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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- एक राखी लोकतंत्र के नाम" कार्यक्रम आयोजित नवमतदाताओं को लोकतंत्र की राखी बांधकर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया रफ्तार भारत ब्यूरो चीफ Ashish Kumar #फलोदी # एक राखी लोकतंत्र के नाम" कार्यक्रम आयोजित नवमतदाताओं को लोकतंत्र की राखी बांधकर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया फलौदी जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार सिंह के निर्देशन में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत उपखंड अधिकारी कार्यालय फलौदी में "एक राखी लोकतंत्र के नाम" कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी पूजा चौधरी ने 60 नव मतदाताओं को लोकतंत्र की राखी बांधकर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सहायक कलक्टर अजीत कुमार गोदारा, जिला स्वीप प्रकोष्ठ से प्रकाश चंद पालीवाल, कृष्ण कुमार थानवी, राधेश्याम सोनी, रामेश्वर विश्नोई, मनोज भाटी और अशोक सोनी, अशोक विश्नोई, सुखराम बिश्नोई एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- उन्नाव के भगवंतनगर में समाजसेवी युवा भाजपा नेता अविचल शुक्ला के नेतृत्व में निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा के बाद सोशल मीडिया पर पेट्रोल के पैसे न देने को लेकर तीन युवकों एक नाबालिक बच्चे का वीडियो भी वायरल हुआ था! जिसमें बीजेपी टिकट के प्रबल दावेदार अविचल शुक्ला की छवि धूमिल करने का प्रयास कुछ तथाकथित द्वारा किया गया था, दर्शल ना तो वो ग्राउंड पर जाकर खबर बनाते है और ना हो सटीक जानकारी जुटाते है, दर्शल कुछ रुपयों के लेनदेन के चककर मे भ्रामक खबरें फैलाते है, और फिर सच सामने आने पर ग्रुपों से डिलीट कर देते है! पुरे मामले में अब इसी कड़ी ने दूसरा वीडियो सामने आया है। आरोप है कि कुछ षड्यंत्रकारियों ने कथित तौर पर तीन युवकों को पैसों का लालच देकर वीडियो बनवाया, और भ्रामक खबर ग्रुपों मे पोस्ट किया और वा वाही भी लूटी! सामने आए इस नए वीडियो में एक नया मोड़ सामने आया है एक बच्चा पूरे मामले की सच्चाई बताता हुवा नजर आ रहा है। बच्चे के बयान से पहले वायरल वीडियो को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उन्नाव के कोरारी गौशाला का भी था जिसे दबाव बनाकर गौशाला की गाय बताया जा रहा था, लेकिन अधिकारी की पुष्टि के बाद नया मोड़ लिया, फिलहाल मामले मे सत्यता पर जाँच चल रही है जल्द ही ऐसे भ्रामक लोगों पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा जो खबर को केवल इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के लिए ही पत्रकार कहलाते है,! फिलहाल अगर बात करें तिरंगा यात्रा की तो आपसे निवेदन है, चंद् रुपयों के लिए इस षड्यंत्र मे नाबालिक बच्चों को बीच मे ना लाए 🙏💐1
- Post by Ramakant1
- भारत समाचार की पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या, लखनऊ से बड़ी खबर- लखनऊ में ICICI बैंक की असिस्टेंट मैनेजर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या भारत समाचार की पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं दिव्या मिश्रा, हत्यारे ने बैंक से बाहर बुलाकर मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार हमलावर युवक अकेला ही था और उसके दोनों हाथों में पिस्टल थी, उसने पहले महिला से कुछ बात करने की कोशिश की, महिला द्वारा ध्यान न दिए जाने पर हमलावर युवक ने महिला बैंक अधिकारी को 2 गोलियां मार दीं और ऑटो में बैठकर भाग गया।बैंक के पास ही बैंक की महिला अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस व अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।⤵️2
