तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में सिमडेगा में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित सिमडेगा:- जिले में तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण, कोटपा अधिनियम 2003 एवं तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के प्रभावी अनुपालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन की अध्यक्षता एवं जिला नोडल पदाधिकारी (एनटीपीसी) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सिमडेगा प्रकाश चन्द्र गुग्गी एवं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक राज (ठेठईटांगर) द्वारा शिक्षा विभाग के बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी को कोटपा 2003 एवं संशोधित 2021 अधिनियम तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों एवं उसके रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जिले के सभी विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित कराने की प्रक्रिया एवं आवश्यक मानकों को भी समझाया गया।अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं एवं स्कूल के छात्र-छात्राओं को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “जिंदगी चुने, तंबाकू नहीं” की शपथ दिलाई गई।
तंबाकू मुक्त समाज की दिशा में सिमडेगा में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित सिमडेगा:- जिले में तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण, कोटपा अधिनियम 2003 एवं तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के प्रभावी अनुपालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन की अध्यक्षता एवं जिला नोडल पदाधिकारी (एनटीपीसी) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सिमडेगा प्रकाश चन्द्र गुग्गी एवं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक राज (ठेठईटांगर) द्वारा शिक्षा विभाग के बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी को कोटपा 2003 एवं संशोधित 2021 अधिनियम तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों एवं उसके रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जिले के सभी विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित कराने की प्रक्रिया एवं आवश्यक मानकों को भी समझाया गया।अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं एवं स्कूल के छात्र-छात्राओं को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “जिंदगी चुने, तंबाकू नहीं” की शपथ दिलाई गई।
- बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध बाघमुंडा जलप्रपात में कोयल नदी पार करने के दौरान एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसिया प्रखंड के बम्बियारी गांव निवासी शंकर चिक बड़ाइक के रूप में हुई है। रविवार को कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। *मेले से लौटने के दौरान हुआ हादसा* प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंकर चिक बड़ाइक रामनवमी के दिन सुकुरडा में आयोजित मेला देखने गए थे। मेले से घर लौटने के क्रम में उन्होंने बाघमुंडा जलप्रपात के पास कोयल नदी को पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे नदी के तेज बहाव में बह गए और डूब गए। *परिजनों ने दी थी गुमशुदगी की सूचना* जब शंकर रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने इसकी सूचना बसिया थाना को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया। *दो दिनों बाद मिला शव* हादसे के करीब दो दिन बाद, रविवार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर शव को नदी में तैरते हुए देखा गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को बाहर निकाला। बसिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई (पंचनामा) पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेज दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।2
- Post by AAM JANATA1
- Post by Jharkhand local news1
- Post by RAMSEWAK SAHU1
- थाना गांधीनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया सरगुजा 29 मार्च थाना गांधीनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 मवेशी और एक पिकअप वाहन (कुल कीमत लगभग 12 लाख रुपये) बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा मवेशियों को क्रूरतापूर्वक पिकअप में भरकर बुचड़खाने ले जाया जा रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एक आरोपी को न्यायालय और बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। न्यूज़ द गुलेल एवं शुरू न्यूज़ के लिए सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- सिमडेगा:- जिले में खजूर पर्व (पाम संडे) श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु खजूर के पत्तों के साथ चर्चों में पहुंचे और विशेष मिस्सा पूजन में भाग लेकर प्रभु की आराधना की।जी.ई.एल. मध्य डायोसिस, खूंटी टोली में बिशप मुरेल बिलुंग के नेतृत्व में विशेष आराधना संपन्न हुई। वहीं सामटोली स्थित संत अन्ना महागिरजाघर में बिशप विंसेंट बरवा की अगुवाई में विशेष मिस्सा अनुष्ठान आयोजित किया गया।कार्यक्रम में लगभग 7000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर धर्मप्रांत वीजी फादर इग्नासियुस टेटे, सेंट मेरिज के डायरेक्टर फादर पीयूष खलखो, होली स्पिरिट एवं संत अन्ना चर्च के फादर्स-सिस्टर्स सहित अन्य धर्मगुरु उपस्थित रहे। साथ ही काथलिक संघ के अध्यक्ष राजन बा, युवासंघ अध्यक्ष ब्रीसियुस सोरेंग, महिला संघ एवं कमेटी के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस दौरान श्रद्धालुओं ने शांति, प्रेम एवं भाईचारे का संदेश दिया।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंभा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या में झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया।1
- लातेहार : जिला परिषद कार्यालय लातेहार एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी की अनुपस्थिति में उनके चेंबर में कथित तौर पर टेंडर मैनेज करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी अब चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में पूरी गतिविधि स्पष्ट रूप से देखी जा रही है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। सूत्रों के अनुसार, उपाध्यक्ष के चेंबर में संवेदकों और कुछ लोगों के बीच बैठकों का दौर चल रहा था, जहां टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। वायरल वीडियो में यह गतिविधि साफ तौर पर नजर आ रही है, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब तब हो रहा था जब जिला परिषद उपाध्यक्ष स्वयं कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। ऐसे में उनके चेंबर का इस तरह उपयोग होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कृत्य भी है। इधर, वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी लोगों को खटक रही है। आम लोगों और जनप्रतिनिधियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं।1