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PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork
Pradesh Khabar News Network
PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork
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- ग्राम पंचायत चंद्रनगर में विकास के नाम पर बड़ा खेल? नाममात्र मुरम, अभिलेखों में 1320 ट्रैक्टर का बिल होने का आरोप; पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की पोल बलरामपुर। जिले की ग्राम पंचायत चंद्रनगर में सड़क मुरमीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बरसात के दौरान ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के उद्देश्य से कराए गए इस कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर बेहद कम मात्रा में मुरम डाली गई, जबकि पंचायत के अभिलेखों में लगभग 1320 ट्रैक्टर मुरम का बिल तैयार किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर वास्तविक रूप से केवल 100 से 150 ट्रैक्टर मुरम अथवा मिट्टी डालकर कार्य पूरा दर्शा दिया गया। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभाग पंचायत के अभिलेखों, भुगतान विवरण और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कागजों में अधिक मात्रा में मुरम दर्शाई गई। पहली ही बारिश में बह गई मुरम ग्रामीणों का कहना है कि मुरमीकरण कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में उजागर हो गई। सड़क पर डाली गई मुरम और मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह गई, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पैदल चलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि जिस सड़क से बरसात में राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है। ग्रामीणों के लिए बढ़ी मुश्किलें ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को अस्पताल और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे समय पर उपचार और आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर उसका लाभ दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया गया होता तो पहली ही बारिश में सड़क की यह स्थिति नहीं होती। पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ग्रामीणों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और आम सभा की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जातीं तथा विकास कार्यों के संबंध में ग्रामीणों की राय नहीं ली जाती। उनका कहना है कि पंचायत के सचिव, सरपंच के पुत्र तथा कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा अधिकांश निर्णय लिए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंचती। यदि कार्यों का प्रस्ताव, स्वीकृत राशि और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता बढ़ेगी और विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी। प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज ग्रामीणों के अनुसार जब कथित अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने संबंधित मुरमीकरण कार्य की भुगतान राशि पर रोक लगा दी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल भुगतान रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि कार्य में प्रयुक्त सामग्री, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान अभिलेख, परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा अन्य रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितनी मात्रा में मुरम डाली गई और सरकारी धन का उपयोग नियमानुसार हुआ या नहीं। उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, सड़क मुरमीकरण कार्य का भौतिक सत्यापन कराने तथा पंचायत के सभी संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से न केवल इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि भविष्य में विकास कार्यों में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क मुरमीकरण कार्य में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और यदि अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।2
- सायकिल घोटाले की पोल खोली, तो जेल की हवा मिली? रवि भगत की गिरफ्तारी पर उठा 'सुशासन' का जनाज़ा! रायपुर/रायगढ़ | स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट लोकतंत्र का नया नियम आ गया है—"भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाओगे, तो सीधा जेल जाओगे!" कूपाकानी स्कूल में बांटी गई खटारा और गुणवत्ताहीन साइकिलों के खिलाफ जब आदिवासी समाज के युवा नेता और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हल्ला बोला था, तो लोगों को लगा था कि सरकार जागेगी और भ्रष्ट ठेकेदारों-अफसरों पर गाज गिरेगी। लेकिन 'सुशासन' का खेल देखिए साहब! गाज भ्रष्टाचारियों पर नहीं, बल्कि घोटाला उजागर करने वाले रवि भगत पर गिर गई। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार में बैठा हर दूसरा हुक्मरान रवि भगत की बढ़ती लोकप्रियता और सवालों से इतना थर-थर कांपने लगा कि आनन-फानन में खाकी वर्दी को आगे किया गया और जबरन पकड़कर उन्हें रायगढ़ जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया! 