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बिहार के सुपौल जिले के पिपरा में बिजली की गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ हर रात शाम 7:00 बजे बिजली कट जाती है और रात 10:00 बजे से लेकर 12:00 बजे के आसपास ही वापस आती है। रात के समय घंटों बिजली गायब रहने की इस समस्या से तंग आकर अब लोगों ने इस मामले पर जल्द से जल्द बड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
Satyam King
बिहार के सुपौल जिले के पिपरा में बिजली की गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ हर रात शाम 7:00 बजे बिजली कट जाती है और रात 10:00 बजे से लेकर 12:00 बजे के आसपास ही वापस आती है। रात के समय घंटों बिजली गायब रहने की इस समस्या से तंग आकर अब लोगों ने इस मामले पर जल्द से जल्द बड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के सुपौल जिले के पिपरा में बिजली की गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ हर रात शाम 7:00 बजे बिजली कट जाती है और रात 10:00 बजे से लेकर 12:00 बजे के आसपास ही वापस आती है। रात के समय घंटों बिजली गायब रहने की इस समस्या से तंग आकर अब लोगों ने इस मामले पर जल्द से जल्द बड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सुपौल के त्रिवेणीगंज में एक बेहद छोटा लड़का बीड़ी पीता हुआ दिखाई दे रहा है। दोस्तों को संबोधित करते हुए इस दृश्य को देखने के लिए कहा जा रहा है कि कैसे इतना छोटा लड़का बीड़ी पी रहा है।2
- सुपौल के छातापुर अंतर्गत भीमपुर में खेत में मोटर बंद करने गए एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना स्थल और घर पर परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।1
- पूर्णिया के बनमनखी में बच्चों के आपसी मजाक और मौज-मस्ती को लेकर यह बात सामने आई है कि बच्चे आपस में ही मजाक कर रहे हैं। उन्हें रोकने या टोकने के बजाय अपनी मौज-मस्ती करने देनी चाहिए क्योंकि वे अभी बच्चे ही हैं।1
- Post by Umesh Yadab1
- समर्थकों के प्यार और दुआओं की बदौलत पुलिस थाने से बीएनएसएस (BNSS) की धारा 35(iii) के तहत राहत मिलने के बाद किशोर पासवान ने तारडीह (दरभंगा) में एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों का दिल से धन्यवाद करते हुए घोषणा की है कि वह कानून का पूरा सम्मान करते हैं और आगे भी हर कानूनी प्रक्रिया में सहयोग देते रहेंगे। पिछले कुछ दिनों से किशोर पासवान पर लगातार झूठे आरोप लगाकर उन्हें डराने, बदनाम करने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके अनुसार, रास्ते में रोककर कथित रूप से उनका अपहरण करने का प्रयास भी किया गया है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन हरकतों से डरने या झुकने वाले नहीं हैं। उनका विश्वास पूरी तरह संविधान और कानून पर है और वह इसी दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। इस अन्याय, भ्रष्टाचार और झूठे आरोपों के खिलाफ उन्होंने 17 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 11:00 बजे तारडीह प्रखंड कार्यालय पर आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने साफ किया कि उनकी यह लड़ाई किसी जाति, धर्म या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सत्य, न्याय, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने जय भीम और जय संविधान के नारों के साथ जनता से समर्थन मांगा है।1
- एक खूबसूरत बाजार की तस्वीर साझा करते हुए दोस्तों से पूछा गया है कि क्या वे सिंहेश्वर के बारे में जानते हैं। इसके साथ ही दर्शकों से यह उत्सुकता भरा सवाल किया गया है कि क्या उन्हें पता है कि यह हसीन सिंहेश्वर बाजार कहां पड़ता है और आखिर यह बाजार कहां स्थित है। सिंहेश्वर को जानने वाले लोगों से इसे सब्सक्राइब करने की भी अपील की गई है।1