मंडी गेट कांड: एफआईआर कुछ और, खबर कुछ और… आखिर सच छिपा कौन रहा है? और कौन गोपनीयता भंग कर रहा है? शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई दिनदहाड़े लूटपाट और हमले की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रही, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन गई है। एक तरफ दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं, वहीं दूसरी ओर एक स्थानीय अखबार में धाराओं में बदलाव दिखाकर खबर प्रकाशित कर दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि — 👉 जब केस डायरी अदालत में दाखिल होने तक गोपनीय मानी जाती है, तो बदली हुई धाराओं की जानकारी मीडिया तक कैसे पहुंची? 60 लोगों का हमला, लूटपाट और खुलेआम धमकी की एफआईआर के अनुसार, करीब 60 लोगों की भीड़—जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं—ने लाठी-डंडे, सरिया और लोहे की रॉड से लैस होकर दुकानों पर हमला किया। दुकानों में तोड़फोड़ बड़ी धारा नहीं? शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। नकदी लूट,,कागजात उठाना और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी यह सब दिनदहाड़े हुआ और पुलिस के पहुंचने तक आरोपी फरार हो गए। “धाराओं का खेल” या “कानूनी राहत की तैयारी”? अखबार में प्रकाशित बदली हुई धाराओं को लेकर अब चर्चाएं तेज हैं कि: क्या यह बदलाव अभियुक्तों को राहत देने की रणनीति है? या फिर कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास? 👉 अगर धाराएं हल्की की गईं, तो सीधा फायदा आरोपियों को 👉 अगर कड़ी की गईं, तो फिर यह जानकारी लीक कैसे हुई? दोनों ही स्थितियों में सवाल पुलिस व्यवस्था पर ही उठते हैं। क्या पुलिस-प्रशासन की भूमिका संदिग्ध? अब उंगलियां उठ रही हैं: कि क्या अपर पुलिस अधीक्षक स्तर से जानकारी साझा की गई? या सीओ पेशी शाहाबाद कार्यालय से लीक हुई क्योंकि सीधी सी बात है कि खबर में एएसपी की पूरी तारीफ है! इसीलिए सवाल है कि क्या फिर किसी अंदरूनी व्यक्ति ने केस डायरी लीक की? 👉 क्योंकि नियम साफ है—केस डायरी सार्वजनिक नहीं होती! भूमि, सत्ता और ‘संरक्षण’ का कनेक्शन? स्थानीय चर्चाओं में मामला अब और गंभीर हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं: क्या आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है? क्या बड़े भूखंड और पुराने विवादों के अलावा यह एक और मामला है? क्या सत्ता से जुड़े लोग पर्दे के पीछे सक्रिय हैं? 👉 यहां तक कि यह भी चर्चा है कि क्या प्रभावशाली नेताओं और प्रशासन की मिलीभगत से आरोपियों को बचाया जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल: डर किसका और संरक्षण किसका? एफआईआर में गंभीर धाराएं, पुलिस दिन रात घटनास्थल पर और बाजार में उत्साह नहीं। पीड़ितों की खामोशीऔर मीडिया में अलग कहानी 👉 यह सब मिलकर एक ही बात की ओर इशारा करते हैं— “कहीं न कहीं कुछ छिपाया जा रहा है” आखिर यही विचारणीय है रेंज अधिकारियो सहित प्रशासन को? शाहाबाद का मंडी गेट कांड अब सिर्फ लूट या मारपीट नहीं, डकैती नहीं 👉 बल्कि सिस्टम बनाम सच की लड़ाई बन चुका है। अगर पारदर्शिता नहीं आई, तो यह मामला सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं रहेगा, 👉 बल्कि भरोसे के टूटने की मिसाल बन जाएगा। मंडी गेट प्रकरण पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। घटना के बाद मौके पर तत्काल पुलिस बल पहुंचा, जिससे स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और आगे की किसी बड़ी अनहोनी को रोका गया। कार्रवाई जारी, गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस का कहना है कि: कई गिरफ्तारियां हुईं हैँ। अन्य नामजद व अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है पुलिस की व्यापरियों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि: 👉 शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखें 👉 किसी भी भ्रामक या अपुष्ट खबर को साझा न करें 👉 जांच में सहयोग करें “पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
