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मोनू शुक्ला
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- Itna Bada Wind Turbine Blade 😳 | Real Size Dekhkar Shock Ho Jaoge! Wind Turbine Blade Ka Asli Size 😱 | Insaan Iske Samne Kuch Bhi Nahi #WindTurbine #Engineering #MegaStructure #AmazingFacts #RealSize #ViralVideo #Shorts #Incredible #DesiVlog #Shock #Trending #India #ReelItFeelIt1
- Post by मोनू शुक्ला1
- ऐसे आती है मौत, ट्रेन से 1 व्यक्ति की कटकर मौत हुई , ट्रेन से उतरकर माजरा देख रहे 4 लोग भी कटकर खत्म हो गए प्रयागराज में कालका एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी ट्रेन रूक गयी तो ट्रेन के यात्री रेलवे ट्रेक पर मामला देखने उतर आये सामने तेज रफ्तार से आ रही पुरूषोत्तम एक्सप्रेस से बच नही पाये पुरूषोत्तम एक्सप्रेस से कटकर 4 यात्रियों की मौत हुई है ये यात्री फिरोजाबाद के निवासी थे, कोलकाता जा रहे थे1
- मै सरकार से गुजारिश करना चाहूंगा कि आप मेरे गांव के पास बने जखई महाराज मन्दिर पर जाने बाली सड़क को बनवा दे तो आपकी महान दया होगी प्रति रविवार को बहुत भीड़ में श्रद्धालु आते हैं लेकिन सड़क सही न होने के कारण वाहन को मंदिर से 1 km दूर खड़ा करते है पैदल तक निकलने में दिक्कत है1
- Post by अर्चना अर्चना1
- लखनऊ में भीषण आग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल1
- शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई दिनदहाड़े लूटपाट और हमले की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रही, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन गई है। एक तरफ दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं, वहीं दूसरी ओर एक स्थानीय अखबार में धाराओं में बदलाव दिखाकर खबर प्रकाशित कर दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि — 👉 जब केस डायरी अदालत में दाखिल होने तक गोपनीय मानी जाती है, तो बदली हुई धाराओं की जानकारी मीडिया तक कैसे पहुंची? 60 लोगों का हमला, लूटपाट और खुलेआम धमकी की एफआईआर के अनुसार, करीब 60 लोगों की भीड़—जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं—ने लाठी-डंडे, सरिया और लोहे की रॉड से लैस होकर दुकानों पर हमला किया। दुकानों में तोड़फोड़ बड़ी धारा नहीं? शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। नकदी लूट,,कागजात उठाना और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी यह सब दिनदहाड़े हुआ और पुलिस के पहुंचने तक आरोपी फरार हो गए। “धाराओं का खेल” या “कानूनी राहत की तैयारी”? अखबार में प्रकाशित बदली हुई धाराओं को लेकर अब चर्चाएं तेज हैं कि: क्या यह बदलाव अभियुक्तों को राहत देने की रणनीति है? या फिर कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास? 👉 अगर धाराएं हल्की की गईं, तो सीधा फायदा आरोपियों को 👉 अगर कड़ी की गईं, तो फिर यह जानकारी लीक कैसे हुई? दोनों ही स्थितियों में सवाल पुलिस व्यवस्था पर ही उठते हैं। क्या पुलिस-प्रशासन की भूमिका संदिग्ध? अब उंगलियां उठ रही हैं: कि क्या अपर पुलिस अधीक्षक स्तर से जानकारी साझा की गई? या सीओ पेशी शाहाबाद कार्यालय से लीक हुई क्योंकि सीधी सी बात है कि खबर में एएसपी की पूरी तारीफ है! इसीलिए सवाल है कि क्या फिर किसी अंदरूनी व्यक्ति ने केस डायरी लीक की? 👉 क्योंकि नियम साफ है—केस डायरी सार्वजनिक नहीं होती! भूमि, सत्ता और ‘संरक्षण’ का कनेक्शन? स्थानीय चर्चाओं में मामला अब और गंभीर हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं: क्या आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है? क्या बड़े भूखंड और पुराने विवादों के अलावा यह एक और मामला है? क्या सत्ता से जुड़े लोग पर्दे के पीछे सक्रिय हैं? 👉 यहां तक कि यह भी चर्चा है कि क्या प्रभावशाली नेताओं और प्रशासन की मिलीभगत से आरोपियों को बचाया जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल: डर किसका और संरक्षण किसका? एफआईआर में गंभीर धाराएं, पुलिस दिन रात घटनास्थल पर और बाजार में उत्साह नहीं। पीड़ितों की खामोशीऔर मीडिया में अलग कहानी 👉 यह सब मिलकर एक ही बात की ओर इशारा करते हैं— “कहीं न कहीं कुछ छिपाया जा रहा है” आखिर यही विचारणीय है रेंज अधिकारियो सहित प्रशासन को? शाहाबाद का मंडी गेट कांड अब सिर्फ लूट या मारपीट नहीं, डकैती नहीं 👉 बल्कि सिस्टम बनाम सच की लड़ाई बन चुका है। अगर पारदर्शिता नहीं आई, तो यह मामला सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं रहेगा, 👉 बल्कि भरोसे के टूटने की मिसाल बन जाएगा। मंडी गेट प्रकरण पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष शाहाबाद (हरदोई) 17 अप्रैल। मंडी गेट पर 5 अप्रैल को हुई घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 351(3) और 324(4) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। घटना के बाद मौके पर तत्काल पुलिस बल पहुंचा, जिससे स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और आगे की किसी बड़ी अनहोनी को रोका गया। कार्रवाई जारी, गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस का कहना है कि: कई गिरफ्तारियां हुईं हैँ। अन्य नामजद व अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है पुलिस की व्यापरियों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि: 👉 शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखें 👉 किसी भी भ्रामक या अपुष्ट खबर को साझा न करें 👉 जांच में सहयोग करें “पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”2
- कन्नौज। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने रिजर्व पुलिस लाइन में परेड का किया निरीक्षण1