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मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा

6 hrs ago
user_Saty Mev jayate
Saty Mev jayate
Voice of people लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा

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  • Post by खीरी न्यूज़ अपडेट
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    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*
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    कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*
    user_AVP भारत न्यूज़
    AVP भारत न्यूज़
    Taxi Driver लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं। तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो' दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे। गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो: * गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है। * सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं। * आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है। सन्नाटे में डूबा अन्नदाता खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है। > "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान > अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए। फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
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    कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता!
मोहम्मदी-खीरी।
इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं।
तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो'
दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे।
गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी
सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो:
* गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है।
* सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं।
* आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है।
सन्नाटे में डूबा अन्नदाता
खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है।
> "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान
> 
अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए।
फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
    user_Sanjay rathour
    Sanjay rathour
    Tour operator लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा
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    मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा
    user_Saty Mev jayate
    Saty Mev jayate
    Voice of people लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • यूपी – गाजियाबाद के RKGIT कॉलेज में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा का Live कंसर्ट था। एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच पर जा चढ़ा। सुनंदा इतनी ज्यादा डर गईं कि उन्हें तुरंत परफॉर्मेंस रोककर स्टेज से पीछे हटना पड़ा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उस युवक को नीचे उतार दिया।
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    यूपी – गाजियाबाद के RKGIT कॉलेज में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा का Live कंसर्ट था। एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच पर जा चढ़ा। सुनंदा इतनी ज्यादा डर गईं कि उन्हें तुरंत परफॉर्मेंस रोककर स्टेज से पीछे हटना पड़ा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उस युवक को नीचे उतार दिया।
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लोकेंद्र कुमार मौर्य पत्रकार तहसील निघासन जिला लखीमपुर खीरी* लखीमपुर खीरी: योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून का राज है, लेकिन जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यहाँ हरिपुरवा और कोलपुरवा के बीच नहर की पटरी पर मौत का सामान लदे ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। *गुलाबी नोटों के आगे 'नतमस्तक' सिस्टम?* स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर की पटरी पर ओवरलोड वाहनों का यह मेला बिना किसी डर के जारी है। चर्चा यह है कि यह खेल "गुलाबी नोटों" की चमक के आगे चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इन ट्रकों के पहिए प्रशासनिक अधिकारियों की मेजों तक पहुँचने वाले 'चढ़ावे' के दम पर घूम रहे हैं। *खतरे में नहर और आम राहगीर* नहर की पटरी भारी वाहनों के लिए नहीं बनी होती, लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा भार लादकर निकलने वाले ये वाहन न सिर्फ नहर की पटरी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों को भी दावत दे रहे हैं। *बड़ा सवाल* क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश केवल कागजों तक सीमित हैं? निघासन के प्रशासनिक अधिकारी इन ओवरलोड संचालकों पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रहे? क्या जनता की सुरक्षा से बड़ा इन अधिकारियों के लिए 'चढ़ावा' हो गया है? *सख्त कार्रवाई की मांग* इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। *जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल* दिलचस्प बात यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। न तो कोई अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
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    लोकेंद्र कुमार मौर्य पत्रकार तहसील निघासन जिला लखीमपुर खीरी*
लखीमपुर खीरी: योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून का राज है, लेकिन जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यहाँ हरिपुरवा और कोलपुरवा के बीच नहर की पटरी पर मौत का सामान लदे ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
*गुलाबी नोटों के आगे 'नतमस्तक' सिस्टम?*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर की पटरी पर ओवरलोड वाहनों का यह मेला बिना किसी डर के जारी है। चर्चा यह है कि यह खेल "गुलाबी नोटों" की चमक के आगे चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इन ट्रकों के पहिए प्रशासनिक अधिकारियों की मेजों तक पहुँचने वाले 'चढ़ावे' के दम पर घूम रहे हैं।
*खतरे में नहर और आम राहगीर*
नहर की पटरी भारी वाहनों के लिए नहीं बनी होती, लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा भार लादकर निकलने वाले ये वाहन न सिर्फ नहर की पटरी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों को भी दावत दे रहे हैं।
*बड़ा सवाल*
क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश केवल कागजों तक सीमित हैं? निघासन के प्रशासनिक अधिकारी इन ओवरलोड संचालकों पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रहे? क्या जनता की सुरक्षा से बड़ा इन अधिकारियों के लिए 'चढ़ावा' हो गया है?
