लाखों रुपए की लागत से बनी ध्यान कुटियां धराशायी, देखरेख के अभाव में उजड़ी पर्यटन योजना शंभूधारा के आरक्षित वन क्षेत्र में बनाई गई थी ध्यान कुटियां अनूपपूर/अमरकंटक - पवित्र नगरी अमरकंटक के शंभूधारा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों और साधकों को प्राकृतिक वातावरण में ध्यान-साधना की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई ध्यान कुटियां बदहाली का शिकार हो गई हैं। जलाशय के किनारे प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित ये कुटियां उचित देखरेख के अभाव में जर्जर होकर धराशायी हो चुकी हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित इस परियोजना की दुर्दशा को लेकर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 21 जनवरी 2022 को घोषित इस परियोजना को मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से विकसित किया गया था। इन कुटियों के निर्माण में मिट्टी, पत्थर, बांस, लकड़ी और मोवा घास जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया था, ताकि जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बारिश और रखरखाव की कमी से बिगड़ी स्थिति परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के बीच एकांत में समय बिताने, योग-ध्यान करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देना था। लेकिन नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इन संरचनाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बारिश और मौसम की मार के बीच कुटियां जर्जर होकर गिर गईं। ऐसे में जिस योजना से क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, उसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि इन कुटियों की देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग, अमरकंटक की है। इसके बावजूद संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह जांच का विषय है। परियोजना पर खर्च की गई राशि और रखरखाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। पहले भी उठ चुका है मामला ध्यान कुटियों की बदहाली को लेकर इससे पहले भी संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बावजूद अब तक सुधार और संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल सामने नहीं आने से विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते मरम्मत और देखरेख पर ध्यान दिया जाता, तो इन संरचनाओं को इस स्थिति तक पहुंचने से बचाया जा सकता था। निरीक्षण कर पुनरुद्धार की जरूरत अमरकंटक धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में शंभूधारा की ध्यान कुटियों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त संरचनाओं का आकलन करना चाहिए। साथ ही, परियोजना पर हुए व्यय और रखरखाव की समीक्षा कर मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। सरकारी धन से विकसित पर्यटन सुविधाओं का संरक्षण और उनका उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना पूरी तरह उपेक्षा की भेंट न चढ़ जाए।
लाखों रुपए की लागत से बनी ध्यान कुटियां धराशायी, देखरेख के अभाव में उजड़ी पर्यटन योजना शंभूधारा के आरक्षित वन क्षेत्र में बनाई गई थी ध्यान कुटियां अनूपपूर/अमरकंटक - पवित्र नगरी अमरकंटक के शंभूधारा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों और साधकों को प्राकृतिक वातावरण में ध्यान-साधना की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई ध्यान कुटियां बदहाली का शिकार हो गई हैं। जलाशय के किनारे प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित ये कुटियां उचित देखरेख के अभाव में जर्जर होकर धराशायी हो चुकी हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित इस परियोजना की दुर्दशा को लेकर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 21 जनवरी 2022 को घोषित इस परियोजना को मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से विकसित किया गया था। इन कुटियों के निर्माण में मिट्टी, पत्थर, बांस, लकड़ी और मोवा घास जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया था, ताकि जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बारिश और रखरखाव की कमी से बिगड़ी स्थिति परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के बीच एकांत में समय बिताने, योग-ध्यान करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देना था। लेकिन नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इन संरचनाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बारिश और मौसम की मार के बीच कुटियां जर्जर होकर गिर गईं। ऐसे में जिस