्त आवाज थे। त्रिशूल राय ने इस बात पर जोर दिया कि बागुन सुम्बरुई ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। वह हमेशा किसानों, मजदूरों, वंचितों और शोषितों की आवाज बनकर संघर्ष करते रहे, और संसद से लेकर सड़क तक उन्होंने झारखंड, विशेषकर कोल्हान क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाया। त्रिशूल राय के अनुसार, झारखंड आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और आदिवासी समाज को राजनीतिक, सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकार दिलाने में स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उनका सादा जीवन, स्पष्ट विचार और जनता के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर सोशल मीडिया के जिला चैयरमैन रवि कश्यप, विक्रमादित्य, अजय कुमार, बिक्रम बिरूली, मोहम्मद इस्लाम, विजय चारिका, शिवदास, सूरज नायक और सुशील दास सहित कई कांग्रेसी उपस्थित थे।
झारखंड आंदोलन के अग्रणी योद्धा और पूर्व सांसद स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस भवन चाईबासा में कांग्रेसियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके संघर्षमय जीवन, जनसेवा और सामाजिक अन्याय के प्रति समर्पण को नमन किया गया। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशूल राय ने स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई को जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की लड़ाई का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि सुम्बरुई केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि झारखंडी अस्मिता, आदिवासी स्वाभिमान और जनसंघर्ष की सशक्त आवाज थे। त्रिशूल राय ने इस बात पर जोर दिया कि बागुन सुम्बरुई ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। वह हमेशा किसानों, मजदूरों, वंचितों और शोषितों की आवाज बनकर संघर्ष करते रहे, और संसद से लेकर सड़क तक उन्होंने झारखंड, विशेषकर कोल्हान क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाया। त्रिशूल राय के अनुसार, झारखंड आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और आदिवासी समाज को राजनीतिक, सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकार दिलाने में स्वर्गीय बागुन सुम्बरुई का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उनका सादा जीवन, स्पष्ट विचार और जनता के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर सोशल मीडिया के जिला चैयरमैन रवि कश्यप, विक्रमादित्य, अजय कुमार, बिक्रम बिरूली, मोहम्मद इस्लाम, विजय चारिका, शिवदास, सूरज नायक और सुशील दास सहित कई कांग्रेसी उपस्थित थे।
- गोला में सांसद मनीष जायसवाल ने स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित किया। हालांकि, उनके संबोधन में कही गई बातों का विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में हर साल की तरह इस बार भी फादर्स डे बड़े उत्साह के साथ केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग, कविता, निबंध और ग्रीटिंग्स के जरिए ईश्वर की अनमोल कृतियों में से एक 'पिता' के अतुलनीय महत्व को दर्शाया। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने अपने संबोधन में एक पिता के तौर पर अपने निजी अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं को पिता के त्याग तथा उनकी तकलीफों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं, जिनका प्यार, त्याग और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को आकार देता है। वे हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं और बच्चों को न केवल शिक्षा, नैतिक मूल्यों व संस्कृति की महत्ता समझाते हैं, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। भगत ने जोर दिया कि पिता परिवार की रीढ़ होते हैं, जो अपनी तकलीफें कभी जाहिर नहीं करते बल्कि परिवार के हर सदस्य की जरूरतों और परेशानियों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने पिता को प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप बताते हुए कहा कि वे रात-दिन बच्चों के लिए मेहनत करते हैं और उन्हें वे सभी सुविधाएँ देना चाहते हैं जो उन्हें खुद कभी नहीं मिलीं। कई बार तो छोटी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी नहीं दिखाते। इसीलिए पिता को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। निदेशक ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसका निर्वहन निष्ठापूर्वक करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रचना, श्रेया, अंजलि, विनीता, अभय और आलेख सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन ग्रीटिंग्स के माध्यम से पिता के महत्व को उजागर किया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू के संचालक सकलदीप भगत ने कार्यक्रम का समापन करते हुए पुनः इस बात पर जोर दिया कि 'पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं'।1
- रांची पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अहम कार्रवाई की है। इस अभियान में एसआईटी (SIT) की टीम ने हिन्दपीढ़ी, सुखदेवनगर और कोतवाली क्षेत्रों से पाँच तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से कुल 27.89 ग्राम ब्राउन शुगर, नकदी, एक बाइक, एक ऑटो और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में से कई का आपराधिक इतिहास रहा है, और उनके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। रांची पुलिस नशे के इस अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखे हुए है।1
- रांची के दलादली चौक पर स्थित Trinity Heritage का भव्य उद्घाटन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस आधुनिक व्यावसायिक केंद्र का शुभारंभ ज्योत्सना तिर्की और जे आर तिर्की ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बिशप पांडा, आलोक मिंज, डॉ. अपूर्वा सृष्टि और अनुकृत स्पृहा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। Trinity Heritage को विशेष रूप से एक आधुनिक कमर्शियल स्पेस के रूप में विकसित किया गया है। यह स्थान व्यापार, कार्यालय, शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है। उद्घाटन समारोह के दौरान, संस्थापकों ने इस परियोजना को रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसरों का केंद्र बताया, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। Trinity Heritage दलादली चौक, रांची में स्थित है। बुकिंग और पूछताछ के लिए 8987610105 पर संपर्क किया जा सकता है। यह जानकारी केवल सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से प्रसारित की गई है।1
- रांची के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम के पवित्र महीने की पांचवीं के अवसर पर, परंपरा और अकीदत के साथ निशान खड़ा करने की रस्म निभाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। निशान खड़ा करने के इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत का संदेश दिया। इस पवित्र अवसर पर नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मोहर्रम की परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया। मौजूद लोगों ने बताया कि मोहर्रम केवल गम और याद का महीना नहीं है, बल्कि यह सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के लिए संघर्ष का भी प्रतीक है। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देती है। पांचवीं के दिन निशान खड़ा किए जाने का यह मनमोहक दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूरे क्षेत्र में अकीदत, अनुशासन और सौहार्द का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिससे हर कोई प्रभावित हुआ।1
- बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में चाईबासा में जन्मी तृप्ति कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक’ का पद हासिल किया है। तृप्ति कुमारी ने इस परीक्षा में कुल मिलाकर 40वीं रैंक प्राप्त की है। अपनी चयनित श्रेणी में उन्होंने पहला स्थान पाकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अपनी इस सफलता के लिए तृप्ति ने अपने माता-पिता और मामा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन ने ही इस उपलब्धि का मुख्य आधार बनाया। तृप्ति की माता बिहार में ‘बाल विकास परियोजना पदाधिकारी’ (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जिनसे उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा मिली। इस सफलता में उनके मामा, श्री रवि कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जो झारखंड स्थित ‘रेनेशा आई.ए.एस. एकेडमी’ के संचालक हैं। उनके नेतृत्व और सटीक मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं सिविल सेवा में चयनित होकर राष्ट्र सेवा में योगदान दे रहे हैं। चाईबासा की मिट्टी में जन्मी तृप्ति की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।1
- धनबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।1
- ज्ञान आनंद साइन दरबार की पालकी यात्रा 25 तारीख को निकली।1
- इतिहास का एक काला अध्याय, 'द होलोकॉस्ट', एक ऐसे आदमी की सनक का परिणाम था जिसने पूरी दुनिया को रुला दिया। इस ऐतिहासिक त्रासदी ने विश्व भर में गहरा दुख और मातम फैलाया, जो मानवता पर पड़े काले धब्बे के रूप में दर्ज है।1