डिंडोरी: गोंडवाना महासभा ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करंजिया तहसील में सौंपा ज्ञापन, राज्यपाल के नाम तहसीलदार को दिया आवेदन SIR प्रक्रिया समाप्त करने, EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, अवैध शराब बिक्री पर रोक, किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित उठाईं प्रमुख मांगें डिंडोरी जिले के करंजिया तहसील में गोंडवाना महासभा जिला डिंडोरी के नेतृत्व में विभिन्न जनहितैषी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के राज्यपाल महोदय के नाम तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गईं। पहली मांग: SIR प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई। दूसरी मांग: EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई गई। तीसरी मांग: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने तथा उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। चौथी मांग: करंजिया विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। पांचवीं मांग: किसानों के पंजीयन का कार्य अधूरा होने के कारण पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई, जिससे सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा हो सके और वे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। छठवीं मांग: करंजिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अजय राय का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। गोंडवाना महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन एवं शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
डिंडोरी: गोंडवाना महासभा ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करंजिया तहसील में सौंपा ज्ञापन, राज्यपाल के नाम तहसीलदार को दिया आवेदन SIR प्रक्रिया समाप्त करने, EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, अवैध शराब बिक्री पर रोक, किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित उठाईं प्रमुख मांगें डिंडोरी जिले के करंजिया तहसील में गोंडवाना महासभा जिला डिंडोरी के नेतृत्व में विभिन्न जनहितैषी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के राज्यपाल महोदय के नाम तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गईं। पहली मांग: SIR प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई। दूसरी मांग: EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई गई। तीसरी मांग: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने तथा उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। चौथी मांग: करंजिया विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। पांचवीं मांग: किसानों के पंजीयन का कार्य अधूरा होने के कारण पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई, जिससे सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा हो सके और वे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। छठवीं मांग: करंजिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अजय राय का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। गोंडवाना महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन एवं शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
- डिंडोरी: गोंडवाना महासभा ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करंजिया तहसील में सौंपा ज्ञापन, राज्यपाल के नाम तहसीलदार को दिया आवेदन SIR प्रक्रिया समाप्त करने, EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, अवैध शराब बिक्री पर रोक, किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित उठाईं प्रमुख मांगें डिंडोरी जिले के करंजिया तहसील में गोंडवाना महासभा जिला डिंडोरी के नेतृत्व में विभिन्न जनहितैषी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के राज्यपाल महोदय के नाम तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गईं। पहली मांग: SIR प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई। दूसरी मांग: EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई गई। तीसरी मांग: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने तथा उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। चौथी मांग: करंजिया विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। पांचवीं मांग: किसानों के पंजीयन का कार्य अधूरा होने के कारण पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई, जिससे सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा हो