रोहतास पुलिस ने धौड़ाढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना का सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग 44.79 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामेश्वर कुमार, सुदर्शन कुमार उर्फ टिटू, रवि कुमार उर्फ छोटू, नितिन कुमार और नंद कुमार सोनी के रूप में हुई है। एसडीपीओ विप्लव कुमार ने जानकारी दी है कि लूटे गए सोने के आभूषणों के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त अन्य सामान भी आरोपियों के पास से बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है। इस सफल कार्रवाई में धौड़ाढ़ थानाध्यक्ष अमित कुमार राय सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस उपलब्धि से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है, जिससे लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
रोहतास पुलिस ने धौड़ाढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना का सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग 44.79 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामेश्वर कुमार, सुदर्शन कुमार उर्फ टिटू, रवि कुमार उर्फ छोटू, नितिन कुमार और नंद कुमार सोनी के रूप में हुई है। एसडीपीओ विप्लव कुमार ने जानकारी दी है कि लूटे गए सोने के आभूषणों के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त अन्य सामान भी आरोपियों के पास से बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है। इस सफल कार्रवाई में धौड़ाढ़ थानाध्यक्ष अमित कुमार राय सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस उपलब्धि से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है, जिससे लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। अभिषेक कुमार eMedia द्वारा इस वायरल वीडियो के संबंध में यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इसमें दर्शाई गई जानकारी वास्तव में सत्य है। प्रमुख सवाल यह है कि क्या यह वीडियो किसी कानूनी प्रावधान पर आधारित है, या फिर यह मात्र गलत जानकारी फैलाने का एक माध्यम है।1
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- Post by Chandan kumar gupta1
- कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला परिषद सदस्य भाग संख्या-3 और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह को 2 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस सिविल कोर्ट भभुआ के वरीय अधिवक्ता कौशल पति पाण्डेय के माध्यम से भेजा गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 26 मई 2026 को जिला परिषद कार्यालय भभुआ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष रिंकी सिंह ने विकास सिंह के संबंध में आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। नोटिस में कहा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए इन कथित बयानों से विकास सिंह की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। विकास सिंह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनकी सामाजिक पहचान कैमूर सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित है, ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित बयान से उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। अधिवक्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध सिविल एवं आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। नोटिस में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई है। इस कानूनी नोटिस के बाद जिला परिषद की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।4
- बिहार के कैमूर जिले के बेलांव थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में तनाव और विवाद को और बढ़ा दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार-पांच लोग मिलकर एक अकेले युवक को बुरी तरह से पीट रहे हैं। यह घटना बेलांव थाना क्षेत्र के खरेंदा गांव की बताई गई है। पीड़ित युवक की पहचान खरेंदा निवासी चंदन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जिन्होंने बेलांव थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में चंदन कुमार ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने किसी काम से बेलांव पुल की तरफ जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे रामाश्रय सिंह, इंद्रजीत सिंह, मीनू कुमार और उनके कुछ अन्य साथियों ने उन्हें जबरन रोक लिया। आरोपियों ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो लाठी-डंडों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर मारपीट के कारण पीड़ित के सिर, होंठ और शरीर के कई अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित चंदन कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मारपीट के पीछे अतिक्रमण को लेकर चल रहा पुराना विवाद है, और आरोपियों ने इसी रंजिश के तहत उन पर हमला किया। इस पूरे मामले पर बेलांव थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें पीड़ित की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो तथा आवेदन के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।4
- विजय थलापति को इन दिनों इस बात पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि वह अपने घर का प्रबंधन ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। अभिषेक कुमार ई-मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इसी अक्षमता के चलते लोग उनकी लगातार आलोचना कर रहे हैं।1
- भभुआ नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए शनिवार को बहुउद्देशीय भवन में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस चुनाव के बाद, विजयी उम्मीदवारों को संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्वाचन प्रमाण पत्र दिए गए। जानकारी के अनुसार, सशक्त स्थायी समिति के तीन सदस्यों के निर्वाचन के लिए शनिवार सुबह 7:45 बजे मतदान शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में वार्ड संख्या-1 की पार्षद उर्मिला देवी, वार्ड संख्या-2 की पार्षद रुखसाना खातून, वार्ड संख्या-22 के पार्षद सुरेंद्र सिंह और वार्ड संख्या-12 के पार्षद प्रमोद पाठक ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वार्ड संख्या-2 की पार्षद रुखसाना खातून और वार्ड संख्या-22 के पार्षद सुरेंद्र सिंह को निर्विरोध सशक्त स्थायी समिति का सदस्य घोषित किया गया, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन या दावा प्रस्तुत नहीं किया था। वहीं, तीसरे सदस्य पद के लिए वार्ड संख्या-1 की पार्षद उर्मिला देवी और वार्ड संख्या-12 के पार्षद प्रमोद पाठक के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसके लिए गुप्त मतदान कराया गया। मतदान के बाद हुई मतगणना में, उर्मिला देवी को 14 मत प्राप्त हुए, जबकि प्रमोद पाठक को 10 मत मिले। इस प्रकार, उर्मिला देवी ने चुनाव में जीत दर्ज करते हुए सशक्त स्थायी समिति की सदस्यता हासिल की। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, अधिकारियों ने सभी निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र सौंपे। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही।4
- औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।1