थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार की बाइट। *प्रेस नोट दिनांक: 16 सितम्बर 2026* *संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश : फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार-* जनपद प्रतापगढ़ की क्राईम ब्रान्च द्वारा दिनांक 15.09.2026 को की गई कार्यवाही में एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 02 अभियुक्तों — शाकिब खान पुत्र स्व0 सगीर खान, निवासी फ्रेजर रोड, पटना (मूल निवासी थाना लासा, जनपद वाराणसी) तथा संदीप कुमार पुत्र टुनटुन लाल रजक, निवासी बन्दर बगीचा, पटना, बिहार — को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 318(4)/319(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत है। *घटना का संक्षिप्त विवरण-* थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ पर दिनांक 16.07.2026 को वादी डॉ0 सुमनेश सिंह पुत्र महादेव सिंह, निवासी भुवालपुर डोमीपुर के बड़ौदा यू0पी0 बैंक, शाखा मोहनगंज स्थित बैंक खाते से साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से बिना सूचना के ₹2,50,000/- निकाले जाने के संबंध में मु0अ0सं0 0190/2026, धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था। *बरामदगी का विवरण-* *अभियुक्तगण की तलाशी व उनके वाहन की जांच में पुलिस टीम द्वारा भारी मात्रा में अभिलेख व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:* * 01 लैपटॉप (लेनोवो) मय चार्जर तथा 01 POS मशीन मय चार्जर * 06 मोबाइल फोन (एक खराब स्थिति में), जिनकी प्रारंभिक जांच में विभिन्न सिम व IMEI नम्बरों से जुड़े होने की पुष्टि हुई * 06 पेन ड्राइव, 01 कार्ड रीडर, 01 डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस तथा 01 चिप (8 जीबी) कई बैंकों की चेकबुकें, ATM, QR कोड इत्यादि *अपराध की कार्यप्रणाली-* पूछताछ व साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि अभियुक्त शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) व्यवसाय की आड़ में एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। गिरोह की कार्यप्रणाली मुख्यतः निम्न चरणों में सामने आई: *गिरोह का एक सहयोगी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी ट्रेडिंग/निवेश स्कीमों, कोरियर के नाम पर ठगी व वायरस-युक्त APK फाइलों के माध्यम से साइबर फ्रॉड संचालित करता था तथा पुलिस से बचने हेतु विदेशी/फर्जी सिम व बदले हुए पतों का प्रयोग करता था।* इस नेटवर्क को अपने संग्रहित/धोखे से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों (जाली किरायानामा, फर्जी उद्यम/एमएसएमई/जीएसटी पंजीकरण) के आधार पर विभिन्न व्यक्तियों — अधिकांशतः अपने अनपढ़ या आश्रित कर्मचारियों व परिचितों — के नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत कर बैंकों में करेण्ट व कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर उपलब्ध कराए जाते थे, क्योंकि ऐसे खाते सामान्य बचत खातों की तुलना में बड़ी व संदिग्ध राशि के लेन-देन पर आसानी से बैंकों द्वारा फ्रीज नहीं किए जाते। *जांच में एक ही पते पर कई-कई फर्मों के तथा एक ही मोबाइल नम्बर पर कई फर्जी फर्मों के पंजीकरण की पुष्टि हुई है, जिससे स्पष्ट है कि सभी खातों का वास्तविक नियंत्रण अभियुक्तगण के पास ही केंद्रित था, जबकि कागजों में खाते अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्शाए गए थे।* इन फर्जी फर्मों/खातों के आधार पर बैंक खाते, उनसे जुड़े सिम कार्ड व ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने के एवज में अभियुक्तगण को कुल लेन-देन राशि में कमीशन में प्राप्त होता था। प्रारंभिक विश्लेषण में एक वर्ष की अवधि में अभियुक्तों द्वारा नियंत्रित खातों के माध्यम से लगभग ₹42.65 करोड़ (₹426523649/-) की साइबर फ्रॉड राशि का लेन-देन होना पाया गया है, तथा कुल 109 फर्मों के खाते विभिन्न बैंकों में सक्रिय पाए गए हैं। *समन्वय पोर्टल विश्लेषण —* अखिल भारतीय स्तर पर संलिप्तता- गृह मंत्रालय के समन्वय (Samanvaya) पोर्टल पर की गई प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्तगण द्वारा संचालित/नियंत्रित बैंक खाते व मोबाइल नम्बर देशभर में 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से लिंक पाए गए हैं। यह तथ्य गिरोह की गतिविधियों की व्यापकता तथा अखिल भारतीय स्तर पर पीड़ितों की संख्या को दर्शाता है। सम्बंधित राज्यों की साइबर क्राइम इकाइयों से समन्वय स्थापित कर अग्रिम विवेचना की जा रही है। *विधिक कार्यवाही-* अभियुक्तगण के विरुद्ध पूर्व में पंजीकृत धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के अतिरिक्त, विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336(3), 338, 340(2), 112(2), 61(2), 45 व 3(5) की भी बढ़ोतरी की गई है।
थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार की बाइट। *प्रेस नोट दिनांक: 16 सितम्बर 2026* *संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश : फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार-* जनपद प्रतापगढ़ की क्राईम ब्रान्च द्वारा दिनांक 15.09.2026 को की गई कार्यवाही में एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 02 अभियुक्तों — शाकिब खान पुत्र स्व0 सगीर खान, निवासी फ्रेजर रोड, पटना (मूल निवासी थाना लासा, जनपद वाराणसी) तथा संदीप कुमार पुत्र टुनटुन लाल रजक, निवासी बन्दर बगीचा, पटना, बिहार — को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 318(4)/319(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत है। *घटना का संक्षिप्त विवरण-* थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ पर दिनांक 16.07.2026 को वादी डॉ0 सुमनेश सिंह पुत्र महादेव सिंह, निवासी भुवालपुर डोमीपुर के बड़ौदा यू0पी0 बैंक, शाखा मोहनगंज स्थित बैंक खाते से साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से बिना सूचना के ₹2,50,000/- निकाले जाने के संबंध में मु0अ0सं0 0190/2026, धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था। *बरामदगी का विवरण-* *अभियुक्तगण की तलाशी व उनके वाहन की जांच में पुलिस टीम द्वारा भारी मात्रा में अभिलेख व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:* * 01 लैपटॉप (लेनोवो) मय चार्जर तथा 01 POS मशीन मय चार्जर * 06 मोबाइल फोन (एक खराब स्थिति में), जिनकी प्रारंभिक जांच में विभिन्न सिम व IMEI नम्बरों से जुड़े होने की पुष्टि हुई * 06 पेन ड्राइव, 01 कार्ड रीडर, 01 डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस तथा 01 चिप (8 जीबी) कई बैंकों की चेकबुकें, ATM, QR कोड इत्यादि *अपराध की कार्यप्रणाली-* पूछताछ व साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि अभियुक्त शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) व्यवसाय की आड़ में एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। गिरोह की कार्यप्रणाली मुख्यतः निम्न चरणों में सामने आई: *गिरोह का
एक सहयोगी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी ट्रेडिंग/निवेश स्कीमों, कोरियर के नाम पर ठगी व वायरस-युक्त APK फाइलों के माध्यम से साइबर फ्रॉड संचालित करता था तथा पुलिस से बचने हेतु विदेशी/फर्जी सिम व बदले हुए पतों का प्रयोग करता था।* इस नेटवर्क को अपने संग्रहित/धोखे से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों (जाली किरायानामा, फर्जी उद्यम/एमएसएमई/जीएसटी पंजीकरण) के आधार पर विभिन्न व्यक्तियों — अधिकांशतः अपने अनपढ़ या आश्रित कर्मचारियों व परिचितों — के नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत कर बैंकों में करेण्ट व कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर उपलब्ध कराए जाते थे, क्योंकि ऐसे खाते सामान्य बचत खातों की तुलना में बड़ी व संदिग्ध राशि के लेन-देन पर आसानी से बैंकों द्वारा फ्रीज नहीं किए जाते। *जांच में एक ही पते पर कई-कई फर्मों के तथा एक ही मोबाइल नम्बर पर कई फर्जी फर्मों के पंजीकरण की पुष्टि हुई है, जिससे स्पष्ट है कि सभी खातों का वास्तविक नियंत्रण अभियुक्तगण के पास ही केंद्रित था, जबकि कागजों में खाते अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्शाए गए थे।