रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का विवाद, भाजपा नगर मंडल ने लगाये ट्रस्टीयों पर गंभीर आरोप रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का विवाद, भाजपा नगर मंडल ने लगाये ट्रस्टीयों पर गंभीर आरोप सिवनी मालवा नगर के जनपद सभागार में मंगलवार को आयोजित होने वाली मंदिर ट्रस्ट की कृषि भूमि की नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अब यह नीलामी जून माह में आयोजित की जाएगी। तहसीलदार नितिन झोड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित ट्रस्टियों द्वारा “खोटनामा” प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मूंग की फसल तक के लिए कृषि भूमि दिए जाने का उल्लेख है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर आगामी जून माह में पुनः नीलामी कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामला रामजानकी राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट तथा श्री ठाकुर महावीर जी मंदिर दूधिया बढ़ ट्रस्ट की कृषि भूमि से जुड़ा हुआ है, जिसकी नीलामी को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ था। इधर, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी ने दोनों ट्रस्टों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन ट्रस्टों की कृषि भूमि हर वर्ष बिना सार्वजनिक नीलामी के ही आपसी सहमति से बेहद कम दरों (करीब 20–25 हजार रुपये प्रति एकड़) पर बांट दी जाती है, जिससे मंदिर को हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम बराखड़ कला स्थित मंदिर ट्रस्ट की लगभग 65–70 एकड़ तथा दूधियाबढ़ मंदिर की करीब 15 एकड़ कृषि भूमि से होने वाली आय को जानबूझकर कम दिखाया जाता है। जबकि वर्तमान खोट दर के अनुसार यह आय कई गुना अधिक हो सकती है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर बिना अनुमति दुकानों का निर्माण, बिना नीलामी आवंटन, तथा करोड़ों के गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि वर्ष 2005 में स्वीकृत आवासीय कॉलोनी की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद प्लॉट बेचे गए और नियमों का उल्लंघन किया गया। नीरज तिवारी के अनुसार, इस संबंध में कलेक्टर, कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब उसे आगे बढ़ा दिया गया है। मामले में यह भी आरोप है कि मंदिर की आय का सही उल्लेख ऑडिट रिपोर्ट में नहीं किया गया और धार्मिक आयोजनों के लिए भी चंदे पर निर्भरता बनी हुई है। फिलहाल नीलामी टलने से जहां एक ओर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें जून माह में होने वाली नीलामी और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का विवाद, भाजपा नगर मंडल ने लगाये ट्रस्टीयों पर गंभीर आरोप रामजानकी मंदिर ट्रस्ट का विवाद, भाजपा नगर मंडल ने लगाये ट्रस्टीयों पर गंभीर आरोप सिवनी मालवा नगर के जनपद सभागार में मंगलवार को आयोजित होने वाली मंदिर ट्रस्ट की कृषि भूमि की नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अब यह नीलामी जून माह में आयोजित की जाएगी। तहसीलदार नितिन झोड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित ट्रस्टियों द्वारा “खोटनामा” प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मूंग की फसल तक के लिए कृषि भूमि दिए जाने का उल्लेख है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर आगामी जून माह में पुनः नीलामी कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामला रामजानकी राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट तथा श्री ठाकुर महावीर जी मंदिर दूधिया बढ़ ट्रस्ट की कृषि भूमि से जुड़ा हुआ है, जिसकी नीलामी को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ था। इधर, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी ने दोनों ट्रस्टों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन ट्रस्टों की कृषि भूमि हर वर्ष बिना सार्वजनिक नीलामी के ही आपसी सहमति से बेहद कम दरों (करीब 20–25 हजार रुपये प्रति एकड़) पर बांट दी जाती है, जिससे मंदिर को हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम बराखड़ कला स्थित मंदिर ट्रस्ट की लगभग 65–70 एकड़ तथा दूधियाबढ़ मंदिर की करीब 15 एकड़ कृषि भूमि से होने वाली आय को जानबूझकर कम दिखाया जाता है। जबकि वर्तमान खोट दर के अनुसार यह आय कई गुना अधिक हो सकती है। