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*शुरू पब्लिक ऐप पर खूब सराहा गया "हैलो चित्तौड़गढ़" चैनल का AI वीडियो! *शुरू पब्लिक ऐप पर खूब सराहा गया "हैलो चित्तौड़गढ़" चैनल का AI वीडियो! गोविंद सोनी एस्ट्रोलॉजर, चित्तौड़गढ़ पर बनाया गया AI वीडियो दर्शकों को बेहद पसंद आ रहा है। यदि आप भी अपने व्यवसाय, संस्था, कार्यक्रम या व्यक्तिगत प्रचार के लिए इसी प्रकार का प्रोफेशनल AI वीडियो बनवाना चाहते हैं, तो अभी संपर्क करें। 📞 8949043266
Hello Chittorgarh News
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- गायत्री शक्तिपीठ सेती में गुरु पूर्णिमा पर वैदिक यज्ञ, सत्संग व पौधरोपण, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ गुरु पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा एवं आषाढ़ी पूर्णिमा पर गायत्री शक्तिपीठ सेती चित्तौड़गढ़ में भव्य आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ-हवन, गुरु पूजन, सत्संग, महाप्रसाद एवं पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से लिया भाग4
- धोखा मिला है… लेकिन जिंदगी खत्म करने का कारण नहीं! आज समाज में एक खतरनाक ट्रेंड बढ़ रहा है —रिश्तों में धोखा, मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद के कारणकई पुरुष आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। ❓ लेकिन सवाल ये है — क्या यही समाधान है?या फिर अपने ही परिवार को आजीवन दर्द देने वाली एक और त्रासदी? 💔 सच्चाई कड़वी है, लेकिन जरूरी है समझना:किसी के गलत व्यवहार की सजा खुद को देना न्याय नहीं है।अगर पत्नी या उसके परिवार द्वारा मानसिक, आर्थिक या कानूनी दबाव बनाया जा रहा है —तो कानून और न्याय व्यवस्था आपके लिए भी है।1
- ग्रामीण सेवा शिविर, तहसीलदार अधिकारी महोदय के स्वागत एवं अभिनंदन1
- भोपाल सागर क्षेत्र में गैस वितरण पर उपभोक्ताओं की शिकायत, सिलेंडर के साथ गैस नली लेने का कथित दबाव संवाददाता: मुकेश बैरवा, भोपाल सागर भोपाल सागर। भोपाल सागर क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि आकोला स्थित इंडियन गैस एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडर वितरण के दौरान उपभोक्ताओं पर गैस सिलेंडर के साथ नई गैस नली (LPG Hose) खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, गैस सिलेंडर का मूल्य ₹981 होने के बावजूद उपभोक्ताओं से लगभग ₹150 अतिरिक्त गैस नली के नाम पर वसूले जा रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि नली खरीदने से मना करने पर उन्हें गैस सिलेंडर देने में आनाकानी की जाती है। बताया जा रहा है कि कई उपभोक्ताओं के घरों में पहले से सुरक्षित एवं उपयोग चित्तौड़गढ़ एक्सप्रेस न्यूज़ रिपोर्ट भोपाल सागर क्षेत्र में गैस वितरण पर उपभोक्ताओं की शिकायत, सिलेंडर के साथ गैस नली लेने का कथित दबाव संवाददाता: मुकेश बैरवा, भोपाल सागर भोपाल सागर। भोपाल सागर क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि आकोला स्थित इंडियन गैस एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडर वितरण के दौरान उपभोक्ताओं पर गैस सिलेंडर के साथ नई गैस नली (LPG Hose) खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, गैस सिलेंडर का मूल्य ₹981 होने के बावजूद उपभोक्ताओं से लगभग ₹150 अतिरिक्त गैस नली के नाम पर वसूले जा रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि नली खरीदने से मना करने पर उन्हें गैस सिलेंडर देने में आनाकानी की जाती है। बताया जा रहा है कि कई उपभोक्ताओं के घरों में पहले से सुरक्षित एवं उपयोग योग्य गैस नली लगी हुई है, इसके बावजूद नई नली खरीदने के लिए कहा जा रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं में असंतोष और परेशानी का माहौल है। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि एलपीजी सुरक्षा मानकों के अनुसार यदि गैस नली पुरानी, क्षतिग्रस्त, निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, तो सुरक्षा की दृष्टि से नई नली लगाने की सलाह या आवश्यकता हो सकती है। लेकिन यदि उपभोक्ता की नली सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप है, तो बिना स्पष्ट नियम के जबरन अतिरिक्त सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करना उचित नहीं माना जाता। क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं एलपीजी वितरण से संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही गैस वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित कर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जाए। नोट: यह समाचार स्थानीय उपभोक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और प्राप्त जानकारी पर आधारित है। संबंधित गैस एजेंसी या अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। चित्तौड़गढ़ एक्सप्रेस न्यूज़ रिपोर्ट संवाददाता – मुकेश बैरवा, भोपाल सागर3
- मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।1
- 🚩 हर बार की तरह आज गुरु पूर्णिमा पर भी सबसे पहले करें श्री सांवलिया सेठ के LIVE दर्शन | घर बैठे जुड़ें Hello Chittorgarh चैनल पर 🙏 🚩 हर बार की तरह आज गुरु पूर्णिमा पर भी सबसे पहले करें श्री सांवलिया सेठ के LIVE दर्शन | घर बैठे जुड़ें Hello Chittorgarh चैनल पर 🙏1
- संगेसरा गांव चामुंडा माताजी के मंदिर पर शिखर निर्माण का कार्य चल रहा है और राऋीकरण दर्शन करने के लिए आते हैं1