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एक सार्वजनिक संदेश में सभी लोगों से 'झारखंड लोकल न्यूज़' नामक चैनल को सब्सक्राइब करने और यूट्यूब के माध्यम से इससे जुड़ने का आग्रह किया गया है।
Jharkhand local news
एक सार्वजनिक संदेश में सभी लोगों से 'झारखंड लोकल न्यूज़' नामक चैनल को सब्सक्राइब करने और यूट्यूब के माध्यम से इससे जुड़ने का आग्रह किया गया है।
More news from झारखंड and nearby areas
- गर्मी के दिनों में एक सड़क तालाब का रूप ले चुकी है, जिसके कारण आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में एनटीपीसी द्वारा आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई का विरोध करने के लिए स्थानीय ग्रामीण शंकर उरांव ने रविवार सुबह 11:00 बजे आह्वान किया है। जानकारी के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में 1 मई को एनटीपीसी की पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भाग लेंगे। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण और आजसू नेता शंकर उरांव ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से इस जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।1
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- नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।1
- गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।3
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि तालाब का सुंदरीकरण ‘थूक पॉलिश’ लगाकर किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गहरी चिंता जताई जा रही है।1
- झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।3
- आज रांची में प्रांतीय यादव महासभा झारखंड (जिला इकाई रांची) द्वारा “प्रदेश अध्यक्ष सम्मान समारोह” का आयोजन चैम्बर भवन, मेन रोड पर किया गया। इस समारोह में यादव समाज के गणमान्य लोग, पदाधिकारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। समारोह के दौरान अखिल भारतीय यादव महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी जगराम सिंह यादव और झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बलवंत कुमार यादव का विशेष रूप से सम्मान किया गया। उपस्थित समाजबंधुओं ने श्री बलवंत कुमार यादव को पुष्प गुच्छ भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया, साथ ही उनके नेतृत्व में समाज की एकता एवं विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। इस अवसर पर वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पीताम्बर दास एवं झारखंड प्रभारी सह राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने यादव समाज को संगठित करने, शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए समाज के लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सम्मान समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ समाज के उत्थान और संगठन की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया गया।2