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हमीरपुर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ प्रतापगढ़ से आई एक पत्नी ने अपने पति को एक महिला सिपाही के साथ कमरे में रंगे हाथ पकड़ लिया। पति भी सिपाही है और उसे महिला सिपाही के साथ देखते ही पत्नी ने परिजनों के साथ मिलकर हंगामा कर दिया। इस दौरान पत्नी ने अपने सिपाही पति को जमकर थप्पड़ बरसाए। मामला हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। हंगामे की सूचना पर पहुँची पुलिस ने बीच-बचाव कर तीनों को कोतवाली ले गई। हालांकि, पत्नी द्वारा कोई तहरीर न मिलने के कारण दोनों सिपाहियों को बाद में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिपाही पति और महिला सिपाही के बीच प्रतापगढ़ में पोस्टिंग के दौरान से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था।
राजेन्द्र सिंह धुआँधार
हमीरपुर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ प्रतापगढ़ से आई एक पत्नी ने अपने पति को एक महिला सिपाही के साथ कमरे में रंगे हाथ पकड़ लिया। पति भी सिपाही है और उसे महिला सिपाही के साथ देखते ही पत्नी ने परिजनों के साथ मिलकर हंगामा कर दिया। इस दौरान पत्नी ने अपने सिपाही पति को जमकर थप्पड़ बरसाए। मामला हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। हंगामे की सूचना पर पहुँची पुलिस ने बीच-बचाव कर तीनों को कोतवाली ले गई। हालांकि, पत्नी द्वारा कोई तहरीर न मिलने के कारण दोनों सिपाहियों को बाद में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिपाही पति और महिला सिपाही के बीच प्रतापगढ़ में पोस्टिंग के दौरान से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था।
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- सोशल मीडिया पर हरदोई जनपद को लेकर वायरल हो रही एक खबर, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ 32 लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का दावा किया गया था, उसे पुलिस ने पूरी तरह असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। हरदोई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है और यह पूरी तरह फर्जी सूचना जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही है। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने थाना बिलग्राम में मुकदमा संख्या 302/26, धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फर्जी खबर फैलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री सुबोध गौतम ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- हरदोई में बदहाल सड़कों और जलभराव की गंभीर समस्या के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता ने नघेटा रोड पर एक अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर धान की रोपाई की और कीचड़ के बीच भाजपा के झंडे लगाकर नगर की लचर व्यवस्था के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। रामज्ञान गुप्ता का आरोप है कि मामूली बारिश के बाद ही शहर तालाब में बदल जाता है, जिससे सड़कों पर चलना दूभर हो गया है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नघेटा रोड के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, आरआर इंटर कॉलेज, बाल विद्या भवन, लखनऊ मार्ग, बिलग्राम चुंगी मार्ग, मंगली पुरवा, गंगा देवी कॉलेज रोड और बिलग्राम रोड को जलभराव से बुरी तरह प्रभावित बताया। उनका कहना है कि जल निकासी के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं हुआ, जिसका परिणाम जनता को हर साल भुगतना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलनिकासी और सड़क मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सुधीर गुप्ता 'मिन्ना', अवनीश यादव, धर्मेंद्र यादव 'दीपू', चंद्रप्रकाश गुप्ता, रामदत्त गुप्ता, शुभम गुप्ता, श्याम गुप्ता, दुर्गेश, रिंकू गुप्ता, हरिश्चंद्र, रमेश यादव और विनय सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- फर्रुखाबाद के शुक्ररुल्लापुर में दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर बना एक रेलवे ओवरब्रिज अपने निर्माण के मात्र दो साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया है। यह ओवरब्रिज पहली बारिश का सामना भी नहीं कर पाया, जिससे इसका एक जॉइंट धंस गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। करीब दो वर्ष पूर्व ₹27.49 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा निर्मित इस आरओबी में शुरुआत से ही खामियां बताई जा रही थीं, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में इसकी लगभग तीन से चार बार मरम्मत हो चुकी है। इसकी गुणवत्ता को इतना खराब माना गया कि पीडब्ल्यूडी ने भी इसका हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया था। वर्षा के दौरान ट्रैक के ऊपर बना ओवरब्रिज करीब चार इंच नीचे धंस गया है, और जॉइंट गैप में डाला जाने वाला एंगल भी क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। इस घटना के बाद, क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के कारण संबंधित मार्ग पर यातायात का डायवर्जन कर दिया गया है।4
- फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।1
- शाहाबाद, हरदोई में महिला लेखपाल प्रकरण को लेकर उपजिलाधिकारी शाहाबाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उनके स्थानांतरण की मांग पर अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में ज़ोरदार नारेबाजी कर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें शाहाबाद से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाया, कहा कि महिला लेखपाल द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज हुआ है और न ही कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जिससे न्याय व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और जिले की सभी तहसीलों को जाम कर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की जाएगी तथा बार एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगा। यह विरोध तब शुरू हुआ जब महिला लेखपाल ने एसडीएम शाहाबाद के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी थी। पहले दिन अधिवक्ताओं ने तहसील से कोतवाली तक प्रदर्शन कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, जबकि दूसरे दिन बार एसोसिएशन ने एसडीएम न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लेते हुए चैंबर का घेराव किया था। वहीं, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का पहले ही खंडन कर दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित लेखपाल को केवल शासकीय कार्य और खतौनी फीडिंग के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, और लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी द्वारा मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की गई है, जो गंभीरता से जाँच कर रही है, लेकिन जाँच के निष्कर्षों के बारे में अभी तक कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने या स्थानांतरण के संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया था। एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को अपनी बाइट में बताया कि उनके कार्यालय में आर. के. शाहाबाद ने शिकायत की थी कि आलमनगर पछोहा की खतौनी की फीडिंग नहीं हो पा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को बुलाया। उन्होंने बताया कि यह नई महिला लेखपाल हैं, जिनका बिलग्राम से यहाँ स्थानांतरण हुआ है। जब उनसे खतौनी फीडिंग न होने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह ऊपर कार्यालय में बैठती हैं, जबकि उन्हें भूलेख कार्यालय में अटैच किया गया था। लेखपाल ने अपनी आँखों में समस्या होने की बात कही, जिस पर एसडीएम ने उनसे डॉक्टर की रिपोर्ट मांगी, ताकि उन्हें क्षेत्र दिया जा सके। इसके बाद लेखपाल ने अपने पिताजी को फोन किया, और उनके पिताजी चार-पांच वकीलों के साथ उनके चैंबर में आकर बदतमीजी और अभद्रता करने लगे। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एफआईआर करने और कई धाराएं बढ़वाने की धमकी दी गई है। एसडीएम ने पुष्टि की कि इस दौरान उनके सहकर्मी सप्लाई इंस्पेक्टर, पेशकार, सुरक्षाकर्मी और आर.के. शाहाबाद उपस्थित थे। तीसरे दिन प्रदर्शन के बीच अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी ने अपनी बाइट में कहा कि एसडीएम मामले को तोड़-मरोड़कर समाज के सामने पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दिन जब एसडीएम के चैंबर में पीड़िता बेटी के पिता से बात हुई, तो उन्होंने तत्काल अश्लीलता को स्पष्ट रूप से इसलिए नहीं बताया क्योंकि कोई पिता सीधे समाज में अपनी और अपनी बेटी की बदनामी सार्वजनिक नहीं कराना चाहता। इसके बावजूद, पिता ने मौके पर कहा था कि एसडीएम ने उनकी बेटी को दो बार परेशान किया, जबकि उन्हें बताया गया था कि यह उनकी बेटी है, फिर भी एसडीएम अपनी आदत से बाज नहीं आए। अधिवक्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर तीसरे दिन भी डटे हैं, और एसडीएम का भविष्य जाँच कमेटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा, भले ही एसडीएम ने आरोपों को असत्य और निराधार बताया है।4
