प्रसूता की मौत : छह सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, एक सप्ताह में रिपोर्ट; कार्रवाई के आश्वासन पर हुआ शव का पोस्टमार्टम अस्पताल में प्रसूता निरमली की मौत के मामले में बुधवार को दूसरे दिन भी अस्पताल परिसर में गहमागहमी रही। उपचार में लापरवाही के आरोपों को लेकर परिजन और ग्रामीण जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम संजय चरपोटा, तहसीलदार राजकुमार सारेल,सीएमएचओ अलंकार गुप्ता,पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों से समझाइश की गई। करीब दो दिन चले घटनाक्रम के बाद चिकित्सा विभाग ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित करने की जानकारी दी है। कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम संजय चरपोटा ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। *जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे परिजन* परिजनों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि एक सप्ताह में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना था कि निरमली सामान्य जांच के लिए अस्पताल पहुंची थी और उस समय उसकी हालत ठीक थी। डिलीवरी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्त्राव के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा बुधवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। अस्पताल परिसर में पुलिस जाब्ता तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को नहीं बनी थी सहमति मंगलवार को घटना के बाद से ही अस्पताल में परिजन और ग्रामीण जुटे हुए थे। पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच दिनभर वार्ता चली, लेकिन परिजन कार्रवाई और जांच की मांग पर सहमति बनने तक शव लेने को तैयार नहीं हुए। बुधवार को प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित करने, एक सप्ताह में रिपोर्ट और आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई हुई। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया निरमली के पीछे सात साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों ने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की निगाह जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है। इस दौरान पोपोट खोखरिया, समाजसेवी विनोद कटारा,पूर्व सरपंच रामलाल रोत, दिनेश रोत,रूपचंद भागोरा, कमलेश डिंडोर सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे.
प्रसूता की मौत : छह सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, एक सप्ताह में रिपोर्ट; कार्रवाई के आश्वासन पर हुआ शव का पोस्टमार्टम अस्पताल में प्रसूता निरमली की मौत के मामले में बुधवार को दूसरे दिन भी अस्पताल परिसर में गहमागहमी रही। उपचार में लापरवाही के आरोपों को लेकर परिजन और ग्रामीण जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम संजय चरपोटा, तहसीलदार राजकुमार सारेल,सीएमएचओ अलंकार गुप्ता,पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों से समझाइश की गई। करीब दो दिन चले घटनाक्रम के बाद चिकित्सा विभाग ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित करने की जानकारी दी है। कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता
ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम संजय चरपोटा ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। *जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे परिजन* परिजनों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि एक सप्ताह में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना था कि निरमली सामान्य जांच के लिए अस्पताल पहुंची थी और उस समय उसकी हालत ठीक थी। डिलीवरी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्त्राव के बाद उसे
जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा बुधवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। अस्पताल परिसर में पुलिस जाब्ता तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को नहीं बनी थी सहमति मंगलवार को घटना के बाद से ही अस्पताल में परिजन और ग्रामीण जुटे हुए थे। पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच दिनभर वार्ता चली, लेकिन परिजन कार्रवाई और जांच की मांग पर सहमति बनने तक शव लेने
को तैयार नहीं हुए। बुधवार को प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित करने, एक सप्ताह में रिपोर्ट और आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई हुई। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया निरमली के पीछे सात साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों ने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की निगाह जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है। इस दौरान पोपोट खोखरिया, समाजसेवी विनोद कटारा,पूर्व सरपंच रामलाल रोत, दिनेश रोत,रूपचंद भागोरा, कमलेश डिंडोर सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे.
