छतरपुर पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान ग्राम कदारी के पास से 20 किलोग्राम से अधिक गांजा और उड़ीसा राज्य में पंजीकृत एक टाटा नेक्सन कार जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा के निर्देशानुसार, अवैध मादक पदार्थ संग्रह, उत्पादन, विक्रय और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है। थाना सिविल लाइन पुलिस को विगत रात्रि गश्त के दौरान ग्राम कदारी के पास गांजा तस्करी के संबंध में एक सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल संबंधित स्थान पर पहुँची, जहाँ फार्म हाउस के सामने रोड पर एक संदिग्ध कार मिली। विधिवत तलाशी लेने पर कार से 20 किलो 420 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। गांजा के साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त लगभग 22 लाख रुपये की उड़ीसा राज्य पंजीकृत टाटा नेक्सन कार को भी जब्त किया गया। इस मामले में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त फरार आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, फरार आरोपी की तलाश और आगे की विवेचना कार्यवाही जारी है। इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय, सहायक उप निरीक्षक सीताराम अहिरवार, आरक्षक हरेंद्र, अरविंद, हरिशरण, सूरजभान और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
छतरपुर पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान ग्राम कदारी के पास से 20 किलोग्राम से अधिक गांजा और उड़ीसा राज्य में पंजीकृत एक टाटा नेक्सन कार जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा के निर्देशानुसार, अवैध मादक पदार्थ संग्रह, उत्पादन, विक्रय और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है। थाना सिविल लाइन पुलिस को विगत रात्रि गश्त के दौरान ग्राम कदारी के पास गांजा तस्करी के संबंध में एक सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल संबंधित स्थान पर पहुँची, जहाँ फार्म हाउस के सामने रोड पर एक संदिग्ध कार मिली। विधिवत तलाशी लेने पर कार से 20 किलो 420 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। गांजा के साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त लगभग 22 लाख रुपये की उड़ीसा राज्य पंजीकृत टाटा नेक्सन कार को भी जब्त किया गया। इस मामले में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त फरार आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, फरार आरोपी की तलाश और आगे की विवेचना कार्यवाही जारी है। इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय, सहायक उप निरीक्षक सीताराम अहिरवार, आरक्षक हरेंद्र, अरविंद, हरिशरण, सूरजभान और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी 40 वर्षीय पत्नी के लापता होने और एक अन्य युवक फरीद खान के साथ चले जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित बबलू कुशवाहा का आरोप है कि उनकी पत्नी किरण कुशवाहा को उनके ही मोहल्ले में फर्नीचर पॉलिश का काम करने वाले फरीद खान ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। यह शिकायत आज 24 जून को दोपहर करीब 4 बजे दर्ज की गई। बबलू कुशवाहा के अनुसार, फरीद खान करीब एक साल से उनकी पत्नी को अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। जब बबलू को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने पत्नी से पूछताछ की, तो वह घर छोड़कर चली गई। पीड़ित पति ने बताया कि उनके तीन बड़े बच्चे शादीशुदा हैं और उनके नाती-पोते भी हैं, इसके बावजूद उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया। यह पहली बार नहीं है; करीब तीन महीने पहले भी वह घर से लापता हुई थी, लेकिन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस लौट आई थी। हालांकि, अब चार-पांच दिन पहले वह फिर से फरीद खान के साथ चली गई है, और पीड़ित का दावा है कि फरीद भी अपने घर से गायब है। पीड़ित बबलू कुशवाहा ने एसपी ऑफिस में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती हैं, तो वह उन्हें स्पष्ट रूप से बता दें ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाक लिया जा सके। बबलू का कहना है कि उनकी पत्नी के इस तरह बार-बार घर छोड़कर चले जाने से पूरे परिवार की बदनामी हो रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- छतरपुर के नन्ही मड़िया गांव के ग्रामीण आजादी के अमृत काल में भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण, गांव को अपने अस्तित्व के 78 साल बाद भी महज 2 किलोमीटर लंबी सड़क का इंतजार है। इस अभाव के चलते, हर बारिश में नन्ही मड़िया टापू में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन महज दो किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। यह सड़क उनके लिए नसीब का सवाल बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच-सचिव से निराश ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर जनसुनवाई में 'सड़क दो, सुविधा दो' के नारों के साथ न्याय की गुहार लगाई। बच्चों ने भी सड़क निर्माण की मांग में अपनी आवाज उठाई। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की बड़ी मांग की है, ताकि उनकी दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो सके।1
