स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। * इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। * स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। * कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - * छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। * ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार
की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। * इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। * स्वीकारोक्ति : संचालक
ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। * कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - * छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के
लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। * ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
- सीतापुर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर व्यापारी संघ ने जताई नाराजगी, 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी सीतापुर, 29 जुलाई। नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और उठाईगिरी की घटनाओं से नाराज व्यापारी संघ सीतापुर ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई 2026 तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 31 जुलाई से व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। व्यापारी संघ के अध्यक्ष द्वारा थाना प्रभारी सीतापुर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार चोरी एवं उठाईगिरी की घटनाएं हो रही हैं। 26 जुलाई 2026 को हुई बड़ी वारदात के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लगी है। इससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है तथा अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। व्यापारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए तथा चोरी गए माल की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होती है तो 31 जुलाई 2026 से सीतापुर नगर के व्यापारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), सीतापुर को भी भेजी गई है। व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नगर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।2
- कांसाबेल में आयोजित कांग्रेस के ब्लॉक स्तरीय बूथ, मंडल एवं पंचायत अध्यक्ष कार्यकारिणी सम्मेलन में पहुंचे जशपुर जिला कांग्रेस प्रभारी भानुप्रताप सिंह से Jashpur Times ने की खास बातचीत। Jashpur Times Exclusive | खास बातचीत कांसाबेल में आयोजित कांग्रेस के ब्लॉक स्तरीय बूथ, मंडल एवं पंचायत अध्यक्ष कार्यकारिणी सम्मेलन में पहुंचे जशपुर जिला कांग्रेस प्रभारी भानुप्रताप सिंह से Jashpur Times ने की खास बातचीत। 🎥 संगठन की रणनीति, आगामी चुनावी तैयारियों और जिले की राजनीति पर उन्होंने क्या कहा? देखिए Jashpur Times का Exclusive Interview। 📍कांसाबेल, जशपुर 📺 Jashpur Times – सच सब तक #JashpurTimes #ExclusiveInterview #BhanuPratapSingh #Congress #Kansabel #Jashpur #Chhattisgarh #PoliticalNews #CongressMeeting #SachSabTak1
- PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत जेल भेजे गए हाई स्कूल में साइकिल वितरण का किया था विरोध,गुणवत्ता पर भी उठाए थे सवाल।1
- कांसाबेल में कांग्रेस का ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन सम्पन्न कांसाबेल में कांग्रेस के ब्लॉक स्तरीय बूथ, मंडल एवं पंचायत अध्यक्ष कार्यकारिणी सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। कांसाबेल में कांग्रेस का ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन सम्पन्न कांसाबेल में कांग्रेस के ब्लॉक स्तरीय बूथ, मंडल एवं पंचायत अध्यक्ष कार्यकारिणी सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में पूर्व विधायक रामपुकार सिंह, जिला प्रभारी भानुप्रताप सहित जिलेभर से कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, आगामी रणनीति और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की एकजुटता पर जोर दिया। 🎥 देखिए, पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने अपने संबोधन में क्या कहा... #JashpurTimes #Kansabel #Congress #RamPukarSingh #BhanuPratap #Jashpur #CongressMeeting #BoothConference #Chhattisgarh #PoliticalNews1
- PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- सब्जी बाजार में मौत का फन, करेले के ढेर में छिपे कोबरा ने युवक को डसा सब्जी बाजार में मौत का फन, करेले के ढेर में छिपे कोबरा ने युवक को डसा बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बरसात के मौसम में रोजमर्रा के काम भी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं, इसका एक डरा देने वाला उदाहरण छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सामने आया है। यहाँ के नेहरू नगर स्थित साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीदने गए एक युवक को करेले के ढेर में छिपे एक जहरीले कोबरा ने डस लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहतराई के रहने वाले बिहारी साहू बाजार में जमीन पर लगे एक सब्जी के स्टॉल से करेला छांट रहे थे। हरे करेलों के बीच यह कोबरा इस तरह छिपा था कि किसी का भी ध्यान उस पर नहीं गया। जैसे ही युवक ने करेले उठाने के लिए हाथ बढ़ाया, करेलों के बीच से कोबरा अचानक बाहर निकला और उसने युवक को डस लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक विशाल कोबरा करेलों के ढेर के ठीक बीचो-बीच अपना फन फैलाए बैठा है। यह घटना इस बात की चेतावनी है कि बारिश के दिनों में हमें कितनी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सर्प दंश से बचाव: जागरूकता और सावधानी संदेश बरसात के मौसम में चूहों और मेंढकों की तलाश में, या अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप अक्सर सुरक्षित और सूखे स्थानों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में आम जनजीवन के बीच उनका आना आम बात हो जाती है। इस मौसम में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें: सब्जी या सामान उठाते समय सावधानी: बाजार में, खासकर जमीन पर लगी दुकानों से सब्जी या फल खरीदते समय, ढेर में सीधे हाथ न डालें। पहले दूर से अच्छी तरह देख लें या विक्रेता से ही सब्जी देने को कहें। अंधेरे में सतर्क रहें: रात के समय घर से बाहर, खेत या गली में निकलते समय हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें। जूते जरूर पहनें: कच्ची जगहों, घास या खेतों में जाते समय हमेशा घुटनों तक आने वाले या मजबूत बंद जूते पहनें। कचरा और कबाड़ हटाएं: घर के आस-पास कबाड़, ईंट-पत्थर का ढेर या सूखी लकड़ियां जमा न होने दें। ये सांपों के छिपने की पसंदीदा जगहें होती हैं। सांप दिखने पर छेड़छाड़ न करें: यदि आपको सांप दिख जाए, तो उसे मारने या भगाने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बना लें और तुरंत स्थानीय 'सर्प मित्र' (Snake Rescuer) या वन विभाग को सूचित करें। सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें: घबराएं नहीं: सांप के काटने पर मरीज को बिल्कुल भी घबराने न दें। दिल की धड़कन तेज होने से जहर शरीर में तेजी से फैलता है। अंधविश्वास से बचें: झाड़-फूंक, तांत्रिक या किसी घरेलू नुस्खे के चक्कर में अपना कीमती समय बिल्कुल बर्बाद न करें। तुरंत अस्पताल जाएं: बिना एक भी मिनट गंवाए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल या ऐसे बड़े अस्पताल ले जाएं जहाँ एंटी-वेनम (Anti-Venom) उपलब्ध हो। सांप के जहर का एकमात्र इलाज एंटी-वेनम ही है। काटे गए हिस्से को स्थिर रखें: जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचें। सतर्कता और सही जानकारी ही इस मौसम में सर्पदंश जैसी गंभीर घटनाओं से हमारा बचाव कर सकती है।1