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नजीबाबाद में चाकू की नोक पर युवती को बनाया बंधक, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार #Najibabad #BijnorNews #BreakingNews #UPNews #PoliceAction #CrimeNews #PublicSafety #LawAndOrder #RailwayStation #HindiNews
Policeindia CrimeNews
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- नजीबाबाद1
- Molana Mohd Ali bijnori1
- मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर जनपद मुज़फ्फरनगर में कचरा ढोने वाले ट्रकों को लेकर उपजे विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुँच गया है। ट्रक संगठन से जुड़े लोग एसएसपी कार्यालय पहुँचे और एक किसान संगठन के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बीती शाम कचरे के ट्रक रोककर किसान संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने न केवल ट्रक चालकों के साथ अभद्रता की, बल्कि काम में बाधा भी डाली। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी दौरान मौके पर मौजूद एक पत्रकार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिसका मामला सामने आया है। एसएसपी कार्यालय पहुँचे ट्रक संगठन के लोगों ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रक संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि इस विवाद में प्रशासन क्या कदम उठाता है और आरोपों की सच्चाई जांच में क्या सामने आती है।1
- मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट में कार्यालय बनाने के लिए भूमि का निरीक्षण किया।1
- *मुजफ्फरनगर में 'जल जीवन मिशन' ने बदली गांवों की तस्वीर, हर घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल* –पेयजल आपूर्ति से ग्रामीणों के जीवनस्तर में सुधार, जलजनित बीमारियों में आई कमी *कोसर चौधरी, साधना न्यूज़ चैनल संवाददाता, मुजफ्फरनगर।* केंद्र सरकार की 'जल जीवन मिशन' योजना मुजफ्फरनगर जनपद के ग्रामीण इलाकों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। 'हर घर जल' के सपने को साकार करने की यह मुहिम ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण जल उपलब्ध कराकर उनके जीवनस्तर और स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार कर रही है। इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और जल निगम की टीम का प्रयास है। जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। यह योजना केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं, बल्कि एक स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था का निर्माण है। जिले के विभिन्न गांवों में इस योजना का प्रभाव देखा जा सकता है। शुक्रताल, जोला, राठौर, मोरना, सोरम, दिनकरपुर, काकड़ा, बीबीपुर, बिरालसी, भोरा खुर्द, चांदपुर, मूड, परकान्हाहेडी, रोनी और हाजीपुर जैसे गांवों में योजना का विशेष लाभ मिल रहा है। इन गांवों के निवासियों को अब पहले की तुलना में बेहतर जीवन मिल रहा है। महिलाओं और बच्चों को अब दूर से पानी लाने के लिए नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका समय और श्रम बच रहा है। स्वच्छ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। परियोजना जल निगम के ग्रामीण अधिशासी अभियंता संजय कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान चल रहा है। अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया, "हमारी टीम का लक्ष्य है कि जनपद का प्रत्येक नागरिक शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में पेयजल पा सके। हमने गुणवत्ता पर ध्यान दिया है और एक रख-रखाव तंत्र विकसित किया है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय किया है ताकि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निवारण हो सके। जल शुद्धता की नियमित जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जा रहे हैं।" मुजफ्फरनगर जनपद में जल जीवन मिशन आंकड़ों और धरातल पर सफल साबित हो रहा है। अधिशासी अभियंता संजय कुमार के नेतृत्व में यह टीम निरंतर प्रयासरत है कि जनपद का प्रत्येक गांव, प्रत्येक बस्ती और प्रत्येक परिवार इस योजना का लाभ उठा सके। 'हर घर जल' का सपना अब मुजफ्फरनगर में साकार होता दिख रहा है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर चरथावल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ना आने से ग्रामीणों ने किया हंगामा अस्पताल में नहीं है डॉक्टर, मरीज परेशान दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों का अभाव करोड़ो रूपये की लागत से बनी बिल्डिंग बनी खण्डर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगी पानी की टंकियां में पड़ रहे हैं कीड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे गंदगी की अम्बार डॉक्टरो की कमी से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा जनपद मुज़फ्फरनगर के चरथवाल थाना क्षेत्र के गांव दुधली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरो की कमी और अन्य संसाधनों के अभाव में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों महिलाओ का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं के लिए महिला डाक्टर न होने के कारण ग्रामीण महिलाएं परेशान महिलाओं का कहना है कि एक ही डॉक्टर जो पर्ची भी बना रहा हैओर सभी को दवाई भी दे रहा है परंतु महिलाओं के इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है कोई महिला डॉक्टर जिसको लेकर ग्रामीणों ने मरीजों की परेशानियों को देखते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया हंगामा सूचना मिलने पर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझने के प्रयास में जुटे परंतु ग्रामीण का कहना है कि करोड़ों जमीन ग्रामीणों ने अस्पताल को दी है ओर सरकार ने करोड़ो रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग में कोई भी डॉक्टर ना आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक महिला डॉक्टर की मांग की है जिसको लेकर सीएचसी प्रभारी सत्येंद्र कुमार को दिया ज्ञापन सीएचसी प्रभारी ने आश्वासन दिया है अपने विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करा कर जल्द से जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराई जाएगी डॉक्टरो की तैनाती1
- नये साल की शुभकामनाएं1
- मुज़फ्फरनगर | विशेष रिपोर्ट जनपद मुज़फ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी द्वारा भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम के विरुद्ध दिए गए विवादित बयान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इसी क्रम में समाजसेवी अंकुर राणा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उक्त बयान पर कड़ा ऐतराज जताया और कैमरे के सामने जिया चौधरी को मुंहतोड़ जवाब दिया। समाजसेवी अंकुर राणा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पद पर रहते हुए इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान देना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान समाज में आपसी सौहार्द बिगाड़ने का काम करते हैं। अंकुर राणा ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जाए और दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अंकुर राणा ने संबंधित बयान को लेकर शिकायती पत्र भी सौंपा और कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समाजसेवियों और नागरिकों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायती पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।1
- मुजफ्फरनगर-मेरठ रोड पर फैक्ट्री का जहरीला धुआं, सेहत और फसलों पर मंडराया संकट : लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से लगातार निकल रहा प्रदूषण, राहगीरों को हो रही परेशानी, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रही समस्या मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-मेरठ मुख्य मार्ग पर स्थित एक लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं इलाके के लिए संकट बनता जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों में सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, आसपास के खेतों में उगी फसलों पर भी इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। मार्ग से गुजरने वाले राहगीर भी इस धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय निवासी और किसानों का आरोप है कि यह फैक्ट्री पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण के लगातार संचालित हो रही है। फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाले काले और गाढ़े धुएं ने पूरे इलाके के वातावरण को दूषित कर दिया है। "पिछले कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है। घरों में धुएं का काला जमाव दिखता है। बच्चे और बुजुर्ग लगातार खांसी और सांस की बीमारी से पीड़ित हैं," स्थानीय निवासी रमेश चंद्र ने बताया। किसान जाने आलम ने फसलों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर इशारा करते हुए कहा, "धुएं में मौजूद जहरीले तत्व हवा के साथ उड़कर खेतों में जम रहे हैं। इससे गेहूं और सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।" मुख्य सड़क पर होने के कारण इस प्रदूषण का सबसे अधिक असर यात्रियों और राहगीरों पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इस क्षेत्र से गुजरते समय मुंह पर रुमाल बांधना पड़ता है। "इस रास्ते से गुजरना एक यातना बन गया है। आंखों में तेज जलन होती है और सांस लेने में दिक्कत होती है," एक ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि फैक्ट्री मालिक की ताकत के आगे प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे पर जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले की जांच का दावा करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निवासी इन आश्वासनों से असंतुष्ट हैं और तत्काल फैक्ट्री पर कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय लोग सामूहिक रूप से आंदोलन करने और उच्च स्तर पर मामला उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस प्रदूषण पर अंकुश नहीं लगा, तो इलाके में स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।1