- प्रसूता की मौत : छह सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, एक सप्ताह में रिपोर्ट; कार्रवाई के आश्वासन पर हुआ शव का पोस्टमार्टम अस्पताल में प्रसूता निरमली की मौत के मामले में बुधवार को दूसरे दिन भी अस्पताल परिसर में गहमागहमी रही। उपचार में लापरवाही के आरोपों को लेकर परिजन और ग्रामीण जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम संजय चरपोटा, तहसीलदार राजकुमार सारेल,सीएमएचओ अलंकार गुप्ता,पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों से समझाइश की गई। करीब दो दिन चले घटनाक्रम के बाद चिकित्सा विभाग ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित करने की जानकारी दी है। कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम संजय चरपोटा ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। *जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे परिजन* परिजनों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि एक सप्ताह में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना था कि निरमली सामान्य जांच के लिए अस्पताल पहुंची थी और उस समय उसकी हालत ठीक थी। डिलीवरी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्त्राव के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा बुधवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। अस्पताल परिसर में पुलिस जाब्ता तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को नहीं बनी थी सहमति मंगलवार को घटना के बाद से ही अस्पताल में परिजन और ग्रामीण जुटे हुए थे। पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच दिनभर वार्ता चली, लेकिन परिजन कार्रवाई और जांच की मांग पर सहमति बनने तक शव लेने को तैयार नहीं हुए। बुधवार को प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित करने, एक सप्ताह में रिपोर्ट और आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई हुई। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया निरमली के पीछे सात साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों ने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की निगाह जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है। इस दौरान पोपोट खोखरिया, समाजसेवी विनोद कटारा,पूर्व सरपंच रामलाल रोत, दिनेश रोत,रूपचंद भागोरा, कमलेश डिंडोर सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे.4
- चौरासी विधानसभा क्षेत्र के चिखली कुआं दरियाटी सेंडोला क्षेत्र मे सुबह से रिम झिम बरसात को दौर चौरासी विधानसभा क्षेत्र के चिखली कुआं दरियाटी सेंडोला क्षेत्र मे सुबह से रिम झिम बरसात को दौर बरसात से आम जन जीवन यस्त व्यस्त हो गया । मौसम सारा दिन सुषक रहा । स्कूल गये छात्रों को भी भीगते भीगते वापिस घर जाना पड़ा2
- बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन जिले के सभी विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचेगा शहीदों के बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के त्याग, बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम को समर्पित डूंगरपुर की बाल कवयित्री एवं जनजागरूकता प्रेरक किम भारतीय की स्वरचित देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने विमोचन किया। किम भारतीय ने कविता के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नई पीढ़ी को उनके बलिदान को याद रखने तथा देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया है। कविता में शहीदों के बलिदान, तिरंगे के सम्मान, मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने किम भारतीय की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा राष्ट्र एवं समाज से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल करना प्रेरणादायी है। किम भारतीय ने बताया कि कविता लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए मिली। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि बच्चे स्वतंत्रता के मूल्य को समझें, शहीदों के प्रति सम्मान रखें और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें। इस अवसर पर किम के माता-पिता ब्रिजेश कुमार सोमपुरा और नीता सोमपुरा मौजूद रहे। किम ने बताया कि कविता अधिकाधिक विद्यालयों, विद्यार्थियों, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच शहीदों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुँचे। उल्लेखनीय है कि किम भारतीय कक्षा 8 की छात्रा हैं और कविता लेखन के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता विषयों पर रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा, मतदाता जागरूकता, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं अन्य सामाजिक विषयों पर भी जागरूकता के संदेश दिए हैं।3
- एक साल से भवन विहीन प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना, जर्जर बताकर गिराया, बनाना भूल गए टीन शेड के नीचे शिक्षा पाने को मजबूर नौनिहाल, बारिश में ठप हो रही पढ़ाई; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। सब पढ़ें, सब बढ़ें का ढोल पीटने वाला शिक्षा विभाग नौनिहालों को एक सुरक्षित छत तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। ब्लॉक पाल देवल के अंतर्गत ग्राम गरदुना (पीईईओ शिशोद) के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा गरदूना की तस्वीर विभागीय उपेक्षा और बदहाली की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। करीब एक वर्ष पूर्व विद्यालय के पुराने भवन को जर्जर घोषित कर जमींदोज तो कर दिया गया, लेकिन आज साल बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है। नतीजा यह है कि इस कड़कड़ाती ठंड, चिलचिलाती धूप और अब मूसलाधार बारिश के मौसम में मासूम बच्चे खुले आसमान और ग्रामीणों द्वारा अस्थाई रूप से लगाए गए टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। - सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा वर्तमान में जारी मानसूनी बारिश ने मासूम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। बारिश होते ही टीन शेड के नीचे पानी भर जाता है और बौछारें अंदर तक आती हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि टपकते टीन शेड और गीली जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों के बीमार पड़ने का लगातार खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, खुले वातावरण में विषैले जीव-जंतुओं के निकलने का डर भी हमेशा सताता रहता है। - कागजी दावों में उलझा नया भवन, ग्रामीणों में भारी रोष भवन गिराए जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया सुसज्जित भवन बनकर तैयार होगा, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य को लेकर अब तक कोई ठोस बजटीय स्वीकृति या जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के इस अड़ियल और उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। - उग्र आंदोलन की चेतावनी समस्त ग्रामवासियों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाघरा के नवीन भवन के निर्माण कार्य को अविलंब स्वीकृति प्रदान कर कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल मिल सके। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि विभाग ने शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामीण सड़कों पर उतरकर तीव्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति और प्रशासनिक अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 5 लाख के जेवर बरामद । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 5 लाख के जेवर बरामद । डूंगरपुर, राजस्थान। डूंगरपुर जिला पुलिस ने नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने राजस्थान सहित गुजरात और आसपास के राज्यों में कई वारदातें करना कबूल किया है। ज्वेलरी दुकान में चोरी की जांच से हुआ गिरोह का खुलासा पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को एक ज्वेलरी दुकान में चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दुकान बंद करने के बाद अज्ञात बदमाशों ने रात के समय शटर तोड़कर दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण सहित अन्य सामान चोरी कर लिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई चोरी और नकबजनी की वारदातों का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। राजस्थान और गुजरात में वारदातों का खुलासा पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह से जुड़ा है। गिरोह के सदस्य दिन में व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सूने मकानों की रेकी करते थे तथा रात के समय मौका देखकर नकबजनी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद चोरी के माल को आपस में बांट लिया जाता था। आरोपी से पूछताछ में राजस्थान और गुजरात सहित आसपास के क्षेत्रों में की गई कई वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य सदस्यों और पूर्व की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना कोतवाली का योगदान रहा।2
- મંત્રી શ્રી રમેશભાઈ કટારા દ્વારા ફતેપુરામાં ત્રિરંગાયાત્રા1
- पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा: खराड़ी जिला स्तरीय वन महोत्सव में टीएडी मंत्री ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) गुणवंत कलाल। टीएडी एवं जिला प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी बुधवार को एक दिवसीय डूंगरपुर जिले के दौरे पर रहे। उन्होंने पंचायत समिति दोवड़ा की ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मंत्री ने आम का पौधा लगाकर ‘हरियालो राजस्थान’ एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वन महोत्सव के दौरान ‘पंच गौरव’ के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का मंत्री खराड़ी ने अवलोकन किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन मित्र को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने आमजन से अधिकाधिक पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। पेड़ों से हमें प्राणवायु, लकड़ी, औषधियां सहित अनेक आवश्यक संसाधन प्राप्त होते हैं। इसलिए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत की राम जी योजना’ के तहत किए जाने वाले कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा तथा सभी लाभार्थियों को भुगतान ऑनलाइन माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘पांच गौरव योजना’ के तहत राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आमजन को विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान, उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता, समाजसेवी अशोक पटेल राणोली, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, समाजसेवी बंसीलाल कटारा, हंसमुख पंड्या, शांतिलाल पंड्या, प्रभु पंड्या, सुरेश फैलेजिया, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर सोनू कुमार गुर्जर, पंचायत समिति दोवड़ा के ब्लॉक विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।4
- *प्रसूता की मौत पर परिजनों की मांग* *प्रसूता की मौत का मामला l क्या कहा परिजनों ने सुने उन्ही की जुबानी* *प्रसूता की मौत पर परिजनों की मांग* *प्रसूता की मौत का मामला l क्या कहा परिजनों ने सुने उन्ही की जुबानी*2
- मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन बारिश में बाइक रैली निकाल कलेक्ट्रेट पर की नारेबाजी, मानगढ़ की ऐतिहासिक उपेक्षा का लगाया आरोप संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। राजस्थान के जलियांवाला बाग के नाम से विख्यात ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर बुधवार को शहर में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर में बाइक रैली निकाली। बारिश के बीच यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा दिए गए कथित बयान के विरोध में उनका पुतला दहन कर रोष जताया गया। बुधवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से बड़ी संख्या में बाइक पर सवार होकर रैली रवाना हुई। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। - राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा देने की उठी मांग प्रदर्शन के दौरान विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज की आस्था और अमर बलिदान का प्रतीक है, जहाँ गुरु गोविंद गिरी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सैकड़ों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग से भी बड़े इस ऐतिहासिक नरसंहार स्थल को अब तक राष्ट्रीय स्मारक घोषित न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग दोहराई ताकि शहीदों के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके। - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर गहराया आक्रोश ज्ञापन सौंपने के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। विधायक घोगरा ने आरोप लगाया कि विश्व आदिवासी दिवस जैसे गरिमामय अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिया गया बयान आदिवासी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के स्वाभिमान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और इस तरह की बयानबाजी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस अवसर पर आसपुर विधायक प्रत्याशी राकेश रोत, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द पटेल ‘सबका’, जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, गोकुलपुरा सरपंच हरीश डेंडोर सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1