बुधवार शाम 5 बजे बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के निकट स्थित काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा बड़े धार्मिक आयोजनों के साथ संपन्न हुई। गौ भक्त संत रघुवीरदास जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हेमेंद्र पंड्या के अनुसार, आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसकी शुरुआत 'श्री गणेशाय नमः' और 'जय बाबारी' के जयकारों के साथ हुई। इस धार्मिक उत्सव के दौरान रूणीजा धाम संजेली गुजरात के दलसुख दासजी महाराज, गौ सेवा धाम तलवाड़ा के रघुवीर दासजी महाराज, धन्ना महाराज झालोद, प्रेमनाथजी महाराज, ईश्वरनाथजी महाराज, गिरधारीनाथजी महाराज, नरसिंह गिरीजी महाराज, निर्मलनाथजी महाराज, आन्नद गिरीजी महाराज, सीतारामजी महाराज, कल्लू महाराज, देव गिरीजी महाराज, करण गिरीजी महाराज, राम गिरी महाराज, कृष्ण गिरी महाराज और रमेश गिरी महाराज सहित कई संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। आध्यात्मिक माहौल में कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, संतों का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और धर्ममय वातावरण से भर दिया।
बुधवार शाम 5 बजे बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के निकट स्थित काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा बड़े धार्मिक आयोजनों के साथ संपन्न हुई। गौ भक्त संत रघुवीरदास जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हेमेंद्र पंड्या के अनुसार, आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसकी शुरुआत 'श्री गणेशाय नमः' और 'जय बाबारी' के जयकारों के साथ हुई। इस धार्मिक उत्सव के दौरान रूणीजा धाम संजेली गुजरात के दलसुख दासजी महाराज, गौ सेवा धाम तलवाड़ा के रघुवीर दासजी महाराज, धन्ना महाराज झालोद, प्रेमनाथजी महाराज, ईश्वरनाथजी महाराज, गिरधारीनाथजी महाराज, नरसिंह गिरीजी महाराज, निर्मलनाथजी महाराज, आन्नद गिरीजी महाराज, सीतारामजी महाराज, कल्लू महाराज, देव गिरीजी महाराज, करण गिरीजी महाराज, राम गिरी महाराज, कृष्ण गिरी महाराज और रमेश गिरी महाराज सहित कई संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। आध्यात्मिक माहौल में कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, संतों का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और धर्ममय वातावरण से भर दिया।
- Post by Bapulal Ahari1
- महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बांसवाड़ा में उस समय जबरदस्त उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी वहां पहुंचे। उनके समर्थकों और क्षत्रिय समाज ने उनका भव्य स्वागत किया, जबकि युवा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जोश और उत्साह के साथ कंधों पर उठाकर सम्मान दिया। इस दौरान 'महाराणा प्रताप अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विधायक भाटी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, संघर्ष और स्वाभिमान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन और युवा मौजूद थे, जिससे पूरे आयोजन में एक उत्सव जैसा माहौल बन गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने की अपील की गई।1
- आईजी सत्येंद्र सिंह सिरोही जिले के रेवदर दौरे पर पहुंचे, जहां रेवदर थाना पहुँचने पर पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान आईजी ने थाना परिसर में पुलिसकर्मियों से मुलाकात की और उनकी कार्यप्रणाली व ड्यूटी से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी ली। आईजी सत्येंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ थाना परिसर में भोजन भी किया, जहाँ उन्होंने आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने अधिकारियों और जवानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आपसी दूरी को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर सिंह, रेवदर थाना प्रभारी सीताराम पंवार, अनादरा थाना प्रभारी कमलेश गहलोत, मंडार थाना प्रभारी प्रवीण आचार्य सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- राजस्थान के धरियावद नगर में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450वें स्मृति समारोह को अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आसपास के ठिकाना क्षेत्रों से सैकड़ों क्षत्रिय राजपूत धरियावद राजमहल पहुँचे, जहाँ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजमहल से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें घोड़े पर सवार लोग हाथों में केसरिया ध्वज लिए 'जय मेवाड़' और 'जय श्री महाराणा प्रताप' के जयकारे लगा रहे थे। यह जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस राजमहल पहुँचा, जहाँ नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया। राजमहल परिसर में एक सभा का भी आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओं ने महाराणा प्रताप की जीवनी पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे उन्होंने स्वाधीनता व स्वाभिमान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन मुगलों के सामने झुके नहीं। उनके इस ऐतिहासिक स्वाभिमानी का डंका आज भी विश्व में बजता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान के संरक्षक ठाकुर भानुप्रताप सिंह राणावत ने की। इस दौरान महासभा के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह राणावत, मदन सिंह घटेला, पुखराज सिंह राणावत, भूपेंद्र सिंह राणावत, योगेंद्र सिंह राणावत, पूर्व विधायक नगराज मीणा, उप जिला प्रमुख सागरमल बोहरा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पूजा-अर्चना की गई और सेवानिवृत्त शिक्षक नरेंद्र पाल सिंह राणावत ने इसका संचालन किया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआई हजारीलाल मीणा भी अपने जाप्ते के साथ मौके पर मौजूद थे।1
- गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही थी, तभी सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला जा सका। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 7 बताई जा रही है।4