- 49 रुपये में छात्राएं देखेंगी यूपी टी-20 का रोमांच, 28 अगस्त से ग्रीनपार्क में क्रिकेट का महासंग्राम,, कानपुर का ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से सराबोर होने जा रहा है। आगामी 28 अगस्त से 6 सितंबर तक यहां यूपी टी-20 लीग और प्लेऑफ मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। लीग को लेकर शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने तैयारियों और टिकटों की जानकारी साझा की। उन्होंने देशभर के क्रिकेट प्रेमियों से कानपुर पहुंचकर लीग के मुकाबलों का आनंद लेने का आह्वान किया। डॉ. संजय कपूर ने बताया कि 11 दिनों के दौरान ग्रीनपार्क में कुल 12 मुकाबले खेले जाएंगे। लीग का आगाज 28 अगस्त की शाम होगा। दर्शकों को अधिक से अधिक संख्या में स्टेडियम तक लाने के लिए टिकटों की दरें किफायती रखी गई हैं। खास बात यह है कि छात्राएं महज 49 रुपये में मैच का रोमांच देख सकेंगी। छात्राओं के लिए बी गर्ल स्टैंड के टिकट केवल ऑफलाइन उपलब्ध होंगे। वहीं अन्य स्टैंडों के टिकटों की कीमत भी अलग-अलग निर्धारित की गई है। बी जनरल, सी स्टॉल और ई पब्लिक स्टैंड के टिकट 99 रुपये, सी बालकनी 149 रुपये, ए ग्राउंड पवेलियन और पवेलियन ग्राउंड 199 रुपये तथा डी चेयर के टिकट 249 रुपये में मिलेंगे। इसके अलावा न्यू प्लेयर्स पवेलियन सेकेंड फ्लोर, ए बालकनी, पवेलियन बालकनी और वीआईपी पवेलियन के टिकट 349 रुपये में उपलब्ध होंगे। ऑनलाइन टिकट बिक्री शुक्रवार शाम से डिस्ट्रिक्ट-जॉमेटो के माध्यम से शुरू की जाएगी। यूपी टी-20 लीग में क्रिकेट के साथ दर्शकों के मनोरंजन और उन्हें स्टेडियम से जोड़ने के लिए विशेष पुरस्कारों की भी व्यवस्था की गई है। लीग के दौरान प्रतिदिन करीब 100 पुरस्कार दिए जाएंगे। 'कैच ऑफ द मैच' के तहत छक्के की गेंद पकड़ने वाले दर्शक को 5100 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। फाइनल मुकाबले में मेगा लकी ड्रॉ आयोजित किया जाएगा, जिसमें टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे आकर्षक पुरस्कार जीतने का मौका दर्शकों को मिलेगा। हर मैच में 'फैन ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी दिया जाएगा। विजेता प्रशंसक को उस मैच में जीतने वाली टीम के कप्तान के हस्ताक्षर वाली गेंद प्रदान की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य दर्शकों के लिए क्रिकेट को केवल मुकाबले तक सीमित न रखते हुए उसे एक यादगार मनोरंजन अनुभव बनाना है। यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने बताया कि यूपी टी-20 लीग के मुकाबलों का प्रसारण 200 से अधिक देशों में किया जाएगा। लीग में क्रिकेट प्रेमियों को रिंकू सिंह, भुवनेश्वर कुमार, समीर रिजवी, आर्यन जुयाल और करन शर्मा समेत कई स्टार खिलाड़ियों को मैदान पर देखने का अवसर मिलेगा। डॉ. संजय कपूर ने कहा कि लीग का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक दर्शकों को ग्रीनपार्क तक लाना और उन्हें शानदार क्रिकेट के साथ मनोरंजन का बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि 28 अगस्त से 6 सितंबर तक कानपुर के ग्रीनपार्क में उम्दा क्रिकेट का रोमांच देखने का यह शानदार अवसर है।2
- भाजपा सरकार में गरीब से ₹5 हजार? उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस में कथित वसूली ने खोली व्यवस्था की पोल । यूपी, उन्नाव। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे खूब किए जाते हैं। नेता मंचों से सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था की बातें करते हैं। लेकिन उन्नाव के जिला पोस्टमार्टम हाउस से सामने आया ₹5 हजार मांगने का कथित मामला अब इन्हीं दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आरोप है कि एक गरीब परिवार से पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी के नाम पर ₹5 हजार मांगे गए। सवाल सीधा है—अगर सरकारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी है तो गरीब की मजबूरी देखकर पैसे मांगने की हिम्मत आखिर किसके भरोसे हुई? भाजपा नेताओं से सीधा सवाल—आपकी नाक के नीचे यह सब कैसे? उन्नाव में सत्ता पक्ष के नेता और जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच विकास और सुशासन का दावा करते हैं। तो फिर सवाल है— सरकारी अस्पतालों और पोस्टमार्टम हाउस में कथित वसूली की शिकायतें सत्ता के जिम्मेदार लोगों तक क्यों नहीं पहुंचतीं? क्या भाजपा के स्थानीय नेताओं को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी तो निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है? और अगर शिकायत सामने आने के बाद मामला खुला, तो अब तक ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जनता यह जानना चाहती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण देने वाले भाजपा नेता अब इस मामले पर क्या बोलेंगे? एक महिला नेत्री ने आवाज उठाई, सत्ता पक्ष कहां था? सबसे चुभने वाला सवाल यही है। एक गरीब परिवार से कथित तौर पर पैसे मांगने की शिकायत सामने आई तो समाजवादी पार्टी की नेत्री आंचल वर्मा ने मामले