कन्या विवाह योजना में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी रीति से विवाह की मांग भीमपुर में जयस संगठन का अनोखा आंदोलन भैंसदेही जयस संगठन भीमपुर ने जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नन्हसिंग चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026-27 में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी जोड़ों के विवाह को आदिवासी संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाएगा। योजना में जोड़ों की सीमित संख्या पर नाराजगी मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस बार भीमपुर और भैंसदेही में 29 अप्रैल को इसका आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन मात्र 200 जोड़ों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि यह संख्या क्षेत्र की आबादी और आवश्यकता के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है। भीमपुर-भैंसदेही एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो पांच अनुसूचित क्षेत्रों (244/1) के अंतर्गत आता है। यहां विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में दंपतियों के शामिल होने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय पर 700 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार दो ब्लॉकों को मिलाकर भी संख्या घटाकर 200 कर दी गई है। संगठन ने मध्य प्रदेश शासन से तत्काल जोड़ों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। आदिवासी संस्कृति का सम्मान: विशेष मांग ग्रामीणों और संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 सीधे तौर पर अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) पर लागू नहीं होता। इसलिए योजना में आदिवासी संस्कृति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं का सम्मान हो। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, "क्षेत्र की जरूरतों को नजरअंदाज कर योजना का आयोजन करना अन्यायपूर्ण है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की जिम्मेदारी शासन की होगी।"
कन्या विवाह योजना में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी रीति से विवाह की मांग भीमपुर में जयस संगठन का अनोखा आंदोलन भैंसदेही जयस संगठन भीमपुर ने जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नन्हसिंग चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026-27 में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी जोड़ों के विवाह को आदिवासी संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाएगा। योजना में जोड़ों की सीमित संख्या पर नाराजगी मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस बार भीमपुर और भैंसदेही में 29 अप्रैल को इसका आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन मात्र 200 जोड़ों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि यह संख्या क्षेत्र की आबादी और आवश्यकता के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है। भीमपुर-भैंसदेही एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो पांच अनुसूचित क्षेत्रों
(244/1) के अंतर्गत आता है। यहां विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में दंपतियों के शामिल होने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय पर 700 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार दो ब्लॉकों को मिलाकर भी संख्या घटाकर 200 कर दी गई है। संगठन ने मध्य प्रदेश शासन से तत्काल जोड़ों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। आदिवासी संस्कृति का सम्मान: विशेष मांग ग्रामीणों और संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 सीधे तौर पर अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) पर लागू नहीं होता। इसलिए योजना में आदिवासी संस्कृति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं का सम्मान हो। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, "क्षेत्र की जरूरतों को नजरअंदाज कर योजना का आयोजन करना अन्यायपूर्ण है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की जिम्मेदारी शासन की होगी।"
- भीमपुर में जयस संगठन का अनोखा आंदोलन भैंसदेही जयस संगठन भीमपुर ने जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नन्हसिंग चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026-27 में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी जोड़ों के विवाह को आदिवासी संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाएगा। योजना में जोड़ों की सीमित संख्या पर नाराजगी मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस बार भीमपुर और भैंसदेही में 29 अप्रैल को इसका आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन मात्र 200 जोड़ों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि यह संख्या क्षेत्र की आबादी और आवश्यकता के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है। भीमपुर-भैंसदेही एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो पांच अनुसूचित क्षेत्रों (244/1) के अंतर्गत आता है। यहां विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में दंपतियों के शामिल होने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय पर 700 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार दो ब्लॉकों को मिलाकर भी संख्या घटाकर 200 कर दी गई है। संगठन ने मध्य प्रदेश शासन से तत्काल जोड़ों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। आदिवासी संस्कृति का सम्मान: विशेष मांग ग्रामीणों और संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 सीधे तौर पर अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) पर लागू नहीं होता। इसलिए योजना में आदिवासी संस्कृति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं का सम्मान हो। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, "क्षेत्र की जरूरतों को नजरअंदाज कर योजना का आयोजन करना अन्यायपूर्ण है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की जिम्मेदारी शासन की होगी।"2
