logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

OTP साझा करते ही खाते से कटे ₹6,200, साइबर हेल्पलाइन 1930 ने बचाई ठगी की रकम | पार्सल डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया निशाना, शिकायत मिलते ही पुलिस ने कराई राशि होल्ड; गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी खंडवा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हरसूद विधानसभा क्षेत्र के रोशनी क्षेत्र से सामने आया एक मामला एक बार फिर नागरिकों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की सीख देता है। पार्सल डिलीवरी के नाम पर किए गए एक फोन कॉल के बाद एक व्यक्ति से OTP साझा करवाकर उसके बैंक खाते से करीब 6,200 रुपये निकाल लिए गए। हालांकि पीड़ित ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि को होल्ड कराया गया। पार्सल डिलीवरी के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल जानकारी के अनुसार रोशनी निवासी मेहबूब खान को रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे मोबाइल फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने पार्सल डिलीवरी से संबंधित जानकारी देते हुए ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को बातचीत सामान्य और भरोसेमंद लगी। कॉलर ने कथित तौर पर पैन कार्ड से जुड़े पार्सल की डिलीवरी की बात कही। इसके बाद डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर OTP मांगा गया। विश्वास में आकर मेहबूब खान ने OTP साझा कर दिया। यही गलती उनके बैंक खाते पर भारी पड़ गई। ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे तो हुआ खुलासा OTP साझा करने के कुछ समय बाद मेहबूब खान आशापुर क्षेत्र में ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे। जब उन्होंने 320 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी जांचने पर पता चला कि खाते में मौजूद करीब 6,200 रुपये साइबर ठगों द्वारा निकाल लिए गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए रोशनी चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। समय पर शिकायत से बची ठगी की रकम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते खाते से निकाली गई राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। अगले दिन पीड़ित को संदेश प्राप्त हुआ कि उसके खाते से निकाली गई राशि होल्ड कर दी गई है। इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली और ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद बनी है। पुलिस कर रही साइबर गिरोह की तलाश मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल आरोपियों तक पहुंचना और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य संसाधन आरोपियों तक कैसे पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी आशंका है कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाला नेटवर्क एक से अधिक लोगों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में आरोपियों की पहचान और उनके अन्य संभावित मामलों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच भी जारी साइबर अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में सुतमील कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट करने के प्रकरण की भी जांच चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर करीब 3.50 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी पड़ताल पुलिस जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि साइबर ठगी के लिए फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग साधनों का उपयोग किस स्तर पर किया गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज कहां तैयार हुए और उन्हें आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। यदि जांच में एक संगठित नेटवर्क सामने आता है तो पुलिस द्वारा उसके अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। OTP किसी के साथ साझा करना पड़ सकता है भारी यह घटना आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। साइबर ठग अक्सर पार्सल, बैंक खाता, KYC, बिजली बिल, पैन कार्ड, मोबाइल सिम या पुलिस कार्रवाई जैसे अलग-अलग बहानों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद OTP, PIN, CVV अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं। किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति फोन पर इन जानकारियों की मांग करता है तो बातचीत तत्काल समाप्त कर संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए। साइबर ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पीड़ित ने घटना का पता चलते ही पुलिस से संपर्क किया। साइबर अपराध में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए बैंक खाते से अनधिकृत राशि निकलने की जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना देना चाहिए। यह मामला एक ओर जहां साइबर ठगों के नए-नए तरीकों की तस्वीर सामने रखता है, वहीं दूसरी ओर समय पर शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम को बचाने की संभावना भी साबित करता है।

23 hrs ago
user_Heeralal Longre
Heeralal Longre
Media house हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
23 hrs ago

