*24 घंटे में चोरी का खुलासा: ढाबा और गैरेज से चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का पूरा माल और बाइक बरामद* 🚨 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में छाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना बनी सफलता की कुंजी* 🚨 *छाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर* *28 जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस की अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की नीति के तहत छाल पुलिस ने ग्राम हाटी स्थित मितान ढाबा और समीप के गैरेज में हुई चोरी की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया मोबाइल, दो प्रेसर जैक और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। जानकारी के मुताबिक दिनांक 26 जुलाई 2026 को मितान ढाबा संचालक भागीरथी साहू (42 वर्ष) ने थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई की रात करीब 11 बजे ढाबा बंद कर सभी कर्मचारी सो गए थे। अगले दिन सुबह उठने पर बिल काउंटर पर रखा उनका वीवो वाय-12 मोबाइल गायब मिला और काउंटर का सामान बिखरा हुआ था। इसी दौरान ढाबे के समीप स्थित गैरेज संचालक अशरफ अली ने भी अपने गैरेज से दो प्रेसर जैक चोरी होने की जानकारी दी। शिकायत पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 183/2026 के तहत धारा 301(4) एवं 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। माल मुल्जिम पतासाजी के दौरान पुलिस टीम ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें रात करीब 2:15 बजे एक युवक बिल काउंटर से मोबाइल चोरी करते तथा बाद में गैरेज से दो प्रेसर जैक मोटरसाइकिल में ले जाते हुए दिखाई दिया। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग ₹17,000 आंकी गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, जिससे ग्राम कुडेकेला निवासी महेश दास महंत पर संदेह हुआ। पूछताछ में आरोपी पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किए जाने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने बोकरामुड़ा और रिलो के बीच जंगल में छिपाकर रखे दो प्रेसर जैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए। साथ ही घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 0658 भी जब्त की गई। आरोपी महेश दास महंत (32 वर्ष), पिता बिरजू उर्फ तेजू दास महंत, निवासी ग्राम कुडेकेला, थाना छाल, जिला रायगढ़ को 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। चोरी की इस वारदात का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्रिय एवं आरक्षक भगवती लक्ष्मे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीकी साक्ष्य, प्रभावी मुखबिर तंत्र और सतर्क पुलिसिंग के समन्वय से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"छाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित विवेचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर चोरी का सफल खुलासा कर सराहनीय कार्य किया है। आमजन से अपील है कि प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखें, नकदी व कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जनता की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।"*
*24 घंटे में चोरी का खुलासा: ढाबा और गैरेज से चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का पूरा माल और बाइक बरामद* 🚨 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में छाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना बनी सफलता की कुंजी* 🚨 *छाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर* *28 जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस की अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की नीति के तहत छाल पुलिस ने ग्राम हाटी स्थित मितान ढाबा और समीप के गैरेज में हुई चोरी की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया मोबाइल, दो प्रेसर जैक और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। जानकारी के मुताबिक दिनांक 26 जुलाई 2026 को मितान ढाबा संचालक भागीरथी साहू (42 वर्ष) ने थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई की रात करीब 11 बजे ढाबा बंद कर सभी कर्मचारी सो गए थे। अगले दिन सुबह उठने पर बिल काउंटर पर रखा उनका वीवो वाय-12 मोबाइल गायब मिला और काउंटर का सामान बिखरा हुआ था। इसी दौरान ढाबे के समीप स्थित गैरेज संचालक अशरफ अली ने भी अपने गैरेज से दो प्रेसर जैक चोरी होने की जानकारी दी। शिकायत पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 183/2026 के तहत धारा 301(4) एवं 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। माल मुल्जिम पतासाजी के दौरान पुलिस टीम ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें रात करीब 2:15 बजे एक युवक बिल काउंटर से मोबाइल चोरी करते तथा बाद में गैरेज से दो प्रेसर जैक मोटरसाइकिल में ले जाते हुए दिखाई दिया। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग ₹17,000 आंकी गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, जिससे ग्राम कुडेकेला निवासी महेश दास महंत पर संदेह हुआ। पूछताछ में आरोपी पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किए जाने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने बोकरामुड़ा और रिलो के बीच जंगल में छिपाकर रखे दो प्रेसर जैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए। साथ ही घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 0658 भी जब्त की गई। आरोपी महेश दास महंत (32 वर्ष), पिता बिरजू उर्फ तेजू दास महंत, निवासी ग्राम कुडेकेला, थाना छाल, जिला रायगढ़ को 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। चोरी की इस वारदात का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्रिय एवं आरक्षक भगवती लक्ष्मे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीकी साक्ष्य, प्रभावी मुखबिर तंत्र और सतर्क पुलिसिंग के समन्वय से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"छाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित विवेचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर चोरी का सफल खुलासा कर सराहनीय कार्य किया है। आमजन से अपील है कि प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखें, नकदी व कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जनता की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।"*
- सायकिल घोटाले की पोल खोली, तो जेल की हवा मिली? रवि भगत की गिरफ्तारी पर उठा 'सुशासन' का जनाज़ा! रायपुर/रायगढ़ | स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट लोकतंत्र का नया नियम आ गया है—"भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाओगे, तो सीधा जेल जाओगे!" कूपाकानी स्कूल में बांटी गई खटारा और गुणवत्ताहीन साइकिलों के खिलाफ जब आदिवासी समाज के युवा नेता और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हल्ला बोला था, तो लोगों को लगा था कि सरकार जागेगी और भ्रष्ट ठेकेदारों-अफसरों पर गाज गिरेगी। लेकिन 'सुशासन' का खेल देखिए साहब! गाज भ्रष्टाचारियों पर नहीं, बल्कि घोटाला उजागर करने वाले रवि भगत पर गिर गई। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार में बैठा हर दूसरा हुक्मरान रवि भगत की बढ़ती लोकप्रियता और सवालों से इतना थर-थर कांपने लगा कि आनन-फानन में खाकी वर्दी को आगे किया गया और जबरन पकड़कर उन्हें रायगढ़ जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया! 🚲 घोटाला उजागर करने का 'इनाम': सीधे रायगढ़ जेल! पिछले दिनों आपने उस वीडियो में साफ देखा होगा कि किस तरह रवि भगत ने साइकिलों के नाम पर बांटे जा रहे कबाड़ का सच जनता के सामने रखा था। उन्होंने साफ लहजे में कहा था: "मैं आदिवासी समाज से आता हूँ और अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ यह अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूँगा!" लेकिन व्यवस्था का तमाचा देखिए: असली भ्रष्टाचारी: मस्त हैं, कमीशन गिन रहे हैं। सवालों के घेरे में अफसर: बेफिक्र हैं, कुर्सी से चिपके हैं। हक की बात करने वाला युवा: सलाखों के पीछे है! क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं या फिर यह सत्ता की सीधी-सादी 'सरकारी गुंडागर्दी' है? 🎭 "जो पार्टी में नहीं, वो सीधे जेल में?" राजनीतिक गलियारों में अब एक ही बात की चर्चा है—"जब तक बीजेपी में थे, तब तक नेता जी; जैसे ही पार्टी का दामन छोड़ा और सच बोला, बन गए अपराधी!" रवि भगत कोई अपना निजी फायदा नहीं मांग रहे थे। वे देश, समाज और गरीब आदिवासी बच्चों के हक की बात कर रहे थे, जिन्हें घटिया साइकिलें थमाकर बजट का गोलमाल किया जा रहा था। मगर इस कार्रवाई से सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है और सच बोलने वालों को दबाना उनकी नीति! ⚖️ बड़ा सवाल: न्याय मिलेगा या अस्तित्व मिटाने का है खेल? अब सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है: क्या रवि भगत को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशासन का ढोल पीटने वाली यह व्यवस्था एक आदिवासी समाज के उभरते लड़के का अस्तित्व ही मिटा कर रख देगी? यदि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाली लूट पर आवाज़ उठाना अपराध है, तो फिर समझ लीजिए कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में बचा है। अब देखना यह है कि आदिवासी समाज और जागरूक जनता इस अन्याय के खिलाफ कब तक खामोश रहती है या फिर रवि भगत की यह गिरफ्तारी किसी बड़े जन-आंदोलन का तूफान बनती है!2