मंडी गेट कांड: एफआईआर कुछ और, खबर कुछ और… आखिर सच छिपा कौन रहा है? और कौन गोपनीयता भंग कर रहा है? शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई दिनदहाड़े लूटपाट और हमले की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रही, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन गई है। एक तरफ दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं, वहीं दूसरी ओर एक स्थानीय अखबार में धाराओं में बदलाव दिखाकर खबर प्रकाशित कर दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि — 👉 जब केस डायरी अदालत में दाखिल होने तक गोपनीय मानी जाती है, तो बदली हुई धाराओं की जानकारी मीडिया तक कैसे पहुंची? 60 लोगों का हमला, लूटपाट और खुलेआम धमकी की एफआईआर के अनुसार, करीब 60 लोगों की भीड़—जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं—ने लाठी-डंडे, सरिया और लोहे की रॉड से लैस होकर दुकानों पर हमला किया। दुकानों में तोड़फोड़ बड़ी धारा नहीं? शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। नकदी लूट,,कागजात उठाना और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी यह सब दिनदहाड़े हुआ और पुलिस के पहुंचने तक आरोपी फरार हो गए। “धाराओं का खेल” या “कानूनी राहत की तैयारी”? अखबार में प्रकाशित बदली हुई धाराओं को लेकर अब चर्चाएं तेज हैं कि: क्या यह बदलाव अभियुक्तों को राहत देने की रणनीति है? या फिर कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास? 👉 अगर धाराएं हल्की की गईं, तो सीधा फायदा आरोपियों को 👉 अगर कड़ी की गईं, तो फिर यह जानकारी लीक कैसे हुई? दोनों ही स्थितियों में सवाल पुलिस व्यवस्था पर ही उठते हैं। क्या पुलिस-प्रशासन की भूमिका संदिग्ध? अब उंगलियां उठ रही हैं: कि क्या अपर पुलिस अधीक्षक स्तर से जानकारी साझा की गई? या सीओ पेशी शाहाबाद कार्यालय से लीक हुई क्योंकि सीधी सी बात है कि खबर में एएसपी की पूरी तारीफ है! इसीलिए सवाल है कि क्या फिर किसी अंदरूनी व्यक्ति ने केस डायरी लीक की? 👉 क्योंकि नियम साफ है—केस डायरी सार्वजनिक नहीं होती! भूमि, सत्ता और ‘संरक्षण’ का कनेक्शन? स्थानीय चर्चाओं में मामला अब और गंभीर
हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं: क्या आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है? क्या बड़े भूखंड और पुराने विवादों के अलावा यह एक और मामला है? क्या सत्ता से जुड़े लोग पर्दे के पीछे सक्रिय हैं? 👉 यहां तक कि यह भी चर्चा है कि क्या प्रभावशाली नेताओं और प्रशासन की मिलीभगत से आरोपियों को बचाया जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल: डर किसका और संरक्षण किसका? एफआईआर में गंभीर धाराएं, पुलिस दिन रात घटनास्थल पर और बाजार में उत्साह नहीं। पीड़ितों की खामोशीऔर मीडिया में अलग कहानी 👉 यह सब मिलकर एक ही बात की ओर इशारा करते हैं— “कहीं न कहीं कुछ छिपाया जा रहा है” आखिर यही विचारणीय है रेंज अधिकारियो सहित प्रशासन को? शाहाबाद का मंडी गेट कांड अब सिर्फ लूट या मारपीट नहीं, डकैती नहीं 👉 बल्कि सिस्टम बनाम सच की लड़ाई बन चुका है। अगर पारदर्शिता नहीं आई, तो यह मामला सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं रहेगा, 👉 बल्कि भरोसे के टूटने की मिसाल बन जाएगा। मंडी गेट प्रकरण पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। घटना के बाद मौके पर तत्काल पुलिस बल पहुंचा, जिससे स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और आगे की किसी बड़ी अनहोनी को रोका गया। कार्रवाई जारी, गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस का कहना है कि: कई गिरफ्तारियां हुईं हैँ। अन्य नामजद व अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है पुलिस की व्यापरियों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि: 👉 शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखें 👉 किसी भी भ्रामक या अपुष्ट खबर को साझा न करें 👉 जांच में सहयोग करें “पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
- "संडीला की सबसे बड़ी वारदात,शातिर चोरों ने बनाया रिटायर्ड रेलकर्मी को निशाना, 1 लाख कैश और 80 लाख के गहने पार!""सीसीटीवी को किया 'अंधा' फिर मचाया तांडव:....... #BreakingNews #LatestUpdates #SocialMediaNews #ViralUpdates #DigitalNews #TrendingNow #Hardoi #UttarPradesh #UPNews #हरदोई #उत्तरप्रदेश #PublicAwareness #SafetyFirst #NewsAlert #Information #Alert #ViralPost #Trending #InstagramNews #FacebookUpdates #ShareThis1
- Post by मोनू शुक्ला1
- Slug :- बेटे के हत्यारे को पिता ने मरवाया, पुलिस ने खोला राज -- बीते वर्ष 2023 में मंगल पाल के पुत्र की अपहरण कर हत्या में राजेश यादव था मुख्य आरोपी -- -- दिसम्बर 2025 में एक सड़क दुर्घटना में आरोपी राजेश यादव की तथाकथित तौर पर हुई थी मौत Anchor:- आज जनपद सोनभद्र में पुलिस ने सड़क दुर्घटना में तथाकथित तौर पर हुई अधिवक्ता की मौत से पर्दा उठा दिया है, अधिवक्ता की मौत कोई एक्सीडेंट नहीं बल्कि सोची समझी साजिश का हिस्सा था, जिसको एक्सीडेंट का रूप दिया गया था, पिता ने बेटे के हत्यारे अधिवक्ता को मरवाया था, पुलिस जांच में खुलासा किया गया, दरअसल मृतक अधिवक्ता एक किशोर के अपहरण और हत्या का आरोपी था, और जमानत पर जेल से बाहर था, मामला घोरावल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। Vo 