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मेरी आधी चाय पी गए अंकुर गोस्वामी , अंकुर के हाथों में मिला कप
संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
मेरी आधी चाय पी गए अंकुर गोस्वामी , अंकुर के हाथों में मिला कप
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- प्रसव के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, सीएचसी दुद्धी लाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मधुबन के टोला बरहापान में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना पर सीएचसी दुद्धी पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मृतका सीता कुमारी (20) पत्नी संजय कुमार ने 4 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी में जन्म दिया था। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, 5 सितंबर की दोपहर अचानक सीता को सांस लेने में दिक्कत के साथ सर्दी खांसी की शिकायत हुई। पति संजय ने बताया कि 5 सितंबर की रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर देर रात करीब 2 बजे निजी भाड़े की गाड़ी से दुद्धी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि निजी कारणों और आर्थिक समस्याओं के चलते परिजन प्रसूता को जिला अस्पताल न ले जाकर वापस घर ले आए। परिजनों का कहना है कि घर पर कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बुधवार की दोपहर बाद सीता की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। देखते ही देखते हालत बेहद गंभीर हो गई। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे परिजन सीता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. शाह आलम ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। परिजनों ने बताया कि सीता और संजय पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध में थे और एक साथ रह रहे थे। मृतका का नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों की देखरेख में है।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध/जहरीली शराब माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बंडा में बड़ी कार्रवाई। ➡️ प्रशासन ने माफियाओं के 5 अवैध निर्माणों पर चलाया बुलडोजर ➡️ बंडा अवैध शराब मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ➡️ माफियाओं की अनाधिकृत अवैध संपत्तियों, शासकीय अतिक्रमण को किया जा रहा जमींदोज ➡️ आरोपी मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू के अवैध मकानों और गोदामों पर कार्रवाई1
- भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच1
- *प्रेस नोट* *जनपद सोनभद्र* *दिनांक : 08.09.2026* *🔸🔹थाना चोपन पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त के विरुद्ध धारा 82/83 BNSS की कार्यवाही-* *🔸🔹अभियुक्त के घर पर नोटिस चस्पा कर मुनादी के माध्यम से की गई उद्घोषणा-* आज दिनांक *08.09.2026* को थाना चोपन पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय *अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज जूनियर डिवीजन एफ0टी0सी0, सोनभद्र* द्वारा मुकदमा संख्या *372/19*, धारा *138 एन0आई0 एक्ट*, थाना चोपन से संबंधित अभियुक्त *संत कुमार तिवारी पुत्र राम गोविंद तिवारी निवासी कुरहुल, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र* के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी आदेश पत्र एवं धारा *82 व 83 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023* के अनुपालन में नियमानुसार कार्रवाई की गई। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के ग्राम कुरहुल स्थित घर पर दबिश दी गई, जहां अभियुक्त मौके पर मौजूद नहीं मिला तथा उसके मकान पर ताला बंद पाया गया। पुलिस टीम द्वारा मौके पर उपस्थित दो गवाहों की मौजूदगी में अभियुक्त के मकान के मुख्य दरवाजे पर *दर्शनीय एवं पठनीय नोटिस चस्पा* किया गया। इसके साथ ही नियमानुसार *मुनादी कराते हुए उद्घोषणा* की गई तथा अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के संबंध में सार्वजनिक रूप से अवगत कराया गया। *प्रेस नोट* *जनपद सोनभद्र* *दिनांक : 08.09.2026* *🔸🔹थाना चोपन पुलिस द्वारा वांछित अभियुक्त के विरुद्ध धारा 82/83 BNSS की कार्यवाही-* *🔸🔹अभियुक्त के घर पर नोटिस चस्पा कर मुनादी के माध्यम से की गई उद्घोषणा-* आज दिनांक *08.09.2026* को थाना चोपन पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय *अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज जूनियर डिवीजन एफ0टी0सी0, सोनभद्र* द्वारा मुकदमा संख्या *372/19*, धारा *138 एन0आई0 एक्ट*, थाना चोपन से संबंधित अभियुक्त *संत कुमार तिवारी पुत्र राम गोविंद तिवारी निवासी कुरहुल, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र* के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी आदेश पत्र एवं धारा *82 व 83 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023* के अनुपालन में नियमानुसार कार्रवाई की गई। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के ग्राम कुरहुल स्थित घर पर दबिश दी गई, जहां अभियुक्त मौके पर मौजूद नहीं मिला तथा उसके मकान पर ताला बंद पाया गया। पुलिस टीम द्वारा मौके पर उपस्थित दो गवाहों की मौजूदगी में अभियुक्त के मकान के मुख्य दरवाजे पर *दर्शनीय एवं पठनीय नोटिस चस्पा* किया गया। इसके साथ ही नियमानुसार *मुनादी कराते हुए उद्घोषणा* की गई तथा अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के संबंध में सार्वजनिक रूप से अवगत कराया गया।1
- पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। शास्त्रों, सामाजिक परंपराओं और नेपाल एवं भारत की प्रथाओं के आधार पर इस विषय की सरल और सादी जानकारी नीचे दी गई है। १. शास्त्रों में मृत्यु भोज और ब्राह्मण भोजन का नियम हिंदू शास्त्रों जैसे गरुड़ पुराण और मनुस्मृति में मृत्यु के बाद होने वाले संस्कारों के बारे में बताया गया है। देहांत के बाद दसवें से तेरहवें दिन तक श्राद्ध और पिंड दान की प्रक्रिया होती है। इस दौरान आत्मा की शांति के लिए केवल एक या कुछ सात्विक ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने का विधान है। पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। २. नेपाल की परंपरा और शवयात्रा में जाने वालों को भोजन नेपाल में मृत्यु संस्कारों की व्यवस्था थोड़ी अलग और व्यावहारिक है। नेपाल में जो लोग दाह संस्कार या शमशान घाट में जाते हैं, उन्हें मलमी कहा जाता है। दाह संस्कार के बाद या तेरहवें दिन शुद्धि के बाद इन सहयोगियों को भोजन कराने का रिवाज है। इसके पीछे की सोच यह है कि जो लोग दुख की घड़ी में साथ खड़े रहे और कंधा दिया, उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाए। नेपाल में भी तेरहवें दिन पूजा संपन्न कराने वाले कुल पुरोहित या ब्राह्मण को भोजन और दान दिया जाता है। लेकिन भारत के कुछ हिस्सों की तरह सैकड़ों लोगों को बड़े स्तर पर मृत्यु भोज देने का चलन वहाँ नहीं है। ३. यह अंतर क्यों है धर्मशास्त्रों में स्थानीय परंपराओं और देशकाल का सम्मान किया गया है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेरहवीं ने एक बड़े सामाजिक भोज का रूप ले लिया, जिसे अब कई लोग एक सामाजिक बोझ भी मानते हैं। इसके विपरीत नेपाल में शास्त्रों के मूल रूप को बनाए रखा गया, जहाँ केवल पुरोहित द्वारा श्राद्ध कराया जाता है और दुख में साथ देने वाले नजदीकी लोगों को सादगी से भोजन कराया जाता है। निष्कर्ष शास्त्रों में मृत्यु के बाद केवल पूजा कराने वाले ब्राह्मणों को श्राद्ध के हिस्से के रूप में भोजन कराने की बात कही गई है, न कि पूरे समाज को खाना खिलाने की। नेपाल में शवयात्रा में जाने वाले लोगों को भोजन कराना एक सामाजिक आभार और व्यावहारिक परंपरा है, जो परिवार को बेवजह के दिखावे और बड़े खर्च से बचाती है।1
- नौगढ़ चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली,मारने से , पांच बकरियों की मौत नौगढ़ /चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली गिरने से पांच बकरियों की मौत हो गई चरवाहा अपने बकरियों को चराने के लिए गांव के,जंगल में ले गया था,गुरुवार को लगभग 2:00 के समय आकाशी बिजली की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई मुनताज अली ने अपने सारे बकरियों को जंगल में चराने गए थे उसी वक्त बकरियों के ऊपर और अकाली, बिजली गिर गई चरवाहे ने,अपने बकरियों को तड़पते देखता रहा । पांच बकरियो ने,दम तोड़ दिया इसकी सूचना अपने क्षेत्रीय नेकपाल सद्दाम खान को तत्काल रूप से दिया गया पीड़ित परिवार । ने सरकार से मुआवजा की मांग की है2
- विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) का बकाया था, जिसे लेकर वह मार्च 2016 में देश छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। कुल बकाया कर्ज: किंगफिशर एयरलाइंस पर कुल मूलधन और ब्याज मिलाकर लगभग 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था। वसूली (Recovery): प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बैंकों के अनुसार, माल्या की संपत्ति को बेचकर अब तक 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी की जा चुकी है, जिसके आंकड़े Dainik Bhaskar और अन्य रिपोर्ट्स में भी बताए गए हैं। माल्या का पक्ष: विजय माल्या का दावा है कि उन्होंने बैंकों का मूलधन चुकाने की पेशकश की थी और उनकी संपत्तियों से बैंकों द्वारा पर्याप्त से अधिक पैसा वसूला जा चुका है। विजय माल्या के बैंक लोन और रिकवरी से जुड़े मामलों को समझने के लिए इस वीडियो को देखें:1
- रंका चुतरु मेन रोड से कन्हर नदी तक जर्जर सड़क, ग्रामीणों को आवागमन में हो रही है परेशानी रंका प्रखंड के अंतर्गत चुतरु पंचायत के मेन रोड से कन्हर नदी तक जाने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ हो गया है, जिससे पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया और अन्य वाहनों के आवागमन में भी कठिनाई हो रही है। इस संबंध में गुरुवार शाम करीब चार बजे चुतरु पंचायत के उपमुखिया जियाउद्दीन ने बताया कि यह सड़क काफी दिनों से खराब पड़ी हुई है। बारिश होने के बाद सड़क की स्थिति और बदतर हो जाती है। जगह-जगह गड्ढे और जलजमाव के कारण ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर फिसलन बढ़ जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को होती है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। बारिश के दौरान कन्हर नदी की ओर जाने वाले ग्रामीणों को कीचड़ और जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण या पक्कीकरण होने से पंचायत के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क का पक्कीकरण नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।1
- ग्राम बाजना थाना अंतर्गत खेत विवाद को लेकर मारपीट, पांच लोगों पर मामला दर्ज1