अटरिया: गर्भवती की मौत पर भड़का प्रशासन, 'किंग हॉस्पिटल' सीज; जांच के लिए टीम ने डाला डेरा अटरिया: गर्भवती की मौत पर भड़का प्रशासन, 'किंग हॉस्पिटल' सीज; जांच के लिए टीम ने डाला डेरा संवाददाता ,,नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के सिधौली कस्बे से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। शनिवार को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल अस्पताल को बंद कराया, बल्कि मृतका के घर पहुंचकर परिजनों के बयान भी दर्ज किए। परिजनों के घर पहुंची जांच टीम, डेढ़ घंटे तक हुई पूछताछ शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे प्रशासन की एक भारी-भरकम टीम अटरिया स्थित मृतका मानसी के घर पहुंची। इस टीम में एसीएमओ डॉ. सुक्रती, डिप्टी सीएमओ डॉ. नीरज गोयल, एसडीएम सिधौली राखी वर्मा और सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद कुमार सिंह जैसे बड़े अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने परिजनों से इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल के व्यवहार को लेकर करीब 90 मिनट तक विस्तृत पूछताछ की। मृतका की ननद द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण मानसी की जान गई। प्रशासन का कड़ा एक्शन: अस्पताल सीज, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम राखी वर्मा ने तत्काल प्रभाव से किंग हॉस्पिटल को सीज करने के आदेश दिए। अस्पताल के सभी दस्तावेजों और वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम राखी वर्मा का बयान: "परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होने तक अस्पताल बंद रहेगा। यदि लापरवाही और अवैध संचालन के प्रमाण मिलते हैं, तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा और संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।" लापरवाही पर उठे सवाल यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषियों को जेल भेजने की मांग पर अड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या अस्पताल के पास पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद थीं या नहीं।
अटरिया: गर्भवती की मौत पर भड़का प्रशासन, 'किंग हॉस्पिटल' सीज; जांच के लिए टीम ने डाला डेरा अटरिया: गर्भवती की मौत पर भड़का प्रशासन, 'किंग हॉस्पिटल' सीज; जांच के लिए टीम ने डाला डेरा संवाददाता ,,नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के सिधौली कस्बे से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। शनिवार को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न
केवल अस्पताल को बंद कराया, बल्कि मृतका के घर पहुंचकर परिजनों के बयान भी दर्ज किए। परिजनों के घर पहुंची जांच टीम, डेढ़ घंटे तक हुई पूछताछ शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे प्रशासन की एक भारी-भरकम टीम अटरिया स्थित मृतका मानसी के घर पहुंची। इस टीम में एसीएमओ डॉ. सुक्रती, डिप्टी सीएमओ डॉ. नीरज गोयल, एसडीएम सिधौली राखी वर्मा और सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद कुमार सिंह जैसे बड़े अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने परिजनों से इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल के व्यवहार को लेकर करीब 90 मिनट तक विस्तृत पूछताछ की। मृतका की ननद द्वारा दी
गई तहरीर के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण मानसी की जान गई। प्रशासन का कड़ा एक्शन: अस्पताल सीज, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम राखी वर्मा ने तत्काल प्रभाव से किंग हॉस्पिटल को सीज करने के आदेश दिए। अस्पताल के सभी दस्तावेजों और वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम राखी वर्मा का बयान: "परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होने तक अस्पताल
बंद रहेगा। यदि लापरवाही और अवैध संचालन के प्रमाण मिलते हैं, तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा और संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।" लापरवाही पर उठे सवाल यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषियों को जेल भेजने की मांग पर अड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या अस्पताल के पास पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद थीं या नहीं।
- अटरिया: गर्भवती की मौत पर भड़का प्रशासन, 'किंग हॉस्पिटल' सीज; जांच के लिए टीम ने डाला डेरा संवाददाता ,,नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के सिधौली कस्बे से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। शनिवार को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल अस्पताल को बंद कराया, बल्कि मृतका के घर पहुंचकर परिजनों के बयान भी दर्ज किए। परिजनों के घर पहुंची जांच टीम, डेढ़ घंटे तक हुई पूछताछ शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे प्रशासन की एक भारी-भरकम टीम अटरिया स्थित मृतका मानसी के घर पहुंची। इस टीम में एसीएमओ डॉ. सुक्रती, डिप्टी सीएमओ डॉ. नीरज गोयल, एसडीएम सिधौली राखी वर्मा और सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद कुमार सिंह जैसे बड़े अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने परिजनों से इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल के व्यवहार को लेकर करीब 90 मिनट तक विस्तृत पूछताछ की। मृतका की ननद द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण मानसी की जान गई। प्रशासन का कड़ा एक्शन: अस्पताल सीज, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम राखी वर्मा ने तत्काल प्रभाव से किंग हॉस्पिटल को सीज करने के आदेश दिए। अस्पताल के सभी दस्तावेजों और वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम राखी वर्मा का बयान: "परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होने तक अस्पताल बंद रहेगा। यदि लापरवाही और अवैध संचालन के प्रमाण मिलते हैं, तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा और संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।" लापरवाही पर उठे सवाल यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषियों को जेल भेजने की मांग पर अड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या अस्पताल के पास पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद थीं या नहीं।4