OTP साझा करते ही खाते से कटे ₹6,200, साइबर हेल्पलाइन 1930 ने बचाई ठगी की रकम | पार्सल डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया निशाना, शिकायत मिलते ही पुलिस ने कराई राशि होल्ड; गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी खंडवा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हरसूद विधानसभा क्षेत्र के रोशनी क्षेत्र से सामने आया एक मामला एक बार फिर नागरिकों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की सीख देता है। पार्सल डिलीवरी के नाम पर किए गए एक फोन कॉल के बाद एक व्यक्ति से OTP साझा करवाकर उसके बैंक खाते से करीब 6,200 रुपये निकाल लिए गए। हालांकि पीड़ित ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि को होल्ड कराया गया। पार्सल डिलीवरी के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल जानकारी के अनुसार रोशनी निवासी मेहबूब खान को रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे मोबाइल फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने पार्सल डिलीवरी से संबंधित जानकारी देते हुए ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को बातचीत सामान्य और भरोसेमंद लगी। कॉलर ने कथित तौर पर पैन कार्ड से जुड़े पार्सल की डिलीवरी की बात कही। इसके बाद डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर OTP मांगा गया। विश्वास में आकर मेहबूब खान ने OTP साझा कर दिया। यही गलती उनके बैंक खाते पर भारी पड़ गई। ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे तो हुआ खुलासा OTP साझा करने के कुछ समय बाद मेहबूब खान आशापुर क्षेत्र में ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे। जब उन्होंने 320 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी जांचने पर पता चला कि खाते में मौजूद करीब 6,200 रुपये साइबर ठगों द्वारा निकाल लिए गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए रोशनी चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। समय पर शिकायत से बची ठगी की रकम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते खाते से निकाली गई राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। अगले दिन पीड़ित को संदेश प्राप्त हुआ कि उसके खाते से निकाली गई राशि होल्ड कर दी गई है। इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली और ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद बनी है। पुलिस कर रही साइबर गिरोह की तलाश मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल आरोपियों तक पहुंचना और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य संसाधन आरोपियों तक कैसे पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी आशंका है कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाला नेटवर्क एक से अधिक लोगों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में आरोपियों की पहचान और उनके अन्य संभावित मामलों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच भी जारी साइबर अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में सुतमील कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट करने के प्रकरण की भी जांच चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर करीब 3.50 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी पड़ताल पुलिस जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि साइबर ठगी के लिए फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग साधनों का उपयोग किस स्तर पर किया गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज कहां तैयार हुए और उन्हें आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। यदि जांच में एक संगठित नेटवर्क सामने आता है तो पुलिस द्वारा उसके अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। OTP किसी के साथ साझा करना पड़ सकता है भारी यह घटना आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। साइबर ठग अक्सर पार्सल, बैंक खाता, KYC, बिजली बिल, पैन कार्ड, मोबाइल सिम या पुलिस कार्रवाई जैसे अलग-अलग बहानों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद OTP, PIN, CVV अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं। किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति फोन पर इन जानकारियों की मांग करता है तो बातचीत तत्काल समाप्त कर संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए। साइबर ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पीड़ित ने घटना का पता चलते ही पुलिस से संपर्क किया। साइबर अपराध में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए बैंक खाते से अनधिकृत राशि निकलने की जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना देना चाहिए। यह मामला एक ओर जहां साइबर ठगों के नए-नए तरीकों की तस्वीर सामने रखता है, वहीं दूसरी ओर समय पर शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम को बचाने की संभावना भी साबित करता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • हरसूद में लगातार बारिश ने मचाया कहर, जनजीवन हुआ प्रभावित हरसूद में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है
    1
    हरसूद में लगातार बारिश ने मचाया कहर, जनजीवन हुआ प्रभावित