1 :- पुलिस लाइन चुर्क में पुलिस ने बीते दिसंबर 2025 में अधिवक्ता राजेश यादव की तथाकथित तौर पर मौत का खुलासा कर दिया है, जिसमें पुलिस ने बताया कि बीते वर्ष 2023 में एक किशोर का अपहरण कर हत्या के मामले से जुड़ा यह घटना बताया जा रहा है, जिसमें पिता ने आरोपी को मरवाने के लिए सारा प्लान तैयार किया था, पुलिस ने सभी कड़ियों को जोड़ते हुए आज मीडिया के सामने खुलासा कर दिया। Vo 2:- मामले का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि बीते 08 दिसंबर 2025 की है, जब घोरावल-खुटहा बाईपास पर एक ट्रक (संख्या यूपी 70 डीटी 7488) ने क्रेटा कार को टक्कर मार दी थी, जिससे कार चालक राजेश यादव की मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई द्वारा थाना घोरावल में मुकदमा दर्ज कराया गया था।प्रारंभिक जांच में यह मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन विवेचना के दौरान घटनास्थल के निरीक्षण, भौतिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण (कॉल डिटेल रिकॉर्ड आदि) से यह स्पष्ट हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। Vo 3 :-जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में मंगल पाल के पुत्र अनुराग पाल का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी, जिसमें राजेश यादव मुख्य आरोपी था। बाद में राजेश यादव जमानत पर बाहर आ गया था। इसी रंजिश के चलते मंगल पाल ने उसकी हत्या की साजिश रची। योजना के तहत एक पुराना ट्रक खरीदा गया और अभियुक्त अभय पाल को इसमें शामिल किया गया। घटना से पहले तीन दिन तक राजेश यादव की रेकी की गई थी, उस दिन राजेश यादव की लोकेशन मिलने पर खुटहा बाईपास पर ट्रक से उसकी कार में जोरदार टक्कर मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की गहन जांच में पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया। पुलिस ने गुरेठ गोड़ से ओदार जाने वाली सड़क पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 250/2025 से संबंधित अभियुक्त अभय पाल पुत्र धनुरधारी पाल, निवासी रोप वर्क, थाना रॉबर्ट्सगंज (उम्र करीब 35 वर्ष) को सुबह करीब 09:28 बजे गिरफ्तार किया Byte: अभिषेक वर्मा, एसपी1
- *थाना हरियावां पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 96/26 धारा 326(g) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त को गिरफ्तार करने के संबंध में1
- यह वीडियो सही जानकारी उद्देश्य के लिए बनाया गया है कुछ कोटेदार पैसे लेकर अनाज का वितरण कर रहे हैं इसीलिए हमारा आग्रह है रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर निशुल्क राशन प्राप्त हुआ SMS मिलता है अगर सरकार पैसे लेती है तो उसका मूल्य निर्धारित करें और SMS प्राप्त करने का मैसेज दें धन्यवाद,,1
- ऐसे आती है मौत, ट्रेन से 1 व्यक्ति की कटकर मौत हुई , ट्रेन से उतरकर माजरा देख रहे 4 लोग भी कटकर खत्म हो गए प्रयागराज में कालका एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी ट्रेन रूक गयी तो ट्रेन के यात्री रेलवे ट्रेक पर मामला देखने उतर आये सामने तेज रफ्तार से आ रही पुरूषोत्तम एक्सप्रेस से बच नही पाये पुरूषोत्तम एक्सप्रेस से कटकर 4 यात्रियों की मौत हुई है ये यात्री फिरोजाबाद के निवासी थे, कोलकाता जा रहे थे1
- स्लग - बहराइच में रिश्तों का कत्ल: देवर ने भाभी के हाथ-पैर बांधकर कुल्हाड़ी से की निर्मम हत्या एंकर- बहराइच के मुर्तिहा इलाके के धर्मपुर गांव में गुरुवार देर रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक युवक ने अपनी सगी भाभी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले महिला के हाथ-पैर बांधे और फिर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका आरती देवी (32) के पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। हाल ही में उसे बीमा क्लेम की राशि मिली थी, जिसके बाद से उसका देवर दिनेश लगातार पैसों की मांग कर रहा था। घटना वाली रात भी पैसे न देने पर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।1
- माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी जो बजट जारी किया वह किसके अकाउंट में गया कितना बजट पेश हुआ हर प्रतिमा के लिए,, 2026 , यह वीडियो सिर्फ जानकारी उद्देश्य के लिए है बल्कि किसी को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं है,, सादर प्रणाम ,,💯🙏1
- मै सरकार से गुजारिश करना चाहूंगा कि आप मेरे गांव के पास बने जखई महाराज मन्दिर पर जाने बाली सड़क को बनवा दे तो आपकी महान दया होगी प्रति रविवार को बहुत भीड़ में श्रद्धालु आते हैं लेकिन सड़क सही न होने के कारण वाहन को मंदिर से 1 km दूर खड़ा करते है पैदल तक निकलने में दिक्कत है1