Shuru
Apke Nagar Ki App…
नागौर के पादूकलां में आयोजित रात चौपाल में महिलाएँ कीचड़ और जलभराव जैसी समस्याएँ लेकर पहुँचीं, पर घंटों इंतज़ार के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। मायूस होकर लौटीं महिलाओं ने बताया कि विद्युत विभाग भी शिकायतें नहीं सुनता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौपाल में समस्याओं के समाधान के बजाय योजनाओं के प्रचार पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया।
प्रदीप कुमार डागा
नागौर के पादूकलां में आयोजित रात चौपाल में महिलाएँ कीचड़ और जलभराव जैसी समस्याएँ लेकर पहुँचीं, पर घंटों इंतज़ार के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। मायूस होकर लौटीं महिलाओं ने बताया कि विद्युत विभाग भी शिकायतें नहीं सुनता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौपाल में समस्याओं के समाधान के बजाय योजनाओं के प्रचार पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- रेलवे ट्रैक पर आवारा पशुओं का डेरा, टला बड़ा हादसायात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे; सोमवार सुबह पटरियों पर घूमते नजर आए सांड मकराना ,,मकराना रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के रेलवे ट्रैक इन दिनों आवारा पशुओं का ठिकाना बन गए हैं। सोमवार सुबह स्टेशन परिसर और मुख्य पटरियों पर आवारा सांडों के जमावड़े के कारण अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि उस समय कोई तेज रफ्तार ट्रेन वहां से नहीं गुजरी, अन्यथा एक बड़ा रेल हादसा घटित हो सकता था। सोमवार सुबह जब यात्री प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तब अचानक एक सांड पटरियों पर आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आवारा पशु अक्सर स्टेशन के मुख्य द्वार और पटरियों के बीच विचरण करते रहते हैं। इससे न केवल यात्रियों को प्लेटफार्म पर चलने-फिरने में दिक्कत होती है, बल्कि पशुओं के अचानक ट्रेन के सामने आ जाने से रेल यातायात बाधित होने का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद पशुओं का अंदर प्रवेश करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। रेलवे ट्रैक के किनारे बाउंड्री वॉल का अभाव या टूटी हुई दीवारों के कारण ये पशु आसानी से पटरियों तक पहुँच जाते हैं। स्टेशन पर रेल यात्रियों ने अपनी सूझ बुझ से आवारा सांड को रेलवे ट्रेक से दूर भगाया तक जाकर दूसरे यात्रियों ने राहत कि सांस ली। रेलवे पटरियों पर सांडों का घूमना यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है। अगर कोई एक्सप्रेस ट्रेन हाई स्पीड में आए और पशु सामने आ जाए, तो ट्रेन बेपटरी हो सकती है। प्रशासन को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। नियमित रेल यात्री2
- आज से तीन दिवसीय संगीत मय नानी बाई के मायरे का होगा वाचन मूंडवा शहर में नानी बाई के मायरे का वाचन आरंभ हुआ, कार्यक्रम के दौरान नगर सेठ श्री चारभुजा नाथ के मंदिर से कथा वाचिका मोनिका पारीक को गाजे बाजे के साथ विधि विधान से पूजन कर रथ में सवार कर कलश यात्रा के साथ कथा स्थल तक ले जाया गया, कथा यजमान परिवार की ओर से प्रेम प्रकाश मिश्र ने यहां चार भुजा मंदिर में पूजन किया, साथ ही तीन दिवसीय संगीत में नानी बाई के मायरे का वाचन प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से आरंभ होकर शाम तक चलेगा, इस कार्यक्रम में सजीव झांकिया का भी मंचन किया जाएगा। कलश यात्रा चार भुजा मंदिर से रवाना हो कर मुख्य बाजार, पनघट रोड होते हुए निकली तो जगह जगह शहर वासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया, कलश यात्रा में महिलाओं ने नव परिधान धारण कर शर पर मंगल कलश धारण किया व मांगलिक भजनों का गायन करती हुई चली2
- डेह गांव मे ग्रामीण बैक ओर sbi bank का स्टाफ सही नहीं है बेचारे किसान लोग सुबह आते ओर शाम तक लाइन मे खड़े रहते हैं बहुत परसान हो रहै है इस वीडियो का यहे उद्देश्य है की सरकार थोड़ा बैक पर नजर पिसार ले तो किसान लोग इतनी तकलीफ नही झेलत है आपकी क्या राह हे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं दोसतो इस गर्मी में यह हालत है1
- शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल लिग्नाइट माइंस पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी 5-6 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनके इस लगातार प्रदर्शन से राजस्थान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बढ़ रहा है।1
- नागौर पुलिस ने बिना नंबर प्लेट और काले शीशे वाले 6 वाहनों को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 75 अन्य वाहनों के चालान भी काटे गए। पुलिस का यह अभियान जिले में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है।1
- बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी रियान बड़ी क्षेत्र की लूणी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मुद्दा अब भय और दबाव की राजनीति तक पहुंच गया है। अवैध बजरी परिवहन से परेशान होकर पुलिस को शिकायत करना एक छोटे दुकानदार को इतना भारी पड़ गया कि अब उसे खुलेआम जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेड़ता सिटी मार्ग पर स्थित चावड़िया गांव का है, जहां किराना व्यापारी रामप्रकाश ने कुछ दिन पहले नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी। रामप्रकाश का आरोप है कि उसके घर और दुकान के सामने से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी भरकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें टूट चुकी हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुश्किल हो गया है। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद दिलीप चौधरी जिटिया निवासी और रामकिशोर बराड़ दासावास निवासी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से धमकी देते हुए कहा, “पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।” धमकी के बाद भयभीत दुकानदार ने पादूकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी सुरक्षा की मांग की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतकर्ताओं की जानकारी आरोपियों तक पहुंची कैसे? जबकि पुलिस प्रशासन लगातार यह दावा करता है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की गोपनीय व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यदि किसी ने धमकी दी है तो मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने वालों को ही धमकियां मिलने लगें तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस तक सूचना पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” का नारा अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- पानी की समस्या से परेशान ओसियां विधानसभा के लोग….. ख़ाली मटके लेकर महिलाएँ उतरी सड़क पर (मथानिया) पानी की समस्या से परेशान ओसियां विधानसभा के लोग….. ख़ाली मटके लेकर महिलाएँ उतरी सड़क पर (मथानिया)1
- राजस्थान के मकराना में भीषण गर्मी और 45 डिग्री से ऊपर तापमान के बीच युवाओं ने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंडा पानी पिलाकर बड़ी राहत दी। 'छोटे भाई-बड़े भाई' समूह की यह निस्वार्थ सेवा ट्रेन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा खूब सराही गई। यह पहल समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश भी दे रही है।3