हरसूद में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है
    user_New harsud reel
    New harsud reel
    हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • हरसूद कॉलेज में कथित मनमानी फीस वसूली के खिलाफ एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने का आरोप, विद्यार्थियों से ली गई अतिरिक्त रकम वापस कराने की मांग हरसूद- शासकीय महाविद्यालय हरसूद में विद्यार्थियों से प्रवेश एवं परिवहन शुल्क के नाम पर कथित रूप से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने के मामले में अब शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई है। मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरसूद को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और नियम विरुद्ध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि हरसूद क्षेत्र अनुसूचित जनजाति विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है तथा यहां बड़ी संख्या में गरीब, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लिया जाना उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है। 4 से 5 गुना अधिक शुल्क लेने का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महाविद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क की तुलना में विद्यार्थियों से कथित तौर पर 4 से 5 गुना तक अधिक प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा परिवहन शुल्क को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि शासन स्तर पर निर्धारित शुल्क के बावजूद महाविद्यालय में अलग-अलग मदों में अधिक राशि वसूले जाने का आरोप है। 160 रुपये प्रतिमाह परिवहन शुल्क का भी मुद्दा ज्ञापन में विशेष रूप से परिवहन शुल्क का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि विद्यार्थियों से 160 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से राशि ली जा रही है। शिकायतकर्ता ने शासन के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित परिवहन शुल्क और महाविद्यालय में कथित तौर पर ली जा रही राशि के बीच अंतर की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क के साथ अतिरिक्त राशि भी ली जा रही है। इस तरह एक विद्यार्थी से 2700 रुपये तक की राशि लिए जाने का आरोप लगाया गया है। पहले भी दिए गए आवेदन, नहीं हुई कार्रवाई ज्ञापन में बताया गया कि इस मामले को लेकर पूर्व में 1 जुलाई, 8 जुलाई, 15 जुलाई और 22 जुलाई 2025 को भी आवेदन दिए गए थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराने के बाद भी कथित रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली जारी रही। अतिरिक्त राशि वापस कराने की मांग एसडीएम हरसूद को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली गई है तो उसे उनके खातों में वापस कराया जाए। साथ ही शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया, जनभागीदारी समिति की भूमिका तथा संबंधित अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासन की जांच पर नजर: ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामले में प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि, शुल्क वसूली से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
    1
    हरसूद कॉलेज में कथित मनमानी फीस वसूली के खिलाफ एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने का आरोप, विद्यार्थियों से ली गई अतिरिक्त रकम वापस कराने की मांग
हरसूद- शासकीय महाविद्यालय हरसूद में विद्यार्थियों से प्रवेश एवं परिवहन शुल्क के नाम पर कथित रूप से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने के मामले में अब शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई है। मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरसूद को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और नियम विरुद्ध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि हरसूद क्षेत्र अनुसूचित जनजाति विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है तथा यहां बड़ी संख्या में गरीब, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लिया जाना उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है।
4 से 5 गुना अधिक शुल्क लेने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महाविद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क की तुलना में विद्यार्थियों से कथित तौर पर 4 से 5 गुना तक अधिक प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा परिवहन शुल्क को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि शासन स्तर पर निर्धारित शुल्क के बावजूद महाविद्यालय में अलग-अलग मदों में अधिक राशि वसूले जाने का आरोप है।
160 रुपये प्रतिमाह परिवहन शुल्क का भी मुद्दा
ज्ञापन में विशेष रूप से परिवहन शुल्क का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि विद्यार्थियों से 160 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से राशि ली जा रही है। शिकायतकर्ता ने शासन के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित परिवहन शुल्क और महाविद्यालय में कथित तौर पर ली जा रही राशि के बीच अंतर की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क के साथ अतिरिक्त राशि भी ली जा रही है। इस तरह एक विद्यार्थी से 2700 रुपये तक की राशि लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
