बस्तर में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने क्षेत्र में खासी तबाही मचाई। इस मौसमी बदलाव से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी कड़ी में, दरभा विकासखंड के कोयनार पटेलपारा गांव में तेज हवाओं के कारण एक इमली का पेड़ सामनाथ कश्यप के घर पर गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद फूलो कश्यप घायल हो गईं, जिन्हें परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को खतरे से बाहर बताया है। आंधी-तूफान के कारण कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इसके अतिरिक्त, कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।
बस्तर में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने क्षेत्र में खासी तबाही मचाई। इस मौसमी बदलाव से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी कड़ी में, दरभा विकासखंड के कोयनार पटेलपारा गांव में तेज हवाओं के कारण एक इमली का पेड़ सामनाथ कश्यप के घर पर गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद फूलो कश्यप घायल हो गईं, जिन्हें परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को खतरे से बाहर बताया है। आंधी-तूफान के कारण कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इसके अतिरिक्त, कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।
- संत रामपाल जी महाराज ने एक गरीब और असहाय परिवार को सहारा प्रदान किया है। इस पूरे घटनाक्रम और परिवार को मिली मदद की विस्तृत जानकारी के लिए दर्शकों को 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर वीडियो अवश्य देखने के लिए कहा गया है।1
- ग्राम नेवारखेड़ा में स्थित जियो टॉवर से बैटरियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में निवास करने वाले सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजली सुविधा की अपनी लंबित माँग को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। अड़गड़ी गांव में एकत्रित हुए इन ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नाम अपने खून से मार्मिक पत्र लिखे हैं। इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने भाग लिया, जिसके तहत 500 से अधिक पत्र तैयार किए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2006 से अब तक हजारों आवेदन, ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी यह मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान भी यह मामला उठाया गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे केंद्र स्तर पर लंबित बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। अपनी इस पुरानी पीड़ा को सीधे केंद्र सरकार तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने अब अपने रक्त से पत्र लिखने का यह रास्ता अपनाया है।3
- गरियाबंद के उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में रहने वाले हजारों ग्रामीणों ने बिजली सेवा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ विकास प्राधिकरण के नाम खून से 500 से अधिक मार्मिक पत्र लिखे हैं। अड़गडी ग्राम में एकत्र हुए इन ग्रामीणों ने, जिनमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं, नीडल से अपना खून निकालकर कोरे कागजों पर अपनी व्यथा दर्ज की। दरअसल, यह पूरा मामला इलाके में बिजली सेवा की मांग से जुड़ा है, जिसके लिए ग्रामीण साल 2006 से लगातार हजारों पत्र लिख चुके हैं और धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान जब इस पर सुनवाई हुई, तो जिला प्रशासन ने बताया कि यह मामला केंद्र सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांग को केंद्र तक पहुंचाने के लिए यह अनूठी और मार्मिक अपील का रास्ता चुना है। वहीं, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह इलाका टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को देखते हुए वहां सिर्फ सोलर पैनल से ही रोशनी की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ गांवों में पहले से सोलर प्लेट लगे हुए हैं, जिन्हें अपग्रेड करने की आवश्यकता है। जैन के अनुसार, इलाके में बिजली लाने से वन्य प्राणियों में डिस्टरबेंस पैदा होगा, जिससे आने वाले समय में वन्यजीव और मानव के बीच द्वंद्व बढ़ने की आशंका है।3
- नितिन गडकरी जी ने भारत की सड़कों को अमेरिका जैसा बनाने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी देश के कई गांवों और शहरों की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि पूरे भारत का नक्शा उकेरा गया हो। विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जनता प्रतिदिन खराब सड़कों, लगातार होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य परेशानियों का सामना करने को मजबूर है। जनता सवाल उठा रही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर सड़कें टिकाऊ क्यों नहीं बन पा रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर जनता जवाब की मांग कर रही है, क्योंकि अच्छी और सुरक्षित सड़कें मात्र एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और वास्तविक विकास की पहचान होती हैं।1
- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने बुधवार को बस्तर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। भोजन अवकाश के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि उन्हें जनवरी से देय महंगाई भत्ता अब तक नहीं मिला है। इसके साथ ही, बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान 'मोदी गारंटी' के तहत किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं, जिससे सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया। अपनी मांगों को लेकर, कर्मचारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और लंबित मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।3
- बस्तर में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने क्षेत्र में खासी तबाही मचाई। इस मौसमी बदलाव से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी कड़ी में, दरभा विकासखंड के कोयनार पटेलपारा गांव में तेज हवाओं के कारण एक इमली का पेड़ सामनाथ कश्यप के घर पर गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद फूलो कश्यप घायल हो गईं, जिन्हें परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को खतरे से बाहर बताया है। आंधी-तूफान के कारण कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इसके अतिरिक्त, कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।4