* इन फर्जी फर्मों/खातों के आधार पर बैंक खाते, उनसे जुड़े सिम कार्ड व ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने के एवज में अभियुक्तगण को कुल लेन-देन राशि में कमीशन में प्राप्त होता था। प्रारंभिक विश्लेषण में एक वर्ष की अवधि में अभियुक्तों द्वारा नियंत्रित खातों के माध्यम से लगभग ₹42.65 करोड़ (₹426523649/-) की साइबर फ्रॉड राशि का लेन-देन होना पाया गया है, तथा कुल 109 फर्मों के खाते विभिन्न बैंकों में सक्रिय पाए गए हैं। *समन्वय पोर्टल विश्लेषण —* अखिल भारतीय स्तर पर संलिप्तता- गृह मंत्रालय के समन्वय (Samanvaya) पोर्टल पर की गई प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्तगण द्वारा संचालित/नियंत्रित बैंक खाते व मोबाइल नम्बर देशभर में 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से लिंक पाए गए हैं। यह तथ्य गिरोह की गतिविधियों की व्यापकता तथा अखिल भारतीय स्तर पर पीड़ितों की संख्या को दर्शाता है। सम्बंधित राज्यों की साइबर क्राइम इकाइयों से समन्वय स्थापित कर अग्रिम विवेचना की जा रही है। *विधिक कार्यवाही-* अभियुक्तगण के विरुद्ध पूर्व में पंजीकृत धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के अतिरिक्त, विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336(3), 338, 340(2), 112(2), 61(2), 45 व 3(5) की भी बढ़ोतरी की गई है।
- प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला-बोल, भारी बारिश में पैदल मार्च कर सौंपा 23 सूत्रीय ज्ञापन प्रतापगढ़। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी एडवोकेट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता भारी बारिश में भींगते हुए कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन से पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। इस दौरान "मेडिकल कॉलेज की यही कहानी, ऊपर से नीचे तक बेईमानी" और "अब नहीं सहेंगे अत्याचार, बंद करो ये भ्रष्टाचार" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आज बुधवार दोपहर 1 बजे के करीब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 23 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और विजिलेंस जांच कराकर FIR दर्ज करने की मांग की।कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज इलाज का मंदिर नहीं बल्कि लूट का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि GeM पोर्टल पर Contract No. GEMC-511687764102923 के तहत 22 जून को महज 2 इमरजेंसी रिकवरी ट्रॉली 8 लाख रुपये में मंगाई गई हैं, वहीं 15 जुलाई के एक इवेंट के लिए 10 एसी 2 टन एक दिन के लिए लगभग 9 लाख 98 हजार 500 रुपये के किराए पर लिए गए, जिसका एक दिन का किराया एक लाख रुपये दिखाया गया है। इसी तरह एक साथ 4 लाख ग्लव्स का अनावश्यक स्टॉक मंगाकर सरकारी धन की बर्बादी की गई और शव वाहन के नाम पर 3 माह में 12 लाख रुपये का फर्जी डीजल भरवाया गया, जबकि GeM पर 1 लाख किलो कूरियर की आड़ में 6 लाख की खरीद पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी ने कहा कि 100 बेड महिला अस्पताल में 10 में से 6 प्राइवेट रूम बंद पड़े हैं और पुरुष प्राइवेट वार्ड के पहले 15 रूम थे जो अब पूरी तरह बंद हैं जिससे सरकार को लाखों के राजस्व की हानि हो रही है। मरीजों से खुलेआम अवैध वसूली हो रही है, महिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 3000 से 3500 रुपये, ऑर्थो विभाग में प्लेट-रॉड के नाम पर ओटी के अंदर से पैसा मांगकर बाहर से सामान मंगाने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये और आंख विभाग में लेंस के नाम पर दलालों के जरिए वसूली की जा रही है, साथ ही डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां लिखकर एमआर और मेडिकल स्टोर वालों से ऊंचा कमीशन लिया जा रहा है।महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज कश्यप ने कहा कि भोजन का टेंडर लखनऊ की ग्रीन फूड कंपनी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी रिन्यू कर दिया गया है, बिल पूरे मरीजों का बनता है और खाना आधों को दिया जाता है, जबकि 5 वर्षों से सफाई टेंडर ही नहीं हुआ है और सफाईकर्मियों का 4 से 5 महीने का वेतन रोका गया है, रजिस्टर पर संख्या ज्यादा दिखाई जाती है और मौके पर आधे कर्मचारी ही रहते हैं। मेडिकल कॉलेज व इमरजेंसी में अग्निशमन कार्य का टेंडर मानकों के विपरीत अपने चहेते को देकर गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा है जबकि यह कार्य GeM पोर्टल से होना चाहिए। कोरोना काल में मिले 19 वेंटिलेटर बेड में से एक भी क्रियाशील नहीं है और सभी गायब हैं, वहीं 24.50 करोड़ की लागत से बन रही 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट जिसका निर्माण 19 दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, डेडलाइन के 9 महीने बाद भी अधूरा पड़ा है।