पहले भी दिए गए आवेदन, नहीं हुई कार्रवाई
ज्ञापन में बताया गया कि इस मामले को लेकर पूर्व में 1 जुलाई, 8 जुलाई, 15 जुलाई और 22 जुलाई 2025 को भी आवेदन दिए गए थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराने के बाद भी कथित रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली जारी रही।
अतिरिक्त राशि वापस कराने की मांग
एसडीएम हरसूद को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली गई है तो उसे उनके खातों में वापस कराया जाए।
साथ ही शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया, जनभागीदारी समिति की भूमिका तथा संबंधित अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब प्रशासन की जांच पर नजर: ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामले में प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि, शुल्क वसूली से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
    user_Heeralal Longre
    Heeralal Longre
    Media house हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • पुनासा/मुंदी बिजली टावर मुआवजे को लेकर किसानों का प्रदर्शन, विधायक ने दिया निराकरण का आश्वासन विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसानों के खेतों में लगाए जा रहे बिजली टावरों के उचित मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का विरोध सामने आया। सोमवार को भारतीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अन्नदाता किसानों ने मांधाता विधायक नारायण पटेल के मुंदी स्थित निवास के सामने पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि बिजली टावर एवं ट्रांसमिशन लाइन बिछाने से उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। किसानों ने वर्ष 2026 की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने तथा उनकी सहमति के बिना खेतों में टावर लगाने का कार्य नहीं किए जाने की मांग रखी। इस दौरान मांधाता विधायक नारायण पटेल ने किसानों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना। विधायक ने कहा कि भारतीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के अन्नदाता किसानों ने अपनी विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा तथा उनके निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों के हित से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग एवं अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। वहीं किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों का उचित निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
    1
    पुनासा/मुंदी बिजली टावर मुआवजे को लेकर किसानों का प्रदर्शन, विधायक ने दिया निराकरण का आश्वासन
विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसानों के खेतों में लगाए जा रहे बिजली टावरों के उचित मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का विरोध सामने आया। सोमवार को भारतीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अन्नदाता किसानों ने मांधाता विधायक नारायण पटेल के मुंदी स्थित निवास के सामने पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना है कि बिजली टावर एवं ट्रांसमिशन लाइन बिछाने से उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। किसानों ने वर्ष 2026 की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने तथा उनकी सहमति के बिना खेतों में टावर लगाने का कार्य नहीं किए जाने की मांग रखी।
इस दौरान मांधाता विधायक नारायण पटेल ने किसानों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना। विधायक ने कहा कि भारतीय किसान मजदूर संघ के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के अन्नदाता किसानों ने अपनी विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा तथा उनके निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विधायक ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों के हित से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग एवं अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।
वहीं किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों का उचित निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Shahrukh mansuri333
    Shahrukh mansuri333
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *नर्मदा के घाटों पर स्नान और नौकायन प्रतिबंधित* हरदा 11 अगस्त 2026/ नर्मदा घाटी में भारी वर्षा के चलते नर्मदा नदी एवं सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ एवं जनहानि की आशंका को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी टिमरनी श्री शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत टिमरनी के नर्मदा घाटों गोंदागांव खुर्द व लछौरा पर स्नान एवं नौकायन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेश में बताया गया है कि नर्मदाघाटी में स्थित मंडला, अनूपपुर, नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में भारी वर्षा के कारण नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। *नर्मदा के घाटों पर स्नान और नौकायन प्रतिबंधित* हरदा 11 अगस्त 2026/ नर्मदा