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खरीफ 2025 के फसल बीमा का निपटारा हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों के खातों में अभी तक बीमा की राशि नहीं पहुँची है। इस देरी को लेकर किसान यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार और बीमा कंपनियाँ किसानों के खातों में बीमा राशि के साथ ब्याज जोड़कर भुगतान करेंगी।
जनहित आवाज न्यूज़
खरीफ 2025 के फसल बीमा का निपटारा हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों के खातों में अभी तक बीमा की राशि नहीं पहुँची है। इस देरी को लेकर किसान यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार और बीमा कंपनियाँ किसानों के खातों में बीमा राशि के साथ ब्याज जोड़कर भुगतान करेंगी।
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- खरीफ 2025 के फसल बीमा का निपटारा हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों के खातों में अभी तक बीमा की राशि नहीं पहुँची है। इस देरी को लेकर किसान यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार और बीमा कंपनियाँ किसानों के खातों में बीमा राशि के साथ ब्याज जोड़कर भुगतान करेंगी।1
- सवाई माधोपुर में 'समोसे-जलेबी' के नाम पर कथित तौर पर 'धीमा जहर' बेचे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इसे जनता के 'सेहत से खिलवाड़' के रूप में देखते हुए, खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूषित माल को नष्ट करवा दिया है।1
- श्योपुर में पुलिस ने एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में किए जाने वाले प्रदर्शन की तैयारी के दौरान की गई। एनएसयूआई कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय श्योपुर पर काले झंडे दिखाने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में पीयूष शिवहरे (गुड्डू), पीजी कॉलेज अध्यक्ष सुरेंद्र मीणा, दिनेश मीणा और वहीद खान शामिल हैं।1
- Post by Pathan sahab1
- अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। सोने की कीमतों में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। इसलिए, सोना खरीदने का निर्णय लेने से पहले इन बदली हुई कीमतों की पूरी जानकारी लेना आवश्यक है।1
- मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया, जब खाद्य सुरक्षा टीम अचानक वहां पहुंची। टीम को देखते ही दुकानदारों में खलबली मच गई और वे अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भागते नजर आए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा इंस्पेक्टर नितेश गौतम ने गोविंद किराना स्टोर नामक एक दुकान को सील कर दिया। इंस्पेक्टर गौतम जब मिठाइयों की दुकानों पर पहुंचे, तो वहां के दुकानदार भी अपनी दुकानें बंद करके भाग खड़े हुए। टीम ने कई दुकानों से मिली रंगीन मिठाइयों को नष्ट कराया, वहीं समोसा और कचौरी बनाने में इस्तेमाल हो रहे पुराने तेल को भी नष्ट किया। इंस्पेक्टर गौतम ने वहां जमा लोगों की भीड़ को भी समझाया, उन्हें सलाह दी कि वे खाने-पीने की चीजें पूरी जांच-परख कर ही खरीदें और ऐसी दुकानों से सामान न लें जो खाद्य सामग्री में पुरानी वस्तुओं और बासी सामान का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा दिन रखी हुई मिठाई कभी नहीं खरीदनी चाहिए। इंस्पेक्टर गौतम ने लोगों से आग्रह किया कि अगर कोई दुकानदार मनमानी कर रहा है, तो उसकी सूचना उनकी खाद्य सुरक्षा टीम को दें, ताकि उस दुकानदार पर उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने लोगों के लिए अपना मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया, जिससे वे अपनी समस्याएं सीधे खाद्य सुरक्षा टीम को बता सकें।1
- कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करने का स्पष्ट और बार-बार आह्वान किया गया है। यह सीधे तौर पर कांग्रेस को वोट देने की अपील है।1
- भारत की रक्षा क्षमता में एक महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जहाँ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह मिसाइल दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने में सक्षम है, जिससे देश की रक्षा शक्ति और भी मजबूत होगी। इस सफल परीक्षण को भारत की बढ़ती रक्षा ताकत की दिशा में एक 'बड़ा कारनामा' माना जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।1