Shuru
Apke Nagar Ki App…
लालसोट: मीणा छात्रावास में मनाई मीन भगवान जयंती, समाज की प्रतिभाओं को किया सम्मानित लालसोट: मीणा छात्रावास में मनाई मीन भगवान जयंती लालसोट के आदिवासी मीणा छात्रावास में मीन भगवान जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान हितेश मीणा (IAS), सीता मीणा (RAS) व सपना मीणा (RAS) का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने युवाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित करने और बालिकाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
Girdhari lal Sahu
लालसोट: मीणा छात्रावास में मनाई मीन भगवान जयंती, समाज की प्रतिभाओं को किया सम्मानित लालसोट: मीणा छात्रावास में मनाई मीन भगवान जयंती लालसोट के आदिवासी मीणा छात्रावास में मीन भगवान जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान हितेश मीणा (IAS), सीता मीणा (RAS) व सपना मीणा (RAS) का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने युवाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित करने और बालिकाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
More news from Dausa and nearby areas
- लालसोट: मीणा छात्रावास में मनाई मीन भगवान जयंती लालसोट के आदिवासी मीणा छात्रावास में मीन भगवान जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान हितेश मीणा (IAS), सीता मीणा (RAS) व सपना मीणा (RAS) का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने युवाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित करने और बालिकाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।3
- *बड़ी धूमधाम के साथ मनाई गई मीन भगवान जयंती* लालसोट: राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ एवं आदिवासी बालिका छात्रावास निर्माण कमेटी के तत्वावधान में आज़ बड़ी तादाद में मीणा समाज के वरिष्ठजनों आदिवासी मीणा छात्रावास कोथून रोड़, लालसोट परिसर पहुंच गया मनाई मीन भगवान जयंती। इसी के साथ-साथ इस शुभ अवसर पर मीणा समाज की तीन प्रतिभाओं को भी समाज के सभी प्रबुद्ध जनों द्वारा सम्मानित किया गया। जिसके तहत गांव खानपुर निवासी हितेश मीणा IAS सीता मीणा गंडड़ाई RAS व सपना मीणा सोनंदा RAS का माला पहनाकर साफा बंधवाकर व सोल उढाकर बिरसा मुंडा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। उपस्थित समाज के सभी वरिष्ठ जनों में दर्जनों भर राजकीय सेवा के वर्तमान व रिटायर्ड पदाधिकारी कर्मचारी मौजूद रहें, वहीं हाल ही में IAS बने हितेश मीणा ने कहा कि हमारे समाज के युवाओं में कुछ युवा गलत दिशा भ्रमित हो गए हैं उन्हें शिक्षा की ओर अग्रसर करने के लिए सामाजिक लोगों को ध्यान आकर्षित करना चाहिए वहीं उन्होंने युवाओं को मोटिवेट करने के लिए कहां कि मैं अपने आप को समाज के पटल पर रखता हूं और जहां भी समाज के युवाओं को किसी भी प्रकार की मदद चाहिए होगी वह मदद मैं समाज के लिए हमेशा करने के लिए तत्पर तैयार रहूंगा। RAS बनी सिता मीणा ने कहा कि समाज की पढ़ने वाली बच्चियों को अपने परिवार के साथ साथ समाज के लोगों को भी साथ देना चाहिए जिसके चलते हमारी बहन बेटियां भी अच्छे मुकाम पर पहुंच सके। वहीं उन्होंने समाज में बड़ी तादाद में उन विधवा बहनों के लिए भी चिंता जताते हुए कहा कि हमारे समाज के लोगों को ऐसी नवयुवक बहनों के साथ भी खड़ा होना चाहिए जो कम उम्र में विधवा हो गई है और वह पढ़ लिखकर कुछ बनने की इच्छुक है। आज़ के कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी बालिका छात्रावास निर्माण समिति अध्यक्ष बृजमोहन नगरिया वास द्वारा की गई व आदिवासी मीणा सेवा संघ अध्यक्ष हिरालाल बगड़ी, घनश्याम बड़ेखण, हेमराज सरपंच संघ अध्यक्ष लालसोट, केदार पूर्व उपप्रधान, मीठालाल सरपंच सोनंदा, जगदीश सेठ सोनंदा, समाजसेवी रामावतार जोरवाल, मेवाराम पंचायत समिति सदस्य इंदावा, कैलाश मैनेजर खानपुर, रामकिशोर विकास अधिकारी, शंकर लाल मैनेजर देवलदा, मोहनलाल अध्यापक खेड़ली, मुकेश पटवारी रमलपुरा, गिरिराज लाडपुरा, कमलेश कोटवाल करणपुरा, चौथमल प्रिंसिपल, कैलाश श्रीमा, विमल गोठवाल, मोहरपाल लाडपुरा, रमेश अध्यापक, मक्खन गोल, रेवड़ बडेखणं, अशोक खुर्रा, सुरेश गोकुलपुरा, लोकेश लाडपुरा, पिंटू, और ज्ञान मीणा खानपुर, रामगोपाल, घनश्याम देवलदा, रामजीलाल गुरूजी, राम खिलाड़ी खिरखिड़ी, हरिनारायण निर्झरना, लोकेश कुमार मीना, महेन्द्र मीणा सहित सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।4
- कोथुन रोड स्थित ईदगाह में शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे ईद-उल-फितर की नमाज़ अदा की गई। इस मौके पर हजारों मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ नमाज़ अदा कर देश व समाज में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की दिली मुबारकबाद दी। ईदगाह परिसर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।4
