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चम्पावत: *बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला टास्क फोर्स को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश*
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चम्पावत: *बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला टास्क फोर्स को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश*
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- चम्पावत: — प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” पर राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु सम्मानित1
- बेकाबू कार ने सड़क किनारे काम कर रहे मजदूर को मारी जोरदार टक्कर1
- विडियो देखें-उत्तराखंड उत्तराखंड के छोटे-छोटे शहरो व कस्बों में हनी ट्रैप का जाल तेजी से बढ़ता जा रहा है गदरपुर से गिरफ्तार महक किस तरह टपाटप बोल रही है, हनी ट्रैप की आरोपी है महक, जिनका नाम ले रही उनकी भी जांच पड़़ताल होने का विषय है। और जितने भी लोग इसमें शामिल हैं उन सबकी जांच होनी चाहिए1
- लाइफ में ज़िद होना कोई जिद्दीपन नहीं, बल्कि ज़िंदा रहने की पहचान है।क्योंकि किस्मत का होना अलग बात है, लेकिन किस्मत को बिना कोशिश मान लेना सबसे बड़ी हार। आज की दुनिया में वही आगे बढ़ता है जो हालात से लड़ना जानता है, मान लेना नहीं। ज़िद वही ताक़त है जो आम इंसान को खास बनाती है। #Motivation #LifeQuotes #Inspiration #SuccessMindset #HindiQuotes #ReelsIndia #ViralReels #Trending #Mindset #Zid1
- Post by RajkaranSaroj R. K1
- पीलीभीत। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को पीलीभीत में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को 'काला कानून' करार देते हुए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। चौराहे पर मुंडन कराकर जताया विरोध विरोध प्रदर्शन की शुरुआत टनकपुर-बरेली हाईवे स्थित नकटा दाना चौराहे से हुई। यहाँ बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए। विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए शहर के हरिओम बाजपेई ने सार्वजनिक रूप से अपना मुंडन कराया और माथे पर काला तिलक लगाकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम सवर्णों के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाईवे पर जुलूस और नारेबाजी नकटा दाना चौराहे से प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। इस दौरान हाईवे पर भारी नारेबाजी के चलते अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मुस्तैद रहीं ताकि यातायात और शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल दिग्गजों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। प्रमुख उपस्थित लोग: विवेक अवस्थी (अध्यक्ष, बार संघ) सरोज बाजपेई अश्विनी अग्निहोत्री संजीव मिश्रा पंकज शर्मा मनोज पाठक प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।2
- गांवों में 2003 के नोटिस से हड़कंप! ब्लॉक और तहसील में उमड़ी भीड़, जानिये सचिव अतुल कुमार ने क्या बताया आसान उपाय? रिपोर्टर/एंकर: सरफराज अहमद खान विषय: 2003 के अधूरे फॉर्म, नोटिस और परिवार रजिस्टर का समाधान (Intro Music / Channel Logo) दृश्य (Visual): (ब्लॉक और तहसील में लगी भीड़ के शॉट्स, हाथों में कागज लिए परेशान लोग) एंकर/वॉइस ओवर (Anchor/VO): "नमस्कार, आप देख रहे हैं UP News TV 24 और मैं हूँ आपके साथ सरफराज अहमद खान। ग्रामीण अंचलों में इन दिनों एक नोटिस ने हड़कंप मचा रखा है। यह नोटिस जुड़ा है साल 2003 से। दरअसल, निर्वाचन आयोग के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया के तहत उन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके फॉर्म अधूरे पाए गए या जो 2003 का अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। जैसे ही यह नोटिस लोगों के हाथों में पहुंचा, ब्लॉक और तहसील कार्यालयों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग परेशान हैं कि इतने पुराने दस्तावेज अब कहां से लाएं?" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार अपने ऑफिस में बैठे हुए) रिपोर्टर (VO/PTC): "लोगों की इसी परेशानी और दस्तावेजों की कमी को लेकर हमने बात की सचिव अतुल कुमार से। उन्होंने बताया कि आखिर यह नोटिस क्यों भेजे जा रहे हैं और जिनके पास पुराने कागज नहीं हैं, उनके लिए राहत की खबर क्या है।" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार का वीडियो बयान चलाएं) सचिव अतुल कुमार (बाइट): "SIR की प्रक्रिया जो शुरू हुई थी, उसमें ऐसे वोटर्स जिन्होंने अपना या अपने माता-पिता का डाटा 2003 की सूची के हिसाब से नहीं दे पाए हैं, उन लोगों को निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी हुए हैं। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वो लोग अपने परिवार रजिस्टर की नकल, स्थाई निवास प्रमाण पत्र या ऐसे दस्तावेज जो किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी किए गए हैं, वो सबमिट करके अपनी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।" दृश्य (Visual): (सचिव द्वारा रजिस्टर चेक करते हुए या काम करते हुए शॉट्स) रिपोर्टर (VO): "बड़ी समस्या यह आ रही थी कि जो 11 मान्य दस्तावेज मांगे गए हैं, उनमें से कई कागज आम ग्रामीणों के पास उपलब्ध नहीं हैं। आधार कार्ड और मौजूदा निवास प्रमाण पत्र को लेकर भी संशय बना हुआ था। इस पर सचिव अतुल कुमार ने स्पष्ट समाधान बताया है।" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार का अगला वीडियो बयान) सचिव अतुल कुमार (बाइट): "हर गांव में परिवार रजिस्टर बने हुए हैं और हर व्यक्ति की डिटेल परिवार रजिस्टर में दर्ज है। जो भी लोग आते हैं, उन्हें निशुल्क (बिना किसी चार्ज के) हम लोग परिवार रजिस्टर की नकल निरंतर जारी कर रहे हैं, ताकि उनकी मदद हो सके।" दृश्य (Visual): (ब्लॉक परिसर का वाइड शॉट, रिपोर्टर का पीटीसी) निष्कर्ष (Conclusion/PTC): "तो, अगर आपको भी ऐसा कोई नोटिस मिला है, तो पैनिक होने या घबराने की जरूरत नहीं है। सचिव अतुल कुमार के मुताबिक, आप अपने ग्राम पंचायत अधिकारी से मिलकर 'परिवार रजिस्टर' की नकल निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं और उसे सबूत के तौर पर लगाकर अपना फॉर्म पूरा कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि वे जनता की मदद के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। कैमरा पर्सन के साथ, मैं सरफराज अहमद खान, UP News TV 24।"1
- चंपावत :52 शाखाओं का काम ठप, 5-डे वीक की मांग आम जनता की आवाज1