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर बिना अनुमति दुकानों का निर्माण, बिना नीलामी आवंटन, तथा करोड़ों के गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि वर्ष 2005 में स्वीकृत आवासीय कॉलोनी की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद प्लॉट बेचे गए और नियमों का उल्लंघन किया गया। नीरज तिवारी के अनुसार, इस संबंध में कलेक्टर, कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब उसे आगे बढ़ा दिया गया है। मामले में यह भी आरोप है कि मंदिर की आय का सही उल्लेख ऑडिट रिपोर्ट में नहीं किया गया और धार्मिक आयोजनों के लिए भी चंदे पर निर्भरता बनी हुई है। फिलहाल नीलामी टलने से जहां एक ओर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें जून माह में होने वाली नीलामी और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- गेहूं खरीदारी की तारीखों को बार-बार बढ़ाए जाने के विरोध में देवास जिले में भारतीय किसान संघ के जिला एवं तहसील अध्यक्ष के नेतृत्व में माननीय कलेक्टर महोदय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार तारीखें बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके कारण गेहूं खरीदारी में अनावश्यक देरी हो रही है और किसान अत्यधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय पर गेहूं की खरीदारी नहीं की गई, तो किसानों की समस्याएं और बढ़ेंगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अतः सरकार को इस विषय में शीघ्र निर्णय लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।1
- लोकेशन:- सोहागपुर। संवाददाता:- शेख आरिफ। सोहागपुर// क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब बैतूल से पिपरिया जा रहा चने से भरा ट्रक तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर खब्जा पीर टर्निंग पर पलट गया। जानकारी के मुताबिक, ट्रक क्रमांक एमएच 27 बीएक्स 9091 बैतूल से चना लेकर पिपरिया की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रक सोहागपुर के खब्जा पीर के खतरनाक मोड़ पर पहुंचा, चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रक सड़क पर पलट गया। हादसे में ट्रक चालक और हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात बाधित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की गति काफी तेज थी, जिससे मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया।1
- ग्राम पामली में अज्ञात कारण से दो घरों में लगी भीषण आग गृहस्थी का सामान और मवेशी का बछड़ा जिंदा जला सोहागपुर ब्लॉक के ग्राम पामली में मंगलवार शाम 4 बजे के लगभग अज्ञात कारण से भीषण आग लग गई। जिसमें दो परिवारों के घर जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में एक मवेशी का बछड़ा भी जीवित जल गया, जिससे पीड़ित परिवारों को जान-माल दोनों की भारी क्षति उठानी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार आग की चपेट में यशवंत शर्मा एवं विमलेश केवट के मकान आए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों घरों में रखा सामान, अनाज तथा घरेलू वस्तुएँ जलकर नष्ट हो गईं। इसी दौरान घर में बँधा एक बछड़ा भी आग की भेंट चढ़ गया। ग्रामीणों एवं फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाने का प्रयास किया, परंतु तब तक काफी नुकसान हो चुका था आग लगने की सूचना पर सेमरी हरचंद पुलिस भी मौके पर पहुंची और डब्बे में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात है। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि आग में आने से उनका वर्षों की मेहनत से जोड़ा सामान पल भर में स्वाहा हो गया। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ितों को उचित मुआवज़ा दिलाने की माँग की है।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश 99747788631
- कन्नौद के खिवनी अभ्यारण में दिखा दुर्लभ भारतीय भेड़ियाः दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड भी नजर आई अकेले रहती है कन्नौद, कन्नौद के खिवनी वन्यजीव अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में बाघ गणना के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप में दुर्लभ भारतीय भेड़िया और दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्लियों में गिनी जाने वाली रस्टी स्पॉटेड कैट के चित्र कैद हुए हैं। इन प्रजातियों की मौजूदगी अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जा रही है। खिवनी अभ्यारण्य अधीक्षक विकास माहोरे, एंव रेजर भीमसिह सिसोदिया ने बताया कि, वन विभाग द्वारा नियमित रूप से कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की निगरानी की जाती है। इस बार की मॉनिटरिंग में इन दुर्लभ जीवों का दिखना खास महत्व रखता है, जो क्षेत्र के प्राकृतिक आवास की गुणवत्ता को दर्शाता है। वन विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय भेड़िया घास के मैदानों का अहम शिकारी होता है। इसकी उपस्थिति यह बताती है कि यहां खाद्य श्रृंखला मजबूत है और पारिस्थितिकी संतुलित बना हुआ है। वहीं रस्टी स्पॉटेड कैट बेहद दुर्लभ और शर्मीली प्रजाति है, जिसका वजन सामान्यतः 1 किलो के आसपास होता है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में ‘नियर थ्रेटेंड’ श्रेणी में शामिल है। यह बिल्ली रात्रिचर होती है, पेड़ों पर आसानी से चढ़ जाती है और अकेले रहना पसंद करती है। अपने छोटे आकार के बावजूद यह तेज और कुशल शिकारी मानी जाती है, इसलिए इसे “कैट्स का हमिंगबर्ड” भी कहा जाता है। इसके अलावा अभयारण्य में बाघ युवराज और बाघिन मीरा अपने शावकों के साथ लगातार देखे जा रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, बाघ परिवार की नियमित गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि खिवनी अब बाघों के लिए स्थायी आवास के रूप में विकसित हो रहा है। सुरक्षित वातावरण और बेहतर कॉरिडोर कनेक्टिविटी के चलते यहां बाघों की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- 🌱 PUSA Decomposer क्या है? यह एक बायो-डिकम्पोज़र (जैविक दवा) है, जिसमें खास प्रकार के फंगस (सूक्ष्म जीव) होते हैं। ये सूक्ष्म जीव पराली/फसल अवशेष को तेजी से सड़ाकर खाद (कम्पोस्ट) में बदल देते हैं। � Drishti IAS +1 ⚙️ यह कैसे काम करता है? कैप्सूल को पानी, गुड़ और बेसन में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है 8–10 दिन तक इसे तैयार किया जाता है फिर इस घोल को खेत में पराली पर छिड़क दिया जाता है 20–25 दिनों में पराली सड़कर खाद बन जाती है � IAS Gyan +1 ✅ इसके फायदे 🔥 पराली जलाने की जरूरत खत्म 🌍 प्रदूषण कम होता है 🌱 मिट्टी की उर्वरता (फर्टिलिटी) बढ़ती है 💰 रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है 🌾 अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है � SPIISRY +1 ⏱️ कितना समय लगता है? सामान्यतः 20–25 दिन में पराली पूरी तरह खाद में बदल जाती है � The Indian Express 💡 किसानों के लिए सुझाव अगर आप गेहूं बोने वाले हैं, तो पराली काटने के तुरंत बाद इसका छिड़काव करें हल्की सिंचाई (पानी) करें, इससे सड़ने की प्रक्रिया तेज होती है ट्रैक्टर से हल चलाकर मिट्टी में मिला दें1
- इंदौर बैतूल हाईवे स्थित धनतलाब घाट पर जल्द जाम से मिल सकेगा छुटकारा, फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य घाट पर चल रहा है तेजी से मिलेगी राहत कन्नौद। राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर बैतूल फोर लेन का कार्य भी अब त्वरित गति से धनतालाब घाट पर भी प्रारंभ हो गया है। पुराना सिंगल रोड़ से कुछ ही दूरी यानी दतुनी नदी के किनारे किनारे बनने वाले इस रोड़ की दूरी कहीं दो सौ फीट तो कहीं सो फिट तो कहीं पचास फिट की दूरी से ही गुजर रहा है। इस रोड़ पर पहाड़ी को समतल किया जा रहा है।कहीं कहीं काफी कार्य हो चुका है।इस घाट पर जहां संकीर्ण पुलिया है वहां से कुछ दूरी यानी सो फिट की दूरी पर पीलर पर पुल बनेगा ।जबकि जहां पहाड़ी को समतल किया गया है वहां जमीन तल पर रोड़ बनेगा। श्रीजी कंपनी के अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि घाट पर जहां गहरी खाई है वहां तकरीबन 15 से 20 पीलर बनेंगे। उनकी ऊंचाई तकरीबन 20 फिट के लगभग होगी।इसकी डिजाइन भी बन चुकी है। घाट के ऊपरी हिस्सा पर कार्य शुरू हो चुका है ।इंदौर तरफ से आने पर उल्टे हाथ पर यानी उत्तर दिशा जहां घाट समाप्त होता है वहां से उक्त कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है। पहाड़ियों को समतल किया जा रहा है ।प्रयास यह होगा कि जल्दी रोड़ समतल हो जायेगा तो घाट पर जब जाम लगेगा तो नवीन फोर लेन वाले कच्चे रोड़ से वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।यह प्रयास किया जा रहा है।पीलर जब तक खड़े नहीं हो जाते तब तक साईड वाले वैकल्पिक रोड़ से जाम के समय में वाहनों को निकाला जा सकता है।वैसे इसमें कुछ समय लगेगा। क्योंकि कंपनी के वाहनों को भी कार्य करने के लिए वैकल्पिक रोड़ की आवश्यकता है।अभी तक धनतालाब घाट से लेकर ननासा तक 28 छोटी बड़ी पुल पुलिया बनकर तैयार हो चुकी है । पांच किलोमीटर का बेस बनकर तैयार हो चुका है जिसमें बहुत जल्दी डामरीकरण किया जाएगा। धनतालाब घाट पर चार पांच फीट की सीमेंट की मोटी दीवार बनेगी जो दातूनी नदी की किनारे किनारे बनेगी जिससे रोड़ की मजबूती की जायेगी। एक बड़ा पुलिया भी घाट की कुछ दूरी पर बन रहा है जिसमें दतुनी नदी को एक जगह से नीचे से निकाला जाएगा । पानीगांव बिजवाड़ रोड़ को जोड़ने वाला बड़ा अंडरपास पुलिया का निर्माण कार्य काफी हो चुका है उसमें अब छत डलने वाली है। वैसे इस रोड़ को पूर्ण होने में अभी एक से डेढ़ साल लगेगा।1
- Post by AMLA NEWS1