- बैतूल परतवाड़ा मार्ग पर केरपानी के समीप गहरे टर्नर में दो मोटरसाइकिल की आपस में भीड़त हो गई जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और दो लोग को चोटे आई इन चारों लोगों को तत्काल अस्पताल रेफर कर किया गया , पुलिस की तत्परता से यह कार्य तत्काल संभव हो पाया पुलिस में पदस्थ मुंशी हाकम सिंह और सिपाही शिवराम की तत्परता से उन्हें झल्लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया.जिसमें झल्लार की ओर से तीन लोग एक मोटरसाइकिल पर सवार रविंद्र उइके अजय वरकडे अर्जुन वर्कड़े बैतूल की ओर जा रहे थे और बैतूल की ओर से विनोद बुंदेले अपनी मोटरसाइकिल से केरपानी की ओर आ रहा था की दोनों बाइक घटना का शिकार हो गये2
- घुसपैठ,भ्रष्टाचार, परिवारवाद और गुलामी चुनौतियों हैं बोले मोदी, कलपेट्टा में भाषण देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, हिमंता सरना - पाताल से पकड़ेगी असम पुलिस पवन खेड़ा को !! कौन है ये खड़गे? ऐसे केस बहुत देखें है जो करना है करने दो’- खड़गे, वेनेज़ुएला मुझे अपना राष्ट्रपति बनाना चाहता है बोले ट्रंप, ईरान के न्यूक्लियर पावर प्लांट वाले शहर बुशहर में सड़कों पर लोग.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- Post by AMLA NEWS1
- टेस्ट ड्राइव बनी आग का कहर, शिवपुर में धू-धू कर जली फिगो कार, टला बड़ा हादसा सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र की शिवपुर तहसील में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक गैरेज पर सुधारने आई फिगो कार टेस्टिंग के दौरान अचानक आग का गोला बन गई। घटना सांवरिया वेयरहाउस वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र के पास की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिगो कार शिवपुर-बिसौनी रोड स्थित हाईस्कूल के पास एक गैरेज पर सुधार के लिए आई थी। मरम्मत के बाद मैकेनिक ने कार को टेस्ट ड्राइव के लिए सड़क पर निकाला। जैसे ही वह सांवरिया वेयरहाउस के पास पहुंचा, अचानक कार के डैशबोर्ड से काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थिति भांपते हुए मैकेनिक और उसके साथ बैठा व्यक्ति तुरंत कार से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कुछ ही पलों में पूरी कार आग की लपटों में घिर गई और धू-धू कर जलने लगी। सड़क पर जलती कार को देखकर राहगीरों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने घटना के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कार का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया। प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। गनीमत रही कि समय रहते दोनों लोग कार से बाहर निकल गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।1
- hmare gaon ka nazara 👀♥️harsud1
- नर्मदा पुरम। स्कूल फीस जमा नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया गया जबकि स्कूल फीस ऑनलाइन जमा हो सकती है लेकिन यहां का जो मैनेजमेंट है वह ऑनलाइन पेमेंट लेने से फलों को मना कर रहा है जबकि ऑनलाइन पेमेंट की जा सकती है वहीं कैश पेमेंट का ही यहां पर रूल बना हुआ है क्या यह सही है जनता पूछता है शासन और प्रशासन से।1
- भीमपुर में जयस संगठन का अनोखा आंदोलन भैंसदेही जयस संगठन भीमपुर ने जनपद कार्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नन्हसिंग चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026-27 में जोड़ों की संख्या बढ़ाने और आदिवासी जोड़ों के विवाह को आदिवासी संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सामाजिक आंदोलन छेड़ा जाएगा। योजना में जोड़ों की सीमित संख्या पर नाराजगी मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस बार भीमपुर और भैंसदेही में 29 अप्रैल को इसका आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन मात्र 200 जोड़ों को ही शामिल करने का निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि यह संख्या क्षेत्र की आबादी और आवश्यकता के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है। भीमपुर-भैंसदेही एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो पांच अनुसूचित क्षेत्रों (244/1) के अंतर्गत आता है। यहां विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में दंपतियों के शामिल होने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय पर 700 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन इस बार दो ब्लॉकों को मिलाकर भी संख्या घटाकर 200 कर दी गई है। संगठन ने मध्य प्रदेश शासन से तत्काल जोड़ों की संख्या बढ़ाने का निवेदन किया है। आदिवासी संस्कृति का सम्मान: विशेष मांग ग्रामीणों और संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 सीधे तौर पर अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) पर लागू नहीं होता। इसलिए योजना में आदिवासी संस्कृति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं का सम्मान हो। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, "क्षेत्र की जरूरतों को नजरअंदाज कर योजना का आयोजन करना अन्यायपूर्ण है। यदि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की जिम्मेदारी शासन की होगी।"2