महोबा जनपद के खन्ना गाँव निवासी कामता प्रसाद निषाद की पत्नी संगीता निषाद की मौदहा स्थित सनलाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई, जिससे उनके परिवार में कोहराम मच गया। मृतका का मायका मौदहा कस्बे के क्वेटरा मोहल्ले में बताया जा रहा है। संगीता की शादी को लगभग एक वर्ष से अधिक समय हुआ था और वह अपनी पहली संतान के जन्म के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद संगीता की हालत सामान्य थी, लेकिन बाद में चिकित्सकों ने खून चढ़ाने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, खून चढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद, संगीता के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बन गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका था। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
महोबा जनपद के खन्ना गाँव निवासी कामता प्रसाद निषाद की पत्नी संगीता निषाद की मौदहा स्थित सनलाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई, जिससे उनके परिवार में कोहराम मच गया। मृतका का मायका मौदहा कस्बे के क्वेटरा मोहल्ले में बताया जा रहा है। संगीता की शादी को लगभग एक वर्ष से अधिक समय हुआ था और वह अपनी पहली संतान के जन्म के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद संगीता की हालत सामान्य थी, लेकिन बाद में चिकित्सकों ने खून चढ़ाने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, खून चढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद, संगीता के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बन गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका था। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
- हमीरपुर जिले के मौदहा नगर में देर रात अज्ञात कारणों से एक पशु बाड़े में भीषण आग लग गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 बकरियां जलकर राख हो गईं। आग के कारण भूसा, गेहूं समेत ₹1 लाख से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपए का कुल नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के प्रयासों में हल्की बारिश ने भी मदद की। फिलहाल, राजस्व विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।1
- बांदा के कोतवाली देहात थाना पुलिस ने एक मामूली विवाद में लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर चार लोगों को घायल करने वाले दो वांछित अभियुक्तों, जो पिता-पुत्र हैं, को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशानुसार जनपद में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। मामला तब सामने आया जब 26 अक्टूबर 2025 को थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम पचनेही निवासी महेश पुत्र बंशी ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर 2025 को गांव के ही कुछ लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी बंदूक से कई बार फायर किए। इस फायरिंग में उनके पिता और भाई को पैर में गोली लग गई, साथ ही मोहल्ले के दो अन्य लोग भी घायल हो गए थे। महेश की तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, और अभियुक्त काफी समय से फरार चल रहे थे जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयासों के क्रम में, पुलिस ने आज 25 जून 2026 को दोनों पिता-पुत्र अभियुक्तों को ग्राम पचनेही स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय में पेश किया गया है, और उनके शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए संबंधित विभाग को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।2
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरौली बुजुर्ग गाँव में बुधवार देर शाम एक दलित महिला को दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए कुल्हाड़ी मारकर घायल कर दिया। पीड़िता रामदुलारी वर्मा, जो सब्जी लेकर घर लौट रही थीं, ने बताया कि रास्ते में पृथ्वी उर्फ बंगाली और उसके भाई ने उन्हें रोका और गाली देना शुरू कर दिया। गाली देने से मना करने पर बंगाली ने अपने हाथ में पकड़ी कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गईं। हमला करने के बाद दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देकर वहाँ से चले गए। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और दलित उत्पीड़न एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद पीड़िता का डाक्टरी परीक्षण भी कराया गया है।3
