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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अगले 5 वर्षों तक जारी रहेगी। इसके लिए लगभग ₹3.15 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
Narendra lodhi pichhore
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अगले 5 वर्षों तक जारी रहेगी। इसके लिए लगभग ₹3.15 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
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- अमोला पुलिस ने सिरसौद के 3 युवकों पर शांति भंग करने की 151 की कारवाई कर तहसीलदार के समक्ष पेश किए सरपंच द्वारा जमानत पेश की लेकिन तहसीलदार द्वारा अमोला थाना प्रभारी के कहने पर जमानत ना देते हुए जेल वांरट बना दिया जिसके बाद सरपंच अतर सिंह लोधी द्वारा तहसीलदार की गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया उसके बाद जमानत दी गई जमानत देने के बाद सरपंच अतर सिंह लोधी ने मीडिया से क्या कहा सुनिए ।1
- तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठे सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष, जमानत नहीं देने पर किया प्रदर्शन शिवपुरी जिले के सिरसौद सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह लोधी ने तहसीलदार ललित शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि थाना अमोला में दर्ज धारा 151 की कार्रवाई में गिरफ्तार युवकों को जमानत देने से तहसीलदार ने प्रारंभ में इनकार कर दिया। अतर सिंह लोधी का आरोप है कि तहसीलदार ने थाना प्रभारी अमोला के दबाव में आकर जमानत नहीं दी। इसके विरोध में वे तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठ गए और प्रदर्शन किया। कुछ समय तक चले विरोध के बाद, मामला बढ़ता देख संबंधित युवकों को जमानत दे दी गई। हालांकि, तहसीलदार ललित शर्मा या पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है। तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठे सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष, जमानत नहीं देने पर किया प्रदर्शन शिवपुरी जिले के सिरसौद सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह लोधी ने तहसीलदार ललित शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि थाना अमोला में दर्ज धारा 151 की कार्रवाई में गिरफ्तार युवकों को जमानत देने से तहसीलदार ने प्रारंभ में इनकार कर दिया। अतर सिंह लोधी का आरोप है कि तहसीलदार ने थाना प्रभारी अमोला के दबाव में आकर जमानत नहीं दी। इसके विरोध में वे तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठ गए और प्रदर्शन किया। कुछ समय तक चले विरोध के बाद, मामला बढ़ता देख संबंधित युवकों को जमानत दे दी गई। हालांकि, तहसीलदार ललित शर्मा या पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।1
- बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा3
- बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा1
- झांसी। वन विभाग पर लगाया आरोप। जिलाधिकारी से की शिकायत।1
- सेंट्रल बैंक के पास से रुपये चोरी करने वाला बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार महरौनी पुलिस ने एमपी निवासी आरोपी से 2,23,560 रूपये अवैध तमंचा एक जिंदा कारतूस भी किए बरामद पड़वा निवासी तेज सिंह का पैसों से भरा बैग किया था चोरी स्वराज भास्कर के लिए रामजी तिवारी मड़ावरा की रिपोर्ट1
- कक्षा में लेटकर मोबाइल चलाते शिक्षक का वीडियो वायरल ! शिवपुरी के पिछोर विकासखंड के ग्राम पड़ौरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय प्रेम नगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शिक्षक कथित तौर पर कक्षा में लेटकर मोबाइल चलाते नजर आ रहे Follow कक्षा में लेटकर मोबाइल चलाते शिक्षक का वीडियो वायरल ! शिवपुरी के पिछोर विकासखंड के ग्राम पड़ौरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय प्रेम नगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शिक्षक कथित तौर पर कक्षा में लेटकर मोबाइल चलाते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने डीईओ और बीईओ से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की #Shivpuri #Pichhore #GovernmentSchool #ViralVideo #Teacher #Education 1 day ago Add a comment...1
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अगले 5 वर्षों तक जारी रहेगी। इसके लिए लगभग ₹3.15 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान1