रीउपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल पर 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का सामूहिक जन्मोत्सव, केक काटकर मनाई खुशियाँ गुमला: आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों एवं अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने तथा केंद्रों में एक स्नेहमय, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल पर आज जिले के 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का सामूहिक जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।आज जिन बच्चों का जन्मदिन था, उनके साथ-साथ केंद्र में उपस्थित अन्य बच्चों का भी समाहित रूप से जन्मदिन मनाया गया, ताकि कोई भी बच्चा स्वयं को अलग महसूस न करे। आंगनवाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं सहित अभिभावकों तथा स्थानीय मुखिया तथा जन प्रतिनिधिगण भी कुछ संस्थानों में उपस्थित रहें एवं सभी बच्चों के साथ मिलकर केक काटे गए, गीत गाए गए और तालियों की गूंज के बीच बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखरती रही।केंद्रों को रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने बच्चों के साथ खेल, नृत्य, गीत एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया। इस अवसर पर बच्चों को स्नेहपूर्ण वातावरण में शुभकामनाएँ दी गईं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता की भावना और केंद्र आने के प्रति उत्साह बढ़े।उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण और शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और खुशहाल बचपन की शुरुआत का आधार होना चाहिए।उन्होंने यह भी बताया कि मार्च माह के द्वितीय सप्ताह में जिला प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए वार्षिक खेल दिवस (एनुअल स्पोर्ट्स डे) आयोजित करने की योजना है। 2½ से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाने हेतु अपने सुझाव साझा करें। साथ ही सभी मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे केंद्रों में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागिता करें तथा प्रस्तावित खेल दिवस में भी सक्रिय रूप से शामिल हों।उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि बच्चों एवं अभिभावकों में केंद्रों के प्रति सकारात्मक और आत्मीय भावना विकसित हो सके।जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और खुशहाल बचपन मिले, और इसकी मजबूत नींव आंगनवाड़ी केंद्रों से ही रखी जाए। आज का यह जन्मोत्सव केवल केक काटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उनके बचपन को संवारने का एक संवेदनशील प्रयास है।
रीउपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल पर 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का सामूहिक जन्मोत्सव, केक काटकर मनाई खुशियाँ गुमला: आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों एवं अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने तथा केंद्रों में एक स्नेहमय, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल पर आज जिले के 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का सामूहिक जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।आज जिन बच्चों का जन्मदिन था, उनके साथ-साथ केंद्र में उपस्थित अन्य बच्चों का भी समाहित रूप से जन्मदिन मनाया गया, ताकि कोई भी बच्चा स्वयं को अलग महसूस न करे। आंगनवाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं सहित अभिभावकों तथा स्थानीय मुखिया तथा जन प्रतिनिधिगण भी कुछ संस्थानों में उपस्थित रहें एवं सभी बच्चों के साथ मिलकर केक काटे गए, गीत गाए गए और तालियों की गूंज के बीच बच्चों के चेहरों पर
मुस्कान बिखरती रही।केंद्रों को रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने बच्चों के साथ खेल, नृत्य, गीत एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया। इस अवसर पर बच्चों को स्नेहपूर्ण वातावरण में शुभकामनाएँ दी गईं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता की भावना और केंद्र आने के प्रति उत्साह बढ़े।उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण और शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और खुशहाल बचपन की शुरुआत का आधार होना चाहिए।उन्होंने यह भी बताया कि मार्च माह के द्वितीय सप्ताह में जिला प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए वार्षिक खेल दिवस (एनुअल स्पोर्ट्स डे) आयोजित करने की योजना है। 2½ से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अभिभावकों
से आग्रह किया गया है कि वे केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाने हेतु अपने सुझाव साझा करें। साथ ही सभी मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे केंद्रों में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागिता करें तथा प्रस्तावित खेल दिवस में भी सक्रिय रूप से शामिल हों।उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि बच्चों एवं अभिभावकों में केंद्रों के प्रति सकारात्मक और आत्मीय भावना विकसित हो सके।जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और खुशहाल बचपन मिले, और इसकी मजबूत नींव आंगनवाड़ी केंद्रों से ही रखी जाए। आज का यह जन्मोत्सव केवल केक काटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उनके बचपन को संवारने का एक संवेदनशील प्रयास है।