योजना से क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, उसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि इन कुटियों की देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग, अमरकंटक की है। इसके बावजूद संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह जांच का विषय है। परियोजना पर खर्च की गई राशि और रखरखाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। पहले भी उठ चुका है मामला ध्यान कुटियों की बदहाली को लेकर इससे पहले भी संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बावजूद अब तक सुधार और संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल सामने नहीं आने से विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते मरम्मत और देखरेख पर ध्यान दिया जाता, तो इन संरचनाओं को इस स्थिति तक पहुंचने से बचाया जा सकता था। निरीक्षण कर पुनरुद्धार की जरूरत अमरकंटक धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में शंभूधारा की ध्यान कुटियों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त संरचनाओं का आकलन करना चाहिए। साथ ही, परियोजना पर हुए व्यय और रखरखाव की समीक्षा कर मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। सरकारी धन से विकसित पर्यटन सुविधाओं का संरक्षण और उनका उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना पूरी तरह उपेक्षा की भेंट न चढ़ जाए।
- लाखों रुपए की लागत से बनी ध्यान कुटियां धराशायी, देखरेख के अभाव में उजड़ी पर्यटन योजना शंभूधारा के आरक्षित वन क्षेत्र में बनाई गई थी ध्यान कुटियां अनूपपूर/अमरकंटक - पवित्र नगरी अमरकंटक के शंभूधारा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों और साधकों को प्राकृतिक वातावरण में ध्यान-साधना की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई ध्यान कुटियां बदहाली का शिकार हो गई हैं। जलाशय के किनारे प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित ये कुटियां उचित देखरेख के अभाव में जर्जर होकर धराशायी हो चुकी हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित इस परियोजना की दुर्दशा को लेकर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 21 जनवरी 2022 को घोषित इस परियोजना को मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से विकसित किया गया था। इन कुटियों के निर्माण में मिट्टी, पत्थर, बांस, लकड़ी और मोवा घास जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया था, ताकि जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बारिश और रखरखाव की कमी से बिगड़ी स्थिति परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के बीच एकांत में समय बिताने, योग-ध्यान करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देना था। लेकिन नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इन संरचनाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बारिश और मौसम की मार के बीच कुटियां जर्जर होकर गिर गईं। ऐसे में जिस योजना से क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, उसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि इन कुटियों की देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग, अमरकंटक की है। इसके बावजूद संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह जांच का विषय है। परियोजना पर खर्च की गई राशि और रखरखाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। पहले भी उठ चुका है मामला ध्यान कुटियों की बदहाली को लेकर इससे पहले भी संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बावजूद अब तक सुधार और संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल सामने नहीं आने से विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते मरम्मत और देखरेख पर ध्यान दिया जाता, तो इन संरचनाओं को इस स्थिति तक पहुंचने से बचाया जा सकता था। निरीक्षण कर पुनरुद्धार की जरूरत अमरकंटक धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में शंभूधारा की ध्यान कुटियों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त संरचनाओं का आकलन करना चाहिए। साथ ही, परियोजना पर हुए व्यय और रखरखाव की समीक्षा कर मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। सरकारी धन से विकसित पर्यटन सुविधाओं का संरक्षण और उनका उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना पूरी तरह उपेक्षा की भेंट न चढ़ जाए।1