जिला उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि गैस्ट्रो, कार्डियो और न्यूरो जैसे 3 बड़े सुपर स्पेशियलिटी विभागों में आज तक एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है, मेडिकल कॉलेज में आज तक एमआरआई मशीन तक नहीं है जिससे मरीज जांच के लिए बाहर भटकने को मजबूर हैं, एक्सरे विभाग में मरीजों से रसीद काटकर पैसा लेने के बाद एक्सरे का मोबाइल पर फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाने को कहा जाता है, इतने बड़े कॉलेज में सीसीटीवी युक्त पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं है जिसके कारण आए दिन गाड़ियां चोरी हो रही हैं। CMS प्रतिदिन शाम 5 बजे बिना अनुमति के जिला मुख्यालय छोड़कर प्रयागराज चले जाते हैं जो नियम विरुद्ध है, इमरजेंसी नियमित डॉक्टरों की अनुपस्थिति में इंटर्न के भरोसे छोड़ दी गई है और जितने डॉक्टर तैनात हैं वे हफ्ते में मात्र दो दिन ओपीडी करते हैं, शेष दिन आते ही नहीं हैं, उपस्थिति के लिए अंगूठा लगाने वाली मशीन को कब्जे में लेकर जांच की जाए तो असलियत सामने आ जाएगी लेकिन ये लोग पूरे महीने का वेतन ले रहे हैं।जिला उपाध्यक्ष मौलाना वहीद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संलग्न GeM कॉन्ट्रैक्ट की प्रति और समाचार पत्र की कटिंग के आधार पर पूरे मामले की स्वयं जांच कर उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक क्रमबद्ध तरीके से बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी।इस अवसर पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, नगर अध्यक्ष मोहम्मद इश्तियाक, महेंद्र शुक्ला,रवि भूषण सिन्हा, मासूम हैदर, विजय प्रताप त्रिपाठी, इन्द्रानंद तिवारी, हरिश्चंद्र सरोज, मो.हुजैफ, सुनीता सिंह पटेल,अंजली उपाध्याय, शाहिदा खातून, मीरा देवी भवानी शंकर दुबे, सुरेश कुमार सरोज, राजेंद्र वर्मा, बैजनाथ यादव, सुभाष तिवारी, उमेश तिवारी, हजारीलाल वर्मा, यश द्विवेदी, अशोक सिंह, शहजाद सलमानी, आलोक सिंह, सहर्ष सिंह, प्रतीक सिंह ओमप्रकाश सरोज, आशिक अली, रियाज सुल्तान, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद वसीम, रविंद्र मिश्रा, मोनू मिश्रा, विकास शुक्ला, राजू खान,डॉ सर्वेश शुक्ला, महेंद्र मिश्रा, धर्मराज सिंह मो. असलम बाबा, रितेश सरोज, बृजेश सरोज, इमरान खान, राधेश्याम दुबे, हिमांशु गुप्ता, शाहिद खान, मो. इफ्तिखार, देवमणि पांडे, नूर आलम, त्रिपुरारी नाथ, अंबिका प्रसाद, डॉ. सतीश शुक्ल, संतोष यादव,पृथ्वी पाल गौतम, मो. इमरान एडवोकेट, सुभाष तिवारी, उमेश तिवारी, नरेन्द्र शुक्ल, मोहम्मद शब्बीर, मोहम्मद इदरीसी, अरबाज आलम,इमरान खान, शैलेश पांडे, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- रजौली पासवान की मदद को आगे आए दानवीर हेमंत पासवान जी s news up digital मदद की मुहिम S NEWS UP Digital की मदद की मुहिम की खबर का असर, हेमंत पासवान जी ने रजौली पासवान को दो माह का राशन उपलब्ध कराया। 🙏 एक फॉलो, एक शेयर—गरीब की मदद। ❤️1
- प्रतापगढ़:फतनपुर थाना के बीरापुर बाजार में जमीन पर कथित अवैध कब्जे का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग प्रतापगढ़ के बीरापुर बाजार, थाना फतनपुर क्षेत्र में जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित जमीन पर दोबारा कथित रूप से कब्जा किया गया है।शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सही और निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। शिकायत में मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।