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mere Ghar ki Gali ki nali ki samasya mere Ghar ki Gali ke bahar ki nali Jahan se ghar ki taraf ya Gali ke andar Jana hota hai vahan per nali ko fodkar ya kariban 1 sal se aisi pareshani ho rahi hai Ham isko Sahi karte hain wapas aaspaas ke log ise kharab kar dete hain aur dusri nali ka crossing band hai isase gujarna kafi mushkil ho raha hai koi Bahar ka vyakti aane vyakti kafi pareshan hota hai kichad mein ho jata hai uska Koi nahin kar raha hai aur Na Koi Panchayat se ya gramin Vikas vibhag Se bhi Koi aage isko nahin dekh raha hai kabhi bhi gaon mein Koi Kisi chij Ko Sahi karne nahin aata Hai
Theekriya gaav bamniya rasta
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- आरोप फसल बर्बाद, इंसाफ अधूरा! भील समाज का रामपुरा थाने पर प्रदर्शन, पुलिस पर पक्षपात के आरोप रामपुरा/नीमच:28जुलाई, जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बख्तपुरा में दबंगों की तानाशाही और प्रशासन की कथित अनदेखी से आहत आदिवासी भील समाज के लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। अपने खेतों में खड़ी मेहनत की फसल को दबंगों द्वारा मवेशी छोड़कर नष्ट कराए जाने से आक्रोशित समाजजनों ने बड़ी संख्या में लामबंद होकर रामपुरा स्थानीय पुलिस थाने का घेराव किया। आरोप है कि, घटना की शिकायत लेकर जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस का रवैया टालमटोल वाला रहा। दबंगों के दबाव में आकर पुलिस दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है और सख्त धाराओं में मामला दर्ज नहीं कर रही है। समय रहते अगर पुलिस सख्त कदम उठाती, तो किसानों को इतने बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। पीड़ितो का कहना है कि, हम रात-दिन पसीना बहाकर फसल उगाते हैं और दबंग उसे एक पल में रौंद देते हैं। जब हम न्याय मांगने पुलिस के पास आते हैं, तो हमें ही टहलाया जाता है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"4
- नीमच पि डि सी करते समय लाइव एक्सीडेंट क्या जनता की जान इतनी सस्ती है अधिकारियों के लापरवाही1
- भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा के प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' करने की मांग भीलवाड़ा तेली (साहु) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर के ईरास सर्किल अथवा किसी अन्य प्रमुख चौराहे का नाम 'संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज सर्कल' रखने तथा वहां संत राजूराम जी महाराज का स्मारक निर्माण कराने की अनुमति देने की मांग की। समाज के अध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि संत शिरोमणि श्री राजूराम जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1663 में जोधपुर जिले के गाणा मंगरा (बिलाड़ा) गांव में हुआ था। वे लोकदेवता बाबा रामदेव जी के परम भक्त थे और उन्होंने समाज में भक्ति, सद्भावना, मानवता तथा भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उन्होंने विक्रम संवत 1777 में पाली जिले के बगड़ी नगर स्थित रामदेव मंदिर में जीवित समाधि ली। वर्तमान में राजस्थान सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायी हैं। समाज के सचिव पप्पू लाल तेली ने बताया कि भीलवाड़ा में भी संत राजूराम जी महाराज के प्रति समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराने तथा जनभावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से शहर के किसी प्रमुख चौराहे, विशेष रूप से ईरास सर्किल, का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। साथ ही वहां उनकी प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास न्यास के सचिव एवं नगर निगम आयुक्त को भी भेजकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष नानूराम तेली, सचिव पप्पू लाल तेली, राजू आसरवा, नन्दलाल तेली आम्बा, दुर्गेश तेली, पूर्व पार्षद गोपाल तेली, कालू सोनावा, गोपाल तेली सांगवा, राजू तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, गोपाल अग्रवाल, शंकर तेली, किशन तेली, शिव तेली, दिनेश तेली दादीया, प्यारेलाल तेली, श्यामलाल तेली, विष्णु कुमार तेली सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- 🚩 हर बार की तरह आज गुरु पूर्णिमा पर भी सबसे पहले करें श्री सांवलिया सेठ के LIVE दर्शन | घर बैठे जुड़ें Hello Chittorgarh चैनल पर 🙏 🚩 हर बार की तरह आज गुरु पूर्णिमा पर भी सबसे पहले करें श्री सांवलिया सेठ के LIVE दर्शन | घर बैठे जुड़ें Hello Chittorgarh चैनल पर 🙏1
- बीपीएससी शिक्षक बहाली पेपर लीक में शामिल डॉक्टर गिरफ्तार ईओयू ने दबोचा... संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का है दोस्त सरकारी डॉक्टर की नौकरी छोड़ नीट पीजी की तैयारी कर रहा था डॉ. मनीष पटना | बीपीएससी शिक्षक बहाली प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को बड़ी कामयाबी मिली है। ईओयू ने इस साजिश में शामिल फरार आरोपी डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष पेशेवर डॉक्टर है। वह मूल रूप से जहानाबाद के नेहालपुर का निवासी है और एनएमसीएच के 2021 बैच का पासआउट है। कुछ समय पहले तक वह कैमूर में सरकारी डॉक्टर के पद पर तैनात था, लेकिन नौकरी छोड़कर वह नीट पीजी की तैयारी कर रहा था। ईओयू की टीम ने वैज्ञानिक तरीके से डॉ. मनीष की घेराबंदी की। जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना डॉ. शिव है, जो मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का बेटा है। डॉ. शिव और मनीष पुराने दोस्त हैं। ईओयू ने जब पीएमसीएच और एनएमसीएच के 2015 व 2021 बैच के छात्रों का डेटा खंगाला, तो मनीष का मोबाइल नंबर मिला। उसकी लोकेशन डॉ. शिव के फ्लैट और हजारीबाग के कोहिनूर होटल में पाई गई। इसके बाद कोहिनूर होटल के सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान पुख्ता हुई। पूछताछ में पहले उसने अधिकारियों को बरगलाया, लेकिन साक्ष्य सामने आते ही वह टूट गया। इस मामले में अब तक कुल 296 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईओयू के अनुसार, अभी भी 15 मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी पहचान और सत्यापन कर लिया गया है। डॉ. मनीष के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है और उसकी अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 30 अभ्यर्थियों से वसूले 1 करोड़ 20 लाख जांच में खुलासा हुआ है कि 15 मार्च 2024 को हुई परीक्षा से पहले डॉ. मनीष ने बड़ी डील की थी। वह पटना से एक ट्रैवलर बस में 30 अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग के कोहिनूर होटल गया था। इन अभ्यर्थियों से कुल 1.20 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी। इसमें डॉ. मनीष का हिस्सा प्रति अभ्यर्थी 50 हजार रुपए तय था। इस तरह उसे कुल 15 लाख रुपए कमीशन के तौर पर मिले थे। 14 मार्च को विशाल चौरसिया की गिरफ्तारी के बाद जब कोहिनूर होटल में छापेमारी हुई, तब 150 से अधिक अभ्यर्थी पकड़े गए थे, लेकिन मनीष वहां से बच निकला था। डॉ. शिव, डॉ. शुभम और डॉ. मनीष पेपर लीक के पुराने खिलाड़ी है। डॉ. शिव और डॉ. शुभम 2017 में नीट पेपर लीक मामले में भी जेल जा चुके हैं, जबकि डॉ. शुभम यूपी सिपाही भर्ती लीक में भी शामिल रहा है। इनकी विशेषता है कि ये प्रश्नपत्रों के सीलबंद बक्से बिना नुकसान पहुंचाए खोलने में माहिर हैं। टीआरई-3 के दौरान इन्होंने नगरनौसा के एक लाइन होटल पर पिकअप वैन को रुकवाया और अत्याधुनिक औजारों से बक्से को खोलकर पेपर पार कर लिया।1
- वर्दी की गरिमा को तार तार कर समाज के रक्षक जब बनने लगे आज भक्षक,1