- जयसिंहनगर पुलिस की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई: 735 किलो गांजा जप्त, दो तस्कर गिरफ्तार शहडोल / जयसिंहनगर।पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना जयसिंहनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रक से *735 किलो 440 ग्राम गांजा* जप्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जप्त मशरूका की कुल कीमत *लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 55 हजार* आंकी गई है। *कैसे पकड़ा गया माल -* दिनांक 13.10.2026 को नवरात्रि पर्व के मद्देनजर थाना जयसिंहनगर पुलिस रात्रि गश्त एवं प्रभात गश्त पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक-खलासी से पूछताछ की गई। संदेह होने पर वाहन की विधिवत तलाशी ली गई तो ट्रक में *18 बोरियों एवं 81 पैकेटों* में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। *गिरफ्तार आरोपी -* 1. राहुल विश्वकर्मा पिता हरिश्चंद्र विश्वकर्मा, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम जमीनबारी, थाना निजामाबाद, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.) 2. नारायण मंडल पिता गोन्दो महतो, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम अलगडीहा, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह (झारखंड) आरोपियों के विरुद्ध थाना जयसिंहनगर में *धारा 8/20 एन.डी.पी.एस. एक्ट* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। *जप्त मशरूका -* - 735 किलो 440 ग्राम गांजा (अनुमानित कीमत ₹73,50,000) - ट्रक (अनुमानित कीमत ₹40,00,000) - तीन मोबाइल फोन (कीमत ₹5,000) *कुल - ₹1,13,55,000* उक्त कार्यवाही एसडीओपी ब्यौहारी श्री ऋषभ चारी के मार्गदर्शन में निरीक्षक अजय बैगा, सउनि प्रमोद कुमार, सउनि सुरेश सिंह, प्र.आर. 383 आदित्य शुक्ला, प्र.आर. 538 रुस्तम सिंह, आर. 191 ऋषिकांत मिश्रा, आर. 441 नीरज शुक्ला, आर. 711 धीरशाह बैगा, म.आर. 715 खुशबू लोधी एवं साइबर सेल टीम शहडोल की महत्वपूर्ण सराहनीय भूमिका रही।2
- झीक बिजुरी क्षेत्र में घाट-पुलिया निर्माण में अनियमितता की आशंका, उच्चस्तरीय जांच की मांग1
- 🚩 **श्री राम दरबार में साप्ताहिक धार्मिक आयोजन** 🚩 निरंतर **श्री राम दरबार** में *प्रत्येक मंगलवार सभी **श्री राम जी के सेवकों** द्वारा 🔊 **श्री राम नाम संकीर्तन** एवं *सुंदर कांड* 🔊 का कार्यक्रम अत्यंत 👏🏻 **भव्य एवं दिव्य रूप से** 👏🏻 संपन्न किया जाता है। सभी **श्री राम जी के सेवक**, सनातन 🚩 परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अपने अमूल्य समय का योगदान **श्री राम जी के भजन-कीर्तन** में अर्पित करते हैं और इस **पवित्र पुण्य कार्य** के सहभागी बनते हैं। इस आधुनिकता से भरी दौड़ में हम सभी **सनातनियों** का यह परम कर्तव्य है कि अधिक से अधिक **श्री राम जी के सेवक** इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें, अपने समय का सदुपयोग करें और अपने **आराध्य**, अपने **संस्कारों** को पहचानें। आइए, कुछ पल 🙏 **प्रभु श्री राम जी की भक्ति में** 🙏 अर्पित करें, जिससे हम सभी श्री राम जी के सेवकों के जीवन में ✨ **असीम शांति और आनंद** ✨ का अनुभव हो। प्रभु की भक्ति करते हुए अपनी **सनातन परंपरा से जुड़े रहें**, अपने अनुभव से सभी को प्रेरित करें और **श्री राम दरबार** से जुड़कर प्रभु के **श्री चरणों में स्वयं को समर्पित** करके देखें— प्रभु आपके लिए क्या-क्या करते हैं। इस **कलयुग** में जो *रामकाज* करता है, उस पर **प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा** सदा बनी रहती है। प्रभु श्री राम हमारे सभी दुख हर लेते हैं और इस संसार रूपी सागर से हम सबको पार लगाते हैं। 🙏 **ऐसे करुणामय प्रभु श्री राम जी के चरणों में दंडवत प्रणाम** 🙏 प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा हम सभी **श्री राम जी के सेवकों** पर सदा बनी रहे और हम निरंतर इसी भाव के साथ भजन-कीर्तन करते रहें। 🚩 **जो श्री राम का है — वही हमारे काम का है** 🚩 🚩 **जो श्री राम जी का नहीं — वो किसी काम का नहीं** 🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩🙏 📿 **श्री राम दरबार – विराट अमर सेना** 📅 **दिनांक:** 13/10/2026* ⏰ **समय:** शाम 8:00 बजे 🚩🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩💐💐👏 — *सभी श्री राम जी के सेवक* ** श्री राम जी सेवक 🚩 **श्री राम दरबार में साप्ताहिक धार्मिक आयोजन** 🚩 निरंतर **श्री राम दरबार** में *प्रत्येक मंगलवार सभी **श्री राम जी के सेवकों** द्वारा 🔊 **श्री राम नाम संकीर्तन** एवं *सुंदर कांड* 🔊 का कार्यक्रम अत्यंत 👏🏻 **भव्य एवं दिव्य रूप से** 👏🏻 संपन्न किया जाता है। सभी **श्री राम जी के सेवक**, सनातन 🚩 परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अपने अमूल्य समय का योगदान **श्री राम