समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलम बदी आज़मी का 22 जुलाई 2026 की देर रात लंबी बीमारी के बाद 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है और इसके साथ ही निजामाबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के बिन्दवल गांव में जन्मे आलम बदी आज़मी ने इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और राजनीति में आने के बाद सादगी, ईमानदारी तथा जनसेवा को ही अपनी मुख्य पहचान बनाया। राजनीतिक सफर की शुरुआत में वे वर्ष 1996 में पहली बार निजामाबाद से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2007 के चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी अंगद यादव से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज यादव को 34,187 मतों से पराजित कर पांचवीं बार जीत दर्ज की। अपने लगभग 60 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उन पर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। सपा सरकार के दौरान उन्हें कई बार मंत्री पद का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने जनता के बीच रहकर सेवा करने की बात कहकर इसे अस्वीकार कर दिया था। पांच बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कभी दिखावे की राजनीति नहीं की। वे आजमगढ़ शहर के कुर्मीटोला स्थित अपने साधारण टीनशेड वाले घर में ही रहते थे और लग्जरी गाड़ियों के बजाय अक्सर रोडवेज बस, साइकिल तथा स्कूटर से सफर करते थे। चुनाव प्रचार में बेहद कम खर्च करना और आम जनता के बीच उनकी समस्याएं सुनना ही उनकी प्राथमिकता रहती थी। उनके परिवार में पत्नी कुदसिया खान, 6 बेटे, 1 बेटी, बहुएं, पौत्र और पौत्रियां हैं। उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, और देवपुरिया टाइम्स परिवार ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलम बदी आज़मी का 22 जुलाई 2026 की देर रात लंबी बीमारी के बाद 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है और इसके साथ ही निजामाबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के बिन्दवल गांव में जन्मे आलम बदी आज़मी ने इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और राजनीति में आने के बाद सादगी, ईमानदारी तथा जनसेवा को ही अपनी मुख्य पहचान बनाया। राजनीतिक सफर की शुरुआत में वे वर्ष 1996 में पहली बार निजामाबाद से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2007 के चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी अंगद यादव से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज यादव को 34,187 मतों से पराजित कर पांचवीं बार जीत दर्ज की। अपने लगभग 60 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उन पर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। सपा सरकार के दौरान उन्हें कई बार मंत्री पद का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने जनता के बीच रहकर सेवा करने की बात कहकर इसे अस्वीकार कर दिया था। पांच बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कभी दिखावे की राजनीति नहीं की। वे आजमगढ़ शहर के कुर्मीटोला स्थित अपने साधारण टीनशेड वाले घर में ही रहते थे और लग्जरी गाड़ियों के बजाय अक्सर रोडवेज बस, साइकिल तथा स्कूटर से सफर करते थे। चुनाव प्रचार में बेहद कम खर्च करना और आम जनता के बीच उनकी समस्याएं सुनना ही उनकी प्राथमिकता रहती थी। उनके परिवार में पत्नी कुदसिया खान, 6 बेटे, 1 बेटी, बहुएं, पौत्र और पौत्रियां हैं। उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, और देवपुरिया टाइम्स परिवार ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- आजमगढ़ के जहानागंज में जरूरतमंद मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 27 जुलाई (सोमवार) को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, वाराणसी एवं श्री बजरंग सेवा समिति ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है। शिविर का आयोजन स्व. डॉ. धर्मराज सिंह एवं स्व. डॉ. मंगला सिंह के दवाखाना परिसर, पोस्ट ऑफिस के नीचे, जहानागंज में प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाएगा। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की निःशुल्क नेत्र जांच और मोतियाबिंद की पहचान की जाएगी, जिसके बाद चयनित मरीजों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया जाएगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि आंखों की समस्या या मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस शिविर का लाभ उठाएं। शिविर में आने वाले सभी लाभार्थियों को अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी साथ लाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए 8545077451 एवं 9532939379 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में देश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी आजमी का निधन हो गया है। ब्यूरो रिपोर्ट के मुताबिक उनके निधन की जानकारी सामने आई है।1
- अतरौलिया के भगतपुर में महिला आयोग की डॉ. प्रियंका मौर्या ने बड़ी क्लास लेते हुए सख्त रुख दिखाया है। निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रियंका मौर्या ने सीडीपीओ और डीपीआरओ को जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने थाने का भी जायज़ा लिया।1
- आजमगढ़ जिले के मेंहनगर तहसील अंतर्गत तरवा थाना क्षेत्र के ग्राम बहोरिकापुर में सड़क की बदहाली के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की स्थिति खराब होने से गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों को अस्पताल आने-जाने में अत्यधिक तकलीफ होती है। बारिश के मौसम में सड़क और भी ज्यादा जर्जर हो जाती है, जिसके चलते गांव में एंबुलेंस भी नहीं आ पाती है। यह समस्या टंडवा पोस्ट के ग्राम बहोरिकापुर की है, जहां सड़क न होने और इसके खराब रहने से आवागमन ठप हो जाता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए निवेदन किया है कि गांव की सड़क पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया जाए और इसे जल्द से जल्द सुधारने की कोशिश की जाए।1
- Post by SONI DEVI1
- नीट पेपर लीक मामले में पीएम नरेंद्र मोदी जी का बयान सामने आया है।1
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलम बदी आज़मी का 22 जुलाई 2026 की देर रात लंबी बीमारी के बाद 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है और इसके साथ ही निजामाबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के बिन्दवल गांव में जन्मे आलम बदी आज़मी ने इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और राजनीति में आने के बाद सादगी, ईमानदारी तथा जनसेवा को ही अपनी मुख्य पहचान बनाया। राजनीतिक सफर की शुरुआत में वे वर्ष 1996 में पहली बार निजामाबाद से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए विधानसभा भेजा। हालांकि वर्ष 2007 के चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी अंगद यादव से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मनोज यादव को 34,187 मतों से पराजित कर पांचवीं बार जीत दर्ज की। अपने लगभग 60 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उन पर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। सपा सरकार के दौरान उन्हें कई बार मंत्री पद का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने जनता के बीच रहकर सेवा करने की बात कहकर इसे अस्वीकार कर दिया था। पांच बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कभी दिखावे की राजनीति नहीं की। वे आजमगढ़ शहर के कुर्मीटोला स्थित अपने साधारण टीनशेड वाले घर में ही रहते थे और लग्जरी गाड़ियों के बजाय अक्सर रोडवेज बस, साइकिल तथा स्कूटर से सफर करते थे। चुनाव प्रचार में बेहद कम खर्च करना और आम जनता के बीच उनकी समस्याएं सुनना ही उनकी प्राथमिकता रहती थी। उनके परिवार में पत्नी कुदसिया खान, 6 बेटे, 1 बेटी, बहुएं, पौत्र और पौत्रियां हैं। उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, और देवपुरिया टाइम्स परिवार ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।1
- आजमगढ़ के मेंहनगर थाना क्षेत्र में बच्चों के विवाद को लेकर एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 17 जुलाई का है, जब खुटवा चक खुटवा गांव निवासी नेहा (पत्नी दिक्षित) की तहरीर पर मेंहनगर थाने में केस दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप था कि गांव के ही आकाश (पुत्र अमरजीत) ने बच्चों के विवाद के बाद उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए गुरुवार सुबह करीब 9:35 बजे उपनिरीक्षक पवन कुमार शुक्ला और कांस्टेबल अजय राय की पुलिस टीम ने आरोपी आकाश (25 वर्ष) को अक्षैबर पुलिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुटी है।1