- प्रखंड क्षेत्र में संचालित बोर्ड परीक्षाओं के तहत आज बरवे हाई स्कूल केंद्र पर कुँड़ुख़ विषय की परीक्षा अत्यंत शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हुई। बरवे हाई स्कूल केंद्र पर कुँड़ुख़ विषय के कुल अठारह विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। शाम के छह बजे प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू होकर शांतिपूर्वक समाप्त हुई तथा कहीं से भी किसी प्रकार की अनियमितता की सूचना नहीं मिली। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्र पर दंडाधिकारी के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग न हो। केंद्र पर तैनात शिक्षकों ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई। ज्ञात हो कि पूरे प्रखंड क्षेत्र में कुल तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े मानक अपनाए गए। तीनों केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस जवान और अनुभवी शिक्षकों की उपस्थिति में परीक्षा का सफल संचालन किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर संतोष व्यक्त किया है।2
- गुमला: आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिले में विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अभिनव पहल की गई है।जिला स्तर से प्रतिदिन शिक्षकों की कोर टीम द्वारा महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न तैयार कराते हुए प्रखंड एवं संकुल के माध्यम से सभी विद्यालयों को भेजे जा रहे हैं। विद्यालयों में इन प्रश्नों का डमी OMR शीट पर भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे बच्चों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिल रहा है तथा उन्हें OMR शीट में उत्तर देने की सावधानियों से भी परिचित कराया जा रहा है । प्रतिदिन लघु टेस्ट लेकर तत्काल मूल्यांकन किए जाने से बच्चों की त्रुटियों का तुरंत आकलन हो पा रहा है। इससे समय रहते सुधार संभव हो रहा है और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस हेतु उनकी पहचान कर विशेष अतिरिक्त कक्षाएं संचालित किए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण हेतु जिला स्तर से इसकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शिक्षकों की एक कोर टीम प्रतिदिन मेहनत कर विषयवार महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर रही है, जिसे सभी प्रखंडों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। सभी प्रखंडों के BPO, BRP एवं CRP सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नियमित रूप से अभ्यास सुनिश्चित करा रहे हैं।कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि यह नवाचार उनकी परीक्षा तैयारी में काफी सहायक साबित हो रहा है तथा नियमित अभ्यास से उन्हें प्रश्नों के पैटर्न को समझने और OMR भरने में आत्मविश्वास मिल रहा है।4
- गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।4
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- घाघरा (गुमला) :- उपायुक्त की पहल पर ग्रामीण क्षेत्र के कामकाजी अभिभावकों को संज्ञान में रखते हुए उनके बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इसके तहत “एक प्लेट काम” योजना के अंतर्गत बच्चों का जन्मदिन सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है।इसी क्रम में घाघरा प्रखंड के कोटामाटी, घोड़ाटांगर, पाकरटोली, गम्हरिया सहित कई अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित पालक एवं मडुवा (रागी) जैसे मोटे अनाज से बने केक का उपयोग कर बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना है।बताया गया कि यह जन्मदिन कार्यक्रम हर महीने के तीसरे बुधवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें उसी माह जन्म लेने वाले बच्चों का जन्मदिन सामूहिक रूप से मनाया जाएगा।गम्हरिया आंगनबाड़ी केंद्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी महिला बाल विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार द्वारा बच्चों से केक कटवाकर जन्मदिन मनाया गया।इस अवसर पर बीडीओ दिनेश कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें विशेष महसूस कराना है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।वहीं, कार्यक्रम को लेकर एलएस श्वेता ने बताया कि उपायुक्त, गुमला के निर्देशानुसार इस माह जन्म लेने वाले बच्चों का जन्मदिन मनाने का आदेश प्राप्त हुआ था, जिसके आलोक में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी उपायुक्त के निर्देशानुसार इस पहल को नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।2
- आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाट गांव में मशरूम आजीविका परियोजना के तहत उत्पादन शुरू हो गया है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह परिवारों को दिए गए प्रशिक्षण और किट का अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। कई इकाइयों में ऑयस्टर मशरूम तैयार होने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में उत्साह है। प्रथम चरण में गांव के पैंतालीस परिवारों को मशरूम किट प्रदान कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया था। कम लागत और सीमित स्थान में खेती कर बेहतर आय अर्जित करने की जानकारी दी गई थी। अब उत्पादन शुरू होने से परिवारों को आय का नया स्रोत मिलने लगा है। जानकारी देते हुए शाम पांच बजे बताया गया कि योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से डुमरी प्रखंड के कुल पांच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को जोड़ा जाएगा। लाभुकों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उत्पादन की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही तैयार मशरूम का बाय-बैक भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। आने वाले समय में मशरूम प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन की दिशा में भी पहल की जाएगी, जिससे ग्रामीणों की आय में और वृद्धि होने की उम्मीद है।4