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केरपानी के समीप दोमोटरसाइकिल की आपस में बिडत,दो लोग गंभीर अन्य घायल बैतूल परतवाड़ा मार्ग पर केरपानी के समीप गहरे टर्नर में दो मोटरसाइकिल की आपस में भीड़त हो गई जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और दो लोग को चोटे आई इन चारों लोगों को तत्काल अस्पताल रेफर कर किया गया , पुलिस की तत्परता से यह कार्य तत्काल संभव हो पाया पुलिस में पदस्थ मुंशी हाकम सिंह और सिपाही शिवराम की तत्परता से उन्हें झल्लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया.जिसमें झल्लार की ओर से तीन लोग एक मोटरसाइकिल पर सवार रविंद्र उइके अजय वरकडे अर्जुन वर्कड़े बैतूल की ओर जा रहे थे और बैतूल की ओर से विनोद बुंदेले अपनी मोटरसाइकिल से केरपानी की ओर आ रहा था की दोनों बाइक घटना का शिकार हो गये
आठनेर रिपोर्टर
केरपानी के समीप दोमोटरसाइकिल की आपस में बिडत,दो लोग गंभीर अन्य घायल बैतूल परतवाड़ा मार्ग पर केरपानी के समीप गहरे टर्नर में दो मोटरसाइकिल की आपस में भीड़त हो गई जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और दो लोग को चोटे आई इन चारों लोगों को तत्काल अस्पताल रेफर कर किया गया , पुलिस की तत्परता से यह कार्य तत्काल संभव हो पाया पुलिस में पदस्थ मुंशी हाकम सिंह और सिपाही शिवराम की तत्परता से उन्हें झल्लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया.जिसमें झल्लार की ओर से तीन लोग एक मोटरसाइकिल पर सवार रविंद्र उइके अजय वरकडे अर्जुन वर्कड़े बैतूल की ओर जा रहे थे और बैतूल की ओर से विनोद बुंदेले अपनी मोटरसाइकिल से केरपानी की ओर आ रहा था की दोनों बाइक घटना का शिकार हो गये
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- भीमपुर में जयस संगठन का अनोखा आंदोलन भैंसदेही जयस संगठन भीमपुर ने जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नन्हसिंग चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026-27 में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी जोड़ों के विवाह को आदिवासी संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाएगा। योजना में जोड़ों की सीमित संख्या पर नाराजगी मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस बार भीमपुर और भैंसदेही में 29 अप्रैल को इसका आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन मात्र 200 जोड़ों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि यह संख्या क्षेत्र की आबादी और आवश्यकता के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है। भीमपुर-भैंसदेही एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो पांच अनुसूचित क्षेत्रों (244/1) के अंतर्गत आता है। यहां विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में दंपतियों के शामिल होने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय पर 700 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार दो ब्लॉकों को मिलाकर भी संख्या घटाकर 200 कर दी गई है। संगठन ने मध्य प्रदेश शासन से तत्काल जोड़ों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। आदिवासी संस्कृति का सम्मान: विशेष मांग ग्रामीणों और संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 सीधे तौर पर अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) पर लागू नहीं होता। इसलिए योजना में आदिवासी संस्कृति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं का सम्मान हो। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, "क्षेत्र की जरूरतों को नजरअंदाज कर योजना का आयोजन करना अन्यायपूर्ण है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की जिम्मेदारी शासन की होगी।"2
- Post by AMLA NEWS1
- रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का विवाद, भाजपा नगर मंडल ने लगाये ट्रस्टीयों पर गंभीर आरोप सिवनी मालवा नगर के जनपद सभागार में मंगलवार को आयोजित होने वाली मंदिर ट्रस्ट की कृषि भूमि की नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अब यह नीलामी जून माह में आयोजित की जाएगी। तहसीलदार नितिन झोड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित ट्रस्टियों द्वारा “खोटनामा” प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मूंग की फसल तक के लिए कृषि भूमि दिए जाने का उल्लेख है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर आगामी जून माह में पुनः नीलामी कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामला रामजानकी राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट तथा श्री ठाकुर महावीर जी मंदिर दूधिया बढ़ ट्रस्ट की कृषि भूमि से जुड़ा हुआ है, जिसकी नीलामी को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ था। इधर, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी ने दोनों ट्रस्टों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन ट्रस्टों की कृषि भूमि हर वर्ष बिना सार्वजनिक नीलामी के ही आपसी सहमति से बेहद कम दरों (करीब 20–25 हजार रुपये प्रति एकड़) पर बांट दी जाती है, जिससे मंदिर को हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम बराखड़ कला स्थित मंदिर ट्रस्ट की लगभग 65–70 एकड़ तथा दूधियाबढ़ मंदिर की करीब 15 एकड़ कृषि भूमि से होने वाली आय को जानबूझकर कम दिखाया जाता है। जबकि वर्तमान खोट दर के अनुसार यह आय कई गुना अधिक हो सकती है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर बिना अनुमति दुकानों का निर्माण, बिना नीलामी आवंटन, तथा करोड़ों के गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि वर्ष 2005 में स्वीकृत आवासीय कॉलोनी की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद प्लॉट बेचे गए और नियमों का उल्लंघन किया गया। नीरज तिवारी के अनुसार, इस संबंध में कलेक्टर, कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब उसे आगे बढ़ा दिया गया है। मामले में यह भी आरोप है कि मंदिर की आय का सही उल्लेख ऑडिट रिपोर्ट में नहीं किया गया और धार्मिक आयोजनों के लिए भी चंदे पर निर्भरता बनी हुई है। फिलहाल नीलामी टलने से जहां एक ओर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें जून माह में होने वाली नीलामी और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
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- बांदा जनपद में ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रधान संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से1
- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान चांद मंडल के प्रशिक्षण वर्ग में मध्य प्रदेश सरकार की उपलब्धियां को मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर मध्य प्रदेश सरकार की विकास गाथा को कार्यकर्ताओं के बीच रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियां जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।1
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- नर्मदा पुरम। स्कूल फीस जमा नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया गया जबकि स्कूल फीस ऑनलाइन जमा हो सकती है लेकिन यहां का जो मैनेजमेंट है वह ऑनलाइन पेमेंट लेने से फलों को मना कर रहा है जबकि ऑनलाइन पेमेंट की जा सकती है वहीं कैश पेमेंट का ही यहां पर रूल बना हुआ है क्या यह सही है जनता पूछता है शासन और प्रशासन से।1