बहराइच के जरवल रोड थाना क्षेत्र स्थित हरचंदा ग्राम में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने अपने मायके में फंदे से लटककर जान दे दी। मृतका के परिवार के लोगों ने उसके ससुराल वालों पर लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जानकारी के अनुसार, हरचंदा ग्राम की रहने वाली रूही बेगम का निकाह दो साल पहले इलाके के ही राशिद नाम के युवक से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल के लोग उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण वह अक्सर परेशान रहती थी। हाल ही में एक विवाद होने के बाद रूही अपने मायके आ गई थी। परिवार के सदस्यों ने उसे समझाया, जिसके बाद वह घर के ऊपर बने टीन शेड के कमरे में चली गई। जब करीब आधे घंटे तक वह वापस नहीं आई, तो परिवार के लोग ऊपर पहुंचे और उसे दुपट्टे के फंदे से लटकता पाया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका के मामा हुमायूं खान ने बताया कि ससुराल के लोग अक्सर उनकी भांजी को परेशान करते थे, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर जरवल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी जरवल संतोष सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
बहराइच के जरवल रोड थाना क्षेत्र स्थित हरचंदा ग्राम में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने अपने मायके में फंदे से लटककर जान दे दी। मृतका के परिवार के लोगों ने उसके ससुराल वालों पर लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जानकारी के अनुसार, हरचंदा ग्राम की रहने वाली रूही बेगम का निकाह दो साल पहले इलाके के ही राशिद नाम के युवक से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल के लोग उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण वह अक्सर परेशान रहती थी। हाल ही में एक विवाद होने के बाद रूही अपने मायके आ गई थी। परिवार के सदस्यों ने उसे समझाया, जिसके बाद वह घर के ऊपर बने टीन शेड के कमरे में चली गई। जब करीब आधे घंटे तक वह वापस नहीं आई, तो परिवार के लोग ऊपर पहुंचे और उसे दुपट्टे के फंदे से लटकता पाया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका के मामा हुमायूं खान ने बताया कि ससुराल के लोग अक्सर उनकी भांजी को परेशान करते थे, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर जरवल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी जरवल संतोष सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
- करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा घोटाला कांड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित तमाम हिंदू संगठन लीपापोती कर रहे हैं।1
- ग्राम जलपापुर, पोस्ट मीननगर निवासी गरीब किसान हरिवंश ने एक कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। किसान हरिवंश के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे एक व्यक्ति ने उनके केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) खाते में ₹35,000 जमा कराने के नाम पर लिए थे। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी यह रकम न तो खाते में जमा की गई और न ही उन्हें वापस मिली। इस घटना ने एक गरीब किसान के साथ हुई ठगी को उजागर करते हुए तत्काल न्याय की मांग उठाई है। पीड़ित किसान हरिवंश ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है, न्याय मिलने की उम्मीद में। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि वे तत्काल और निष्पक्ष जांच करें। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब किसान के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो। यह पोस्ट पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, और मामले की जांच जारी है, जिसके बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।2
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अयोध्या सहित कुल 10 शहरों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है, जबकि राज्य के 46 शहरों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में मानसून पिछले 16 दिनों से यूपी बॉर्डर पर अटका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर मानसून की एंट्री होने की संभावना है।1
- आज 28 जून 2026 को नानपारा स्थित सिटी मैक्स पॉलीक्लिनिक, नवाबगंज रोड, बेलवा भारी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा के डायरेक्टर डॉ आर.आर. निषाद जी (एमबीबीएस, एमएमए, जनरल फिजिशियन) ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर किया। शिविर में डॉ असद सिद्दीकी, डॉ शाजिद खान, डॉ सना फारुखी और रोहित निषाद सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का लाभ उठाया।1
- बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील के रसूलपुर स्थित निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इन केंद्रों पर छापेमारी की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। छापेमारी के दौरान अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों (ओटी) में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। साथ ही, बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में निकासी द्वार, वेंटिलेशन सहित कई आवश्यक कमियां पाई गईं। टीम को किसी भी अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे यह उजागर हुआ कि ये संस्थान झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे चल रहे थे। शिकायतों के अनुसार, डायग्नोस्टिक सेंटरों पर लगातार गलत रिपोर्टिंग की जा रही थी। इस छापेमारी के दौरान, ट्रॉफी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा अभद्रता करने पर एसडीएम ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस संयुक्त कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर दिया गया है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।1