- लखनऊ में हुए हादसे से सबक लेते हुए, बांदा प्रशासन ने अब अवैध और असुरक्षित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। बांदा विकास प्राधिकरण, जिला विद्यालय निरीक्षक और फायर ब्रिगेड की एक संयुक्त टीम ने शहर के कई नामी कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया है, जो बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। इनमें ‘मैथमैटिक्स बाई अंकित गुप्ता’ और ‘फिजिक्स बाई इ० आदित्य’ जैसे संस्थान शामिल हैं। इसके साथ ही, एक लाइब्रेरी को अंतिम चेतावनी दी गई है। प्राधिकरण ने कोर्ट के आदेश पर बिना स्वीकृत नक्शे के मनमाने ढंग से चल रहे मैरिज हॉलों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा ने बताया कि अब तक तीन मैरिज हॉल सील किए जा चुके हैं, और बचे हुए सभी अवैध हॉलों को सोमवार तक पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि बिना फायर परमिशन और वैध नक्शे के संचालित होने वाले किसी भी सेंटर, रेस्टोरेंट या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्त कार्रवाई के चलते अवैध संचालकों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।4
- हमिरपुर से आए एक संदेश में 'UP 91' को क्षेत्र की शान बताते हुए, उसके प्रति भरपूर समर्थन दिखाने का जोरदार आह्वान किया गया है। इस संदेश में हमिरपुर के प्रति गहरा अपनापन और गर्व व्यक्त किया गया है, जहाँ लोगों से इसे पूरी तरह से सपोर्ट करने की अपील की गई है।2
- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने 16 जून, 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि 25 जून से पठन-पाठन शुरू होने से पहले 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित होकर साफ-सफाई, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, बिजली, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करें, ताकि बच्चों के विद्यालय पहुंचते ही पढ़ाई नियमित रूप से शुरू हो सके। हालांकि, जनपद बांदा के बड़ोखर ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय ददरिया में इन निर्देशों के ठीक उलट तस्वीर सामने आई। ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार, 23 जून, 2026 को सुबह लगभग 10:46 बजे विद्यालय का मुख्य गेट लटकता मिला ताला, जबकि ठीक सामने स्थित यूपीएस ददरिया विद्यालय खुला था और वहां साफ-सफाई सहित अन्य तैयारियां चल रही थीं। ग्रामीणों का तो यहाँ तक कहना है कि प्राथमिक विद्यालय ददरिया 22 जून को भी बंद रहा था। इस स्थिति ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब शासन ने तीन दिनों तक अनिवार्य उपस्थिति के स्पष्ट आदेश दिए हैं, तो आखिर यह विद्यालय बंद क्यों रहा? क्या जिम्मेदार शिक्षक और कर्मचारी शासन के इन आदेशों को हल्के में ले रहे हैं, या फिर जमीनी निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित है? इस संबंध में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अब सबसे बड़ा प्रश्न यही उठता है कि क्या यह पूरा मामला केवल नोटिस जारी करने तक सिमट जाएगा, या फिर शासन के आदेशों की सीधी अवहेलना करने वालों के खिलाफ कोई वास्तविक और ठोस कार्रवाई भी की जाएगी? क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा उन बच्चों को भुगतना पड़ता है, जिनके उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी इन्हीं विद्यालयों के कंधों पर होती है। यदि शासन के आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह जाएं और विद्यालयों के ताले तय समय पर न खुलें, तो 'स्कूल चलो अभियान' और शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावों की सार्थकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद, हमीरपुर प्रशासन ने जिले के कोचिंग सेंटरों पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में, एक संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। इस निरीक्षण अभियान में DIOS महेश गुप्ता, SDM अभिषेक कुमार, CFO रेहान और CO सदर सहित कई अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान, सुरक्षा मानकों को पूरा न करने पर 'नई पहल डिजिटल लाइब्रेरी' को सीज कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई की खबर मिलते ही जिले के कई अन्य कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने अपने संस्थान बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए। जिला मुख्यालय के कोचिंग सेंटरों की जांच अभी भी जारी है, और ऐसी संभावना है कि अन्य संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।1
- महोबा जनपद के खन्ना गाँव निवासी कामता प्रसाद निषाद की पत्नी संगीता निषाद की मौदहा स्थित सनलाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई, जिससे उनके परिवार में कोहराम मच गया। मृतका का मायका मौदहा कस्बे के क्वेटरा मोहल्ले में बताया जा रहा है। संगीता की शादी को लगभग एक वर्ष से अधिक समय हुआ था और वह अपनी पहली संतान के जन्म के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद संगीता की हालत सामान्य थी, लेकिन बाद में चिकित्सकों ने खून चढ़ाने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, खून चढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद, संगीता के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बन गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका था। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।1