आरसेटी ने 30 महिलाओं को सिखाया जूट के उत्पाद बनाना,आरसेटी के निदेशक अजय काटना ने दी जानकारी हमीरपुर पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 30 महिलाओं ने जूट के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने कहा कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे व्यक्तिगत रूप से या समूह का गठन करके अपना उद्यम स्थापित कर सकती हैं। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण लेने हेतु आरसेटी भी उनकी मदद कर सकता है। इस अवसर पर शिविर के मूल्यांकनकर्ता आरएस कलोत्रा, हरबंस लाल, फैकल्टी मैंबर संजय हरनोट, ट्रेनर सीमा देवी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
आरसेटी ने 30 महिलाओं को सिखाया जूट के उत्पाद बनाना,आरसेटी के निदेशक अजय काटना ने दी जानकारी हमीरपुर पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 30 महिलाओं ने जूट के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने कहा कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे व्यक्तिगत रूप से या समूह का गठन करके अपना उद्यम स्थापित कर सकती हैं। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण लेने हेतु आरसेटी भी उनकी मदद कर सकता है। इस अवसर पर शिविर के मूल्यांकनकर्ता आरएस कलोत्रा, हरबंस लाल, फैकल्टी मैंबर संजय हरनोट, ट्रेनर सीमा देवी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
- हमीरपुर पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रविवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में 30 महिलाओं ने जूट के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने कहा कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे व्यक्तिगत रूप से या समूह का गठन करके अपना उद्यम स्थापित कर सकती हैं। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण लेने हेतु आरसेटी भी उनकी मदद कर सकता है। इस अवसर पर शिविर के मूल्यांकनकर्ता आरएस कलोत्रा, हरबंस लाल, फैकल्टी मैंबर संजय हरनोट, ट्रेनर सीमा देवी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।1
- Post by Dinesh Kumar1
- सुजानपुर सुजानपुर क्षेत्र में आज एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां हिंदू संगठन सुजानपुर द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में आयोजक सुमित राणा ने छोटे बच्चों के लिए विशेष मैच का आयोजन करवाया। इस मैच में 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों ने हिस्सा लिया और 5-5 ओवर का रोमांचक मुकाबला खेला। नन्हे खिलाड़ियों का उत्साह और खेल भावना देखने लायक रही। इस प्रतियोगिता में थाती, मेहस्क्वाल, खेरी, जंगल बेरी और बजरोल गांवों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Shubham Sharma (प्रधानाचार्य, पब्लिक मॉडल हाई स्कूल, जाखू जंगल) उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने का सही मंच मिलता है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि बचपन से ही खेलों को बढ़ावा दिया जाए, तो आने वाले समय में क्षेत्र के युवा नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।1
- उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के तहत पड़ती नलवाडी तलमेहडा जोल सड़क के मध्य गलुआ में रविवार सुबह भारी बारिश तथा तेज़ हवाओं के चलते सड़क के मध्य पेड़ गिरने से यातायात व्यवस्था प्रभावित,वाहन चालकों को तलमेहडा से बाया सोहारी होकर जोल पहुंचना पड़ रहा है।बहीं पर वन विभाग को सूचना मिलने ही रामगढ़ रेंज अधिकारी संदीप ठाकुर ने सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने के लिए टीम सदस्यों को मौके पर भेज दिया है।1
- Post by Himachal Punjab News1
- Post by North India bulletin1
- Post by Rishi Dogra2
- हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में रविवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि दिन की शुरुआत ही रात जैसे हालातों में हुई। सुबह करीब 7 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और चारों तरफ अंधेरा फैल गया। तेज आंधी, तूफान और बादलों की जोरदार गरज के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे सुबह का समय फिर से अंधेरी रात में तब्दील होता नजर आया।मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा। जिन किसानों की गेहूं की फसल अभी तक खेतों में पड़ी थी, वे सुबह होते ही उसे समेटने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। बारिश और तेज हवाओं के बीच किसान फसल को सुरक्षित करने में जुटे रहे, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब दोबारा खराब मौसम ने कटाई के काम को प्रभावित किया है। किसान जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं।1