31 मार्च तक पूरे हों सभी विकास कार्य, गुणवत्ता से समझौता नहीं — डीएम नगर पंचायत कांट का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना के साथ दिए सख्त निर्देश शाहजहाँपुर, जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं नगर निकायों की व्यवस्थाओं के सत्यापन के क्रम में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नगर पंचायत कांट का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर पंचायत क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण एवं विकास कार्य 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराए जाएं तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न अभिलेखों की जांच की। जन्म-मृत्यु रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाले जन्म एवं मृत्यु संबंधी प्रार्थना-पत्रों का पृथक दैनिक रजिस्टर तैयार किया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नगर पंचायत में संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इसमें कान्हा गौशाला निर्माण, वंदन योजना के अंतर्गत माँ शीतला देवी मंदिर परिसर में निर्मित विश्रामालय, मदनापुर रोड पर निर्माणाधीन दुकानों, आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत सीसी रोड एवं मार्ग प्रकाश कार्य, नाला निर्माण तथा स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम 2.0) के अंतर्गत निर्माणाधीन शौचालयों की प्रगति शामिल रही। इसके अतिरिक्त डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था, जीआईएस सर्वे के बाद कर वृद्धि, सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, वेस्ट टू वंडर पार्क, पोल पंजीयन एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों की भी जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वंदन योजना के तहत निर्मित विश्रामालय का स्थलीय निरीक्षण किया तथा निर्माणाधीन कान्हा गौशाला में कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट एवं एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर पर आने वाले कूड़ा वाहनों का नियमित पंजीकरण किया जाए और सीसीटीवी फुटेज कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखी जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक घर पर क्यूआर कोड लगाने के निर्देश दिए, जिससे डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रणाली की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, पूर्व अध्यक्ष एवं सभासदगण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
31 मार्च तक पूरे हों सभी विकास कार्य, गुणवत्ता से समझौता नहीं — डीएम नगर पंचायत कांट का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना के साथ दिए सख्त निर्देश शाहजहाँपुर, जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं नगर निकायों की व्यवस्थाओं के सत्यापन के क्रम में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नगर पंचायत कांट का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर पंचायत क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण एवं विकास कार्य 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराए जाएं तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न अभिलेखों की जांच की। जन्म-मृत्यु रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाले जन्म एवं मृत्यु संबंधी प्रार्थना-पत्रों का पृथक दैनिक रजिस्टर तैयार किया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नगर पंचायत में संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इसमें कान्हा गौशाला निर्माण, वंदन योजना के अंतर्गत माँ शीतला देवी मंदिर परिसर में निर्मित विश्रामालय, मदनापुर रोड पर निर्माणाधीन दुकानों, आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत सीसी रोड एवं मार्ग प्रकाश कार्य, नाला निर्माण तथा स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम 2.0) के अंतर्गत निर्माणाधीन शौचालयों की प्रगति शामिल रही। इसके अतिरिक्त डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था, जीआईएस सर्वे के बाद कर वृद्धि, सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, वेस्ट टू वंडर पार्क, पोल पंजीयन एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों की भी जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वंदन योजना के तहत निर्मित विश्रामालय का स्थलीय निरीक्षण किया तथा निर्माणाधीन कान्हा गौशाला में कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट एवं एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर पर आने वाले कूड़ा वाहनों का नियमित पंजीकरण किया जाए और सीसीटीवी फुटेज कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखी जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने प्रत्येक घर पर क्यूआर कोड लगाने के निर्देश दिए, जिससे डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रणाली की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, पूर्व अध्यक्ष एवं सभासदगण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- प्रेस विज्ञप्ति जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने तहसील संपूर्ण समाधान दिवस तहसील कलान में सुनी समस्याएं शाहजहांपुर 21 फरवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तहसील कलान में सम्पूर्ण समाधान तहसील दिवस आयोजित किया गया। समाधान दिवस के दौरान नगर पंचायत कलान में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित की शिकायत आने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी कलान को जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील सभागार में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना तथा उनके गुणवत्तापूर्ण समय से निस्तारण सुनिश्चित कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। तहसील समाधान दिवस में अवैध कब्जा, बिजली, राशन कार्ड, पेंशन आदि से संबंधित कुल 65 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रार्थना पत्रों का एक सप्ताह में प्राथमिकता पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो शिकायतकर्ता संपूर्ण समाधान दिवस में आया है उसे दोबारा आना न पड़े। तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में जिन विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई है संबंधित अधिकारी गंभीरता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें। शिकायत निस्तारण में शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराना सुनिश्चित किया जाए।सभी शिकायतों का निराकरण गुणवत्तापरक से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के निस्तारण उपरांत शिकायतकर्ता की संतुष्टि का फीडबैक आवश्यक लिया जाए। भूमि संबंधित शिकायतों के निस्तारण पुलिस एवं राजस्व की टीम मौके पर जाकर करायें। शिकायतकर्ता को बार-बार एक ही शिकायत के लिए चक्कर न लगाना पड़े। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, उप जिलाधिकारी कलान अभिषेक प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ----3