- शराब और सब्जी बनाने के विवाद में पति ने ली पत्नी की जान, जशपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार,न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल घुटरी गांव में हत्या: शराब और खाने के विवाद में पति बना हैवान, पुलिस ने सुलझाई गुत्थी जशपुर :- जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घुटरी में एक पति द्वारा अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि ग्राम घुटरी निवासी 46 वर्षीय दुबेश्वरी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां महिला का शव घर में पड़ा मिला। पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि मृतका और उसके 48 वर्षीय पति जगेश्वर राम के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के दिन भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज पंचनामा के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतका के गले और सिर पर चोट के गंभीर निशान थे और खून बह रहा था। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लगने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी और बाहरी चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी पति जगेश्वर राम को हिरासत में ले लिया। सब्जी न बनाने और शराब के विवाद में की हत्या कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी जगेश्वर राम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि घटना के दिन शराब नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच बहस हो रही थी। इसी दौरान उसने पत्नी को सब्जी बनाने के लिए कहा। पत्नी द्वारा सब्जी बनाने से मना करने पर वह गुस्से में आग-बबूला हो गया और उसने अपनी पत्नी पर हाथ, मुक्के और लात से जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। डीआईजी का बयान और पुलिस टीम की भूमिका इस मामले पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जशपुर) डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया, "कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुटरी में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।" इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपी की गिरफ्तारी में सिटी कोतवाली जशपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, एएसआई मनोज साहू, स्नेहलता सिंह, पीएसआई लक्ष्मी मरकाम, जितेंद्र साहू, महिला आरक्षक नीलम टोप्पो, आरक्षक उपेंद्र सिंह, नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख और रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🚨 साइकिल वितरण कार्यक्रम में हंगामा! लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🎥 देखिए, आखिर पूरा मामला क्या है... 📍 राजपुर | छत्तीसगढ़ #JashpurTimes #RaviBhagat #Rajpur #Raigarh #CycleDistribution #Chhattisgarh #BreakingNews #PoliticalNews #Reels #SachSabTak1
- PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- सरगुजा से गौ माता सम्मान अभियान के समर्थन में 1 लाख से अधिक हस्ताक्षर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित सरगुजा से गौ माता सम्मान अभियान के समर्थन में 1 लाख से अधिक हस्ताक्षर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित अंबिकापुर, सुरगुजा (छत्तीसगढ़): गौ माता की सेवा, सम्मान एवं सुरक्षा के उद्देश्य से देशभर में चल रहे "गौ माता सम्मान अभियान" के दूसरे चरण के अंतर्गत सुरगुजा जिले में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। अभियान के तहत जिलेभर से 1 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्रित किए गए। संग्रहित हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन जिलाधिकारी (कलेक्टर) सुरगुजा के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित किया गया। अभियान का उद्देश्य गौ संरक्षण, गौ सेवा तथा गौ माता के सम्मान के प्रति जनजागरण और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। ज्ञापन सौंपने के बाद गौ भक्तों ने "जय श्रीराम" के उद्घोष के साथ रैली निकाली। हाथों में झंडे, बैनर एवं अभियान से जुड़े संदेश लिए कार्यकर्ताओं ने गौ माता की सेवा, सम्मान और सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा जनसामान्य से इस जनआंदोलन में सहभागी बनने का आह्वान किया। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके संरक्षण और सम्मान के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को आगे आना चाहिए।2
- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। * इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। * स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। * कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - * छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। * ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।3
- रायगढ़ में अंडरपास में भरा पानी,गिर रहे लोग नाले का पानी भरने से बार-बार हट रहा चेंबर का ढक्कन स्थायी समाधान नहीं।1