🚲 घोटाला उजागर करने का 'इनाम': सीधे रायगढ़ जेल! पिछले दिनों आपने उस वीडियो में साफ देखा होगा कि किस तरह रवि भगत ने साइकिलों के नाम पर बांटे जा रहे कबाड़ का सच जनता के सामने रखा था। उन्होंने साफ लहजे में कहा था: "मैं आदिवासी समाज से आता हूँ और अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ यह अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूँगा!" लेकिन व्यवस्था का तमाचा देखिए: असली भ्रष्टाचारी: मस्त हैं, कमीशन गिन रहे हैं। सवालों के घेरे में अफसर: बेफिक्र हैं, कुर्सी से चिपके हैं। हक की बात करने वाला युवा: सलाखों के पीछे है! क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं या फिर यह सत्ता की सीधी-सादी 'सरकारी गुंडागर्दी' है? 🎭 "जो पार्टी में नहीं, वो सीधे जेल में?" राजनीतिक गलियारों में अब एक ही बात की चर्चा है—"जब तक बीजेपी में थे, तब तक नेता जी; जैसे ही पार्टी का दामन छोड़ा और सच बोला, बन गए अपराधी!" रवि भगत कोई अपना निजी फायदा नहीं मांग रहे थे। वे देश, समाज और गरीब आदिवासी बच्चों के हक की बात कर रहे थे, जिन्हें घटिया साइकिलें थमाकर बजट का गोलमाल किया जा रहा था। मगर इस कार्रवाई से सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है और सच बोलने वालों को दबाना उनकी नीति! ⚖️ बड़ा सवाल: न्याय मिलेगा या अस्तित्व मिटाने का है खेल? अब सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है: क्या रवि भगत को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशासन का ढोल पीटने वाली यह व्यवस्था एक आदिवासी समाज के उभरते लड़के का अस्तित्व ही मिटा कर रख देगी? यदि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाली लूट पर आवाज़ उठाना अपराध है, तो फिर समझ लीजिए कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में बचा है। अब देखना यह है कि आदिवासी समाज और जागरूक जनता इस अन्याय के खिलाफ कब तक खामोश रहती है या फिर रवि भगत की यह गिरफ्तारी किसी बड़े जन-आंदोलन का तूफान बनती है!2
- शराब और सब्जी बनाने के विवाद में पति ने ली पत्नी की जान, जशपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार,न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल घुटरी गांव में हत्या: शराब और खाने के विवाद में पति बना हैवान, पुलिस ने सुलझाई गुत्थी जशपुर :- जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घुटरी में एक पति द्वारा अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि ग्राम घुटरी निवासी 46 वर्षीय दुबेश्वरी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां महिला का शव घर में पड़ा मिला। पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि मृतका और उसके 48 वर्षीय पति जगेश्वर राम के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के दिन भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज पंचनामा के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतका के गले और सिर पर चोट के गंभीर निशान थे और खून बह रहा था। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लगने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी और बाहरी चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी पति जगेश्वर राम को हिरासत में ले लिया। सब्जी न बनाने और शराब के विवाद में की हत्या कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी जगेश्वर राम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि घटना के दिन शराब नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच बहस हो रही थी। इसी दौरान उसने पत्नी को सब्जी बनाने के लिए कहा। पत्नी द्वारा सब्जी बनाने से मना करने पर वह गुस्से में आग-बबूला हो गया और उसने अपनी पत्नी पर हाथ, मुक्के और लात से जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। डीआईजी का बयान और पुलिस टीम की भूमिका इस मामले पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जशपुर) डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया, "कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुटरी में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।" इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपी की गिरफ्तारी में सिटी कोतवाली जशपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, एएसआई मनोज साहू, स्नेहलता सिंह, पीएसआई लक्ष्मी मरकाम, जितेंद्र साहू, महिला आरक्षक नीलम टोप्पो, आरक्षक उपेंद्र सिंह, नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख और रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- लैलूंगा में साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान हंगामा, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत हिरासत में रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित शासकीय स्कूल गुफा कहानी में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने रवि भगत को हिरासत में लेकर लैलूंगा थाना पहुंचाया। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। रवि भगत का आरोप है कि विद्यार्थियों को निम्न गुणवत्ता की साइकिलें वितरित की जा रही थीं, जिसके विरोध में उन्होंने आवाज उठाई। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे और साइकिल वितरण में शामिल थे। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।1
- लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🚨 साइकिल वितरण कार्यक्रम में हंगामा! लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🎥 देखिए, आखिर पूरा मामला क्या है... 📍 राजपुर | छत्तीसगढ़ #JashpurTimes #RaviBhagat #Rajpur #Raigarh #CycleDistribution #Chhattisgarh #BreakingNews #PoliticalNews #Reels #SachSabTak1
- आकाशीय बिजली गिरने से तीन की मौत पांच घायल पांचों का खड़गवां अस्पताल में इलाज1
- 📍 किरण रिजिजू बोले: प्रधानमंत्री मोदी ने NDA सांसदों को NEET और जनहित के मुद्दों पर दिया मार्गदर्शन एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को NEET, शिक्षा सुधार, जनहित के मुद्दों और संसद में प्रभावी भूमिका निभाने को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि बैठक सकारात्मक और रचनात्मक रही तथा प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। देशहित, युवाओं के भविष्य और विकास से जुड़े विषयों पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने संसद में सार्थक चर्चा और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। #NDA #PMModi #KirenRijiju #NEET #MonsoonSession2026 #Parliament #Education #IndiaNews #BreakingNews #प्रदेशखबरNewsNetwork1
- *24 घंटे में चोरी का खुलासा: ढाबा और गैरेज से चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का पूरा माल और बाइक बरामद* 🚨 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में छाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना बनी सफलता की कुंजी* 🚨 *छाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर* *28 जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस की अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की नीति के तहत छाल पुलिस ने ग्राम हाटी स्थित मितान ढाबा और समीप के गैरेज में हुई चोरी की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया मोबाइल, दो प्रेसर जैक और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। जानकारी के मुताबिक दिनांक 26 जुलाई 2026 को मितान ढाबा संचालक भागीरथी साहू (42 वर्ष) ने थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई की रात करीब 11 बजे ढाबा बंद कर सभी कर्मचारी सो गए थे। अगले दिन सुबह उठने पर बिल काउंटर पर रखा उनका वीवो वाय-12 मोबाइल गायब मिला और काउंटर का सामान बिखरा हुआ था। इसी दौरान ढाबे के समीप स्थित गैरेज संचालक अशरफ अली ने भी अपने गैरेज से दो प्रेसर जैक चोरी होने की जानकारी दी। शिकायत पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 183/2026 के तहत धारा 301(4) एवं 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। माल मुल्जिम पतासाजी के दौरान पुलिस टीम ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें रात करीब 2:15 बजे एक युवक बिल काउंटर से मोबाइल चोरी करते तथा बाद में गैरेज से दो प्रेसर जैक मोटरसाइकिल में ले जाते हुए दिखाई दिया। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग ₹17,000 आंकी गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, जिससे ग्राम कुडेकेला निवासी महेश दास महंत पर संदेह हुआ। पूछताछ में आरोपी पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किए जाने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने बोकरामुड़ा और रिलो के बीच जंगल में छिपाकर रखे दो प्रेसर जैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए। साथ ही घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 0658 भी जब्त की गई। आरोपी महेश दास महंत (32 वर्ष), पिता बिरजू उर्फ तेजू दास महंत, निवासी ग्राम कुडेकेला, थाना छाल, जिला रायगढ़ को 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। चोरी की इस वारदात का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्रिय एवं आरक्षक भगवती लक्ष्मे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीकी साक्ष्य, प्रभावी मुखबिर तंत्र और सतर्क पुलिसिंग के समन्वय से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"छाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित विवेचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर चोरी का सफल खुलासा कर सराहनीय कार्य किया है। आमजन से अपील है कि प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखें, नकदी व कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जनता की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।"*1