स्थानीय स्तर पर अब निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- दो घरों के ताले तोड़कर लाखों के आभूषण चोरी, जांच में जुटी पुलिस संग्रामपुर। थाना क्षेत्र के पूरे जवाहिर सिंह मजरे संग्रामपुर गांव में मंगलवार रात अज्ञात चोरों ने दो घरों के ताले तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण पार कर दिए। राधेश्याम सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ चंदन सिंह के घरों से करीब 15 से 20 लाख रुपये के आभूषण चोरी होने की तहरीर पुलिस को दी गई है। सुबह चंदन सिंह के बड़े भाई का बेटा कार्तिक सिंह शौचालय जा रहा था, तभी उसकी नजर घर में बिखरे सामान पर पड़ी। उसने परिजनों, ग्राम प्रधान व चचेरे भाई इन्द्रभान सिंह रिंकू को सूचना दी। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। पीआरवी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। सूचना पर हल्का दरोगा विनोद तिवारी भी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। तहरीर के मुताबिक चोरों ने पहले राधेश्याम सिंह के घर का ताला तोड़ा। वहां से उन्हें एक सब्बल मिला, जिसे कपड़े में पकड़कर चंदन सिंह के घर ले गए और ताला तोड़कर चोरी की। चोर अंगूठी, पायल, बिछुआ समेत अन्य आभूषण ले गए। घटना के समय दोनों घरों में कोई सदस्य मौजूद नहीं था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।4
- अमेठी तहसील में विराजे गणपति बप्पा, आरती-पूजन से भक्तिमय हुआ माहौल अमेठी तहसील में गणेश प्रतिमा की हुई स्थापना अमेठी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेशोत्सव की शुरुआत की गई। 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के दिन प्रातःकाल से दिनभर प्रतिमा स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त रहा। इसी क्रम में अमेठी तहसील परिसर में भी विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। बुधवार सुबह श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर आरती की। इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से तहसील परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। गणेशोत्सव 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। उत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी। गणेश चतुर्थी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमा स्थापित कर धार्मिक आयोजन शुरू किए हैं। अनंत चतुर्दशी के दिन विधि-विधान से पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।1
- *थाना हथिगवां पुलिस द्वारा “लूट” के अभियोग से संबंधित ₹25,000/- का इनामियां 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, लूट का मोबाइल फोन बरामद एवं अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-* *क्षेत्राधिकारी कुण्डा शिव नारायन वैस की बाइट।*1
- स्टेशन रोड पर नाले के ऊपर किये गये अतिक्रमण हटाने की मांग। प्रतापगढ़। स्टेशन रोड पर नाले के ऊपर बनी सीढ़ी की वजह से नाला साफ नहीं हो पाता है जिससे आम जनमानस की दुकान पर पानी का जल भराव हो जाता है। नगर पालिका प्रशासन से अनुरोध है स्टेशन रोड पर नाली पर ऊपर जितने भी अतिक्रमण हैं सबको हटाया जाए ताकि नाले का साफ सफाई हो सके।1
- थाना हथिगवां पुलिस द्वारा ₹25,000/- का इनामियां वांछित अभियुक्त गिरफ्तारी के संबंध में सीओ कुंडा ने क्या कहा थाना हथिगवां पुलिस द्वारा “लूट” के अभियोग से संबंधित ₹25,000/- का इनामियां 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, लूट का मोबाइल फोन बरामद एवं अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-क्षेत्राधिकारी कुण्डा शिव नारायन वैस की बाइट।1
- पट्टी में दर्दनाक हादसा: धान के खेत में काम करने गई युवती को जहरीले सांप ने कई जगह काटा, हालत गंभीर पट्टी में दर्दनाक हादसा: धान के खेत में काम करने गई युवती को जहरीले सांप ने कई जगह काटा, हालत गंभीर प्रतापगढ़ ।पट्टी कोतवाली क्षेत्र के सरसतपुर गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई। धान के खेत में गई 21 वर्षीय पूनम को एक जहरीले सांप ने पैर में कई जगह डंस लिया। घटना: पूनम दोपहर करीब 2:30 बजे धान के खेत में गई थी, तभी सांप ने उसके पैर को लपेटकर कई जगह काट लिया। अस्पताल: हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत पट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। स्थिति: इमरजेंसी में तैनात डॉ. अखिलेश जायसवाल ने बताया कि युवती के पैर में सांप के कई काटने के निशान मिले हैं। प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। #Patti #Pratapgarh #NewsUpdate #BreakingNews #LocalNews1