- गौरा-ईशर की उपासना का पावन पर्व गणगौर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बामनवास मुख्यालय सहित आसपास के कस्बों में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर गणगौर के मधुर गीत गाते हुए पूजा स्थलों पर पहुंचकर ईसर-गौरा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। व्रत रखकर महिलाओं ने पारंपरिक कथाएं भी सुनीं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। गांव-गांव में भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हर ओर गणगौर की गूंज सुनाई दी। यह पर्व महिलाओं की आस्था, समर्पण और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर पूरे क्षेत्र में छाया रहा।3
- दौसा जिले की कुंडल तहसील के ग्राम बडोली (SC) मोहल्ले में हेडपंप में करीब 40फीट खाई होगई है एक हेडपंप के पास अचानक गहरी खाई बनने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार हेडपंप के चारों ओर की जमीन धंस जाने से बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह हेडपंप गांव के लोगों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। खाई बनने के कारण हेडपंप का उपयोग करना भी जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर छोटे बच्चों और पशुओं के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द इस गड्ढे को भरवाकर हेडपंप की मरम्मत करवाने की मांग की है।हेडपंप गांव में पीने के पानी का मुख्य साधन होने के कारण यह समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती थी। खाई के कारण वहां आने-जाने में भी खतरा बना हुआ था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि गांव के लोगों ने एकजुट होकर खुद ही इस खाई को भर दिया और स्थिति को संभाल लिया। ग्रामीणों की इस पहल से संभावित हादसे को टाल दिया गया। गांव में लोगों की इस एकता और समझदारी की सराहना की जा रही है।4
- मलारना डूंगर, उपखंड की तहसील मुख्यालय मलारना चौड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात बहुत ही खराब है जहां एक और मुख्य चिकित्सा भवन की स्थिति खराब है वही चिकित्सा कर्मियों के लिए बने क्वार्टर्स का तो और भी बुरा हाल है शनिवार सुबह यहां के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरिशंकर जब अपने क्वार्टर्स में थे तो छत का एक पंखा कड़े सहित टूट करके गिरने के दौरान भी बाल बाल बच्चे पूरा भवन क्षतिग्रस्त है कई बार नवीन भवन के लिए ग्रामीणों ने मांग कर ली है परंतु उनकी मांगों की और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है अब चालू1
- पांचना बांध के गेट खोलकर छोड़ा जा रहा पानी, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी करौली जिले में स्थित पांचना बांध के दो गेट खोलकर इन दिनों लगातार पानी की निकासी की जा रही है। यह पानी श्री महावीरजी के वार्षिक मेले को ध्यान में रखते हुए गंभीर नदी में छोड़ा जा रहा है, ताकि मेले के दौरान नदी में पर्याप्त जल प्रवाह बना रहे और धार्मिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री महावीरजी मेले में शामिल होते हैं, ऐसे में प्रशासन द्वारा पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गंभीर नदी में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और आमजन की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से लोगों से अपील की है कि वे नदी के बहाव क्षेत्र में जाने से बचें, किसी भी प्रकार का आवागमन न करें और अपने मवेशियों को भी नदी के किनारे या आसपास न ले जाएं। विशेष रूप से कटकड़, पुलिया क्षेत्र और हिंडौन-गंगापुर मार्ग पर पुलिस द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है। सदर थाना पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार लोगों को समझाइश देकर नदी के बहाव क्षेत्र से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही हैं। पुलिसकर्मी राहगीरों और ग्रामीणों को रोककर उन्हें संभावित खतरे के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। प्रशासन ने यह भी कहा है कि पानी की निकासी की प्रक्रिया जारी रह सकती है, ऐसे में नदी का जल स्तर और बढ़ने की संभावना है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और श्री महावीरजी मेले का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।2
- लालसोट में ईशर-गणगौर पूजन हर्षोल्लास से संपन्न लालसोट। क्षेत्र में महिलाओं ने शनिवार को परंपरागत उत्साह और श्रद्धा के साथ ईशर-गौरी गणगौर का पूजन किया। सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने मिट्टी की प्रतिमाएं बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजन में बेसन के आभूषण अर्पित किए गए तथा आटा, बेसन व मैदा से बने व्यंजनों का भोग लगाया गया। नेहरू गार्डन में महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर सुख-समृद्धि की कामना की, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। नन्ही मुन्नी बालिकाओं द्वारा ईश्वर व गणगौर की जीवंत झांकियां सजाई गई। यह झांकियां शहर में भ्रमण करते हुए निकाली गई।2