घाटी में भारी वर्षा के चलते नर्मदा नदी एवं सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ एवं जनहानि की आशंका को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी टिमरनी श्री शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत टिमरनी के नर्मदा घाटों गोंदागांव खुर्द व लछौरा पर स्नान एवं नौकायन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेश में बताया गया है कि नर्मदाघाटी में स्थित मंडला, अनूपपुर, नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में भारी वर्षा के कारण नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में नदी कभी भी खतरे के निशान तक पहुंच सकती है। नर्मदा घाटों पर स्नान एवं नौकायन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से जनहानि की संभावना को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। एसडीएम ने आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, थाना प्रभारियों तथा संबंधित अधिकारियों को घाटों पर निगरानी रखने और आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला होमगार्ड कमांडेंट को नर्मदा घाटों पर स्पीड बोट सहित एसडीआरएफ के जवान एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जनपद पंचायत टिमरनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नर्मदा घाट के समीप स्थित ग्राम पंचायतों के सचिव एवं सहायक सचिवों के माध्यम से आदेश की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी टिमरनी, थाना प्रभारी टिमरनी व चौकी प्रभारी करताना को भी सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश 11 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।
    1
    *नर्मदा के घाटों पर स्नान और नौकायन प्रतिबंधित*
हरदा 11 अगस्त 2026/  नर्मदा घाटी में भारी वर्षा के चलते नर्मदा नदी एवं सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ एवं जनहानि की आशंका को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी टिमरनी श्री शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत टिमरनी के नर्मदा घाटों गोंदागांव खुर्द व लछौरा पर स्नान एवं नौकायन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
जारी आदेश में बताया गया है कि नर्मदाघाटी में स्थित मंडला, अनूपपुर, नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में भारी वर्षा के कारण नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

*नर्मदा के घाटों पर स्नान और नौकायन प्रतिबंधित*
हरदा 11 अगस्त 2026/  नर्मदा घाटी में भारी वर्षा के चलते नर्मदा नदी एवं सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ एवं जनहानि की आशंका को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी टिमरनी श्री शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत टिमरनी के नर्मदा घाटों गोंदागांव खुर्द व लछौरा पर स्नान एवं नौकायन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
जारी आदेश में बताया गया है कि नर्मदाघाटी में स्थित मंडला, अनूपपुर, नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में भारी वर्षा के कारण नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में नदी कभी भी खतरे के निशान तक पहुंच सकती है। नर्मदा घाटों पर स्नान एवं नौकायन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से जनहानि की संभावना को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
एसडीएम ने आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, थाना प्रभारियों तथा संबंधित अधिकारियों को घाटों पर निगरानी रखने और आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला होमगार्ड कमांडेंट को नर्मदा घाटों पर स्पीड बोट सहित एसडीआरएफ के जवान एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही जनपद पंचायत टिमरनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नर्मदा घाट के समीप स्थित ग्राम पंचायतों के सचिव एवं सहायक सचिवों के माध्यम से आदेश की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी टिमरनी, थाना प्रभारी टिमरनी व चौकी प्रभारी करताना को भी सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश 11 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।
    user_Mohanlal Nagle
    Mohanlal Nagle
    संवाददाता वर्ल्ड स्वराज न्यूज़ हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • #ANT सुहागपुर से खंडवा तक दिखी आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक mp ब्यूरो दीपक ठकुर की रिपोर्ट बारिश के बीच धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस ढोल-मांदल की थाप पर थिरके हजारों कदम सुहागपुर से खंडवा तक दिखी आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक
    1
    #ANT सुहागपुर से खंडवा तक दिखी आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक mp ब्यूरो दीपक ठकुर की रिपोर्ट 
बारिश के बीच धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस
ढोल-मांदल की थाप पर थिरके हजारों कदम