- शाहजहांपुर 21 फरवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तहसील कलान में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजित किया गया। इस दौरान नगर पंचायत कलान में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित रहने की शिकायत आने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी कलान को जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील सभागार में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना तथा उनके गुणवत्तापूर्ण समय से निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। तहसील समाधान दिवस में अवैध कब्जा, बिजली, राशन कार्ड, पेंशन आदि से संबंधित कुल 65 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रार्थना पत्रों का एक सप्ताह में प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। जो शिकायतकर्ता संपूर्ण समाधान दिवस में आए है उन्हें दोबारा आना न पड़े। शिकायत निस्तारण में शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराना सुनिश्चित किया जाए।सभी शिकायतों का निराकरण गुणवत्तापरक से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के निस्तारण उपरांत शिकायतकर्ता की संतुष्टि का फीडबैक आवश्यक लिया जाए। भूमि संबंधित शिकायतों के निस्तारण पुलिस एवं राजस्व की टीम मौके पर जाकर करायें। शिकायतकर्ता को बार-बार एक ही शिकायत के लिए चक्कर न लगाना पड़े। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, उप जिलाधिकारी कलान अभिषेक प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।3
- Post by MAHARAJ SINGH1
- बरखेड़ा (पीलीभीत): प्रदेश सरकार जहां 'मिशन शक्ति फेज-5' के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने का दावा कर रही है, वहीं बरखेड़ा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जो इन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। भोपतपुर गांव में एक महिला दबंगों के अत्याचार और पुलिस की कार्यप्रणाली के बीच न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित महिला का आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने उसकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने सारी सीमाएं लांघ दीं। आरोप है कि: दबंगों ने महिला के साथ अभद्रता करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से महिला के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया। पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल हैरानी की बात यह है कि रक्षक कही जाने वाली पुलिस इस मामले में मूकदर्शक बनी हुई है। पीड़िता का आरोप है कि जब वह न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची, तो उसे दो-दो घंटे थाने में बैठाया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। यही नहीं, महिला ने संबंधित दरोगा पर भी दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने अभी तक इस गंभीर मामले में F.I.R. दर्ज नहीं की है, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। प्रशासनिक चुप्पी और जन आक्रोश एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े विज्ञापन जारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। भोपतपुर की इस घटना ने स्थानीय पुलिस की संवेदनशीलता पर सवालिया निशान लगा दिया है।2
- Post by Asha Rani1
- मेगा क्रेडिट कैम्प में 1022 ऋण स्वीकृत, 10.22 करोड़ से अधिक का वितरण शाहजहाँपुर, 20 फरवरी 2026। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैंक ऑफ़ बड़ौदा चौडेरा शाखा में जनपद स्तरीय मेगा क्रेडिट कैम्प का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा किया गया। कैम्प का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति प्रदान कर स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। कैम्प में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की जनपद की 166 शाखाओं ने सहभागिता की। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 1022 प्रकरणों में 10 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की धनराशि के ऋण स्वीकृत/वितरित किए गए। स्वीकृत ऋण का विवरण इस प्रकार है— सीएम युवा योजना के 106 प्रकरणों में ₹380.05 लाख, पीएम सूर्य घर योजना के 25 प्रकरणों में ₹44.70 लाख, पीएम स्वनिधि योजना के 167 प्रकरणों में ₹21.53 लाख, मुद्रा योजना के 35 प्रकरणों में ₹208.10 लाख, पशुपालन योजना के 44 प्रकरणों में ₹93.15 लाख तथा अन्य योजनाओं के 165 प्रकरणों में ₹275.04 लाख की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई। कैम्प में विशेष रूप से स्वरोजगार, लघु उद्यम, पशुपालन एवं सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं पर बल दिया गया, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में डीसी डीआईसी, डीडीएम नाबार्ड प्रवेश गंगवार, क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक कुमार (बैंक ऑफ़ बड़ौदा) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने एलडीएम एवं सभी बैंकों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए।2
- शाहजहांपुर में एक प्रेमी युगल ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों को गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह घटना कांट थाना क्षेत्र में हुई1
- पूरनपुर (पीलीभीत): पिछले कुछ समय से पूरनपुर क्षेत्र में दो किन्नर गुटों के बीच चल रहा वर्चस्व का विवाद अब पूरी तरह शांत हो गया है। मारपीट और तनातनी की घटनाओं के बाद आयोजित हुई एक पंचायत में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सुलह कर ली है। इस फैसले के बाद इलाके के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। दीपा किन्नर बनीं 'गुरु', पूरनपुर गुट ने दी मान्यता विवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हुई इस पंचायत में एक बड़ा निर्णय लिया गया। पूरनपुर के दूसरे गुट ने दीपा किन्नर की गुरुता को स्वीकार कर लिया है। अब सभी किन्नर दीपा किन्नर के नेतृत्व में उनके शिष्य (चेले) बनकर कार्य करेंगे। अब साथ मिलकर मांगेंगे 'बधाई' समझौते की मुख्य बातें: एकजुटता: दोनों पक्ष अब अलग-अलग गुटों में बंटने के बजाय एक साथ मिलकर 'बधाई' (नेग) मांगने का काम करेंगे। शांति का वादा: पंचायत के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा या विवाद न करने और शांति बनाए रखने का भरोसा दिलाया है। क्षेत्र का बंटवारा खत्म: अब इलाके में वर्चस्व को लेकर कोई खींचतान नहीं होगी। "विवाद से किसी का भला नहीं होता। हम अब सब एक हैं और दीपा किन्नर की देखरेख में मिलकर काम करेंगे। समाज में शांति बनी रहे, यही हमारी प्राथमिकता है।" — पंचायत में मौजूद सदस्य1