- टीकमगढ़ जिले में हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद क्षेत्र में गर्मी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है। बारिश के इस प्रभाव के चलते, बम्होरी कलां स्टैंड सहित आसपास की सड़कें सूनी नज़र आईं। इस स्थानीय घटनाक्रम पर एक विशेष रिपोर्ट देखने का आग्रह किया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान, जो लंबे समय से विभिन्न आरोपों और विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं, का हाल ही में स्थानांतरण हो गया है। लेकिन, स्थानांतरण आदेश जारी होने के तीन दिन बाद भी उन्होंने नवागत अधिकारी को विभागीय प्रभार नहीं सौंपा है। प्रभार नहीं सौंपे जाने के इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चाएं जारी हैं। जब मीडिया ने जिला शिक्षा अधिकारी चौहान से इस विषय पर सवाल किया, तो उन्होंने अपनी ओर से सफाई देते हुए एक जवाब दिया, जो अब स्वयं चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक खबर सामने आई है, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि ‘ट्रांसफार्मर’ होने के बावजूद हनुमत सिंह चौहान अपना पद छोड़ने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। यह मामला रिश्वतखोरी से जुड़े संदर्भों में भी देखा जा रहा है।1
- छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा निवासी बबलू प्रजापति (45) ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी बेटी को लेने दामाद के घर हिम्मतपुरा पहुंचे, तो उनके दामाद और परिवार के चार अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना आज 24 जून को सुबह करीब 11:00 बजे हुई। बबलू प्रजापति के अनुसार, उन्होंने दामाद से बेटी को भेजने के लिए कहा था, जिस पर दामाद ने गाली-गलौज करते हुए उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर, दामाद और अन्य परिवारजनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी और लाठी-डंडों से हमला करके बबलू प्रजापति के होंठ को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद, घायल बबलू अपने बेटे के साथ पड़रिया चौकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के उपरांत, उन्हें इलाज के लिए छतरपुर के जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ वे भर्ती हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- टीकमगढ़ जिला न्यायालय ने नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 17 के भाजपा पार्षद राजीव जैन के खिलाफ एक चेक में कथित छेड़छाड़ कर झूठी शिकायत दर्ज कराने के मामले में प्रकरण दर्ज कर ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मंगलवार को जारी इस आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शिकायतकर्ता विनय चंद्र सुनवाहा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मयंक शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में राजीव जैन ने कोतवाली टीकमगढ़ में पपौरा जैन ट्रस्ट के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक चेक के माध्यम से अनियमित भुगतान किया गया है। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके, जिसके आधार पर मामले में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के पुत्र विनय चंद्र सुनवाहा ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि राजीव जैन, अनिल बड़कुल और एक अन्य व्यक्ति ने चेक की तारीख में बदलाव कर उनके पिता को बदनाम करने और झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया था। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रथम दृष्टया यह माना कि चेक की तारीख में परिवर्तन कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर न्यायालय ने राजीव जैन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर ट्रायल प्रारंभ करने के आदेश दिए हैं। यह पूरा विवाद टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल पपौरा ट्रस्ट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनय सुनवाहा का कहना है कि उनके पिता लंबे समय तक ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे थे और चुनावी प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें बदनाम करने की नीयत से झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। न्यायालय द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।1
- जनपद महोबा के थाना अजनर क्षेत्र के पुरवा जैतपुर गाँव में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने एक परिवार पर एकराय होकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने की नीयत से पीड़ित परिवार को घेरकर बेरहमी से मारपीट की, जिसमें परिवार के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेखौफ हमलावरों ने दिनदहाड़े ऐसी वारदात को अंजाम देकर पुलिस व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर स्थित राधा सागर तालाब के पास मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नंदराम शामियाना (टेंट) हाउस की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे दुकान में रखा लाखों रुपये का टेंट, सजावटी सामग्री सहित सारा सामान जलकर खाक हो गया। दुकान के बाहर खड़ा एक पिकअप वाहन भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया, जिससे व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और तुरंत मौके पर दो फायर ब्रिगेड वाहन पहुंचाए गए। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं, जिससे आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि दमकल टीम ने समय रहते आग को फैलने से रोक लिया, जिससे आसपास स्थित अन्य दुकानें और भवन सुरक्षित बच गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।1