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आरा में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर की टक्कर में एक युवक की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
अजय कुमार
आरा में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर की टक्कर में एक युवक की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
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- आरा में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर की टक्कर में एक युवक की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।1
- बिहार के आरा-बक्सर MLC उपचुनाव के लिए महागठबंधन ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। भाकपा माले ने आज संयुक्त उम्मीदवार सोनू राय के समर्थन में जन-प्रतिनिधि कन्वेंशन आयोजित किया।1
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- बिहार के आरा में भाकपा-माले ने महागठबंधन प्रत्याशी सोनू राय को MLC चुनाव जिताने के लिए कन्वेंशन किया। बैठक में नेताओं ने 'बुलडोजर राज' और भाजपा की कथित तानाशाही पर हमला बोला, साथ ही बंगाल की घटनाओं का भी जिक्र किया।1
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- गड़हनी सीएचसी का औचक निरीक्षण: ‘चमकी को धमकी’ और कालाजार उन्मूलन पर सख्त निर्देश, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस जिले में बढ़ती गर्मी और स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बीच गुरुवार को दोपहर 3 बजे के करीब गड़हनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) भोजपुर अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने ‘चमकी को धमकी’ अभियान और कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम की जमीनी हकीकत को परखा और स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण का फोकस खासतौर पर चमकी बुखार से बचाव को लेकर चल रहे जागरूकता अभियान पर रहा। डीएमओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव-गांव तक “तीन धमकियां—खिलायें, जगायें और अस्पताल ले जायें” का संदेश हर हाल में पहुंचना चाहिए। उन्होंने आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी बच्चे को समय पर इलाज मिल सके और जान बचाई जा सके। कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अधिकारी ने डोजियर, मरीजों के फॉलो-अप और दवा वितरण की व्यवस्था की बारीकी से जांच की। रिकॉर्ड संतोषजनक पाए गए, लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी कि डेटा अपडेट में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी डीएमओ ने सख्ती दिखाई। ओआरएस, एंटी-मलेरिया दवाएं और चमकी बुखार से संबंधित जरूरी दवाओं का भौतिक सत्यापन किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि लापरवाही सीधे मरीजों की जिंदगी पर असर डालती है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक भी मौजूद रहे। डीएमओ ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले हर बुखार मरीज की गंभीरता से जांच की जाए और क्षेत्र में सक्रिय सर्वे के माध्यम से संदिग्ध मरीजों की पहचान तेज की जाए। इसके साथ ही 102 एम्बुलेंस सेवा और आपातकालीन बेड की स्थिति को हमेशा दुरुस्त रखने का भी निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में देरी न हो।1
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