- उत्तर प्रदेश — गाजीपुर जिले में Special 26 फिल्म की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर वसूली का मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि कुछ लोग दुकानों पर पहुंचकर कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूल रहे थे, इसी दौरान एक दुकानदार को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सात नकली आईटी अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार, सदानंद प्रसाद, प्रमोद कुमार, रवि पटेल, देवा पटेल, संकेत गुप्ता और सुशीला गुप्ता शामिल हैं1
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर बाराबंकी के मसौली कस्बा निवासी लाईलातून (30) पत्नी इशरत अली को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके कुछ समय बाद नवजात शिशु की भी मौत हो गई। दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का सायामृतका के पति इशरत अली ने बताया कि उनकी शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी। उनके दो छोटे बच्चे हैदर अली और इरम फातिमा अब मां के साए से वंचित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हुई थी और अस्पताल में उस समय पूरा स्टाफ मौजूद था। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी को सुबह करीब 9 बजे एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था, उस समय वह सामान्य स्थिति में थीं, बातचीत कर रही थीं और खुद चलकर वार्ड तक गई थीं। इशरत अली के अनुसार, प्रसव सामान्य (नॉर्मल डिलीवरी) से हुआ, लेकिन डिलीवरी के कुछ ही देर बाद अचानक उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टर और स्टाफ ने इलाज का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि करीब 10:30 बजे महिला डॉक्टर ने मां और नवजात दोनों की मृत्यु की जानकारी दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी घटना की सूचना पर मसौली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मंडी सचिव रविंद्र कुमार का कार्यालय में ड्यूटी के दौरान सोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मंडी सचिव अपने कार्यालय की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही गहरी नींद में हैं और कथित तौर पर खर्राटे लेते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सरकारी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां आम जनता अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाती है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी ड्यूटी के समय आराम फरमाते नजर आ रहे हैं। फिलहाल इस मामले पर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। इस वीडियो हम पुष्टि नही करते है...वायरल वीडियो है।1
- मेरठ शराब ठेके पर हुई मौत के संदर्भ में पुलिस अधिकारी का आया बयान1
- ब्रेकिंग न्यूज़ बाराबंकी से सिरौली गौसपुर के चौखंडी गांव में कल्याणी नदी के पास एक वेल्डर का शव मिला है। परिजनों ने हत्या और लूट का आरोप लगाया है। मृतक मोहम्मद आसिफ, जो हैदराबाद में वेल्डिंग का काम करता था, शुक्रवार रात से लापता था। परिजनों के मुताबिक, आसिफ के जेवर और पैसे भी गायब हैं, और गांव के कुछ लोगों से उसका विवाद हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और हत्या के सभी एंगल से जांच शुरू कर दी गई है।1
- *औरैया में पूर्व सैनिक ने बेटे पर लगाया संपत्ति पर कब्जे का आरोप* औरैया के रेउसा थाना क्षेत्र में एक पूर्व सैनिक ने अपने बड़े बेटे पर संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि बेटे ने उनके साथ मारपीट और उत्पीड़न भी किया है। पूर्व सैनिक ने नेशनल हाईवे किनारे की जमीन और घर पर कब्जे का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है ¹। *क्या है मामला?* पीड़ित पूर्व सैनिक का आरोप है कि उनके बड़े बेटे ने उनकी संपत्ति पर जबरन कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि बेटे ने उनके साथ मारपीट और उत्पीड़न भी किया है। पूर्व सैनिक ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और कार्रवाई की मांग की है। क्या आप जानना चाहेंगे कि इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है या औरैया में संपत्ति विवाद के मामले बढ़ रहे हैं?1
- दिल्ली–रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस में संदिग्ध हालात में शराब मिलने का मामला सामने आया है ट्रेन के बाथरूम की सीलिंग पैनल से 20 से ज्यादा शराब की बोतलें नीचे गिर गईं, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया प्राथमिक तौर पर इसे तस्करी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि मामले की सटीक जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल मामले की जांच में जुट गया है1