- कन्नौज जनपद के छिबरामऊ थाना पुलिस ने चोरी की एक घटना का सफल अनावरण करते हुए एक महिला अभियुक्ता को चोरी के माल और नकदी सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कन्नौज अजय कुमार के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी छिबरामऊ सुरेश कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे के नेतृत्व में की गई। दरअसल, दिनांक 07.07.2026 को श्रीमती वंदना तिवारी ने छिबरामऊ थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें बताया गया था कि एक अज्ञात महिला ने उनके पर्स में रखे आभूषण और नगदी चोरी कर ली थी। इस संबंध में थाना छिबरामऊ पर मु0अ0सं0 289/2026 धारा 303(2) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था। प्रकरण के सफल अनावरण हेतु पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। विवेचनात्मक कार्यवाही के क्रम में, दिनांक 08.07.2026 को मुखबिर की सूचना पर जीटी रोड स्थित जनता कोल्ड स्टोर के पास से अभियुक्ता भूरी उर्फ लक्ष्मी पत्नी संतोष, निवासी ग्राम हिरोंदी, थाना मलावन, जनपद एटा, जिसकी उम्र करीब 40 वर्ष है, को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्ता के कब्जे से एक पीले रंग का पर्स, ₹3,000 नगद, 12 सफेद धातु की बिछिया, दो पीली धातु की अंगूठियां, एक जोड़ी सफेद धातु की पायल और एक जोड़ी इस्तेमाली सफेद धातु की पायल बरामद की गईं। बरामदगी के आधार पर अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। गिरफ्तार अभियुक्ता को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे, उपनिरीक्षक आशु कुमार, आरक्षी सौरभ कुमार और महिला आरक्षी प्रियंका पाल शामिल थे। अभियुक्ता का आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें मु0अ0सं0 326/2016 धारा 392/411 भादवि, थाना बाह, जनपद आगरा और वर्तमान मु0अ0सं0 289/2026 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस, थाना छिबरामऊ, जनपद कन्नौज शामिल हैं।2
- कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे हैं। तिर्वा के संभावित सपा प्रत्याशी अनिल पाल की अगुवाई में बड़ी संख्या में सपाई पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और एसपी को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान, अनिल पाल ने एसपी से टिप्पणी करने वाले मुकेशपाल देशबंधु को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने फायदे के लिए मुकेशपाल की हत्या तक करवा सकती है, और हमें आपस में लड़ाकर मुकेशपाल को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सपाइयों ने एसपी से इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- फर्रुखाबाद जनपद पुलिस ने एक पुलिसकर्मी के आवास से लाखों रुपये के जेवर और नकदी चुराने वाले दूधिया नितिन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जनपद कानपुर के शुभम त्रिवेदी, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात हैं और पुलिस लाइन के टाइप 3 आवास संख्या 15 में रहते हैं, ने 7 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ड्यूटी से लौटने पर उन्होंने अपनी गोदरेज अलमारी खुली पाई। लॉकर से उनके मूल्यवान आभूषण, जिनमें 3 सोने की अंगूठी, 2 सोने की चेन, 1 सोने का मंगलसूत्र, 4 सोने के कंगन, 1 जोड़ी सोने के कुंडल और 10 हजार रुपये गायब थे। शुभम त्रिवेदी को आशंका थी कि उनके आवास पर दूध देने वाले फतेहगढ़ निवासी निकित यादव पुत्र राजवीर यादव ने ये आभूषण और रुपये चुराए हैं। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गहनता से जांच पड़ताल की। कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली निवासी दूधिया नितिन यादव पुत्र राजवीर उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने मीडिया को बताया कि चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने दूधिया नितिन यादव से पूछताछ कर 15 लाख रुपये कीमती सभी जेवरात 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिए। नितिन यादव 3 दिन पहले ही शुभम त्रिवेदी के आवास पर दूध देने गया था और उसके ऊपर मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट के मुकदमे भी दर्ज हैं।4
- फर्रुखाबाद शहर में मानसून की बारिश के बीच नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। शहर के व्यस्ततम साहेबगंज चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच नाली के ऊपर लगा लोहे का जाल टूट गया। इस घटना में गनीमत रही कि एक ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचा, क्योंकि चालक ने समय रहते संतुलन बना लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और चौराहे पर एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी रोष पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में फर्रुखाबाद नगर में जलभराव एक स्थायी और गंभीर समस्या बन चुका है। जलभराव के समय सड़कें और नाले एक समान हो जाते हैं, जिससे ये टूटे हुए जाल किसी भी दिन जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लोगों को हैरानी है कि शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर भी नगर पालिका द्वारा कोई उचित देखरेख या मरम्मत कार्य नहीं करवाया जा रहा है, और मानसून से पहले नालों की सफाई तथा जर्जर जालों को बदलने के जो दावे किए गए थे, वे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से साहेबगंज चौराहे के टूटे जाल की मरम्मत करवाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो उसे किसी बड़े हादसे का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।2