- बांसवाड़ा में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर रविंद्र सिंह भाटी भी वहां पहुंचे।1
- बासिया धर्मेला तालाब के किनारे स्थित एक बिना मुंडेर वाले कुएं में करीब दो दिनों से फंसी एक गौमाता को ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता और गौसेवा की अद्भुत मिसाल पेश की। गाय कुएं में गिरने के बाद से ही बाहर निकलने के लिए लगातार संघर्ष कर रही थी। इस घटना का पता तब चला जब वहां से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर कुएं में गिरी गाय पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड, विकेश कोटेड, आशीष कोटेड, कीर्ति डोडीयार, अक्षय डोडीयार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सियों का इंतजाम किया और गाय को कुएं से बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत और सभी के एकजुट प्रयासों के बाद, गाय को सफलतापूर्वक कुएं से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस बचाव कार्य के दौरान गाय को कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस सफल अभियान के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और ग्रामीणों के गौसेवा के इस कार्य की सराहना की। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि समय पर सूचना मिलने और सभी के सक्रिय सहयोग के कारण ही एक बेजुबान पशु की जान बचाई जा सकी। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि क्षेत्र में खुले एवं बिना मुंडेर वाले सभी कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पशुओं के साथ-साथ आमजन भी सुरक्षित रह सकें।3
- राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके गांव के निकट ही उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत स्थित अटल सेवा केंद्र में ग्रामीण सेवा एवं जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया। शिविर के दौरान धोधरा निवासी पांच वर्षीय बालक सुशील, पुत्र भरतलाल ननोमा, अपनी माता के साथ पहुंचा। जन्मजात विकृति के कारण बालक के बाएं कान का बाहरी हिस्सा विकसित नहीं हो पाया था। शिविर में मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत भंडारी ने बालक की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बुलाया और आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं जानकारी प्राप्त की। इसके बाद बालक का पंजीकरण करते हुए निशुल्क उपचार और सफल ऑपरेशन की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके लिए आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। इस मानवीय पहल से बालक की माता ने खुशी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और शिविर प्रशासन का आभार जताया। इन शिविरों में राजस्व, चिकित्सा, कृषि, वन, विद्युत, जल संसाधन, आयुर्वेद, होम्योपैथी, रसद एवं महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर आमजन की समस्याओं का निस्तारण किया, जबकि शेष प्रकरणों को निर्धारित समयावधि में समाधान के लिए दर्ज किया गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याएं भी रखीं। इनमें सीमलवाड़ा क्षेत्र के मंदिरों के पट्टे जारी करने, नालों के निर्माण एवं सफाई, पीठ-उदयपुर रोडवेज बस सेवा को पुनः प्रारंभ करने तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप नाले पर बनी संकरी पुलिया के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने की मांग प्रमुख थी। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नायब तहसीलदार एवं शिविर प्रभारी भूमल चौहान ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर सुनिश्चित करना है। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिले और प्रशासन सीधे आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं को समझे। शिविरों में जनकल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी गई और किसानों को उन्नत मक्का बीज वितरित किए गए। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महामंत्री जगदीश पंड्या, विकास अधिकारी ललित पंड्या, प्रकाश पंड्या, प्रशासक विजयपाल डोडियार, वीडीओ निरंजन सिंह, डॉ. रजत भंडारी, डॉ. मनीष रोत, योगराज सिंह, दिलीप भागरिया, जयदीप सिंह सहित बाल विकास विभाग की मीना भट्ट, शकुंतला डामोर, कनिष्ठ अभियंता रवि कुमावत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता भोई, जया एवं शकुंतला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- बांसवाड़ा से डूंगरपुर होकर गुजरात के सूरत जा रही बालाजी ट्रेवल्स की एक स्लीपर बस तड़के करीब 3:30 बजे वडोदरा शहर के कोटंबी स्टेडियम के पास सड़क पर खड़ी एक ट्रक में जा घुसी, जिससे एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में नौ साल के एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान पिंकी भाटिया (36), विनोद नरेश डामोर (30), मुकेश जीवाजी डिंडोर (34), प्रीत हितेश भाटिया (9), महेंद्र कुमार भोगीलाल पंड्या (68), हरजिंगभाई वलजीभाई कटारा (30) और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इनमें कई लोग डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के हैं। हादसे के बाद कई यात्री बस में फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। मामूली रूप से घायल मरीजों को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर घायलों और मृतकों को एसएसजी अस्पताल ले जाया गया। घायलों में पिंकी रावल, मनीषा रावल, रामचंद्र डोरिया, शिल्पा पाटीदार, महेंद्र कटारा, आशीष यादव, आशीष कटारा, बंसीलाल राणे, जीवराजभाई, गुंजनबेन, नाराचया, पिंटू चरपोट, विजय कटारा, भेरूलाल मीना, सीमा यादव, सागर कटारा, भगवती भाई, कल्पेश गौर, पैलबेन नाई, शील, सुरेशभाई डिंडोर, रमेशभाई, पंकजभाई चरपोट, कमलेशभाई कटारा और मायाबेन पाटीदार सहित अन्य यात्री शामिल हैं। फिलहाल हादसे की सही वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटाकर बहाल कर दिया गया। घटना के बाद बस में यात्रा करने वाले यात्रियों के परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे अपनों की कुशलक्षेम जानने का प्रयास कर रहे हैं।2