जी के भजन-कीर्तन** में अर्पित करते हैं और इस **पवित्र पुण्य कार्य** के सहभागी बनते हैं। इस आधुनिकता से भरी दौड़ में हम सभी **सनातनियों** का यह परम कर्तव्य है कि अधिक से अधिक **श्री राम जी के सेवक** इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें, अपने समय का सदुपयोग करें और अपने **आराध्य**, अपने **संस्कारों** को पहचानें। आइए, कुछ पल 🙏 **प्रभु श्री राम जी की भक्ति में** 🙏 अर्पित करें, जिससे हम सभी श्री राम जी के सेवकों के जीवन में ✨ **असीम शांति और आनंद** ✨ का अनुभव हो। प्रभु की भक्ति करते हुए अपनी **सनातन परंपरा से जुड़े रहें**, अपने अनुभव से सभी को प्रेरित करें और **श्री राम दरबार** से जुड़कर प्रभु के **श्री चरणों में स्वयं को समर्पित** करके देखें— प्रभु आपके लिए क्या-क्या करते हैं। इस **कलयुग** में जो *रामकाज* करता है, उस पर **प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा** सदा बनी रहती है। प्रभु श्री राम हमारे सभी दुख हर लेते हैं और इस संसार रूपी सागर से हम सबको पार लगाते हैं। 🙏 **ऐसे करुणामय प्रभु श्री राम जी के चरणों में दंडवत प्रणाम** 🙏 प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा हम सभी **श्री राम जी के सेवकों** पर सदा बनी रहे और हम निरंतर इसी भाव के साथ भजन-कीर्तन करते रहें। 🚩 **जो श्री राम का है — वही हमारे काम का है** 🚩 🚩 **जो श्री राम जी का नहीं — वो किसी काम का नहीं** 🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩🙏 📿 **श्री राम दरबार – विराट अमर सेना** 📅 **दिनांक:** 13/10/2026* ⏰ **समय:** शाम 8:00 बजे 🚩🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩💐💐👏 — *सभी श्री राम जी के सेवक* *श्री राम जी सेवक1
- जयसिंहनगर पुलिस की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई, 735 किलो गांजा और ट्रक समेत 1 करोड़ 13 लाख से अधिक का मशरूका जब्त; दो गिरफ्तार भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद: शाहडोल जिले के थाना जयसिंहनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक ट्रक से कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा जब्त किया है। दो आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा (निवासी- आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश) और खलासी नारायण मंडल (निवासी- गिरिडीह, झारखंड) के रूप में हुई है। कुल जब्ती (मशरूका): पकड़े गए गांजे की अनुमानित कीमत 73,50,000 रुपये, ट्रक की कीमत 40,00,000 रुपये और तीन मोबाइल फोन की कीमत 5,000 रुपये है। कुल जब्ती लगभग 1,13,55,000 रुपये की है। कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के विरुद्ध थाना जयसिंहनगर में धारा 8/20 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पूरी खबर: पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा जिले में नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सतत् कार्रवाई करने और इसमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में शाहडोल पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना जयसिंहनगर क्षेत्र में एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 3
- मनेंद्रगढ़ में दो कबाड़ गोदामों पर पुलिस की दबिश, 13 क्विंटल अवैध लोहा कबाड़ जब्त मनेंद्रगढ़ में दो कबाड़ गोदामों पर पुलिस की दबिश, 13 क्विंटल अवैध लोहा कबाड़ जब्त राजू कबाड़ी और चुनमुन कबाड़ी के गोदामों में कार्रवाई, जब्त कबाड़ की कीमत 32,750 रुपये विक्रम साहू जिला एमसीबी मनेन्द्रगढ़ ////// जिले में चोरी की संपत्ति की खरीद-बिक्री और अवैध कबाड़ कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कोतवाली पुलिस मनेंद्रगढ़ ने दो कबाड़ गोदामों में छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 13 क्विंटल लोहा कबाड़ जब्त किया है। जब्त कबाड़ की कुल कीमत लगभग 32,750 रुपये बताई गई है। पुलिस द्वारा कबाड़ के वास्तविक मालिक और उसके स्रोत का पता लगाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 13 अक्टूबर को थाना प्रभारी कोतवाली विवेक पाटले को मुखबिर से सूचना मिली कि मौहारपारा स्थित राजू कबाड़ी तथा चैनवारी डांड स्थित चुनमुन कबाड़ी के गोदामों में चोरी का लोहा कबाड़ बिक्री के लिए अवैध रूप से रखा गया है। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार विश्वकर्मा एवं थाना प्रभारी विवेक पाटले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों गोदामों में दबिश दी। राजू कबाड़ी के गोदाम से 4 क्विंटल कबाड़ जब्त पुलिस ने मौहारपारा स्थित राजू कबाड़ी के गोदाम से लगभग 4 क्विंटल लोहा कबाड़ जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपये बताई गई है। मौके पर मौजूद मैनेजर राजा मानिकपुरी से कबाड़ की खरीदी-बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। चुनमुन कबाड़ी के गोदाम से 9 क्विंटल लोहा बरामद इसके बाद पुलिस टीम ने चैनवारी डांड स्थित चुनमुन कबाड़ी के गोदाम में दबिश दी। यहां से लगभग 9 क्विंटल लोहा कबाड़ जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 22,750 रुपये आंकी गई है। मौके पर मौजूद चुनमुन कबाड़ी के भाई सलमान, पिता सिराजुद्दीन, को अवैध कबाड़ के संबंध में पूछताछ कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया। हालांकि, वह भी खरीदी-बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। दोनों गोदामों से कुल 13 क्विंटल लोहा कबाड़ जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है तथा कबाड़ के वास्तविक मालिक और उसके स्रोत का पता लगाने के साथ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक पाटले, उपनिरीक्षक भरत यादव, सहायक उपनिरीक्षक समरित मरावी, प्रधान आरक्षक राजेश सिंह, प्रधान आरक्षक रवि शर्मा, महिला आरक्षक शांति, सीओ मो. आजाद, सीओ प्रमित एवं सीओ सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील जिला एमसीबी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी की संपत्ति की खरीद-बिक्री अथवा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। चोरी की संपत्ति के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जिला पुलिस एमसीबी, छत्तीसगढ़4
- डिंडोरी: गोंडवाना महासभा ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करंजिया तहसील में सौंपा ज्ञापन, राज्यपाल के नाम तहसीलदार को दिया आवेदन SIR प्रक्रिया समाप्त करने, EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, अवैध शराब बिक्री पर रोक, किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित उठाईं प्रमुख मांगें डिंडोरी जिले के करंजिया तहसील में गोंडवाना महासभा जिला डिंडोरी के नेतृत्व में विभिन्न जनहितैषी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के राज्यपाल महोदय के नाम तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गईं। पहली मांग: SIR प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई। दूसरी मांग: EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई गई। तीसरी मांग: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने तथा उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। चौथी मांग: करंजिया विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। पांचवीं मांग: किसानों के पंजीयन का कार्य अधूरा होने के कारण पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई, जिससे सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा हो सके और वे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। छठवीं मांग: करंजिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अजय राय का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। गोंडवाना महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन एवं शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो, सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें – कलेक्टर कलेक्टर ने निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश अनूपपुर - कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न निर्माण विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत एवं प्रगतिरत परियोजनाओं, कार्यों की प्रगति तथा निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित अन्य संबंधित निर्माण विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री झा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति, कार्य प्रारंभ होने की स्थिति, लंबित परियोजनाओं तथा निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए। कलेक्टर श्री झा ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्यस्थलों पर प्रगति का सतत निरीक्षण किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा आम नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में विभिन्न कारणों से लंबित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी लेकर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और स्वीकृत परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूरा किया जाए। साथ ही सभी अधिकारी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित संबंधित निर्माण विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1