बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक राज कचहरी परिसर में सड़क निर्माण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने 81.10 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क का कार्यादेश जारी किया है। यह सड़क जोड़ा शिवालय मंदिर के पास राज ड्योढ़ी के पूर्वी गेट से भवानी मंडप होते हुए राज कचहरी कार्यालय तक और संत कबीर चौक के पास राज ड्योढ़ी के दक्षिणी गेट से टेंपो स्टैंड पुल तक बनाई जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया है कि राज कचहरी परिसर बेतिया नगर निगम की ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस योजना के लिए पहले 97.58 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसी शक्ति कंस्ट्रक्शन को 81.10 लाख रुपये का कार्यादेश दिया गया है। निर्माण एजेंसी को तीन महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच एमआईटी मुजफ्फरपुर के सक्षम प्राधिकार द्वारा की जाएगी और जांच में काम संतोषजनक पाए जाने के बाद ही एजेंसी को भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्यादेश की शर्तों के अनुसार, निर्माण एजेंसी को सड़क निर्माण के बाद अगले 36 महीने (तीन वर्ष) तक इसका रखरखाव भी करना होगा। इस रखरखाव अवधि के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ही सुरक्षा गारंटी मद में जमा कराई गई राशि वापस की जाएगी। इसके अलावा, कार्य शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद स्थल की फोटोग्राफी कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित तीन महीने की अवधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो संवेदक पर प्रतिदिन कार्यादेश राशि का 0.1 प्रतिशत अर्थदंड लगाया जा सकता है। इस पूरी योजना में किसी भी प्रकार के अग्रिम भुगतान का प्रावधान नहीं रखा गया है।
बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक राज कचहरी परिसर में सड़क निर्माण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने 81.10 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क का कार्यादेश जारी किया है। यह सड़क जोड़ा शिवालय मंदिर के पास राज ड्योढ़ी के पूर्वी गेट से भवानी मंडप होते हुए राज कचहरी कार्यालय तक और संत कबीर चौक के पास राज ड्योढ़ी के दक्षिणी गेट से टेंपो स्टैंड पुल तक बनाई जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया है कि राज कचहरी परिसर बेतिया नगर निगम की ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस योजना के लिए पहले 97.58 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसी शक्ति कंस्ट्रक्शन को 81.10 लाख रुपये का कार्यादेश दिया गया है। निर्माण एजेंसी को तीन महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच एमआईटी मुजफ्फरपुर के सक्षम प्राधिकार द्वारा की जाएगी और जांच में काम संतोषजनक पाए जाने के बाद ही एजेंसी को भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्यादेश की शर्तों के अनुसार, निर्माण एजेंसी को सड़क निर्माण के बाद अगले 36 महीने (तीन वर्ष) तक इसका रखरखाव भी करना होगा। इस रखरखाव अवधि के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ही सुरक्षा गारंटी मद में जमा कराई गई राशि वापस की जाएगी। इसके अलावा, कार्य शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद स्थल की फोटोग्राफी कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित तीन महीने की अवधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो संवेदक पर प्रतिदिन कार्यादेश राशि का 0.1 प्रतिशत अर्थदंड लगाया जा सकता है। इस पूरी योजना में किसी भी प्रकार के अग्रिम भुगतान का प्रावधान नहीं रखा गया है।
- बलिया के रेवती क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी पर बांसडीह की बीजेपी विधायक केतकी सिंह बेहद नाराज हो गईं। यहाँ के बेशर्म बिजली विभाग के अधिकारियों ने बीजेपी विधायक केतकी सिंह का फोन तक नहीं उठाया। आखिरकार अधिकारियों के इस रवैये से थक-हारकर उन्होंने एसडीएम से बात की और व्यवस्था ठीक करने को कहा।1
- पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित बड़ा बेलवा गांव के समीप मसान नदी के किनारे एक बाघ ने गाय के बछड़े को अपना शिकार बना लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम कृष्णा यादव अपने मवेशियों को चराने के लिए मसान नदी के किनारे गए थे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक हमला कर गाय के बछड़े को दबोच लिया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने फौरन इसकी सूचना वन विभाग के राघिया रेंज कार्यालय को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ की ट्रैकिंग शुरू कर दी है। वन अधिकारियों के मुताबिक, यह बाघ पिछले करीब एक सप्ताह से रिहायशी इलाके के आसपास लगातार देखा जा रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल या नदी किनारे न जाने और मवेशियों को खुले में न छोड़ने की अपील की है। लगातार रिहायशी इलाकों में बाघ की इस मौजूदगी ने लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- रोहित शर्मा साल 2027 के वर्ल्ड कप में खेलेंगे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर कॉकरोच पार्टी के अभिजीत ने दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिजीत का दावा है कि सुबह करीब 7 बजे जब वह फ्रेश होने के लिए बाहर निकले थे, ठीक उसी वक्त पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने तीखा हमला बोला और दावा किया कि सुबह 7 बजे ही पुलिस के गुंडे वहां आ गए थे। इसके साथ ही, उन्होंने सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के पूरे घटनाक्रम पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इस पूरे मामले पर अपना रुख साफ किया है।1
- सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस आंदोलन की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की थी, जिसमें पिछले महीने 28 जून को सोनम वांगचुक भी शामिल हो गए थे. प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही है. हालांकि, इस अनशन को लेकर केंद्र सरकार बहुत हरकत में नहीं दिख रही है, लेकिन सोनम वांगचुक के इस आंदोलन की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अच्छी-खासी हो रही है.1
- बिहार के सुगौली क्षेत्र से होकर प्रवाहित होने वाली सिकरहना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण पानी वहां बने एक अर्धनिर्मित बांध से बेहद तेजी से बाहर निकल रहा है।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक राज कचहरी परिसर में सड़क निर्माण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने 81.10 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क का कार्यादेश जारी किया है। यह सड़क जोड़ा शिवालय मंदिर के पास राज ड्योढ़ी के पूर्वी गेट से भवानी मंडप होते हुए राज कचहरी कार्यालय तक और संत कबीर चौक के पास राज ड्योढ़ी के दक्षिणी गेट से टेंपो स्टैंड पुल तक बनाई जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया है कि राज कचहरी परिसर बेतिया नगर निगम की ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस योजना के लिए पहले 97.58 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसी शक्ति कंस्ट्रक्शन को 81.10 लाख रुपये का कार्यादेश दिया गया है। निर्माण एजेंसी को तीन महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच एमआईटी मुजफ्फरपुर के सक्षम प्राधिकार द्वारा की जाएगी और जांच में काम संतोषजनक पाए जाने के बाद ही एजेंसी को भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्यादेश की शर्तों के अनुसार, निर्माण एजेंसी को सड़क निर्माण के बाद अगले 36 महीने (तीन वर्ष) तक इसका रखरखाव भी करना होगा। इस रखरखाव अवधि के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ही सुरक्षा गारंटी मद में जमा कराई गई राशि वापस की जाएगी। इसके अलावा, कार्य शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद स्थल की फोटोग्राफी कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित तीन महीने की अवधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो संवेदक पर प्रतिदिन कार्यादेश राशि का 0.1 प्रतिशत अर्थदंड लगाया जा सकता है। इस पूरी योजना में किसी भी प्रकार के अग्रिम भुगतान का प्रावधान नहीं रखा गया है।1
- पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत पखनाहा से बेतिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पखनाहा बाजार में हल्की बारिश के बाद ही जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने शुक्रवार की दोपहर को इस समस्या को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली बारिश होने पर भी सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है और बाजार आने-जाने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने जलजमाव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इसके जरिए उन्होंने स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल एवं विधायक नारायण प्रसाद से शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से भी सड़क की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने तथा इस जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया अंतर्गत गौनाहा प्रखंड की बेलसंडी पंचायत में स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बेलसंडी इन दिनों तालाब का रूप ले चुका है। विद्यालय का पूरा प्रांगण और मुख्य प्रवेश मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। हालात इस कदर खराब हैं कि बच्चों को घुटने भर गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय परिसर में जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायत भवन से लेकर विद्यालय तक मुख्य सड़क पर पानी जमा है। इससे न केवल स्कूली बच्चों, बल्कि आम लोगों को भी आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई बच्चों के लिए कक्षाओं तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी विद्यालय परिसर में 7 जुलाई 2026 को सहयोग शिविर का आयोजन हुआ था, जिसमें मंत्री, जिलाधिकारी (डीएम), उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सहित जिला और प्रखंड के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे। उस समय भी पूरा परिसर कीचड़ और जलभराव से घिरा हुआ था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद आज तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरा आक्रोश जताते हुए तत्काल जलनिकासी कराने और विद्यालय परिसर को जलभराव से मुक्त कराने की मांग की है।1