सके और वे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। छठवीं मांग: करंजिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अजय राय का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। गोंडवाना महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन एवं शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- सफलता की कहानी* *जैविक खेती और बायोगैस से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं कृषक श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे* *जैविक खेती, पशुपालन, जैविक खाद निर्माण और बायोगैस के उपयोग से टिकाऊ कृषि की ओर बढ़ाए कदम* *डिंडौरी, 14 अक्टूबर 2026* जिले में कृषकों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में अमरपुर विकासखंड के ग्राम जल्दामुड़िया निवासी कृषक श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे ने जैविक खेती, पशुपालन, जैविक खाद निर्माण एवं बायोगैस के उपयोग को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। शासन की आत्मा परियोजना के अंतर्गत बीआरसी यूनिट के माध्यम से कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। पशुपालन से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद तैयार करने में किया जा सकता है, वहीं बायोगैस संयंत्र घरेलू ईंधन की आवश्यकता पूरी करने में सहायक होता है। कृषि एवं पशुपालन के बीच बेहतर समन्वय से कृषक परिवार उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग कर खेती को अधिक टिकाऊ और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। शासन की आत्मा परियोजना के माध्यम से कृषकों को उन्नत एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती सुशीला बाई धुर्वे की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ खेती एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक साबित हो सकती है।4
- शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव मे इमरजेंसी मे मरीज को CPR देने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहगांव में प्रभारी प्राचार्य दीपक कछवाहा हेल्थ केयर शिक्षक ममता कानतोड़े के निर्देशन में आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन और उन्हें सिखाया गया गेस्ट लेक्चरर साहू जी मेंहन्दवानी के द्वारा यह डमी (आदगी की प्रतिकृति) के माध्यम से सिखाया और ज्ञान प्रदान किया गया जिसमें सभी छात्राओं ने आपातकालीन स्थिति में सीपीआई देने की विधि उसके तीन तरीके सीखे सभी छात्राओं और शिक्षकों ने इस जानकारी को आपातकालीन स्थिति के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक बताया।1
- जयसिंहनगर पुलिस की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई: 735 किलो गांजा जप्त, दो तस्कर गिरफ्तार शहडोल / जयसिंहनगर।पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना जयसिंहनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रक से *735 किलो 440 ग्राम गांजा* जप्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जप्त मशरूका की कुल कीमत *लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 55 हजार* आंकी गई है। *कैसे पकड़ा गया माल -* दिनांक 13.10.2026 को नवरात्रि पर्व के मद्देनजर थाना जयसिंहनगर पुलिस रात्रि गश्त एवं प्रभात गश्त पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक-खलासी से पूछताछ की गई। संदेह होने पर वाहन की विधिवत तलाशी ली गई तो ट्रक में *18 बोरियों एवं 81 पैकेटों* में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। *गिरफ्तार आरोपी -* 1. राहुल विश्वकर्मा पिता हरिश्चंद्र विश्वकर्मा, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम जमीनबारी, थाना निजामाबाद, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.) 2. नारायण मंडल पिता गोन्दो महतो, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम अलगडीहा, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह (झारखंड) आरोपियों के विरुद्ध थाना जयसिंहनगर में *धारा 8/20 एन.डी.पी.एस. एक्ट* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। *जप्त मशरूका -* - 735 किलो 440 ग्राम गांजा (अनुमानित कीमत ₹73,50,000) - ट्रक (अनुमानित कीमत ₹40,00,000) - तीन मोबाइल फोन (कीमत ₹5,000) *कुल - ₹1,13,55,000* उक्त कार्यवाही एसडीओपी ब्यौहारी श्री ऋषभ चारी के मार्गदर्शन में निरीक्षक अजय बैगा, सउनि प्रमोद कुमार, सउनि सुरेश सिंह, प्र.आर. 383 आदित्य शुक्ला, प्र.आर. 538 रुस्तम सिंह, आर. 191 ऋषिकांत मिश्रा, आर. 441 नीरज शुक्ला, आर. 711 धीरशाह बैगा, म.आर. 715 खुशबू लोधी एवं साइबर सेल टीम शहडोल की महत्वपूर्ण सराहनीय भूमिका रही।2
- लाखों रुपए की लागत से बनी ध्यान कुटियां धराशायी, देखरेख के अभाव में उजड़ी पर्यटन योजना शंभूधारा के आरक्षित वन क्षेत्र में बनाई गई थी ध्यान कुटियां अनूपपूर/अमरकंटक - पवित्र नगरी अमरकंटक के शंभूधारा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों और साधकों को प्राकृतिक वातावरण में ध्यान-साधना की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई ध्यान कुटियां बदहाली का शिकार हो गई हैं। जलाशय के किनारे प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित ये कुटियां उचित देखरेख के अभाव में जर्जर होकर धराशायी हो चुकी हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित इस परियोजना की दुर्दशा को लेकर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 21 जनवरी 2022 को घोषित इस परियोजना को मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से विकसित किया गया था। इन कुटियों के निर्माण में मिट्टी, पत्थर, बांस, लकड़ी और मोवा घास जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया था, ताकि जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बारिश और रखरखाव की कमी से बिगड़ी स्थिति परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के बीच एकांत में समय बिताने, योग-ध्यान करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देना था। लेकिन नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इन संरचनाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बारिश और मौसम की मार के बीच कुटियां जर्जर होकर गिर गईं। ऐसे में जिस योजना से क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, उसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि इन कुटियों की देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग, अमरकंटक की है। इसके बावजूद संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह जांच का विषय है। परियोजना पर खर्च की गई राशि और रखरखाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। पहले भी उठ चुका है मामला ध्यान कुटियों की बदहाली को लेकर इससे पहले भी संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बावजूद अब तक सुधार और संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल सामने नहीं आने से विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते मरम्मत और देखरेख पर ध्यान दिया जाता, तो इन संरचनाओं को इस स्थिति तक पहुंचने से बचाया जा सकता था। निरीक्षण कर पुनरुद्धार की जरूरत अमरकंटक धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में शंभूधारा की ध्यान कुटियों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त संरचनाओं का आकलन करना चाहिए। साथ ही, परियोजना पर हुए व्यय और रखरखाव की समीक्षा कर मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। सरकारी धन से विकसित पर्यटन सुविधाओं का संरक्षण और उनका उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना पूरी तरह उपेक्षा की भेंट न चढ़ जाए।1
- झीक बिजुरी क्षेत्र में घाट-पुलिया निर्माण में अनियमितता की आशंका, उच्चस्तरीय जांच की मांग1
- 🚩 **श्री राम दरबार में साप्ताहिक धार्मिक आयोजन** 🚩 निरंतर **श्री राम दरबार** में *प्रत्येक मंगलवार सभी **श्री राम जी के सेवकों** द्वारा 🔊 **श्री राम नाम संकीर्तन** एवं *सुंदर कांड* 🔊 का कार्यक्रम अत्यंत 👏🏻 **भव्य एवं दिव्य रूप से** 👏🏻 संपन्न किया जाता है। सभी **श्री राम जी के सेवक**, सनातन 🚩 परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अपने अमूल्य समय का योगदान **श्री राम जी के भजन-कीर्तन** में अर्पित करते हैं और इस **पवित्र पुण्य कार्य** के सहभागी बनते हैं। इस आधुनिकता से भरी दौड़ में हम सभी **सनातनियों** का यह परम कर्तव्य है कि अधिक से अधिक **श्री राम जी के सेवक** इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें, अपने समय का सदुपयोग करें और अपने **आराध्य**, अपने **संस्कारों** को पहचानें। आइए, कुछ पल 🙏 **प्रभु श्री राम जी की भक्ति में** 🙏 अर्पित करें, जिससे हम सभी श्री राम जी के सेवकों के जीवन में ✨ **असीम शांति और आनंद** ✨ का अनुभव हो। प्रभु की भक्ति करते हुए अपनी **सनातन परंपरा से जुड़े रहें**, अपने अनुभव से सभी को प्रेरित करें और **श्री राम दरबार** से जुड़कर प्रभु के **श्री चरणों में स्वयं को समर्पित** करके देखें— प्रभु आपके लिए क्या-क्या करते हैं। इस **कलयुग** में जो *रामकाज* करता है, उस पर **प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा** सदा बनी रहती है। प्रभु श्री राम हमारे सभी दुख हर लेते हैं और इस संसार रूपी सागर से हम सबको पार लगाते हैं। 