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वर्दी की गरिमा को तार तार कर समाज के रक्षक जब बनने लगे आज भक्षक,
प्रतापhttps://www.facebook.com
वर्दी की गरिमा को तार तार कर समाज के रक्षक जब बनने लगे आज भक्षक,
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- सरकारी कर्मचारी नहीं, कृष्ण भक्ति में डूबे विनोद कुमार गन्ना, देखें अद्भुत भक्ति का रंग चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक कर्मचारी विनोद कुमार गन्ना की अनोखी पहचान—कार्यालय में कर्मयोगी, तो भजन संध्या में मीरा जैसी कृष्ण भक्ति में लीन होकर झूमते आए नजर1
- धोखा मिला है… लेकिन जिंदगी खत्म करने का कारण नहीं! आज समाज में एक खतरनाक ट्रेंड बढ़ रहा है —रिश्तों में धोखा, मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद के कारणकई पुरुष आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। ❓ लेकिन सवाल ये है — क्या यही समाधान है?या फिर अपने ही परिवार को आजीवन दर्द देने वाली एक और त्रासदी? 💔 सच्चाई कड़वी है, लेकिन जरूरी है समझना:किसी के गलत व्यवहार की सजा खुद को देना न्याय नहीं है।अगर पत्नी या उसके परिवार द्वारा मानसिक, आर्थिक या कानूनी दबाव बनाया जा रहा है —तो कानून और न्याय व्यवस्था आपके लिए भी है।1
- मानसिक रूप से विकृत वक्ति के परिजनों ने पेंशन शुरू करवाने के नाम पर रजिस्ट्री करवादी। भूपालसागर। उपखण्ड क्षेत्र के राणावतों की सादडी मे स्थित खेड़ी निवासी गोपी पत्नी माणा भील ने भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम एवं पुलिस थाना भूपालसागर मे अपने पुत्र केला पुत्र माना भील सहित पहुँच रिपोर्ट पेश की जिसमे बताया की इनकी खेती की जमीन गांव मे पटवार हल्का पटोलिया तहसील भूपालसागर मे खसरा संख्या 1292/265 है जिसे अपने ही समाज और रिस्तेदार लोगों ने पेंशन शुरू करवाने का बहाना बना कर तहसील कार्यालय मे जमीन का रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, इसके पश्चात् जब जमीन की नामांतरण प्रक्रिया की गई तब मेरे रिस्तेदार ने बताया की जमीन का नामांतरण कराया जा रहा है जमीन बेच दी क्या तब जाकर मुझे पता चला की मेरे से पुत्र केला मंदबुद्धि होकर मानसिक रूप से कमजोर होने से लोगो ने उसका गलत रूप से फ़ायदा उठा लिया है, इसको बहला-फुसलाकर कुछ लोगो ने इसकी जमीन को बेच दी हैं। जमीन खरीदने वाला सुरेश पुत्र मांगीलाल निवासी फतेहनगर,साथ में महेन्द्र पुत्र वासुदेव निवासी राणावतों की सादड़ी,रामलाल भील कल्कि मंगरी, महेन्द्र भील ओगड़ा का खेड़ा,शंकर भील सभी ने मिलकर प्राप्त रुपयों का आपस मे बाँटवारा कर लिया । पुत्र के जीने का सहारा जमीन का टुकड़ा ही हड़प लिया। बुजुर्ग महिला द्वारा न्याय की गुहार लगायी जा रही है।2
- मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।1
- गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत रेलमगरा। उपखंड क्षेत्र के गोगाथला गांव में पैंथर की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। शनिवार देर रात गोगाथला के मेन रोड स्थित भील बस्ती स्कूल के सामने बागरिया परिवार के घर के बाहर से पैंथर एक कुत्ते का शिकार कर ले गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिससे बच्चों, महिलाओं एवं मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने रात्रि के समय घरों से बाहर निकलने में भी सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासक छोगालाल सालवी को अवगत कराया गया। उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी को सूचना देकर प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र पिंजरा लगाने तथा पैंथर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या अन्य गंभीर घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाकर पैंथर को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।4
- पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ1
- चपरासी कॉलोनी में बात करने का बहाना कर युवक को उसके घर बुलाया, दरवाजा खोलते ही रिश्तेदारों ने चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित चपरासी कॉलोनी में मंगलवार को पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर उसके ही घर में घुसकर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर गांधीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। घायल अभिषेक सेन पुत्र श्यामलाल सेन उम्र 26 वर्ष निवासी चपरासी कॉलोनी ने शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल में बताया कि उसकी घीसूलाल सेन निवासी लांबिया से करीब तीन वर्ष से रंजिश चल रही थी, हालांकि दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता हो चुका था। अभिषेक का कहना है कि मंगलवार को घीसूलाल ने फोन कर कहा कि बैठकर बात करनी है और उसे उसके घर आने के लिए कहा। वह काम से आधे दिन की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचा। कुछ देर बाद घीसूलाल सेन निवासी लांबिया, करण सेन , मुकेश तेली, लीला देवी और घीसू लाल की पत्नी उसके घर पहुंचे और जैसे ही उसने अपने घर का दरवाजा खोला करण ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और आंख में उंगली डालकर घायल कर दिया। इसके बाद घीसूलाल ने उसके पैर पर चाकू से वार किया, जबकि अन्य लोगों ने भी मेरे साथ मारपीट करी। घटना की सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और घायल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस घायल के बयान के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है1