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बांसवाड़ा में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर रविंद्र सिंह भाटी भी वहां पहुंचे।
Aadiwasi Manch news
बांसवाड़ा में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर रविंद्र सिंह भाटी भी वहां पहुंचे।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय ने विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की प्रशंसा की है। उन्होंने भाटी की तारीफ करते हुए कुछ बातें कही हैं, लेकिन मूल पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मालवीय जी ने भाटी के बारे में क्या खास टिप्पणी की है।1
- डूंगरपुर जिले के कुआँ थाना पुलिस ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कुआँ और चिखली कस्बे में एक फ्लैग मार्च निकाला। कुआँ थानाधिकारी रघुवीर सिंह के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च पुलिस बल के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए इस तरह के फ्लैग मार्च और गश्त की कार्रवाई समय-समय पर की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखना है। पुलिस जवानों की इस उपस्थिति से कस्बे में सुरक्षा का एक मजबूत संदेश गया। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।4
- Post by Bapulal Ahari1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ के विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्र संबंधी समस्या को लेकर बुधवार को बैठक की और सीमलवाड़ा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन की मांग है कि जुलाई 2026 में होने वाली परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। महाविद्यालय प्रभारी उदयलाल बंजारा ने बताया कि 1999 से 2026 तक 27 वर्षों से राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ का अपना परीक्षा केंद्र संचालित था, लेकिन अब इसे एक निजी संस्थान, श्री गोवर्धन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय खड़गदा में आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन में सरकारी महाविद्यालयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, फिर भी छात्रों को निजी संस्थान में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें करीब 75% छात्राएं हैं। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण विद्यार्थियों को अपने निवास स्थान से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र में बस सुविधा न होने के कारण निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा पर लगभग 2500 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, जिससे नए प्रवेश भी प्रभावित हो रहे हैं और छात्र मजबूरीवश आसपास के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में शौचालय न होने से विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली भारी परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जुलाई की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को दूरस्थ निजी महाविद्यालय में परीक्षा देने जाना पड़ा और खराब मौसम, आंधी, तूफान या बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर की होगी। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने मांग की है कि जुलाई 2026 की परीक्षाओं से पहले राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय पीठ को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाए। इस अवसर पर शारदा अहारी, पायल डामोर, कमला अहारी, माया डिंडोर, कमला मसार, निर्मला डिंडोर, विद्यावती डामोर, प्रकाश डामोर, वीरेंद्र सरपोटा, उदयपाल बंजारा, कन्हैयालाल कलासुआ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पूर्व छात्रसंघ प्रतिनिधि उपस्थित थे।4
- गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही थी, तभी सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला जा सका। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 7 बताई जा रही है।4
- बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील के काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य एवं धार्मिक वातावरण में समापन हो गया। इस अवसर पर पांच कुंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान रामदेवजी का अभिषेक और पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व और व्यवस्थापन काकनवानी गांव के समाजसेवी रूपसिंह भगत ने किया। समारोह के दौरान यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन और संतों के प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान रामदेवजी के जयकारे लगाते हुए मंदिर में दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में संत रघुवरदास जी (बांसवाड़ा), दलसुख दास जी सजीले (गुजरात), प्रेमनाथ जी (महर्षि वाल्मीकि गौशाला आश्रम जंबूखंड), ईश्वरनाथ जी (नाल वाले हनुमानजी), धना महाराज (झालोद), संत नरसिंहगिरी जी (रामधाम कुशलगढ़), गिरधारीनाथ जी, कृष्णागिरी जी, कल्लू गिरी जी और भुर्जी गिरी जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों ने अपने आशीर्वचन में धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज को सदाचार और एकता का संदेश दिया। पांच कुंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कीं। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुए इस यज्ञ में भगवान रामदेवजी का विशेष अभिषेक किया गया तथा मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक विधियां विधिवत संपन्न कराई गईं। यज्ञ के बाद महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समारोह के दौरान ग्रामीणों और भक्तों का उत्साह देखने लायक था; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने भी भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के समापन पर रामगिरी महाराज ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और श्रद्धा से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने भविष्य में भी धर्म एवं समाजहित के कार्यों में इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। बाबा रामदेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का यह आयोजन काकनवानी गांव के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जिसने क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया।4
- बुधवार शाम 5 बजे बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के निकट स्थित काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा बड़े धार्मिक आयोजनों के साथ संपन्न हुई। गौ भक्त संत रघुवीरदास जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हेमेंद्र पंड्या के अनुसार, आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसकी शुरुआत 'श्री गणेशाय नमः' और 'जय बाबारी' के जयकारों के साथ हुई। इस धार्मिक उत्सव के दौरान रूणीजा धाम संजेली गुजरात के दलसुख दासजी महाराज, गौ सेवा धाम तलवाड़ा के रघुवीर दासजी महाराज, धन्ना महाराज झालोद, प्रेमनाथजी महाराज, ईश्वरनाथजी महाराज, गिरधारीनाथजी महाराज, नरसिंह गिरीजी महाराज, निर्मलनाथजी महाराज, आन्नद गिरीजी महाराज, सीतारामजी महाराज, कल्लू महाराज, देव गिरीजी महाराज, करण गिरीजी महाराज, राम गिरी महाराज, कृष्ण गिरी महाराज और रमेश गिरी महाराज सहित कई संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। आध्यात्मिक माहौल में कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, संतों का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और धर्ममय वातावरण से भर दिया।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत मालवीया ने भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।1