सुहागपुर से खंडवा तक दिखी आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • महापुरुषों की तस्वीर स्कूल प्रबंधन ने नहीं लगाई, विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बैठे धरने पर महापुरुषों की तस्वीर स्कूल प्रबंधन ने नहीं लगाई, विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बैठे धरने पर हरदा/टिमरनी-टिमरनी नगर के सेंट मेरी स्कूल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने धरना आंदोलन प्रदर्शन शुरू किया ,कार्यकर्ता भारी बारिश के बीच स्कूल प्रांगण में धरने पर बैठे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी पहुंचे,कार्यकर्ताओ से,स्कूल प्रबन्धन से बातचीत कर रहे।abvp कार्यकर्ताओं ने जानकारी देते बताया सेंट मेरी स्कूल में विगत दिनों भी हमारे द्वारा विरोध दर्ज कराया गया था क्योंकि स्कूल प्रबंधन के द्वारा भारत के महापुरुषों की तस्वीरें नहीं लगाई गई थी इन तस्वीरों को गठरी बनाकर कोने में रखा गया था, हमारे द्वारा विरोध दर्ज करने पर स्कूल प्रबंधन ने विगत दिनों हमारे सामने कुछ तस्वीरे लगा दी शेष तस्वीरों को लगाने का आश्वासन दिया था किंतु आज हमारे द्वारा पुनः स्कूल में निरीक्षण किया गया तो वहां पर महापुरुषों की तस्वीरें नदारत पाई गई इसलिए आंदोलन शुरू किया गया है। जब तक महापुरुषों की सम्मान पूर्वक तस्वीरें स्कूल प्रबंधन के द्वारा नहीं लगाई जाती तब तक हमारा धरना आंदोलन जारी रहेगा वर्तमान में खबर लिखे जाने तक नाराज कार्यकर्ता धरने बैठे हुए है।
    3
    महापुरुषों की तस्वीर स्कूल प्रबंधन ने नहीं लगाई, विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बैठे धरने पर
महापुरुषों की तस्वीर स्कूल प्रबंधन ने नहीं लगाई, विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बैठे धरने पर
हरदा/टिमरनी-टिमरनी नगर के सेंट मेरी स्कूल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने धरना आंदोलन प्रदर्शन शुरू किया ,कार्यकर्ता भारी बारिश के बीच स्कूल प्रांगण में धरने पर बैठे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी पहुंचे,कार्यकर्ताओ से,स्कूल प्रबन्धन से बातचीत कर रहे।abvp कार्यकर्ताओं ने जानकारी देते बताया सेंट मेरी स्कूल में विगत दिनों भी हमारे द्वारा विरोध दर्ज कराया गया था क्योंकि स्कूल प्रबंधन के द्वारा भारत के महापुरुषों की तस्वीरें नहीं लगाई गई थी इन तस्वीरों को गठरी बनाकर कोने में रखा गया था, हमारे द्वारा विरोध दर्ज करने पर स्कूल प्रबंधन ने विगत दिनों हमारे सामने कुछ तस्वीरे लगा दी शेष तस्वीरों को लगाने का आश्वासन दिया था किंतु आज हमारे द्वारा पुनः स्कूल में निरीक्षण किया गया तो वहां पर महापुरुषों की तस्वीरें नदारत पाई गई इसलिए आंदोलन शुरू किया गया है। जब तक महापुरुषों की सम्मान पूर्वक तस्वीरें स्कूल प्रबंधन के द्वारा नहीं लगाई जाती तब तक हमारा धरना आंदोलन जारी रहेगा वर्तमान में खबर लिखे जाने तक नाराज कार्यकर्ता धरने  बैठे हुए है।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • OTP साझा करते ही खाते से कटे ₹6,200, साइबर हेल्पलाइन 1930 ने बचाई ठगी की रकम | पार्सल डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया निशाना, शिकायत मिलते ही पुलिस ने कराई राशि होल्ड; गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी खंडवा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हरसूद विधानसभा क्षेत्र के रोशनी क्षेत्र से सामने आया एक मामला एक बार फिर नागरिकों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की सीख देता है। पार्सल डिलीवरी के नाम पर किए गए एक फोन कॉल के बाद एक व्यक्ति से OTP साझा करवाकर उसके बैंक खाते से करीब 6,200 रुपये निकाल लिए गए। हालांकि पीड़ित ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि को होल्ड कराया गया। पार्सल डिलीवरी के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल जानकारी के अनुसार रोशनी निवासी मेहबूब खान को रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे मोबाइल फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने पार्सल डिलीवरी से संबंधित जानकारी देते हुए ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को बातचीत सामान्य और भरोसेमंद लगी। कॉलर ने कथित तौर पर पैन कार्ड से जुड़े पार्सल की डिलीवरी की बात कही। इसके बाद डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर OTP मांगा गया। विश्वास में आकर मेहबूब खान ने OTP साझा कर दिया। यही गलती उनके बैंक खाते पर भारी पड़ गई। ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे तो हुआ खुलासा OTP साझा करने के कुछ समय बाद मेहबूब खान आशापुर क्षेत्र में ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे। जब उन्होंने 320 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी जांचने पर पता चला कि खाते में मौजूद करीब 6,200 रुपये साइबर ठगों द्वारा निकाल लिए गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए रोशनी चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। समय पर शिकायत से बची ठगी की रकम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते खाते से निकाली गई राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। अगले दिन पीड़ित को संदेश प्राप्त हुआ कि उसके खाते से निकाली गई राशि होल्ड कर दी गई है। इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली और ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद बनी है। पुलिस कर रही साइबर गिरोह की तलाश मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल आरोपियों तक पहुंचना और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य संसाधन आरोपियों तक कैसे पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी आशंका है कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाला नेटवर्क एक से अधिक लोगों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में आरोपियों की पहचान और उनके अन्य संभावित मामलों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच भी जारी साइबर अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में सुतमील कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट करने के प्रकरण की भी जांच चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर करीब 3.50 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी पड़ताल पुलिस जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि साइबर ठगी के लिए फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग साधनों का उपयोग किस स्तर पर किया गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज कहां तैयार हुए और उन्हें आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। यदि जांच में एक संगठित नेटवर्क सामने आता है तो पुलिस द्वारा उसके अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। OTP किसी के साथ साझा करना पड़ सकता है भारी यह घटना आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। साइबर ठग अक्सर पार्सल, बैंक खाता, KYC, बिजली बिल, पैन कार्ड, मोबाइल सिम या पुलिस कार्रवाई जैसे अलग-अलग बहानों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद OTP, PIN, CVV अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं। किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति फोन पर इन जानकारियों की मांग करता है तो बातचीत तत्काल समाप्त कर संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए। साइबर ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पीड़ित ने घटना का पता चलते ही पुलिस से संपर्क किया। साइबर अपराध में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए बैंक खाते से अनधिकृत राशि निकलने की जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना देना चाहिए। यह मामला एक ओर जहां साइबर ठगों के नए-नए तरीकों की तस्वीर सामने रखता है, वहीं दूसरी ओर समय पर शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम को बचाने की संभावना भी साबित करता है।
    1
    OTP साझा करते ही खाते से कटे ₹6,200, साइबर हेल्पलाइन 1930 ने बचाई ठगी की रकम | पार्सल डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया निशाना, शिकायत मिलते ही पुलिस ने कराई राशि होल्ड; गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
खंडवा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हरसूद विधानसभा क्षेत्र के रोशनी क्षेत्र से सामने आया एक मामला एक बार फिर नागरिकों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की सीख देता है। पार्सल डिलीवरी के नाम पर किए गए एक फोन कॉल के बाद एक व्यक्ति से OTP साझा करवाकर उसके बैंक खाते से करीब 6,200 रुपये निकाल लिए गए। हालांकि पीड़ित ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि को होल्ड कराया गया।
पार्सल डिलीवरी के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल
जानकारी के अनुसार रोशनी निवासी मेहबूब खान को रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे मोबाइल फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने पार्सल डिलीवरी से संबंधित जानकारी देते हुए ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को बातचीत सामान्य और भरोसेमंद लगी।
कॉलर ने कथित तौर पर पैन कार्ड से जुड़े पार्सल की डिलीवरी की बात कही। इसके बाद डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर OTP मांगा गया। विश्वास में आकर मेहबूब खान ने OTP साझा कर दिया। यही गलती उनके बैंक खाते पर भारी पड़ गई।
ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे तो हुआ खुलासा
OTP साझा करने के कुछ समय बाद मेहबूब खान आशापुर क्षेत्र में ऑटो में डीजल भरवाने पहुंचे। जब उन्होंने 320 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी जांचने पर पता चला कि खाते में मौजूद करीब 6,200 रुपये साइबर ठगों द्वारा निकाल लिए गए हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए रोशनी चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी।
समय पर शिकायत से बची ठगी की रकम
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते खाते से निकाली गई राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका।
अगले दिन पीड़ित को संदेश प्राप्त हुआ कि उसके खाते से निकाली गई राशि होल्ड कर दी गई है। इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली और ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद बनी है।
पुलिस कर रही साइबर गिरोह की तलाश
मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल आरोपियों तक पहुंचना और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य संसाधन आरोपियों तक कैसे पहुंचे।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी आशंका है कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाला नेटवर्क एक से अधिक लोगों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में आरोपियों की पहचान और उनके अन्य संभावित मामलों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच भी जारी