*सख्त कार्रवाई की मांग*
इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
*जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
दिलचस्प बात यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। न तो कोई अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • खुर्शीद आलम लखीमपुर खीरी जिले में हमेशा कुछ नई परंपरा की शुरुआत करने वाले भाजपा नेता रवि गुप्ता ने एक नई परंपरा की फिर की शुरुआत! भारतीय जनता पार्टी जनपद लखीमपुर खीरी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता जी के पलिया विधानसभा प्रथम आगमन पर वरिष्ठ भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अपनी पूरी टीम के साथ पलिया शहर के मेला गेट पर सैकड़ों लोगों के हुजूम के बीच कांटे पर जिला अध्यक्ष जी को बैठाकर 111 किलो लड्डू से तौलकर पगड़ी पहनाकर भयंकर पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़ों से बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया!लोगों में चर्चा है कि जिला अध्यक्ष जी का लखीमपुर जनपद का सबसे शानदार स्वागत भाजपा नेता रवि गुप्ता द्वारा पलिया में अपनी पूरी टीम के साथ किया गया!स्वागत कार्यक्रम में पलिया विधानसभा एवं लखीमपुर जनपद से आए हुए तमाम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों के साथ ही शहर व क्षेत्र के नामी गिरामी लोग मौजूद रहे! स्वागत कार्यक्रम के बाद पूरा जनसमूह प्राचीन हनुमान मठिया मंदिर द्वारा आयोजित कन्याओं के विवाह में शामिल हुआ जहां पर सभी ने वर वधु को शुभकामनाएं प्रेषित की!
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    खुर्शीद आलम 
लखीमपुर खीरी जिले में हमेशा कुछ नई परंपरा की शुरुआत करने वाले भाजपा नेता रवि गुप्ता ने एक नई परंपरा की फिर की शुरुआत!
भारतीय जनता पार्टी जनपद लखीमपुर खीरी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता जी के पलिया विधानसभा प्रथम आगमन पर वरिष्ठ भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अपनी पूरी टीम के साथ पलिया शहर के मेला गेट पर सैकड़ों लोगों के हुजूम के बीच कांटे पर जिला अध्यक्ष जी को बैठाकर 111 किलो लड्डू से तौलकर पगड़ी पहनाकर भयंकर पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़ों से बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया!लोगों में चर्चा है कि जिला अध्यक्ष जी का लखीमपुर जनपद का सबसे शानदार स्वागत भाजपा नेता रवि गुप्ता द्वारा पलिया में अपनी पूरी टीम के साथ किया गया!स्वागत कार्यक्रम में पलिया विधानसभा एवं लखीमपुर जनपद से आए हुए तमाम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों के साथ ही शहर व क्षेत्र के नामी गिरामी लोग मौजूद रहे! स्वागत कार्यक्रम के बाद पूरा जनसमूह प्राचीन हनुमान मठिया मंदिर द्वारा आयोजित कन्याओं के विवाह में शामिल हुआ जहां पर सभी ने वर वधु को शुभकामनाएं प्रेषित की!
    user_खुर्शीद आलम
    खुर्शीद आलम
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी में गैस सिलेंडर को लेकर संकट गहराता जा रहा है। भारत गैस एजेंसी पर पिछले 15–20 दिनों से लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ता सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। लोगों ने सप्लाई में कमी और कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सिर्फ आपूर्ति में देरी हुई है और जल्द स्थिति सामान्य की जा रही है।
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    लखीमपुर खीरी में गैस सिलेंडर को लेकर संकट गहराता जा रहा है। भारत गैस एजेंसी पर पिछले 15–20 दिनों से लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ता सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। लोगों ने सप्लाई में कमी और कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सिर्फ आपूर्ति में देरी हुई है और जल्द स्थिति सामान्य की जा रही है।
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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