🙏 **ऐसे करुणामय प्रभु श्री राम जी के चरणों में दंडवत प्रणाम** 🙏 प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा हम सभी **श्री राम जी के सेवकों** पर सदा बनी रहे और हम निरंतर इसी भाव के साथ भजन-कीर्तन करते रहें। 🚩 **जो श्री राम का है — वही हमारे काम का है** 🚩 🚩 **जो श्री राम जी का नहीं — वो किसी काम का नहीं** 🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩🙏 📿 **श्री राम दरबार – विराट अमर सेना** 📅 **दिनांक:** 13/10/2026* ⏰ **समय:** शाम 8:00 बजे 🚩🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩💐💐👏 — *सभी श्री राम जी के सेवक* ** श्री राम जी सेवक 🚩 **श्री राम दरबार में साप्ताहिक धार्मिक आयोजन** 🚩 निरंतर **श्री राम दरबार** में *प्रत्येक मंगलवार सभी **श्री राम जी के सेवकों** द्वारा 🔊 **श्री राम नाम संकीर्तन** एवं *सुंदर कांड* 🔊 का कार्यक्रम अत्यंत 👏🏻 **भव्य एवं दिव्य रूप से** 👏🏻 संपन्न किया जाता है। सभी **श्री राम जी के सेवक**, सनातन 🚩 परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, अपने अमूल्य समय का योगदान **श्री राम जी के भजन-कीर्तन** में अर्पित करते हैं और इस **पवित्र पुण्य कार्य** के सहभागी बनते हैं। इस आधुनिकता से भरी दौड़ में हम सभी **सनातनियों** का यह परम कर्तव्य है कि अधिक से अधिक **श्री राम जी के सेवक** इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें, अपने समय का सदुपयोग करें और अपने **आराध्य**, अपने **संस्कारों** को पहचानें। आइए, कुछ पल 🙏 **प्रभु श्री राम जी की भक्ति में** 🙏 अर्पित करें, जिससे हम सभी श्री राम जी के सेवकों के जीवन में ✨ **असीम शांति और आनंद** ✨ का अनुभव हो। प्रभु की भक्ति करते हुए अपनी **सनातन परंपरा से जुड़े रहें**, अपने अनुभव से सभी को प्रेरित करें और **श्री राम दरबार** से जुड़कर प्रभु के **श्री चरणों में स्वयं को समर्पित** करके देखें— प्रभु आपके लिए क्या-क्या करते हैं। इस **कलयुग** में जो *रामकाज* करता है, उस पर **प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा** सदा बनी रहती है। प्रभु श्री राम हमारे सभी दुख हर लेते हैं और इस संसार रूपी सागर से हम सबको पार लगाते हैं। 🙏 **ऐसे करुणामय प्रभु श्री राम जी के चरणों में दंडवत प्रणाम** 🙏 प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा हम सभी **श्री राम जी के सेवकों** पर सदा बनी रहे और हम निरंतर इसी भाव के साथ भजन-कीर्तन करते रहें। 🚩 **जो श्री राम का है — वही हमारे काम का है** 🚩 🚩 **जो श्री राम जी का नहीं — वो किसी काम का नहीं** 🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩🙏 📿 **श्री राम दरबार – विराट अमर सेना** 📅 **दिनांक:** 13/10/2026* ⏰ **समय:** शाम 8:00 बजे 🚩🚩 **सीता राम हनुमान** 🚩🚩💐💐👏 — *सभी श्री राम जी के सेवक* *श्री राम जी सेवक1
- करौंदी में संस्कार रामलीला का भव्य शुभारंभ, श्रीमद् देवी भागवत महापुराण से भक्तिमय हुआ माहौल डिंडोरी -- शारदेय नवरात्रि के पावन अवसर पर डिंडौरी जिले के करौंदी में भक्ति और आस्था की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। शिवशक्ति चौक चौगान में संस्कार रामलीला मंडली द्वारा रामलीला का शुभारंभ किया गया। वहीं, श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है। रामलीला में स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। करौंदी में आयोजित संस्कार रामलीला के प्रथम दिन नारद मोह, विश्वमोहनी स्वयंवर, रावण के अत्याचार और भगवान श्रीराम के जन्म से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, संवाद और हास्यपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को आकर्षित किया। धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से धर्म, मर्यादा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। वहीं, नवरात्रि के अवसर पर श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का आयोजन भी किया जा रहा है। धनुआसागर से पधारे पौराणिक पंडित शुकदेव द्विवेदी शास्त्री द्वारा देवी के विभिन्न चरित्रों और महिमा का वर्णन किया जा रहा है। आयोजन के प्रथम दिन विधि-विधान के साथ देवी प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा भी संपन्न हुई। रामलीला और देवी भागवत महापुराण के आयोजन से करौंदी में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालु जहां भक्ति और अध्यात्म से जुड़ रहे हैं, वहीं स्थानीय कलाकारों द्वारा क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।4