को उठाया, गरीब परिवार के साथ खड़ी हुईं और कथित रूप से पैसे मांगने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवाज उठाई। मामला सामने आने के बाद रकम वापस कराने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई। अब सवाल भाजपा के स्थानीय नेताओं से है— जिस काम को सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोगों को खुद देखना चाहिए था, उसमें विपक्ष की एक महिला नेत्री को गरीब की आवाज क्यों बनना पड़ा? अगर किसी गरीब परिवार से वास्तव में अवैध रूप से पैसा मांगा गया था, तो सरकार के प्रतिनिधि कहां थे? भाजपा के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे की भी परीक्षा भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है। लेकिन जमीन पर सवाल यह है कि— क्या जीरो टॉलरेंस सिर्फ भाषणों तक है? क्या गरीब परिवार को अपने मृत परिजन के पोस्टमार्टम के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे? क्या सरकारी परिसर में कथित वसूली करने वालों को प्रशासन का डर नहीं है? और सबसे बड़ा सवाल— अगर एक गरीब परिवार से ₹5 हजार मांगे जा सकते हैं, तो ऐसे कितने परिवार होंगे जो पैसे देकर चुपचाप लौट गए होंगे? इसका जवाब जांच से ही सामने आएगा। सिर्फ पैसे वापस कराना काफी नहीं अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सिर्फ ₹5 हजार वापस करा देना इस मामले का अंत नहीं होना चाहिए। यह पता लगना चाहिए कि पैसे किसने मांगे, किसके कहने पर मांगे, क्या पहले भी किसी से ऐसी रकम ली गई और इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कौन करता है। क्योंकि मामला सिर्फ ₹5 हजार का नहीं है। मामला उस भरोसे का है जो जनता सरकारी व्यवस्था पर करती है। और भाजपा नेताओं से जनता का सवाल बिल्कुल साफ है— “जब आपकी सरकार है, आपके अधिकारी हैं और आपके जनप्रतिनिधि हैं, तो फिर गरीब की मजबूरी पर कथित वसूली का खेल आपकी नाक के नीचे कैसे चल रहा था?” अब देखना यह है कि सत्ता पक्ष इस सवाल का जवाब देता है या फिर हमेशा की तरह जिम्मेदारी अधिकारियों के सिर डालकर राजनीतिक रूप से किनारा कर लिया जाएगा। नोट: ₹5 हजार मांगने और रकम वापस कराने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारी/विभाग और अन्य पक्षों का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।1
- कानपुर ब्रेकिंग न्यूज सुसाइड नोट में बहन पर प्रताड़ना का आरोप, प्रॉपर्टी विवाद में युवक ने दी जान कानपुर ब्रेकिंग न्यूज सुसाइड नोट में बहन पर प्रताड़ना का आरोप, प्रॉपर्टी विवाद में युवक ने दी जान जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के कृष्णापुरम में प्रॉपर्टी विवाद के चलते आईटी सेक्टर में काम करने वाले रवि दीक्षित ने शुक्रवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि रवि ने कथित सुसाइड नोट में अपनी बहन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मृतक की पत्नी ज्योति दीक्षित के अनुसार, रवि की बड़ी बहन छवि मिश्रा पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी, ज्वेलरी और खेती-बाड़ी में बंटवारे की मांग कर रही थीं। पत्नी का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर रवि को करीब एक साल से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। ज्योति ने बताया कि शुक्रवार सुबह रवि ने घर के बाहर बने कमरे में फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची चकेरी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रवि आईटी सेक्टर में कार्यरत थे और वर्क फ्रॉम होम कर #news #kanpur #kanpurnews #kanpurpolice #HindiNews1
- ब्रेकिंग न्यूज उन्नाव:ट्रैफिक पुलिस कर्मी का वर्दी में रील बनाने का मामला..? वर्दी में रील बना शासनादेश की अर्थी निकालने वाले वाले ट्रैफिक पुलिस कर्मी को बचाने में जुटा,विभाग। वर्दी में रील बनाने की वीडियो वायरल होने के बाद जाँच में दबी कार्यवाई। एक सप्ताह बाद भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी कपिल देव प विभाग ने नही की कार्यवाई। यातायात विभाग के राजधानी के अफसरों के भी साधी चुप्पी, आखिर कौन अफसर बचाने में जुटा। शासनादेश की धज्जियां उड़ाने वाले कपिल देव पर यातायात विभाग क्यो है मेहरबान। लगातार वर्दी में रील बनाने वाले कई ट्रैफिक पुलिस कर्मी हो चुके है निलंबित। आखिर कपिल देव की वर्दी में रील सामने आने के बाद हप्तों बाद तक कार्यवाई जांच में दफन।1