- बहराइच के महाराजा सुहेल देव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय के एमसीएच विंग में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान जिलाधिकारी बहराइच के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार द्वारा फीता काटकर शुरू किया गया, जिसके बाद स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जन्मे नवजात शिशुओं को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजय खत्री ने इस पहल को बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाई जानी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि भले ही भारत पोलियो मुक्त हो चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। उन्होंने अभिभावकों से देश की पोलियो पर मिली जीत को बरकरार रखने के लिए अपने बच्चों को हर बार पोलियो की खुराक दिलवाने का आग्रह किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के पहले दिन बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को भी दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए सभी ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. वर्मा, जिला टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. वर्मा, डब्ल्यूएचओ से डॉ. निखिल, सहायक आचार्य (स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) डॉ. शिवांगी, अर्बन कोऑर्डिनेटर श्री अरुण, चिकित्सालय प्रबंधक, नर्सिंग अधीक्षिका, एआरओ श्री मुशर्रफ अहमद, श्री दीपक, टीकाकरण कर्मचारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।4
- राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित ललोई पावर हाउस पर शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों ने घंटों की अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर हाउस परिसर में प्रवेश कर विरोध-प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। चिनहट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस से बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है, और शिकायत करने पर भी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी फोन नहीं उठाते या टालमटोल करते हैं। शनिवार को भी जब अचानक बिजली गुल हुई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण ललोई पावर हाउस पहुंचे और वहां तैनात कर्मचारियों से जवाब-तलब करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद पावर हाउस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द ठीक करके बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल, पावर हाउस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, ग्रामीण प्रशासन को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि यदि बिजली की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।1
- उत्तर प्रदेश कसौधन वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक रविवार को गोरखपुर के एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें समाज के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी सितंबर माह में "कसौधन समाज राजनीतिक अधिकार सम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से लाखों समाजबंधुओं को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि समाज अपनी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर सके। बैठक के दौरान, वक्ताओं ने कसौधन समाज को राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रमुख मांगों में कसौधन समाज को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र जारी कराना, कसौधन जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कराना, और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जनपद स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना शामिल रहा। मुख्य वक्ता जनार्दन गुप्ता, जो पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भी हैं, ने समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संगठित होने का महत्व समझाया और जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया। कसौधन समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन कसौधन ने भी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। इस चिंतन बैठक में भाजपा कोषाध्यक्ष गोरखपुर शत्रुघ्न कसौधन, प्रदेश मंत्री व्यापार मंडल रामअजोर कसौधन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष कसौधन (अयोध्या) और नगर पंचायत अध्यक्ष सुकरौली राजनीति कश्यप सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। अखिल भारतवर्षीय कसौधन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी. गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसका संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश कसौधन ने किया। वक्ताओं ने सितंबर में प्रस्तावित सम्मेलन को समाज की एकता, जागरूकता और राजनीतिक चेतना का प्रतीक बताया। इसके लिए सभी जनपदों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि कश्यप की आरती के साथ हुआ, और अंत में समाज के हितों की रक्षा, राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति तथा सामाजिक उत्थान के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।4
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार शाम एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग ढह जाने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र में लखनऊ-बनारस हाईवे पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के सामने बन रही एक इमारत में हुआ, जब लगभग 28 से 29 मजदूर स्लैब डालने का काम कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत दल मौके पर पहुंचे। बचाव टीमों ने करीब डेढ़ घंटे तक मशक्कत करते हुए 8 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल मजदूरों को सीएचसी हैदरगढ़ में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना स्थल पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। बताया गया कि शनिवार शाम करीब 7:00 बजे 2000 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में स्लैब डालने का काम चल रहा था। स्लैब तैयार करने के लिए लगाई गई शटरिंग पर निर्माण सामग्री रखने के दौरान अचानक अधिक भार पड़ने से करीब 90 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी स्लैब भरभरा कर नीचे गिर गई। यह बिल्डिंग लखनऊ के एक निवासी की बताई जा रही है।1