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सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है।। सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।।सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है जिसमे केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में मरीजों के खून की जांच और दवायें वितरित की जा रही हैं। शिविर में खंण्ड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता,बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना वर्मा,पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृर्षि रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी कोआपरेटिव आशीष वर्मा, ए पी ओ मनरेगा रेनू रावत सचिव सुरेश चंद्र यादव, राजेश कुमार रावत, मनीष शुक्ला कुलदीप वर्मा आदि सेवा संकल्प अभियान शिविर में भागीदारी निभा रहे हैं।
अजय कुमार रावत
सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है।। सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।।सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है जिसमे केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में मरीजों के खून की जांच और दवायें वितरित की जा रही हैं। शिविर में खंण्ड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता,बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना वर्मा,पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृर्षि रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी कोआपरेटिव आशीष वर्मा, ए पी ओ मनरेगा रेनू रावत सचिव सुरेश चंद्र यादव, राजेश कुमार रावत, मनीष शुक्ला कुलदीप वर्मा आदि सेवा संकल्प अभियान शिविर में भागीदारी निभा रहे हैं।
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- सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है।। सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।।सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है जिसमे केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में मरीजों के खून की जांच और दवायें वितरित की जा रही हैं। शिविर में खंण्ड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता,बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना वर्मा,पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृर्षि रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी कोआपरेटिव आशीष वर्मा, ए पी ओ मनरेगा रेनू रावत सचिव सुरेश चंद्र यादव, राजेश कुमार रावत, मनीष शुक्ला कुलदीप वर्मा आदि सेवा संकल्प अभियान शिविर में भागीदारी निभा रहे हैं।2
- तीन महीने में ही सड़क की खुली पोल, उखड़ी गिट्टी और गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत घटिया निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने जांच कर ठेकेदार पर कार्रवाई की उठाई मांग ब्यूरो चीफ बाराबंकी। सफदरगंज चौराहे से बदोसराय मार्ग पर चंदवारा गांव को जोड़ने वाली लिंक रोड की हालत ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब तीन महीने पहले बनी डामर सड़क अब जगह-जगह उखड़ने लगी है। सड़क की गिट्टियां बाहर निकल आई हैं और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका नतीजा महज कुछ महीनों में सामने आ गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के गड्ढों के कारण कई बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। बारिश के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप हुआ होता तो इतनी कम अवधि में उसकी गिट्टी नहीं उखड़ती। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सड़क को दोबारा मानक के अनुरूप बनवाने की मांग उठाई है।1
- खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर घाघरा बाबा नारायण दास समाधि स्थल पर खतरा बरकार सूरतगंज (बाराबंकी)। खतरे के निशान से सरयू घाघरा नदी 71 सेंटीमीटर ऊपर तेज बहाव के बीच नदी खेतों और आशियानों को निगलने के बाद अब धार्मिक स्थलों और सरकारी भवनों सहित अन्य मकानों को भी बहा ले जाने की जिद में। ऐसे में सोमवार देर रात करीब दस बजे श्री श्री 108 जय बाबा नारायण दास जी महराज मंदिर परिसर के सामने स्थित बाबा गुरु नारायण, महंत उदित नारायण व उनकी पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों की समाधियां भी नदी की तेज धारा में समा गईं। तो दूसरी ओर सुंदरनगर, बेलहरी, बलईपुर, बाबापुरवा, ललपुरवा, सकतापुर, कोड़री और सरसंडा समेत दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। कई घरों में पानी घुस चुका है। ग्रामीण लगातार बढ़ते खतरे के बीच अपने घरों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। हेतमापुर में कटान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक हजारों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि करीब 50 घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। कई परिवारों ने अपने आशियाने खुद तोड़ना शुरू कर दिया है, ताकि ईंट, दरवाजे, टीन सेट , अनाज, चारपाई और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके। ऐसे में आंखों के सामने घर उजड़ते देख ग्रामीणों की बेबसी साफ दिखाई दे रही है। किसी परिवार को अपने मकान के अगले पल नदी में समा जाने का डर है तो कोई बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थान की तलाश में है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार जिस तेजी से जमीन काट रही है, उससे हर घंटे स्थिति बदल रही है। हेतमापुर में सरयू-घाघरा का कटान अब केवल जमीन और मकानों का नुकसान नहीं रह गया है। नदी की तेज धार ने ग्रामीणों की धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी स्मृतियों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बाबा गुरु नारायण, महंत उदित नारायण और उनकी पत्नी समेत परिवार के सदस्यों की समाधियों का नदी में समा जाना ग्रामीणों के लिए भावनात्मक क्षति है। जिस स्थान पर लोग वर्षों से श्रद्धा के साथ पहुंचते थे, वह अब नदी की तेज धारा में दिखाई नहीं दे रहा है। नदी की धार मंदिर के उत्तर साइट से नीचे नीचे काटते हुए मन्दिर के नींव में में हिलोरें मार रही है ऐसे में कटान यदि इसी गति से जारी रहा तो मंदिर परिसर भी गंभीर खतरे की जद में आ सकता है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की नजर अब लगातार नदी तेज रफ्तार की धाराओं पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्षों से पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं, आज वही स्थान नदी के मुहाने पर खड़ा है। खेत और घर गंवाने के बाद अब लोगों को अपनी धार्मिक विरासत के भी नदी में समा जाने की चिंता सताने लगी है। नदी की तेज धार अब पशु चिकित्सालय के बेहद करीब पहुंच गई है। लगातार कटान जारी रहने से सरकारी भवन के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। यदि भवन प्रभावित होता है तो क्षेत्र के पशुपालकों के सामने पशुओं के उपचार की समस्या खड़ी हो सकती है। सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ और कटान का खतरा और गंभीर हो गया है। नदी खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी की धार में भी तेजी दिखाई दे रही है। सुंदरनगर, बेलहरी, बाबापुरवा, ललपुरवा, कोड़री, सरसंडा समेत कई गांव पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे हैं। कई स्थानों पर खेत जलमग्न हैं तो आबादी वाले क्षेत्रों में भी पानी पहुंच चुका है। ऐसे में जलस्तर में और वृद्धि ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन की ओर से बचाव कार्य किए जा रहे हैं। नदी के किनारे को सुरक्षित करने और कटान प्रभावित हिस्सों को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि तेज बहाव और लगातार बदलती नदी की धारा के सामने बचाव कार्यों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित बोले ऐसे में केवल तत्काल बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि कटान प्रभावित क्षेत्र के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की भी जरूरत है। कटान प्रभावित गांवों में इस समय सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की है। कई परिवार घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ मकान टूटने का संकट नहीं है। घर के साथ खेत, रोजी-रोटी, पशु, वर्षों की मेहनत और पुरानी यादें भी नदी में समा रही हैं। हेतमापुर में प्रशासन के सामने एक साथ दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। एक तरफ लगातार बढ़ता जलस्तर बाढ़ का दायरा बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर तेज कटान आबादी, खेतों और महत्वपूर्ण भवनों के लिए खतरा बन गया है।प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने, जरूरी सामान निकालने में मदद देने और संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बचाव कार्य। ग्रामीणों की नजर अब नदी के जलस्तर और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू-घाघरा की धार आखिर कहां जाकर थमेगी और तब तक हेतमापुर में कितना और नुकसान होगा। बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा, डॉ विमलेश कुमार पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना।4
- 1500 वर्ष पुराना मन्दिर खतरे के निशान पर घाघरा नदी की कटान के बीच मंदिर का हिस्सा नदी में लटका मंदिर को बचाने के प्रयास जारी मन्दिर को कटान से बचाने हेतु ग्रामीण हवन पूजन कर रहे हैं बाबा नारायण दास हेतमापुर धाम से बाराबंकी में प्रसिद्ध है यह मंदिर प्रत्येक वर्ष लगता है विशाल मेला1
- बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: अचानक गिरी दीवार, मलबे में दबकर महिला की मौत | 3 बच्चों के सिर से उठा बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: अचानक गिरी दीवार, मलबे में दबकर महिला की मौत | 3 बच्चों के सिर से उठा1
- करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला यूपी की टॉप फाइव मे शुमार जिसका आज से ध्वजा रोहण कलश पूजन गाजे बाजे के साथ बजा डंका करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला यूपी की टॉप फाइव मे शुमार जिसका आज से ध्वजा रोहण कलश पूजन गाजे बाजे के साथ बजा डंका करनैलगंजगोण्डा उत्तर प्रदेश की टॉप फाइव रामलीलाओं में शुमार गोंडा जिले के करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला का भव्य आगाज हो गया है। भूमि पूजन और ध्वजारोहण के साथ एक माह तक चलने वाली रामलीला का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को राममय कर दिया। वहीं रामलीला मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही करीब एक महीने तक चलने वाली रामलीला का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस दौरान करनैलगंज क्षेत्र में भगवान श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई देगी। खास बात यह है कि बनारस के बाद गोंडा के करनैलगंज में रामलीला का एक माह तक मंचन होता है। यहां तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय व बाहरी कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता है। दशहरा में देश के कई प्रदेशों से बैंड, झांकियां और दिव्य रथ भी बुलाए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। दशहरा पर्व पर अयोध्या के दीपोत्सव की तर्ज पर भव्य आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाता है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोहित पांडे के मुताबिक इस बार की रामलीला को और भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां की गई हैं। दशहरा पर्व पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है।4
- उत्तर प्रदेश में IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने राजनीति में जाने का किया ऐलान, वीडियो जारी कर कहा- किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ूंगी, उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र रूप से शुरू करूंगी अपनी राजनीतिक यात्रा1
- सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है।। सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।।सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लाक मुख्यालय पर शिविर लगाया गया है जिसमे केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में मरीजों के खून की जांच और दवायें वितरित की जा रही हैं। शिविर में खंण्ड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता,बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना वर्मा,पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृर्षि रंजीत कुमार, सहायक विकास अधिकारी कोआपरेटिव आशीष वर्मा, ए पी ओ मनरेगा रेनू रावत सचिव सुरेश चंद्र यादव, राजेश कुमार रावत, मनीष शुक्ला कुलदीप वर्मा आदि सेवा संकल्प अभियान शिविर में भागीदारी निभा रहे हैं।2