साइबर अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में सुतमील कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट करने के प्रकरण की भी जांच चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर करीब 3.50 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी पड़ताल
पुलिस जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि साइबर ठगी के लिए फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग साधनों का उपयोग किस स्तर पर किया गया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज कहां तैयार हुए और उन्हें आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया।
यदि जांच में एक संगठित नेटवर्क सामने आता है तो पुलिस द्वारा उसके अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
OTP किसी के साथ साझा करना पड़ सकता है भारी
यह घटना आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। साइबर ठग अक्सर पार्सल, बैंक खाता, KYC, बिजली बिल, पैन कार्ड, मोबाइल सिम या पुलिस कार्रवाई जैसे अलग-अलग बहानों का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद OTP, PIN, CVV अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं।
किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति फोन पर इन जानकारियों की मांग करता है तो बातचीत तत्काल समाप्त कर संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए।
साइबर ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पीड़ित ने घटना का पता चलते ही पुलिस से संपर्क किया। साइबर अपराध में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, रकम को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
इसलिए बैंक खाते से अनधिकृत राशि निकलने की जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना देना चाहिए।
यह मामला एक ओर जहां साइबर ठगों के नए-नए तरीकों की तस्वीर सामने रखता है, वहीं दूसरी ओर समय पर शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम को बचाने की संभावना भी साबित करता है।
    user_Heeralal Longre
    Heeralal Longre
    Media house हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कल देर रात सतवास पहुंचे थे, राजगढ़ जिले में पानी में बहे 9 लोगो के शव, 6 लोगो का अंतिम संस्कार गांव के समीप निमालय नर्मदा निकारे हुआ वही 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले में हुआ, जिन्होने देखा यहां मंजर आखो से आंशू निकल आए खबर देवास जिले के सतवास से जहां पूरा क्षेत्र डुबा शौक की लेहर में एक रोज पहले राजगढ़ जिले के पडाना नाला में एक ही परिवार के 8 लोग और 3 लोग रिस्तेदाद एसे कुल 11 लोग इको कार से कड़लावद जाते समय नाला से पुल पार करतें समय गाड़ी सवारी सहित पानी में बेह गई थी,गांव और प्रशासन की मदद से दो लोगों को बचाया गया, नो लोगो की मोत हो चुकी थी, यह सभी लोग देवास जिले के ग्राम धासड़ के 8 लोग और 3 लोग पुनासा के बताया गया है पड़ाना से देर रात सभी सभी के शव सतवास ला कर पैतृक गांव धासड़ लाये अंतिम संस्कार के लिए, जहां पुरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गइ,वही क्षेत्रिय विधायक मुरली भंवरा सुबह धासड़ पहुंचे और परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया, और सभी मृत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मृतकों को चार चार लाख रुपये देना का आश्वासन दिया 6 शवों का निमलाय नर्मदा नदी के समीप अन्तीम संस्कार किया वही 3 शवों का खंडवा जिले में उनके निवास में किया,
    1
    कल देर रात सतवास पहुंचे थे, राजगढ़ जिले में पानी में बहे 9 लोगो के शव, 6 लोगो का अंतिम संस्कार गांव के समीप निमालय नर्मदा निकारे हुआ वही 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले में हुआ, जिन्होने देखा यहां मंजर आखो से आंशू निकल आए
खबर देवास जिले के सतवास से जहां पूरा क्षेत्र डुबा शौक की लेहर में एक रोज पहले राजगढ़ जिले के पडाना नाला में एक ही परिवार के 8 लोग और 3 लोग रिस्तेदाद एसे कुल 11 लोग इको कार से कड़लावद जाते समय नाला से पुल पार करतें समय गाड़ी सवारी सहित पानी में बेह गई थी,गांव और प्रशासन की मदद से दो लोगों को बचाया गया, नो लोगो की मोत हो चुकी थी, यह सभी लोग देवास जिले के ग्राम धासड़ के 8 लोग और 3 लोग पुनासा के बताया गया है पड़ाना से देर रात सभी सभी के शव सतवास ला कर पैतृक गांव धासड़ लाये अंतिम संस्कार के लिए, जहां पुरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गइ,वही  क्षेत्रिय विधायक मुरली भंवरा सुबह धासड़ पहुंचे और परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया, और सभी मृत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मृतकों को चार चार लाख रुपये देना का आश्वासन दिया
6 शवों का निमलाय नर्मदा नदी के समीप अन्तीम संस्कार किया वही 3 शवों का खंडवा जिले में उनके निवास में किया,
    user_(स्टार मध्य प्रदेश समाचार)
    (स्टार मध्य प्रदेश समाचार)
    Local News Reporter खंडवा नगर, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.